त्रिपुरा के अगरतला जिले के अभिचरण गांव में जादू-टोना के संदेह में 63 वर्षीय आदिवासी महिला नंदरानी देबबर्मा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. आरोपियों ने शव को जंगल में दफना दिया. पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि ग्रामीणों ने बीमारी को महिला के ‘काले जादू’ से जोड़कर हत्या की.
त्रिपुरा के अगरतला जिले के एक गांव में जादू-टोना करने के संदेह में 63 वर्षीय आदिवासी महिला की कथित तौर पर हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिधाई पुलिस थाना क्षेत्र के अभिचरण गांव में जादू-टोना करने की आरोपी नंदरानी देबबर्मा के लापता होने की सूचना मिलने के बाद, एक टीम ने इलाके में एक विशेष अभियान चलाया था.

सिधाई पुलिस थाने के प्रभारी अजीत कुमार चकमा ने शुक्रवार को बताया, ‘खोजते खोजते 26 अक्टूबर को अभिचरण के एक जंगल से बुजुर्ग महिला का शव निकाला गया था. शव मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी. गुरुवार को हमने महिला की हत्या में कथित संलिप्तता के आरोप में इलाके के तीन लोगों को गिरफ्तार किया.’
प्रारंभिक जांच के अनुसार, कुछ स्थानीय लोगों को लगा कि ‘गांव के दो परिवार नंदरानी के काले जादू के कारण बीमार थे’. अधिकारी ने बताया, ‘इसी धारणा के प्रभाव में आकर, 26 अक्टूबर को कुछ लोगों ने नंदरानी के घर में घुसकर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी. उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए, ग्रामीणों ने उसके शव को खिड़की से बांध दिया. बाद में, सबूतों को दबाने के लिए उसके शव को जंगल में दफना दिया गया.’


