उत्तराखंड के विकासनगर में नशा तस्करी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक डॉक्टर को 52 लाख रुपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है. क्लिनिक चलाने की आड़ में आरोपी लंबे समय से ड्रग तस्करी में लिप्त था.
उत्तराखंड के विकासनगर से नशा तस्करी का मामला सामने आया है. पुलिस ने एक ऐसे तस्कर को दबोचा है, जो पेशे से डॉक्टर है और अपनी क्लिनिक की आड़ में लंबे समय से ड्रग तस्करी के धंधे में लिप्त था. आरोपी डॉक्टर आरिफ के पास से 173 ग्राम से अधिक स्मैक बरामद की गई है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 52 लाख रुपये आंकी जा रही है.
जानकारी के अनुसार, विकासनगर पुलिस टीम नियमित रूप से वाहनों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान हरबर्टपुर बस अड्डे के पास बाइक से गुजर रहे एक युवक को शक के आधार पर रोका गया. पूछताछ और तलाशी के दौरान युवक के पास से स्मैक पाई गई. युवक की पहचान खुशहालपुर के रहने वाले 32 वर्षीय डॉक्टर आरिफ के रूप में हुई. आरोपी क्लिनिक चलाता है.

जैसे-जैसे पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की, कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. आरोपी डॉक्टर आरिफ ने कहा कि उसने यह स्मैक एक महिला से खरीदी थी, जो फिलहाल फरार है.यह भी पता चला कि डॉक्टर आरिफ मूल रूप से सहारनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है. लगभग आठ साल पहले वह देहरादून के खुशहालपुर गांव में आकर बस गया था. यहां उसने क्लिनिक खोला और यहीं रहने लगा. वह अपने क्लिनिक का उपयोग नशे की तस्करी के कवर के रूप में करता था.
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. पुलिस अब इस मामले में फरार महिला तस्कर मेहराज की तलाश में जुटी है, जो तस्करी नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है. विकासनगर पुलिस लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है और ‘ऑपरेशन शक्ति’ के तहत नशा तस्करी में शामिल लोगों पर नजर रखी जा रही है.

