सेकेंड के अपने इस संबोधन में देश की महिलाओं से माफी मांगी, विपक्ष का निशाना साधा और अंत में यह हुंकार भी भरा कि हम हारे नहीं है. हमारे पास आगे भी मौके आएंगे. हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है.
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा अहम संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका. शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में इस पर अपनी बातें रखी. पीएम मोदी ने करीब 29 मिनट 21 सेकेंड के अपने इस संबोधन में देश की महिलाओं से माफी मांगी, विपक्ष का निशाना साधा और अंत में यह हुंकार भी भरा कि हम हारे नहीं है. हमारे पास आगे भी मौके आएंगे. हमें आधी आबादी के सपनों के लिए, देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा, “देश की माताओं, बहनों और बेटियों से बात करने के लिए आया हूं. आज भारत का हर नागरिक देख रहा है कि कैसे भारत की नारी शक्ति की उड़ान को रोक दिया गया. उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया. हमारे भरसक प्रयास के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए. नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया. और मैं इसके लिए सभी माताओं, बहनों से क्षमा प्रार्थी हूं.”
पीएम मोदी ने आगे कहा- हमारे लिए देश हित सर्वोपरि है. लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सब कुछ हो जाता है, दल हित देश हित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है. इस बार भी यही हुआ है. कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी जैसे दलों की स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है.
पीएम मोदी ने कहा- कल देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी. देश की नारी शक्ति देख रही थी. मुझे भी ये देखकर बहुत दुख हुआ कि जब ये नारी हित का प्रस्ताव गिरा तो कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, सपा जैसी परिवारवादी पार्टियां खुशी से तालियां बजा रही थीं. महिलाओं से उनके अधिकार छीनकर यह लोग मेजे थपथपा रहे थे. उन्होंने जो किया वह केवल टेबल पर थाप नहीं थी. वह नारी के स्वाभिमान पर प्रहार था.

