नवी मुंबई में एक युवक से छह लोगों ने उसकी मां की बीमारी ठीक करने का झांसा देकर 3 करोड़ रुपये ठग लिए. आरोपियों ने खुद को ‘विशेष शक्तियों’ वाला बताकर रकम ऐंठी और बाद में पीड़ित को धमकाया. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अंधविश्वास निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है.
नवी मुंबई में रहने वाले एक 22 साल के युवक से छह लोगों ने मिलकर 3 करोड़ रुपये की ठगी कर ली. यह धोखाधड़ी छह सालों तक चलती रही, जिसमें आरोपियों ने युवक को उसकी बीमार मां का इलाज करने का झांसा देकर रकम ऐंठ ली. सभी आरोपियों पर मानव बलि और अंधविश्वास निवारण अधिनियम सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है.

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता तेजस घोडेकर ने पुलिस को बताया कि इलाज के नाम पर पैसे 2019 से फरवरी 2025 तक लिए गए. आरोपियों ने खुद को ‘विशेष शक्तियों’ का धनी बताकर दावा किया कि वो उसकी मां की बीमारी का इलाज कर सकते हैं. इन दावों पर भरोसा करते हुए तेजस ने किस्तों में कुल 3.10 करोड़ रुपये उन्हें सौंप दिए.
शिकायत में कहा गया कि आरोपियों में मुस्तफा शेख उर्फ कांबले, आहत शेख, सफीना नानू शेख, नानू शेख, वसीम शेख और रफीक शेख शामिल हैं, जो सभी पालघर जिले के सफाले इलाके के रहने वाले हैं.पीड़ित के बार-बार दबाव बनाने पर आरोपियों ने करीब 19 लाख रुपये लौटाए, लेकिन शेष 2.91 करोड़ रुपये वापस नहीं किए. जब तेजस ने बचे पैसे मांगने पर जोर डाला, तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी. यही नहीं, उन्होंने उसे खाली स्टांप पेपरों पर भी जबरन हस्ताक्षर करवाए.
पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धमकी और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया है. साथ ही आरोपियों पर महाराष्ट्र मानव बलि, अंधविश्वास निवारण अधिनियम, 2013 के तहत भी मुकदमा चलाया जाएगा. यह कानून अंधविश्वास और काले जादू जैसे अमानवीय कृत्यों के जरिए लोगों का शोषण करने को अपराध की श्रेणी में रखता है.
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास और लालच के सहारे की गई यह ठगी समाज के लिए चेतावनी है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी.

