गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में बुधवार की रात एक पांच मंजिला इमारत में पटाखों के कारण आग लग गई. बिल्डिंग में मौजूद 19 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ. जानकारी के मुताबिक, आग की शुरुआत एक फ्लैट में रखे इन्वर्टर से हुई थी.
गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके का शक्ति खंड-2. बुधवार को यहां की एक पांच मंजिला इमारत अचानक भीषण आग की चपेट में आ गई. जब आग लगी तब बिल्डिंग में 19 परिवार मौजूद थे. गनीतम रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. अब बिल्डिंग के ही एक निवासी ने बताया है कि सबसे पहले आग उसके घर में लगी थी और इसके पीछे उसका एक पड़ोसी था.
निवासी दीपक त्यागी ने बताया, ‘मेरे फ्लैट में सबसे पहले आग लगी थी. एक पटाखा मेरे इन्वर्टर से टकराया. यहां से थोड़ी दूर पर जितेंद्र नाम का एक आदमी रहता है. वह हमारी बिल्डिंग के नीचे पटाखे फोड़ रहा था. मेरी बिल्डिंग का एक और आदमी, राजीव, उसके साथ पटाखे फोड़ रहा था.’

उन्होंने बताया, ‘RWA अध्यक्ष अशोक त्यागी ने उन्हें ऐसा करने से मना किया, लेकिन उन्होंने उससे झगड़ा किया. अंत में, यहां आग लग गई. यह बालकनी में इन्वर्टर से शुरू हुई. मैंने अग्निशामक यंत्र से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें बहुत भयानक थीं. आग मेरे पूरे घर में और फिर पूरी बिल्डिंग में फैल गई. हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.’इससे पहले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि दिवाली की रात जलाए गए पटाखों की वजह से इमारत में आग लगी थी. आग इतनी तेज थी कि उसने कुछ ही पलों में पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया और ऊपर की मंजिलों तक धुआं भर गया.
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया. आग बुझाने के दौरान किसी बड़ी अनहोनी से बचने के लिए आसपास के घरों को खाली कराया गया. हादसे में इमारत के फ्लैटों में रखे घरेलू सामान, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह जलकर राख हो गए.


