NATIONAL : 45 साल में पहली बार… मुंबई पर बीजेपी की बादशाहत, अब किसे बनाएगी मेयर?

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मुंबई पर 25 सालों से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना का कब्जा था, लेकिन इस बार बीजेपी गठबंधन ने अपना वर्चस्व जमा लिया है. 45 साल में पहली बार बीजेपी ने मुंबई की सियासत में इस पोजिशन पर पहुंची है कि वो अपना मेयर बना सकती है. ऐसे में देखना है कि बीजेपी किसे मेयर बनाती है?

महाराष्ट्र में बीएमसी सहित 29 नगर महापालिका के लिए हुए चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने विपक्ष का पूरी तरह सफाया कर दिया. राज्य के 29 में 23 नगर निगमों में बीजेपी गठबंधन आगे है. मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक में गठबंधन को बड़ी बढ़त हासिल है. बीजेपी ने मुंबई पर पूरी तरह से अपना कब्जा जमा लिया है और 45 साल में पहली बार बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

प्रदेश के सभी निगमों में सबसे अहम बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) है. बीएमसी की 227 सीटों में से बीजेपी गठबंधन को 118 सीटें मिलती दिख रही है. बीजेपी उम्मीदवार फिलहाल 90 सीटें और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 28 सीटों पर बढ़त है. इस तरह मुंबई पूरी तरह भगवामय होता दिख रहा है. बीएमसी चुनाव में भाजपा ने जीत का परचम लहरा दिया है. बीजेपी पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंच गई है. बीएमएसी के इतिहास में अभी तक बीजेपी का कोई नेता मेयर नहीं बना सका है. बीजेपी ने अपने गठन के 45 साल के बाद जाकर मुंबई में मेयर बनाने की पॉजिशन हासिल कर ली है.

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) की 227 सीटें हैं. मेयर के बहुमत का आंकड़ा 114 का होता है. अभी तक के रुझानों के लिहाज से बीजेपी को 90 सीटें और शिंदे की शिवसेना को 28 सीटों पर बढ़त है या फिर जीत मिल चुकी है. इस तरह महायुति को 118 सीटों मिलती दिख रही है. ऐसे में बीजेपी के खेमे में खुशी का माहौल है.

वहीं, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 63 सीटों पर बढ़त है या फिर जीत दर्ज कर चुकी है. कांग्रेस 12 सीट पर आगे है तो मनसे के 6 उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. इसके अलावा अजित पवार की एनसीपी एक सीट और अन्य पार्टी के उम्मीदवार 9 सीट पर आगे हैं. इसके चलते बीजेपी आसानी से अपना मेयर मुंबई में बना सकती है.

भारतीय जनता पार्टी का गठन 1980 में हुआ है. इस तरह 45 साल के बाद पहली बार मुंबई के बीएमसी चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीएमसी में बीजेपी का जलवा दिख रहा है. ऐसे में बीजेपी मुंबई में अपनी सरकार बनाने की स्थिति में खड़ी नजर आ रही है. बीजेपी मुंबई में पहली बार अपना मेयर बनाने की पोॉजिशन में पहुंच गई है.

पिछली बार 2017 में हुए बीएमसी चुनाव में बीजेपी ने 82 सीटें जीती थी और शिवसेना को 84 सीटें मिली थीं. हालांकि, महाराष्ट्र में गठबंधन की सरकार होने के चलते बीजेपी ने शिवसेना को समर्थन कर दिया था, लेकिन इस बार सियासी बाजी पलट दी.

मुंबई के बीएमसी चुनाव में बीजेपी ने शिंदे की पार्टी शिवसेना साथ मिलकर चुनाव लड़ा और ठाकरे ब्रदर्स की जोड़ी को सियासी धूल चटा दी. बीजेपी ने 2017 के बीएमसी चुनाव से 8 सीटें ज्यादा जीतती दिख रही है जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को 19 सीटें कम मिलती दिख रही. इतना ही नहीं उद्धव विपक्ष के साथ मिलकर भी अपना मेयर बनाने की स्थिति में नहीं है और बीजेपी की स्थिति साफ हो गई है.

महाराष्ट्र के मुंबई को आखिरकार चार साल बाद मेयर मिलने जा रहा है. मुंबई के मेयर का पद संभालने वाली आखिरी शख्स शिवसेना की किशोरी पेडनेकर थीं, जिन्होंने 22 नवंबर, 2019 से 8 मार्च, 2022 तक यह पद संभाला था, हालांकि, तब शिवसेना उद्धव और शिंदे के बीच बंटी नहीं थी. लेकिन अब शिवेसना दो धड़ों में बट चुकी है और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर बीएमसी का चुनाव लड़ा और उद्धव ठाकरे के अगुवाई वाली शिवेसना (यूबीटी) ने राज ठाकरे की मनसे के साथ मिलकर किस्मत आजमाई.

मुंबई में बीजेपी और शिंदे की शिवेसना को प्रचंड बहुमत मिलता दिख रहा है. बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसके चलते अब पार्टी अपना मेयर बनाने की स्थिति में पहुंच गई है. बीजेपी पहली बार मुंबई में अपना मेयर बनाएगी, लेकिन सवाल यही है कि बीएमसी की कमान पार्टी किसे सौंपेगी.

हालांकि, बीजेपी एक बात साफ कर चुकी है कि उसका मेयर मराठी समुदाय का ही होगा. बीएमसी चुनाव में बीजेपी के तमाम बड़े नेता पार्षद चुने गए हैं, जिन्हें नगर सेवक भी कहा जाता है. बीजेपी के दिग्गज नेता किरीट सोमैया के बेटे नील सोमैया दूसरी बार पार्षद चुने गए हैं. इसके अलावा बीएमसी चुनाव में तेजस्वी घोसालकर ने जीत हासिल कर ली है. उन्होंने दहिसर सीट से जीत हासिल की है.

बीएसी चुनाव से करीब एक महीने पहले तेजस्वी ने शिवसेना (UBT) गुट को छोड़कर बीजेपी का दामन थाम था. बीएमसी जीत के बाद अब बीजेपी के भीतर उन्हें मेयर पद के संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है. इसके अलावा भी बीजेपी के कई बड़े नेता पार्षद चुने गए हैं. ऐसे में देखना है कि बीजेपी किसे अपना मेयर चुनती है.

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