हेमंत वर्मा संवाददाता राजनांदगांव
राजनांदगांव / शहर का लेवर कालोनी इन दिनों आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री जी के मुखारविंद से बह रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ की से गोकुल वृंदावन धाम बना हुआ है। चाय वाले बाबा के रुप में मशहूर आचार्य श्री शास्त्री जी श्रीमद्भागवत कथा की एक- एक गूढ़ बातें जन मानस के सामने रख उन्हें भक्ति – भावना से सराबोर कर दें रहें। शनिवार की कथा का शुभारंभ श्रीमद भागवत कथा के यजमान संतोष पिल्ले व उनके परिवार द्वारा आरती -पूजा के साथ की गई। कथावाचक महराज जी को पगड़ी पहना कर शुरू की गई कथा में श्री शास्त्री जी ने कपिल मुनि,भक्त ध्रूव की तपस्या सहित जड़ भरत की कथा सुनाई और कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा हमें आध्यात्मिकता की ओर ले जाती हैं। राजा परीक्षित की तरह यह सांसारिक माया-मोह से दूर कर मोक्षता की ओर ले जाती है ।

आत्मा को जगाने से परमात्मा की प्राप्ति
महराज जी ने बताया कि संसार से जुड़े रहने से व्यक्ति ईश्वर से नजदीक नहीं अपितु दूर हो जाता हैं। भगवान कहते हैं कि उनके जितना करीब जाओगे उनसे दूर हो जाओगे। अपने अंदर की आत्मा को जगाओ परमात्मा की प्राप्ति हो जाएगी। श्री शास्त्री जी ने
बताया कि संसार के बारे में सोचने, अनुरक्त रहने से आदमी हायपरटेंशन, डिप्रेशन एंग्जायटी आदि से ग्रस्त हो जाते हैं। शोक चिंता ,दुख जीवन में आती है। संसार के बारे में सोचना बंद कर दे तो संसार सागर से पार हो कर श्री कृष्ण के शरण में चले जाएंगे। आचार्य शास्त्री ने बताया कि कबीर जी कहा करते थे कि “मन ही मिलाते राम से, मन ही कराते फजीत,,।असत्य कभी भगवान को स्पर्श नहीं कर सकता। कथा के दौरान भजनों की प्रस्तुति देते कलाकार,जब काम हो रघुवर का तो बुलंद सितारा है,,,फिर कौन बिगाड़ेगा काम जब श्री राम सहारा है,,, जैसे सुमधुर गान ने भक्ति रस की वर्षा कर दी और श्रोता गण झूम उठे। लेवर कालोनी दशहरा मैदान में नगर निगम नेता प्रति पक्ष संतोष पिल्ले द्वारा अपने पूर्वजों की स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में लोग पधार रहे हैं। इसमें शहर के गणमान्य जनों सहित मुस्लिम बंधु कुतुबुद्दीन सोलंकी, एजाजुल रहमान जैसे लोग श्रीमद्भागवत कथा का रस पान करने में पीछे नहीं है। रविवार को महराज जी द्वारा समुद्र मंथन व भक्त प्रह्लाद चरित सहित मानव अवतार की कथा सुनाई जाएगी।


