NATIONAL : ‘मेरी कोई बहन नहीं है…’ से शुरू हुई कहानी, इंस्टाग्राम पर भाई बनकर महिला से साइबर फ्रॉड, चौंका देगी ये कहानी

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धनबाद में साइबर फ्रॉड का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इंस्टाग्राम के जरिए खुद को भाई बताने वाले ठग ने डराकर और धमकी देकर एक महिला से लाखों की ठगी कर ली. पुलिस की धमकी और फर्जी वीडियो भेजकर पीड़िता को मानसिक दबाव में रखा गया. फिलहाल इस मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई गई है.

डिजिटल अरेस्ट स्कैम का चौंकाने वाला मामला झारखंड के धनबाद से सामने आया है. यहां इंस्टाग्राम के जरिए मैसेज भेजकर खुद को भाई बताने वाले एक युवक ने डर और धमकी से एक परिवार से लाखों रुपये की ठगी कर ली. दरअसल, यह मामला पुटकी थाना इलाके के भागाबांध ओपी के भागाबांध बस्ती का है. महिला की बेटी को ठग ने इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजा था.

दरअसल, तिलकी देवी की बेटी को एक लड़के ने इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजा और कहा कि मेरी कोई बहन नहीं है. तुम ही मेरी बहन हो. मैं तुम्हारे लिए गिफ्ट भेज रहा हूं. गिफ्ट भेजने के लिए एयरपोर्ट जा रहा हूं. डिलीवरी के लिए आए तो तुम रिसीव कर लेना.बेटी ने कहा कि ठीक है भाई. थोड़ी देर बाद फिर उसी नंबर से बताया गया कि उसकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है, कुछ पैसों की जरूरत है. इसके बाद बेटी ने अपनी मां को फोन दे दिया. फिर उसी नंबर से कॉल आया और कहा गया कि आपकी वजह से ही मेरा एक्सीडेंट हुआ है. पैसे नहीं देंगी तो पुलिस पहुंचेगी और तुम्हें घसीटते हुए लेकर आएगी.

तिलकी देवी ने कहा कि मोबाइल पर एक वीडियो भी भेजा, जिसमें एक महिला को पुलिस ले जा रही थी. यह सब देखकर डर गई. उसके बाद सऊदी अरब में रहने वाले भाई को फोन किया, उसने मेरे बैंक अकाउंट में पैसे भिजवाए. फोन करने वाले लड़के ने स्कैनर भेजा.स्कैनर के जरिए उसे 2 लाख 7 हजार 201 रुपए भेजे. इतने पैसे मिलने के बाद भी ठग ने 3 लाख रुपये और मांगने शुरू कर दिए.

जब ठग की मांग लगातार बढ़ने लगी तो महिला ने पड़ोसियों और आसपास के लोगों को पूरे मामले की जानकारी दी. तब उन्हें बताया गया कि यह साइबर फ्रॉड का केस है. इसके बाद वह सरायढेला स्थित साइबर थाने पहुंचीं, जहां पुलिस ने उन्हें नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने को कहा. पीड़िता ने हीरापुर के एक साइबर कैफे जाकर नेशनल पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की और फिर साइबर थाने में लिखित आवेदन भी सौंपा.

साइबर थाना प्रभारी रविकांत प्रसाद ने कहा कि पीड़िता की ओर से लिखित आवेदन मिला है और नेशनल पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज शिकायत 24 घंटे बाद साइबर थाने को प्राप्त होती है. शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सोशल मीडिया पर भावनात्मक बातें और डर दिखाकर ठग आसानी से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं. साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं, पैसे की मांग या पुलिस की धमकी मिलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने से संपर्क करें. डिजिटल अरेस्ट स्कैम में ठग खुद को पुलिस या एजेंसी बताकर वीडियो कॉल, फर्जी वीडियो और गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे ऐंठते हैं.

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