NATIONAL : बिल का विरोध करने वालों की अब खैर नहीं, जनता के बीच खुलेगा विपक्ष का काला चिट्ठा, NDA ने बनाया खतरनाक प्लान

0
56

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनावों से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया. सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े.

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के गिर जाने के बाद सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के फ्लोर लीडर्स ने शुक्रवार को संसद में एक अहम बैठक की. सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह तय किया गया कि सदस्य महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति विपक्ष के विरोध का मुद्दा उठाएंगे. इस घटनाक्रम के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए विरोध प्रदर्शन, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश में लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा.

इस बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ये लिया गया कि विपक्ष के जिन सांसदों ने इस बिल का सदन में विरोध किया था, उनके निर्वाचन इलाक़ों में एनडीए विरोध प्रदर्शन करेगा. इस बैठक में नितिन नवीन, जेपी नड्डा अनुप्रिया पटेल सहित एनडीए के सारे वरिष्ठ नेता शामिल थे. सरकार ने संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026; केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 को पेश करने और उन पर चर्चा करने के लिए संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था.

गुरुवार को लोकसभा में पेश किए गए और दो दिनों तक जिन पर चर्चा हुई, उन प्रस्तावों में ‘हाउस ऑफ द पीपल’ (लोकसभा) के आकार को बढ़ाने का सुझाव दिया गया. साथ ही, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने और इस परिसीमन के आधार पर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का प्रावधान किया गया. ‘केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) कानून विधेयक’ का उद्देश्य पुडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के मामलों में भी इसी तरह के प्रावधानों को लागू करना था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here