हरियाणा राज्यसभा चुनाव में दो सीटों में से एक पर जीत हासिल करने वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में अब अंतर्कलह शुरू हो चुकी है. एक ओर जहां विधायकों के क्रॉस वोट करने को लेकर चर्चा है तो वहीं सवाल यह भी है कि जब मॉक पोलिंग हुई तो उसके बाद भी वोट कैंसिल कैसे हुए?

इन सबके बीच पार्टी विधायक विनेश फोगाट ने प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर की गई पोस्ट में विनेश ने किसी नेता या पदाधिकारी का नाम तो नहीं लिखा है कि लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वह हालिया कार्रवाईयों से खफा हैं.फोगाट ने लिखा कि वोट क्रॉस हुई हो या कैंसिल क्या मंशा दोनों जगह एक जैसी थी यह पार्टी को डिसाइड करना है. ऐसे बिना वजह कुछ नहीं होता कोई किंतु परन्तु नहीं होना चाहिए, इसी सोच के साथ पार्टी को एक्शन लेना चाहिए. अगर गलती क्रॉस करने वालों की है तो कैंसिल करने वालो की भी क्या उतनी ही है यह हमारी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व फैसला ले.
हर बार वार दूसरों के कंधों पर रख कर नहीं होता- विनेश फोगाट
उन्होंने लिखा कि हर बार वार दूसरों के कंधों पर रख कर नहीं होता कुछ अपने भी जयचंद हैं. मॉक ड्रिल इसीलिए करवायी गई थी की कोई गलती ना हो अगर फिर भी यह सब हुआ तो जवाबदेही किसकी?? जिसका जमीर जिंदा हो उसकी कोई कीमत नहीं होती, रखवाली जानवरों की होती है इंसानों की नहीं.
फोगाट ने लिखा कि सजा उसी को मिले जिसने गलती की ईमानदारों के खिलाफ झूठा नैरेटिव बना कर सजा उनको क्यों. यह विचारधारा की लड़ाई है, जनता की अदालत में उनके नाम जाने चाहिए जनता ही उनका आखिरी फैसला ले भविष्य का.
बता दें हरियाणा में विधायक गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी धरने पर बैठ गए थे. आरोप थे कि इन्होंने क्रॉस वोट किया. इन आरोपों से आहत दोनों विधायक धरने पर बैठ गए और जब भूपिंदर सिंह हुड्डा ने उन्हें आश्वस्त करते हुए क्लीन चिट दिया तब वह धरने से उठे.


