दिल्ली विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में “वंदे मातरम हॉल” का उद्घाटन मंगलवार को डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने किया। इसके साथ ही हॉल के द्वार पर पूर्ण वन्दे मातरम के शिलालेख का अनावरण भी कुलपति द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वंदे मातरम हॉल अनेकों वर्षों तक प्रेरणा का काम करेगा। कुलपति ने कहा कि वंदे मातरम ने भारत के हर संकट में भारत का साथ दिया है। आज देश वंदे मातरम के 150 वर्ष मना रहा है। उन्होंने कहा कि 1948 से लेकर 2005 तक इस हॉल में अनेकों कॉन्वोकेशन हुए और भारत के राष्ट्रपति सहित अनेकों महान विभूतियों ने इस हॉल में अपने अपने कदम रखे। जब भी डीयू का इतिहास लिखा जाएगा तो इस हॉल का इतिहास भी लिखा जाएगा।
प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में जब 2021 में उन्होंने पदभार ग्रहण किया तो शंकर लाल हॉल, टैगोर हॉल और कॉन्वोकेशन हॉल को देखने का अवसर मिला। ये हॉल काफी जीर्ण अवस्था में थे। हमने निर्णय लिया कि इनका नवीनीकरण किया जाए। इनमें से शंकर लाल हॉल और टैगोर हॉल का नवीनीकरण पूर्ण होने के बाद उनका उद्घाटन हो चुका था और आज इस हॉल के उद्घाटन के पश्चात ये सभी सभागार आधुनिक सुविधाओं से सम्पन्न हो चुके हैं। कुलपति ने बताया कि डीयू में जितने भी निर्माण व नवीनीकरण के कार्य चल रहे हैं वह सभी 2027 तक पूर्ण हो जाएंगे। कार्यक्रम के आरंभ में फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के डीन प्रो. इन्द्र नारायण सिंह ने स्वागत भाषण दिया और कार्यक्रम के समापन पर डीन प्लानिंग प्रो. निरंजन कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी और रजिस्ट्रार डॉ विकास गुप्ता सहित कई डीन, डायरेक्टर, कई कॉलेजों के प्रिंसिपल, शिक्षक, अधिकारी और अनेकों विद्यार्थी उपस्थित रहे।

5 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है नवीनीकरण
इस हॉल का नींव पत्थर 1948 में रखा गया था और 2005 तक डीयू के सभी कॉन्वोकेशन इस हॉल में होते रहे। अब 2026 में इसे नवीनीकरण के बाद “वंदे मातरम हॉल” नाम दिया गया है। अब करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से इसे नए सिरे से तैयार किया गया है। विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग के अनुसार इस को पूरी तरह से नवीनीकृत किया गया है। इसकी स्ट्रक्चर स्ट्रैंथनिंग के साथ-साथ 688 लोगों के बैठने की क्षमता के साथ नया फर्नीचर लगाया गया है। नवीनीकृत हॉल में एयर कंडीशनिंग सहित बिजली कार्य एवं आधुनिक आडियो सिस्टम भी नए सिरे से स्थापित किए गए हैं। वर्णनीय है कि डीयू की कार्यकारी परिषद द्वारा गत 12 दिसंबर को फैकल्टी ऑफ आर्ट्स में बने कॉन्वोकेशन हॉल का नाम नवीनीकरण के पश्चात “वंदे मातरम हॉल” रखने को मंजूरी दी गई थी।


