एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा में पास होने के बाद अब सभी की निगाहें राज्यसभा पर हैं. यह विधेयक प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित नकल पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है.
Anti Paper Leak Bill : भारी हंगामे के बीच लोकसभा में एंटी पेपर लीक (पेपर लीक रोकथाम संशोधन 2026) बिल पास हो गया अब इसे चर्चा के लिए कल राज्यसभा में रखा जाएगा. राज्यसभा में यह बिल आज ही रखा जाना था, लेकिन वंदे मातरम् के अपमान संबंधी बिल पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही कल तक के लिए अस्थगित कर दी गई. इस वजह से इस वजह से पेपर लीक रोकथाम संशोधन संबंधित विधेयक 2026 कल राज्यसभा में पेश किया जाएगा.

नीट यूजी पेपर नीक को लेकर देश भर में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को संशोधन बिल पेश किया था. इस प्रस्तावित कानून का मकसद ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) एक्ट’ में संशोधन करना है. इसके तहत पेपर लीक में शामिल लोगों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. जिसमें 10 साल तक की जेल और 50 लाख तक का जुर्माना शामिल है.
संगठित गिरोहों पर सख्ती: संगठित तरीके से पेपर लीक करने वाले नेटवर्क के लिए कम से कम 7 वर्ष की जेल और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रस्ताव.
फास्ट ट्रैक कोर्ट: सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें बनाने का प्रावधान, जहाँ मामलों की दैनिक सुनवाई हो और चार्जशीट के 3 महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

