कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र सरकार पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के छह शहीदों का नाम एक साल तक छिपाने का आरोप लगाया है। मई 2025 के इस ऑपरेशन में बलिदान हुए जवानों के नाम अब जाकर दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल की दीवार पर लिखे गए हैं, जिसे कांग्रेस ने सरकार का छद्म राष्ट्रवाद करार दिया है।
देश की राजनीति में राष्ट्रवाद और सैनिकों के सम्मान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए छह जवानों के बलिदान को स्वीकार करने में पूरे एक साल की देरी कर दी। पार्टी ने इसे देश के नायकों का अपमान बताया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को राष्ट्रवाद के चोगे में लपेट कर रखती है, उसी ने देश के वीर सपूतों को एक साल तक वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश के लिए शर्म की बात है।

पवन खेड़ा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में अपनी जान गंवाने वाले सभी छह सैन्य कर्मियों के नामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये भारत के वो बहादुर बेटे हैं, जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश के सम्मान और हमारी बहनों के सिंदूर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। खेड़ा ने कहा कि इन शहीदों के नाम राष्ट्रीय चेतना में दर्ज होने चाहिए थे और उनके परिवारों को देखना चाहिए था कि पूरा देश उनकी शहादत का सम्मान कर रहा है। लेकिन, भाजपा सरकार ने एक साल तक इस सच को देश से छिपा कर रखा।
नेशनल वॉर मेमोरियल में दर्ज हुए नाम
बता दें कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के इन छह जांबाजों के नाम दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल (राष्ट्रीय समर स्मारक) की दीवार पर सुनहरे अक्षरों में अंकित किए गए हैं। इनमें भारतीय सेना के पांच और वायुसेना का एक जवान शामिल है। सरकार ने ऑपरेशन के बाद पहली बार आधिकारिक तौर पर इन नामों को सार्वजनिक किया है।
यह पूरा मामला मई 2025 का है, जब 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान देश के छह वीरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। हाल ही में नेशनल वॉर मेमोरियल के ‘त्याग चक्र’ की दीवार संख्या 3D पर इन शहीदों के नाम उनकी यूनिट के साथ लिखे गए हैं।
स्मारक की दीवार पर जिन जांबाजों के नाम दर्ज हुए हैं, उनमें सेना के सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर मूड मुरलीनायक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इन नामों को हाल ही में मेमोरियल की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।

