उत्तर बंगाल के नागराकाटा इलाके में राहत कार्यों के दौरान बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था. दोनों नेताओं को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. यही देरी अब राज्यपाल के हस्तक्षेप की वजह बनी है.
पश्चिम बंगाल के नागराकाटा में बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है. अब इस घटना पर राज्यपाल ने ममता बनर्जी सरकार को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है.राज्यपाल ने कहा है कि राज्य सरकार के पास केवल 24 घंटे का समय है. इस दौरान आरोपियों की गिरफ्तारी करनी होगी. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वे संविधान के दायरे में उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल करने को बाध्य होंगे.
राज्यपाल ने कहा, “पश्चिम बंगाल में जनप्रतिनिधियों पर हमला बेहद गंभीर मामला है. यह कानून-व्यवस्था की असफलता को दर्शाता है. राज्य सरकार को 24 घंटे का समय दिया गया है. अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो मुझे संविधान के तहत उपलब्ध अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ेगा.”

बता दें कि सोमवार को उत्तर बंगाल के नागराकाटा इलाके में राहत कार्यों के दौरान बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था. दोनों नेताओं को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया.बीजेपी ने आरोप लगाया है कि यह हमला तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लोगों द्वारा सोची-समझी साजिश के तहत करवाया गया. वहीं, टीएमसी ने पलटवार करते हुए कहा कि स्थानीय जनता बाढ़ राहत में देरी और अफरा-तफरी से नाराज़ थी, इसलिए घटना हुई.
मंगलवार को ममता बनर्जी ने अस्पताल पहुंचकर घायल भाजपा सांसद से मुलाकात की. उन्होंने मुर्मू की पत्नी और बेटे से भी बात की और इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम से उनकी स्थिति की जानकारी ली. सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी ने सांसद की तबीयत के बारे में विस्तार से पूछा. मुख्यमंत्री ने उन्हें सलाह दी कि डॉक्टरों की बात ध्यान से सुनें और इलाज को लेकर कोई कोताही न बरतें. जाते-जाते उन्होंने मुर्मू के परिवार से कहा, ‘अगर आपको किसी तरह की मदद या दूसरे अस्पताल में इलाज की जरूरत हो, तो मुझे बताइए. सरकार हर संभव सहायता देगी.’


