यूपी से आने वाले कई नेताओं को भाजपा की केंद्रीय टीम में जगह मिल सकती है। माना जा रहा है कि यूपी चुनाव 2027 से पहले पार्टी प्रदेश के नेताओं को संगठन में जगह देकर बड़ा संदेश दे सकती है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर भारतीय जनता पार्टी दिया है। इस क्रम में केंद्र से लेकर प्रदेश स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को तेज किया गया है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है। इसके बाद संगठन के स्तर पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी टीम का ऐलान कर एक बड़े वर्ग को संदेश देने का प्रयास किया है। वहीं, अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से गठित होने वाली पार्टी की केंद्रीय टीम में प्रदेश के कई नेताओं को जगह मिलने की बात कही जा रही है। इसके जरिए पार्टी क्षेत्र और सामाजिक समीकरणों को साध कर यूपी चुनाव 2027 की रणनीति को अंतिम रूप देती दिखेगी।
नितिन नवीन की टीम में उत्तर प्रदेश के कई चेहरों को जगह मिलने की बात कही जा रही है। राष्ट्रीय संगठन में प्रदेश का प्रतिनिधित्व दिखेगा। उत्तर प्रदेश से स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने की बात कही जा रही है। इसके अलावा विनोद सोनकर को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया जा सकता है। अमरपाल मौर्य को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। महेंद्र सिंह और अशोक कटारिया के नाम की भी चर्चा है। दरअसल, 3-4 जुलाई को नितिन नवीन का लखनऊ दौरा है। इसके बाद बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।
स्मृति ईरानी: स्मृति ईरानी पिछले तीन चुनाव से अमेठी लोकसभा सीट पर भाजपा की उम्मीदवार रहीं। लोकसभा चुनाव 2014 में उन्हें राहुल गांधी से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, कांग्रेस की परंपरागत सीट पर स्मृति ईरानी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को हराकर जीत का झंडा गाड़ा। हालांकि, लोकसभा चुनाव 2024 में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा से हार झेलनी पड़ी। हालांकि, भाजपा संगठन में लाकर राहुल गांधी को अमेठी से अलग किए जाने वाला संदेश देती दिख सकती है।

विनोद सोनकर: विनोद सोनकर भाजपा की अनुसूचित जाति का बड़ा चेहरा हैं। वे 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में कौशांबी सीट पर जीत दर्ज की थी। वे भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में काम कर चुके हैं। उनके जरिए भाजपा विपक्ष के दलित पॉलिटिक्स को निशाना पर लेने की कोशिश करती दिखेगी। इसके अलावा प्रयागराज और आसपास के इलाकों के इस वर्ग के वोट बैंक पर भी पार्टी की नजर रहेगी।
अमरपाल मौर्य: रायबरेली से आने वाले अमरपाल मौर्य का अपने समाज में खासा प्रभाव है। ऊंचाहार सीट से वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, उन्हें तत्कालीन सपा उम्मीदवार मनोज पांडेय से हार झेलनी पड़ी थी। मनोज पांडेय अब भाजपा में हैं। योगी सरकार में मंत्री बन चुके हैं। वहीं, अमरपाल मौर्य को राज्यसभा भेजा जा चुका है। ऐसे में उन्हें संगठन में लाकर मौर्य समाज को बड़ा संदेश देने का प्रयास होगा।
महेंद्र सिंह: डॉ. महेंद्र सिंह यूपी विधान परिषद के सदस्य रहे हैं। उन्हें योगी सरकार के पहले कार्यक्रम में मंत्रिमंडल में भी जगह मिली थी। महेंद्र सिंह पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य रह चुके हैं। प्रतापगढ़ से आने वाले महेंद्र सिंह को संगठनात्मक कौशल के कारण नितिन नवीन की टीम में जगह मिलने की बात कही जा रही है।
अशोक कटारिया: अशोक कटारिया यूपी विधान परिषद के सदस्य हैं। वे योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं। बिजनौर से आने वाले अशोक कटारिया किसान परिवार से हैं। अशोक कटारिया गुर्जर समाज से आते हैं। पश्चिमी यूपी में जाट-गुर्जर समाज के बीच अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए भाजपा बड़े दांव खेल सकती है। इस कारण अशोक कटारिया का नाम भी खूब चर्चा में है।


