पंजाब सरकार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि ऑफिस टाइम के बाद, वीकेंड पर और छुट्टियों के दौरान भी वे अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ न करें.

पंजाब सरकार ने राज्य के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे ऑफिस टाइम के बाद और छुट्टियों के दौरान भी कार्य से संबंधित मामलों के लिए अपने मोबाइल फोन पर उपलब्ध रहें. विशेष सचिव ने 26 अप्रैल को जारी आदेश में कहा कि कई अधिकारियों के ऑफिस टाइम के बाद मोबाइल फोन बंद रहने, नेटवर्क से बाहर होने या फ्लाइट मोड पर होने के कारण जरूरी प्रशासनिक कार्यों में बाधा आती है.
आदेश में कहा गया, ‘ऐसे मामलों में जरूरी प्रशासनिक कार्यों और जनता को सुविधाएं प्रदान करने में परेशानी होती है. सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि वे ऑफिस टाइम के बाद और छुट्टियों में भी मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध रहें.’ इस बीच, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमृतपाल सुखानंद ने सोमवार को कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ऑफिस टाइम के बाद भी जनता के लिए मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध रहने के निर्देश दिए हैं.
उन्होंने एक बयान में कहा कि यह कदम शासन को लोगों के करीब लाने और उनकी चिंताओं का तुरंत समाधान करने की आप की ‘अटूट प्रतिबद्धता’ को दर्शाता है. आप विधायक ने इस पहल के पीछे सरकार के उद्देश्य पर प्रकाश डाला और कहा कि इस पहल से राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, आधार अपडेट और रजिस्ट्री सेवाओं जैसी सार्वजनिक सेवाओं को सुविधाजनक बनाने में सहायता मिलेगी.
पहले भी हो दिया जा चुका है ऐसा आदेश 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी ऐसा ही आदेश जारी किया था. तब सरकार ने कहा था कि कर्मचारियों के मोबाइल बिल सरकार देती है ताकि वे 24 घंटे उपलब्ध रहें. 2012 में पूर्व SAD-BJP सरकार ने कर्मचारियों के लिए मोबाइल भत्ता शुरू किया था. 2020 में अमरिंदर सरकार ने खर्च कम करने के लिए मोबाइल भत्ता आधा कर दिया था.


