NATIONAL : नौसेना प्रमुख बोले- अब धारणा की जंग जीतना भी जरूरी, प्रतिस्पर्धा से संघर्ष की ओर बढ़ चुकी दुनिया

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नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि आधुनिक युद्ध में धारणा की लड़ाई जीतना भी अहम है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दुनिया अब प्रतिस्पर्धा से संघर्ष की ओर बढ़ चुकी है और इसके असर दूर तक पड़ रहे हैं। कमांडर सम्मेलन में एडमिरल त्रिपाठी ने क्या कुछ कहा, पढ़िए रिपोर्ट-

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और समुद्री यातायात में आ रही बाधाओं का जिक्र करते हुए नौसेना प्रमुख ने कहा कि किसी संघर्ष से भौगोलिक दूरी का यह अर्थ नहीं है कि आप उसके परिणामों से भी सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया प्रतिस्पर्धा से संघर्ष की ओर बढ़ चुकी है। एडमिरल त्रिपाठी ने गैर-राज्य तत्वों के पास आधुनिक तकनीक की आसान पहुंच और दुश्मनों की बढ़ती क्षमताओं को नौसेना के लिए चुनौती भरा बताया।

एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि नौसेना ने आवंटित बजट का 100 प्रतिशत उपयोग किया है और 90 से अधिक पूंजीगत अनुबंध संपन्न किए हैं। इस साल नौसेना का 15 से अधिक युद्धपोत व नौसैनिक प्लेटफॉर्म मिलने वाले हैं। नौसेना प्रमुख ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के समावेश पर जोर दिया। उन्होंने नौसेना के लिए कुछ प्रमुख प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं। इनमें उच्चस्तरीय युद्ध क्षमता बनाए रखना, अपनी क्षमताओं का विकास करना, नवाचार व नई तकनीकों का एकीकरण और सेना के तीनों अंगों के बीच संयुक्तता पर जोर दिया गया।

नौसेना का सम्मेलन आने वाले दिनों में नौसेना की रणनीतिक दिशा तय करने और भविष्य की नौसेना बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।नैरेटिव वॉरफेयर आधुनिक युद्ध का वह पहलू है, जहां जीत सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि सूचना और धारणा के जरिये हासिल की जाती है। इसका उद्देश्य किसी संघर्ष के बारे में सार्वजनिक सोच प्रभावित कर अपने पक्ष में जनमत तैयार करना होता है। इसमें सूचनाओं, प्रोपेगेंडा और सोशल मीडिया का उपयोग इस तरह किया जाता है कि किसे नायक या खलनायक माना जाए, यह तय हो सके। आज के दौर में युद्ध केवल मैदान पर नहीं जीता जाता, बल्कि दुनिया को संघर्ष की जो कहानी सुनाई जाती है, वह यह तय करती है कि सैन्य ऑपरेशन वास्तव में सफल रहा या नहीं। इस युद्ध में कभी-कभी भ्रामक जानकारी का सहारा लेकर एक प्रभावशाली कहानी (नैरेटिव) बनाई जाती है। डिजिटल मीडिया के फैलाव के कारण नैरेटिव वॉरफेयर काफी शक्तिशाली बन गया है।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने भी नौसेना कमांडरों के साथ बातचीत की। उन्होंने नौसेना कमांडरों से कहा कि भू-राजनीतिक हालात और युद्ध के बदलते स्वरूप के अनुसार अपनी योजना बनाएं।

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