खगड़िया में एक नर्स ने बीते गुरुवार (12 फरवरी, 2026) की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसकी पहचान बेगूसराय के लोहिया नगर निवासी नंद कुमार सिंह की पुत्री भवानी कुमारी (उम्र 35-36 साल) के रूप में की गई. भवानी खगड़िया सदर अस्पताल में नर्स थी. आत्महत्या से पहले उसने सुसाइड नोट लिखा जिसमें बेगूसराय की महिला थानाध्यक्ष सहित चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाया है.
भवानी की शादी पिछले साल (2024) मुजफ्फरपुर में हुई थी. गुरुवार की सुबह अपने मायके से अस्पताल के लिए निकली थी. पिता नंद कुमार सिंह ने कहा कि दोपहर में उसे फोन किया गया था तो नहीं उठाई थी. शाम तक जब उसने फोन भी नहीं किया तो चिंता होने लगी. इसके बाद घर के खगड़िया स्थित उसके सरकारी आवास पर पहुंचे. दरवाजा अंदर से बंद था. स्थानीय थाने को सूचना दी गई. इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो भवानी फंदे से लटकी हुई थी.
भवानी ने सुसाइड नोट में अपने पति दिव्य प्रकाश सहित उसके पिता, भाई (देवर) पर गंभीर आरोप लगाया है. लिखा है कि पति मारपीट करता है. गाली-गलौज करता है. यहां तक कि खगड़िया सदर अस्पताल में भी आकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था. कई बार गला दबाकर हत्या करने का भी प्रयास कर चुका है. भवानी ने सुसाइड नोट में बेगूसराय महिला थानाध्यक्ष पर आरोप लगाया कि जब भी वो शिकायत के लिए गई आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

भवानी ने मां को संबोधित करते हुए सुसाइड नोट में लिखा है, “मैं अब जिंदगी से ऊब चुकी हूं. अब मुझसे ये बर्दाश्त नहीं होगा इसलिए अब मैं जा रही हूं. मेरे मरने के बाद मेरे शरीर को ससुराल पक्ष को नहीं देना. मेरे खाते में जो पैसा है उस पैसे को दोनों भाई और बहन के काम में लगा देना. इसके बाद जो पैसा बचेगा उसे अनाथ आश्रम में दे देना.”
इस मामले में चित्रगुप्त थानाध्यक्ष चंद्रकांत ने बताया कि दरवाजा तोड़कर देखा गया तो भवानी कुमारी गले में फंदा लगाकर झूल रही थी. एफएसएल की टीम आज (शुक्रवार, 13 फरवरी, 2026) सुबह आकर जांच कर रही है. इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. अभी तक परिजनों की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी.

