पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हाल ही में भारत से सभी पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित करने के सरकारी निर्देश ने गंभीर मानवीय चिंताओं को जन्म दिया है.जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर पाकिस्तानी नागरिकों को भारत से उनके देश भेजे जाने का सिलसिला जारी है. इस बीच पीडीपी प्रमुख और जम्मू कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तानियों को लेकर केंद्र के फैसले पर चिंता जताई है. उन्होंने मोदी सरकार से इस फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है.

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”हाल ही में भारत से सभी पाकिस्तानी नागरिकों को निर्वासित करने के सरकारी निर्देश ने गंभीर मानवीय चिंताओं को जन्म दिया है, खासकर जम्मू और कश्मीर में. प्रभावित होने वालों में कई महिलाएं हैं जो 30-40 साल पहले भारत आई थीं, भारतीय नागरिकों से शादी की, परिवार बनाए और लंबे समय से हमारे समाज का हिस्सा रही हैं.”
उन्होंने आगे लिखा, ”हम सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रति दयालु दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह करते हैं. दशकों से भारत में शांतिपूर्वक रह रहे व्यक्तियों को निर्वासित करना न सिर्फ अमानवीय होगा बल्कि उन परिवारों पर गहरा भावनात्मक और शारीरिक संकट भी डालेगा जो अब कोई दूसरा घर नहीं जानते.”
बता दें कि 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी. हमले के बाद भारत सरकार ने 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों को जारी सभी वीजा रद्द करने की घोषणा की थी.
इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले पर केंद्र सरकार से बेहद सावधानी और सटीकता से प्रतिक्रिया करने की अपील की थी. आतंकवादियों और निर्दोष नागरिकों के बीच अंतर करने की जरूरत पर जोर देते हुए महबूबा मुफ्ती ने क्षेत्र में मतभेद बढ़ाने के बजाय एकता को मजबूत करने वाली कार्रवाई की अपील की थी.


