NATIONAL : 9 पन्नों की डायरी, अधूरी ख्वाहिशें और डिप्रेशन… गाजियाबाद की तीन बहनों की कहानी जिन्होंने मोबाइल के लिए दे दी जान!

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गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. जांच में सामने आया कि वे पिता द्वारा मोबाइल छीनकर बेच देने से डिप्रेशन में थीं और कोरियन कल्चर व ऑनलाइन संपर्क से दूर हो गई थीं. मां के फोन से ऐप नहीं चल पाया. सुसाइड नोट और सबूत एफएसएल भेजे गए हैं. पिता की तीनों पत्नियां सगी बहनें हैं. डायरी में कोरियन लगाव और पारिवारिक कलह का जिक्र मिला. साइबर टीम जांच कर रही है.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के मामले की जांच में खुलासा हुआ है कि वे अपने पिता द्वारा मोबाइल फोन छीन लेने के कारण डिप्रेशन में थीं. पुलिस के अनुसार लड़कियां कोरियन कल्चर की ओर ज्यादा आकर्षित थीं. पिता ने देखा कि वे इसमें जरूरत से ज्यादा डूबी हुई हैं, इसलिए उनके फोन छीन लिए और बाद में बेच भी दिए. इससे वे ऑनलाइन गेम नहीं खेल पा रही थीं और अपने कोरियन दोस्तों से बात भी नहीं कर पा रही थीं. उनकी कई ख्वाहिशें थीं जो अधूरी रह गईं.

घटना वाली रात लड़कियों ने अपनी मां का फोन लिया, लेकिन उस डिवाइस में कोरियन ऐप एक्सेस नहीं हो सका. मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने मोबाइल फोन जब्त किया, लेकिन उसमें कोरियन ऐप का कोई एक्सेस नहीं मिला. हाथ से लिखे सुसाइड नोट और मैसेज सहित फिंगरप्रिंट को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. यह जानकारी डीसीपी (ट्रांस हिंडन) निमिष पाटिल ने शनिवार को न्यूज एजेंसी को दी. नौ पन्नों की डायरी में उन्होंने सुसाइड नोट लिखा था.

पुलिस के अनुसार, साल 2015 में पिता चेतन कुमार की लिव-इन पार्टनर की साहिबाबाद थाना क्षेत्र की राजेंद्र नगर कॉलोनी में एक फ्लैट की छत से गिरकर संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी. बाद में पुलिस ने उस मामले को आत्महत्या मानते हुए बंद कर दिया था.

निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने इसी हफ्ते ट्रांस-हिंडन थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसाइटी के रिहायशी टावर की नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी. पूछताछ में पता चला है कि चेतन कुमार की इस समय तीन पत्नियां हैं, सुजाता (निशिका की मां), हीना (प्राची और पाखी की मां) और टीना. तीनों पत्नियां आपस में सगी बहनें हैं.

तीनों बहनें अपनी मां की बजाय पिता से ज्यादा जुड़ी थीं. यही कारण है कि सुसाइड नोट में उन्होंने पिता को संबोधित किया है और कहीं भी मां का नाम नहीं लिखा.साइबर क्राइम टीम IMEI नंबर के जरिए उन लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिन्होंने मोबाइल फोन खरीदे, ताकि कोरियन ऐप का डेटा हासिल किया जा सके. डीसीपी पाटिल ने कहा कि पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है और फोरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट का इंतजार है.

पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामले को आत्महत्या मानकर जांच की जा रही है. जांच का फोकस पिता के ऑनलाइन गेमिंग की लत वाले दावे और पारिवारिक परिस्थितियों समेत सभी पहलुओं की पुष्टि पर है. शुरुआती जांच में कमरे से मिली नौ पेज की पॉकेट डायरी में कोरियन कल्चर के प्रति गहरा लगाव और पारिवारिक कलह के संकेत मिले हैं.

पाटिल के अनुसार, चेतन कुमार ने करीब तीन महीने पहले निशिका के लिए एक मोबाइल खरीदा था, जबकि प्राची के लिए लगभग 15 दिन पहले फोन लिया गया था. तीनों बहनों का अंतिम संस्कार बुधवार शाम दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया गया.

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