NATIONAL : चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, पहले दिन 60 हजार श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण

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Char Dham Yatra 2025: चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, पहले दिन 60 हजार श्रद्धालुओं रजिस्ट्रेशन कराया. केदारनाथ धाम के लिए ज्यादा पंजीकरण हुए.

उत्तराखंड में इस वर्ष की चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आज सुबह 7 बजे से शुरू कर दी गई. पहले ही दिन तीर्थ यात्रियों में भारी उत्साह देखने को मिला. दोपहर 1 से 2 बजे तक लगभग 60 हजार श्रद्धालुओं ने यात्रा के लिए पंजीकरण कराया. सरकार को उम्मीद है कि इस बार यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में यात्री शामिल हो सकते हैं. पर्यटन विभाग के अनुसार, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत के कुछ घंटों के भीतर ही हजारों श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा के लिए आवेदन किया.

शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न धामों के लिए रजिस्ट्रेशन की संख्या निम्न रही:

यमुनोत्री धाम: 10,073 यात्रियों ने पंजीकरण कराया
गंगोत्री धाम: 10,328 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन किया
केदारनाथ धाम: 18,961 तीर्थयात्रियों ने नाम दर्ज कराया
बद्रीनाथ धाम: 16,939 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन कराया
हेमकुंड साहिब: 481 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया

एक करोड़ से अधिक तीर्थ यात्रियों के आने का अनुमान
पर्यटन सचिव सचिन कुर्बे ने एबीपी लाइव से बातचीत में बताया कि इस बार यात्रा को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार विशेष तैयारी कर रही है. उन्होंने कहा, “यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है. अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल 80 से 90 लाख या फिर एक करोड़ यात्री चारधाम यात्रा कर सकते हैं. इसे देखते हुए सरकार सुरक्षा, परिवहन और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर गंभीरता से काम कर रही है. चारधाम यात्रा के शुभारंभ में अभी लगभग 40 दिन का समय है, लेकिन सरकार ने अपनी तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी हैं.

पर्यटन सचिव ने बताया कि यात्रा मार्गों पर सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा, मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए आपदा प्रबंधन दलों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है.
राज्य सरकार ने इस बार यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं. इस बार यात्रा मार्ग पर 150 से अधिक मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई जा रही हैं. वहीं, हेलीकॉप्टर और एंबुलेंस सेवाएं भी मुस्तैद रहेंगी.

तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन ट्रैकिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि उनकी स्थिति पर नजर रखी जा सके. यात्रा मार्ग पर वाहनों की सुचारु आवाजाही के लिए अस्थायी पार्किंग, बस स्टॉप और शटल सेवाएं शुरू की जा रही हैं. संभावित आपदाओं से निपटने के लिए एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें यात्रा मार्गों पर तैनात रहेंगी.

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा में पंजीकरण को अनिवार्य किया है. बिना रजिस्ट्रेशन यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी. श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पर्यटन विभाग की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा.

चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. पहले दिन ही 60 हजार से अधिक यात्रियों का रजिस्ट्रेशन होना इसका प्रमाण है. सरकार इस बार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई नए कदम उठा रही है. अनुमान है कि इस बार यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु शामिल होंगे, जिससे उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी. आपको बता दें कि, इस बार गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को खुल रहे हैं, जबकि 2 मई को केदारनाथ धाम और 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं. इसके अलावा 25 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे.

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