विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार में पहुंच चुका है. इस शिवलिंग की लंबाई 33 फीट और वजन 210 टन है. यह शिवलिंग महाबलीपुरम, तमिलनाडु से बिहार ले जाया गया है. बिहार के गोपालगंज में श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की. शिवलिंग को 17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर में विधि-विधान और भव्य पूजा के साथ स्थापित किया जाएगा.
तमिलनाडु के महाबलीपुरम से विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग बिहार के गोपालगंज पहुंच गया है. इस शिवलिंग की लंबाई 33 फीट और वजन 210 मीट्रिक टन है. इस विशाल शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड स्थित विराट रामायण मंदिर में विधि-विधान से होगी.तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 21 नवंबर को रवाना किया गया यह शिवलिंग करीब 45 दिनों की लंबी यात्रा तय कर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार पहुंच चुका है. रास्ते भर जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग का भव्य स्वागत किया गया. जहां भी शिवलिंग को लेकर वाहन रुका, वहां पूजा-अर्चना और आरती के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी.

एक दिन रुकने के बाद 5 जनवरी को शिवलिंग गोपालगंज के बलथरी के लिए प्रस्थान करेगा. बलथरी में सुबह 11 बजे भव्य स्वागत समारोह होगा. इसके लिए विशेष प्रवेश द्वार तैयार कराया गया है. यहां पूजा-अर्चना, आरती और बैंड-बाजे के साथ स्वागत किया जाएगा. इसके बाद गोपालगंज के चैनपट्टी में भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना और अभिनंदन करेंगे.
मंदिर के एसीईओ बीके मिश्रा और मंदिर अधीक्षक सुधाकरन ने बताया कि गोपालगंज से शिवलिंग खजुरिया और हुसैनी होते हुए केसरिया पहुंचेगा. 17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर परिसर में शिवलिंग की पीठ पूजा, हवन और विधि-विधान के साथ स्थापना की जाएगी. इसके बाद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

