NATIONAL : राम मंदिर चंदा चोरी: SIT ने बढ़ाया जांच का दायरा, प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुई भर्तियों के दस्तावेज खंगाले

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मंदिर में दानराशि गबन मामले की जांच कर रही विशेष टीम ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब नियुक्तियों, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। दान की गणना, लेखा-जोखा और धन जमा कराने की प्रक्रिया को लेकर संबंधित जिम्मेदार लोगों से पूछताछ जारी है।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानराशि गबन प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब अपनी पड़ताल का दायरा और व्यापक कर दिया है। दानराशि के कथित गबन की जांच के साथ-साथ टीम ने प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा शुरू कर दी है.

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पदाधिकारियों की ओर से की गई विभिन्न नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की है, जबकि मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात सुरक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों का विस्तृत ब्योरा भी तलब किया गया है।

राम मंदिर में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए करीब 800 कर्मी तैनात हैं। इनमें करीब 200 कर्मी ट्रस्ट की ओर से नियुक्त हैं। लॉकर व्यवस्था, सुरक्षा, जूता-चप्पल रखरखाव, सफाई व्यवस्था में निजी कंपनी के कर्मचारी लगाए गए हैं। यज्ञ स्थल में तैनात स्वयंसेवक और वेतनभोगी ट्रस्ट की ओर से नियुक्त हैं। तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, सेवा केंद्र, पास बनाने में लगे कर्मी, अकाउंट ऑफिस के कर्मी ट्रस्ट की ओर से रखे गए हैं। पुजारियों की नियुक्ति भी ट्रस्ट ने की है। जांच में अधिकांश नियुक्तियां बिना समुचित स्क्रीनिंग के किए जाने की बात सामने आई है।

सूत्रों का कहना है कि जांच टीम यह समझने का प्रयास कर रही है कि प्राण प्रतिष्ठा के बाद बढ़ी व्यवस्थाओं के मद्देनजर किन-किन पदों पर नियुक्तियां की गईं, उनकी प्रक्रिया क्या रही और अभिलेखों का रखरखाव किस प्रकार किया गया। इसके लिए ट्रस्ट कार्यालय से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका परीक्षण जारी है। हालांकि अभी तक किसी नियुक्ति या अधिकारी की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

लंबे समय से तैनात कर्मियों से भी पूछताछ
सूत्र बताते हैं कि जांच टीम ने मंदिर परिसर में लंबे समय से तैनात सुरक्षा अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और अन्य जिम्मेदार कर्मियों की सूची भी तलब की है। सुरक्षा से जुड़े एक कर्मी का नाम सामने आया है जो मंदिर में पिछले 17 वर्षों से तैनात है। इनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है। टीम पुराने कर्मियों की तैनाती की अवधि, जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र से जुड़ी जानकारी भी जुटा रही है।

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