NATIONAL : टीना डाबी का ध्वजारोहण कर उल्टी दिशा में सलामी लेने का वीडियो वायरल, खुद बताई इसकी सच्चाई

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बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी गणतंत्र दिवस के दौरान ध्वजारोहण से जुड़े एक वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। ध्वजारोहरण के बाद वह उल्टी दिशा में खड़ी होकर सलामी लेने लगी. तभी उनकी सुरक्षा में तैनात जवान ने इशारा किया. इसके तुरंत बाद वह सही दिशा में खड़ी हो गई. इसके बाद उन्होंने आजतक से इस वीडियो पर अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि आखिर ऐसी गलती कैसे हो गई थी.

राजस्थान के बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी एक बार फिर सोशल मीडिया की सुर्खियों में हैं. इस बार वजह कोई प्रशासनिक फैसला, सरकारी अभियान या सम्मान नहीं, बल्कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराने से जुड़ा एक वीडियो है. जिसमें सलामी के दौरान कुछ पलों के लिए जिला कलेक्टर की दिशा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.

गणतंत्र दिवस की सुबह की शुरुआत बाड़मेर में अन्य जिलों की तरह ही राष्ट्रभक्ति और गरिमा के साथ हुई. जिला कलेक्टर टीना डाबी ने सबसे पहले अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इसके बाद वह तय कार्यक्रम के अनुसार जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर पहुंचीं, जहां अधिकारी, कर्मचारी और स्कूली छात्राएं पहले से मौजूद थीं. पूरा परिसर राष्ट्रगान की तैयारी में अनुशासित और उत्सवपूर्ण माहौल में था. इसी दौरान जब तिरंगा फहराया गया और सलामी दी जा रही थी, तब कुछ क्षणों के लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी विपरीत दिशा में खड़ी नजर आईं. हालांकि, यह स्थिति अधिक देर तक नहीं रही. मौके पर उनकी सुरक्षा में तैनात जवान के इशारे के बाद उन्होंने तुरंत अपनी दिशा ठीक कर ली और कार्यक्रम आगे बढ़ता रहा. उस समय वहां मौजूद अधिकांश लोगों ने इसे सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा मानते हुए कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी.

लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तो तस्वीर पूरी तरह बदल गई. कुछ ही घंटों में यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो के साथ तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं.

यह पहला मौका नहीं है जब बाड़मेर की जिला कलेक्टर टीना डाबी सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में आई हों. इससे पहले भी उनके कार्यकाल से जुड़े कई मुद्दे ऑनलाइन बहस का विषय बन चुके हैं. ‘नवो बाड़मेर अभियान’ के जरिए जिले में विकास और बदलाव की कोशिशों को लेकर जहां उन्हें सराहना मिली, वहीं कुछ फैसलों पर उन्हें आलोचना और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा. राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद भी सोशल मीडिया पर उनके नाम को लेकर बहसें थमी नहीं थीं. टीना डाबी उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिनकी पहचान केवल प्रशासनिक पद तक सीमित नहीं रही है. यूपीएससी क्रैक करने से लेकर फील्ड में सक्रिय भूमिका निभाने तक, उनका सफर लगातार सार्वजनिक नजरों में रहा है. ऐसे में उनका हर कदम, हर फैसला और कभी-कभी हर छोटा दृश्य भी सोशल मीडिया की कसौटी पर कस दिया जाता है.

इस ताजा विवाद के बीच जिला कलेक्टर टीना डाबी ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण के दौरान उनके दोनों ओर कर्मचारी खड़े थे. उन्हें देखते हुए वह स्वाभाविक रूप से थोड़ी तिरछी खड़ी हो गई थीं. हालांकि, अगले ही पल उन्होंने घूमकर अपनी दिशा ठीक कर ली. उन्होंने इसे एक सामान्य स्थिति बताते हुए कहा कि इसमें किसी तरह की असावधानी या अनादर का सवाल ही नहीं उठता.

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