मंचिर्याल जिले के जनाराम मंडल के रामपुर गांव में एक शख्स और उसके दिव्यांग बेटे की मौत से सनसनी फैल गई. दिव्यांग पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों से चक्कर काटकर तंग हुए शख्स ने उसकी जान ले ली और खुद भी आत्महत्या कर ली.
तेलंगाना में मंचिर्याल जिले के जनाराम मंडल के रामपुर गांव में एक शख्स और उसके दिव्यांग बेटे से जुड़ी भयावह घटना के बाद गहरे शोक का माहौल छा गया है. गांव के ट्रैक्टर चालक पलागनी चिन्ना भूमय्या के तीन बच्चे थे- दो बेटियां और एक बेटा. उनका बेटा कार्तिक जन्म से ही पोलियो से ग्रसित था. भूमय्या अपने बेटे के लिए विकलांगता पेंशन की मांग करते हुए खानपुर विधायक वेदमा बोज्जू सहित कई जन प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे.

लेकिन, पेंशन स्वीकृत नहीं हुई, जिससे भूमय्या डिप्रेस और बेहद निराश हो गए. दिल दहला देने वाली घटना में, उन्होंने कथित तौर पर अपने बेटे कार्तिक का गला काटकर उसकी हत्या कर दी और बाद में अपना गला काटकर आत्महत्या भी कर ली.इस घटना से पूरे गांव में सनसनी है और स्थानीय लोगों में शोक और आक्रोश फैल गया है. प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि भूमय्या अपने बेटे की हालत और सरकारी सहायता न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक और भावनात्मक तनाव में थे. यह भी पता चला है कि उन्हें रमन्ना, भूमन्ना और श्रीनुलु नाम के परिचितों से आर्थिक मदद की उम्मीद थी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली.
पुलिस मौके पर पहुंची है. मामला दर्ज कर इस दुखद घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है. इस घटना ने एक बार फिर दिव्यांगजनों के परिवारों के संघर्षों और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में देरी की ओर ध्यान आकर्षित किया है.

