NATIONAL : शादी में नाइट्रोजन का धुआं बना काल… दूल्हा-दुल्हन की एंट्री के दौरान 7 साल की मासूम की ले ली जान

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वरमाला की रस्म से पहले वर-वधू की इंट्री के लिए इवेंट मैनेजर ने नाइट्रोजन धुएं वाली सामग्री से भरा ठंडा बर्तन रखा था, ताकि धुएं के बीच फोटो सेशन हो सके. इसी दौरा समारोह में शामिल मासूम वाहिनी गुप्ता उस बर्तन में गिर गई

राजगढ़ जिले के खुजनेर कस्बे में नाइट्रोजन धुएं वाले इवेंट ने 7 साल की मासूम की जान ले ली. विवाह समारोह के दौरान यह इवेंट जानलेवा साबित हुआ, जिसके बाद परिवार और स्थानीय लोग ऐसे खतरनाक इवेंट्स पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं.

घटना 6 मई को हुई, जब वरमाला की रस्म से पहले वर-वधू की इंट्री के लिए इवेंट मैनेजर ने नाइट्रोजन धुएं वाली सामग्री से भरा ठंडा बर्तन रखा था, ताकि धुएं के बीच फोटो सेशन हो सके. इसी दौरा समारोह में शामिल बाढ़गांव की मासूम वाहिनी गुप्ता उस बर्तन में गिर गई और करीब 80 प्रतिशत झुलस गई. उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, फिर गंभीर हालत के कारण इंदौर के अरबिंदो अस्पताल रेफर किया गया. पांच दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शनिवार रात वाहिनी ने दम तोड़ दिया.

वाहिनी के पिता राजेश गुप्ता ने बताया, “हम परिवार के साथ विवाह समारोह में शामिल होने गए थे. वहां केमिकल से भरा बर्तन रखा था, जिसमें वाहिनी खेलते-खेलते गिर गई. प्राथमिक उपचार के बाद हम उसे इंदौर ले गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.” उन्होंने मांग की कि नाइट्रोजन जैसे खतरनाक केमिकल वाले इवेंट्स को तुरंत बंद किया जाए.

मासूम की मौत के बाद परिवार ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए वाहिनी के नेत्रदान का फैसला किया. इस दुखद घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि विवाह समारोहों में नाइट्रोजन जैसे खतरनाक रसायनों का बिना सुरक्षा उपायों के उपयोग कैसे हो रहा है और प्रशासन का इस पर ध्यान क्यों नहीं है.

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी खतरनाक सजावट और इवेंट्स पर सख्त रोक लगाई जाए और कड़ी निगरानी की जाए. वाहिनी की मौत ने न केवल एक परिवार को तोड़ा, बल्कि विवाह समारोहों में दिखावे के लिए अपनाए जा रहे खतरनाक तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

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