भारत एक आस्था का देश है. यहां लोगों का धार्मिक स्थलों से जुड़ाव काफी मायने रखता है. भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जहां लाखों श्रद्धालु हर साल दर्शन करने जाते हैं. श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं वे चौंकाने वाले हैं. श्रद्धालुओं की आस्था में सीकर जिला स्थित खाटू श्याम जी अब वैष्णो देवी और शिरडी के सांई बाबा से आगे निकल गए हैं
बता दें कि राजस्थान में श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में सीकर जिले का खाटू श्याम जी मंदिर 2025 में 2.54 करोड़ से अधिक भक्तों के साथ पहले स्थान पर रहा. वहीं डीग जिले का पूंछरी का लौठा मंदिर 54 फीसदी बढ़ोतरी के साथ दूसरे स्थान पर पहुंचा. ये बदलाव भजनलाल शर्मा के सीएम बनने के बाद हुआ है. पर्यटन विभाग के अनुसार 2025 में प्रदेश के 10 प्रमुख मंदिरों में करीब 11 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे.

टॉप मंदिरों की रैंकिंग और आंकड़े
राजस्थान पर्यटन विभाग के 2025 के आंकड़ों के अनुसार प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या इस प्रकार रही. खाटू श्याम जी, सीकर 258 लाख. पूंछरी का लौठा, डीग 147.12 लाख. अजमेर पुष्कर 132 लाख. सांवलियाजी सेठ 119.40 लाख. दरगाह शरीफ, अजमेर 84.61 लाख. जैसलमेर का रामदेवरा 72.33 लाख. खाटू श्याम जी लगातार शीर्ष पर बना हुआ है.
बढ़ोतरी और गिरावट का रुझान
पूंछरी का लौठा मंदिर ने 2024 के मुकाबले 54 फीसदी वृद्धि दर्ज कर पुष्कर को पीछे छोड़ दिया. हालांकि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण सवाई माधोपुर जिले का शिवाड़ शिव मंदिर 9वें से 10वें स्थान पर खिसक गया. श्रद्धालुओं में कमी के बावजूद हनुमानगढ़ का गोगामेड़ी मंदिर 10वें से 9वें स्थान पर पहुंच गया. सालासर हनुमान, अजमेर दरगाह शरीफ, रामदेवरा और केला देवी मंदिर अपने स्थान पर कायम रहे, जबकि सांवलियाजी सेठ तीसरे से चौथे स्थान पर आ गया.
धार्मिक पर्यटन और विकास योजनाएं
फोर्टी अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल के अनुसार धार्मिक पर्यटन से परिवहन, हस्तशिल्प और होटल उद्योग को बड़ा लाभ मिल रहा है. दैनिक भास्कर के अनुसार, उन्होंने ऑनलाइन दर्शन बुकिंग और धार्मिक सर्किट मजबूत करने की मांग की. वित्त मंत्री दिया कुमारी ने डीग के पूंछरी का लौठा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपए से ब्रज कन्वेंशन सेंटर बनाने की घोषणा की है, जिसमें ठहरने की सुविधा, प्रदर्शनी क्षेत्र और पार्किंग विकसित होगी.
राजस्थान में करीब 39,392 मंदिर और देश में लगभग 7.5 लाख हिंदू मंदिर होने का अनुमान है. प्रति एक लाख आबादी पर प्रदेश में 47 मंदिर हैं, जबकि देश में मंदिरों की संख्या में तमिलनाडु पहले और राजस्थान छठे स्थान पर है. पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ में सबसे ज्यादा 7 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे.


