NATIONAL : विश्वास, ममता और मासूमियत की हत्या… जिसने बेटी छीनी, उसी के बेटे को पिला रही दूध, पानीपत की थर्राती हुई कहानी

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हरियाणा के पानीपत में पुलिस ने पूनम नाम की साइको किलर को गिरफ्तार किया, जिसने 2023 से 2025 के बीच सुंदर बच्चों से जलन के कारण परिवार के चार मासूमों को पानी में डुबोकर मार डाला. संदेह से बचने के लिए उसने अपने बेटे को भी मार दिया. ताजा मामला नौलखा में 6 वर्षीय विधि की हत्या से खुला. विडंबना यह कि जिसकी बेटी मारी गई, वही पूनम के 2 साल के बेटे को आज दूध पिला रही है.

हरियाणा के पानीपत में ऐसी सनसनीखेज कहानी सामने आई है, जिसने सभी की संवेदनाओं को झकझोर दिया है. रिश्तों के विश्वास, मां की ममता और मासूमियत की सुरक्षा को एक ही झटके में तोड़ने वाली ‘साइको लेडी किलर’ पूनम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पानीपत पुलिस के मुताबिक, पूनम ने अपने ही परिवार और रिश्तेदारों के चार मासूम बच्चों की हत्या की. और हत्या भी इतनी खौफनाक वजह से, जिसे सुनकर पुलिस अफसर भी दंग रह गए. पूनम किसी भी अपने से ज्यादा सुंदर बच्चे को देख लेती, तो उसके अंदर जलन भड़क उठती थी और वह योजना बनाकर बच्चियों को पानी में डुबोकर मार देती थी.

यह कहानी इसलिए और भी भयावह हो जाती है क्योंकि संदेह से बचने के लिए उसने अपने सगे बेटे को भी उसी तरह मौत के घाट उतार दिया था. लेकिन आज विडंबना यह है कि उसी महिला के दो साल के बेटे को दूध पिलाने और संभालने वाली वही जेठानी है, जिसकी छह साल की बेटी विधि को पूनम ने बेरहमी से पानी में डुबोकर मार दिया.

पानीपत एसपी भूपेन्द्र सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि शुरुआती पूछताछ में पूनम ने चार बच्चों की हत्या का गुनाह कबूल कर लिया है. वह स्वीकारती है कि खूबसूरत बच्चों को देखकर उसके मन में अजीब सी आग जलती थी. उसे लगता था कि परिवार में उससे सुंदर, प्यारा या आकर्षक कोई भी बच्चा नहीं होना चाहिए. यही मानसिक बीमारी उसके अपराधों का कारण बनी. हर घटना में उसने बच्चों को अकेला पाकर पानी की हौद, टंकी या बड़े टब में डुबोकर जान ली.

13 जनवरी 2023 को सोनीपत के गांव भावड़ में पहली वारदात घटित हुई. पूनम की ननद पिंकी अपनी 11 साल की बेटी इशिका के साथ मायके आई हुई थी. जैसे ही पूनम को मौका मिला, उसने इशिका को घर के भीतर बने पानी के हौद में धक्का देकर डुबो दिया. हत्या के बाद उसे लगा कि परिवार को उस पर शक हो सकता है. इसलिए उसने अपने तीन साल के बेटे शुभम को भी उसी तरह डुबोकर मार दिया. इसके बाद उसने कहानी रची कि शुभम खेलते-खेलते टंकी में गिर गया था और इशिका उसे बचाने के चक्कर में डूब गई. परिवार सदमे में इसे हादसा मान बैठा.

18 अगस्त 2025 को पूनम अपने मायके, गांव सिवाह, आई हुई थी. रात में वह अपने भाई दीपक के घर सोने चली गई. वहीं उसकी नजर दीपक की 10 साल की बेटी जिया पर पड़ी. जिया गहरी नींद में थी. पूनम उसे उठाकर बहाने से अपने पशुबाड़े की तरफ ले गई. वहां पानी की हौद में सिर दबाकर उसे मार दिया. जिया के ताऊ ने संदेह भी जताया, लेकिन पूनम की मां उसकी ढाल बन गईं और आरोपों को झूठ बताते हुए उल्टा कार्रवाई की धमकी दे दी. परिवार फिर चुप हो गया, और हत्या हादसे में बदल गई.

सबसे ताजा घटना ने पूरे पानीपत को हिला दिया. 1 दिसंबर को नौलखा गांव में शादी समारोह था. पूनम की जेठानी की छह साल की बेटी विधि भी शादी में आई हुई थी. बच्ची की मासूम सुंदरता को देखकर पूनम के भीतर वही पुरानी जलन भड़क उठी. दिन में अमन की बारात रवाना हो चुकी थी, घर में सिर्फ महिलाएं और कुछ बच्चे बच गए थे. इसी बीच पूनम ने विधि को सीढ़ियों से ऊपर छत की तरफ जाते देखा. वह उसके पीछे चली गई. छत के स्टोर रूम के बाहर बड़े प्लास्टिक के टब में पानी भरा था. पूनम ने विधि को टब में बैठने को कहा. जैसे ही बच्ची अंदर हुई, उसने उसकी गर्दन दबाकर पानी में डुबो दिया. कुछ देर बाद जब विधि दिखाई नहीं दी, तो परिवार ने तलाश शुरू की, और बच्ची टब में मृत मिली. शुरू में इसे फिर हादसा माना गया, लेकिन परिवार में लगातार बच्चों के इसी तरह मरने की श्रृंखला ने पुलिस को सचेत कर दिया. जांच में जब पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ी गईं, तो पूरा खेल सामने आ गया.

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