उत्तराखंड के ऊपरी गढ़वाल में बद्रीनाथ मंदिर के कपाट मंगलवार को बंद हो रहे हैं, जिससे इस साल की चारधाम यात्रा समाप्त होगी. गंगोत्री, केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट पहले ही बंद किए जा चुके हैं. इस साल लगभग 51 लाख श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए, जिनमें 2.74 लाख हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा गए. यमुनोत्री में 6.44 लाख, गंगोत्री में 7.58 लाख, केदारनाथ में 17.68 लाख और बदरीनाथ में 16.47 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.
उत्तराखंड के ऊपरी गढ़वाल क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ मंदिर के कपाट मंगलवार को दोपहर 2.56 बजे बंद हो जाएंगे, जिससे इस साल की चारधाम यात्रा औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगी. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि गढ़वाल हिमालय के चार प्रमुख धामों में से तीन के कपाट पहले ही बंद किए जा चुके हैं. मंदिर को 12 क्विंटल फूलों से सजाया गया है.

गंगोत्री के कपाट 22 अक्टूबर को दिवाली और अन्नकूट के अवसर पर बंद हुआ था, जबकि केदारनाथ और यमुनोत्री के कपाट उसके अगले दिन बंद किए गए. हिमालय की ऊंची चोटियों में भारी बर्फबारी और सर्दी के कारण ये चारों धाम हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं और अगले साल अप्रैल-मई में पुनः खोले जाते हैं.
चारधाम यात्रा लगभग छह महीने तक चलती है, ये राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है. इस साल लगभग 51 लाख श्रद्धालु यात्रा में शामिल हुए, जिनमें 2.74 लाख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा भी गए.


