शिक्षकों के सम्मान में कर्नाटक सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने शिक्षकों को अपने नाम के आगे ‘Tr’ लगाने की छूट दे दी है। जैसे डॉक्टर्स अपने नाम के आगे ‘Dr’ और प्रोफेसर ‘Prof’ लिखते हैं, वैसे ही राज्य के टीचर्स अपने नाम के आगे ‘Tr’ लगा सकते हैं।
भारत में शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षकों का सम्मान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देशभर के 48 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (Natinal Teacher Award 2026) से सम्मानित किया गया। लेकिन कर्नाटक सरकार ने शिक्षकों के सम्मान में नई परंपरा शुरू करने का फैसला लिया है।

सीएम ने कहा कि जिस भी व्यक्ति ने देश का निर्माण किया, उसके पीछे कोई न कोई ऐसा व्यक्ति जरूर था जिसने उसे गढ़ा और वे शिक्षक ही हैं। भारत में एक करोड़ से ज्यादा शिक्षक, जिनमें कर्नाटक के लगभग 4.5 लाख शिक्षक शामिल हैं, रोज बच्चों को पढ़ाते हैं। वे बच्चों के मन, व्यक्तित्व और भविष्य को संवारते हैं। चाहे वे बीमारियां ठीक करने वाले डॉक्टर हों, सर्जरी करने वाले सर्जन हों, या सेवाएं देने वाले लोग हों, चाहे अधिकारी हों, इनोवेशन लाने वाले उद्यमी हों या समाज का नेतृत्व करने वाले नेता, हर किसी के पीछे किसी शिक्षक की कड़ी मेहनत होती है।

