NATIONAL : राजस्थान उपचुनाव: रोहित गोदारा गैंग के नाम से नरेश मीणा को मिली धमकी, मांगी 10 लाख की फिरौती

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राजस्थान के बारां में 20 साल पुराने जमीनी विवाद के चलते दो भाइयों को फंसाने के लिए कोटा के सेवानिवृत्त सहायक लेखाधिकारी (Assistant Accounts Officer) ने अंता विधानसभा के उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा और परिजनों को रोहित गोदारा गैंग के नाम से धमकी भरा पत्र भेजा था. यह पत्र बूंदी से स्पीड पोस्ट किया गया था. अंता पुलिस ने इस मामले में तहकीकात करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि नरेश मीणा के चुनाव अभिकर्ता राकेश गुर्जर ने शिकायत की थी कि अंता स्थित प्रधान चुनाव कार्यालय पर रजिस्टर्ड डाक के जरिए एक पत्र मिला. पत्र में रोहित गोदारा गैंग के नाम से दस लाख रुपए की फिरौती मांगी गई.

फिरौती नहीं देने पर 2 नवंबर के बाद नरेश मीणा को जान से मारने की धमकी दी गई. पत्र में सीसवाली के अमित थानेवाल और एक चूड़ी विक्रेता का भी जिक्र किया गया था. इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.

सहायक लेखाधिकारी पद से सेवानिवृत्त है आरोपी

अंता थानाधिकारी दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने 31 अक्टूबर को चार घंटे के भीतर कोटा के आर.के. पुरम निवासी नरेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया. नरेन्द्र यादव जलदाय विभाग में सहायक लेखाधिकारी पद से सेवानिवृत्त हैं. पूछताछ में पता चला कि नरेन्द्र यादव का सीसवाली निवासी विजय थानेवाल और अमित थानेवाल से करीब बीस साल से जमीन का विवाद चल रहा है.

आरोपी ने बताया कि उन्हें झूठा फंसाने के लिए रोहित गोदारा गैंग के नाम से पत्र लिखा और बूंदी जाकर पोस्ट ऑफिस से दो पत्र नरेश मीणा और उनके पिता कल्याण सिंह मीणा के नाम से स्पीड पोस्ट कर दिए. यह पत्र उसने अपने उल्टे हाथ से लिखे थे, ताकि हैंडराइटिंग पकड़ में नहीं आ सके. लेकिन पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है.

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