प्रयागराज के फाफामऊ में सनसनीखेज कहानी सामने आई है. यहां 15 साल की लड़की को बहलाया फुसलाया गया. वो मुस्लिम लिबास पहनने लगी. उसे लालच दिया गया. इसके बाद IVF सेंटर में ले जाकर उसके शुक्राणु निकलवाए गए. यह मामला सामने आया तो लड़की की मां ने पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने IVF सेंटर के संचालक सहित 5 आरोपियों को पकड़ा है.
प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में 15 साल की हिंदू लड़की का माइंड वॉश कर अवैध तरीके से IVF सेंटर में शुक्राणु निकलवाए गए. जब यह मामला सामने आया हड़कंप मच गया. पुलिस को शिकायत मिली तो जांच शुरू हुई, इस दौरान पूरी कहानी सामने आ गई. पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया है.लड़की की मां का आरोप है कि उसके पति की ट्रैक्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी. इसके बाद परिवार आर्थिक तंगी से गुजरने लगा. इसी दौरान जोया खान और पलक नाम की महिलाओं ने बेटी को लालच देकर बहलाया-फुसलाया. आरोप है कि लड़की का माइंडवॉश किया गया, वह मुस्लिम लिबास पहनने लगी और कई बार घर से गायब भी हो गई.
बीते महीने 7 जनवरी को गेस्ट हाउस से गायब होने और 15 जनवरी को लापता रहने के बाद 21 जनवरी को लड़की इंदिरा IVF सेंटर में मिली. उसकी मां का दावा है कि फर्जी आधार कार्ड और फर्जी कंसेंट फॉर्म के जरिए नाबालिग बेटी के शुक्राणु निकलवाए गए. इस मामले में पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी. शिकायत पत्र देने के बाद फाफामऊ थाने में जोया खान, पलक, मिजान, रिंकी हेला, सीमा, हिमांशु और कल्पना के खिलाफ FIR दर्ज की गई.

पुलिस ने पलक, रिंकी, सीमा, हिमांशु और कल्पना को गिरफ्तार कर लिया है. बीते 3 फरवरी को नाबालिग लड़की की मां ने खुद बेटी को वन स्टॉप सेंटर भेजा, जहां उसके बयान में खुलासा हुआ कि पलक और रिंकी ने आईफोन सहित पैसों के लालच में उसे IVF के लिए डोनर बनाया.
आरोप है कि हिमांशु ने मोबाइल एप के जरिए फर्जी आधार बनाकर नाबालिग को विवाहित दर्शाया, जबकि कल्पना ने कथित रूप से एफिडेविट जारी किया. इस मामले को लेकर डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा कि लड़की की मां की तहरीर और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई है. आरोपी को गिरफ्तार कर नेटवर्क की जांच की जा रही है. साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. लड़की फिलहाल बाल सुधार गृह में है, जबकि CWC मामले की निगरानी कर रही है.

