महाराष्ट्र में रह रहे 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों में से 1,000 को शॉर्ट टर्म वीजा खत्म होने पर 27 अप्रैल तक देश छोड़ने का आदेश दिया गया है. मेडिकल वीजा धारकों को 29 अप्रैल तक की मोहलत मिली है. यह फैसला पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने लिया है. सभी पाकिस्तानी वीजा रद्द कर दिए गए हैं.

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री योगेश कदम ने शनिवार को जानकारी दी कि राज्य में करीब 5,000 पाकिस्तानी नागरिक रह रहे हैं. इनमें से लगभग 1,000 लोग ऐसे हैं जो शॉर्ट टर्म वीजा पर हैं और उन्हें केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार देश छोड़ने का आदेश दिया गया है.मंत्री कदम ने बताया कि कुछ पाकिस्तानी नागरिक पिछले 8 से 10 वर्षों से भारत में रह रहे हैं. इनमें से कुछ की शादी भारत में हो चुकी है और कुछ ने अपना पाकिस्तानी पासपोर्ट सरेंडर कर भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है.
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में 4,000 लोग लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रहे हैं, जिनमें से लगभग 1,000 लोग SAARC वीजा पर हैं. ये लोग फिल्मी काम, चिकित्सा, पत्रकारिता या निजी कारणों से आए हैं.योगेश कदम ने कहा कि जिनके पास शॉर्ट टर्म वीजा है, उन्हें 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है. वहीं, जिन पाकिस्तानी नागरिकों के पास मेडिकल वीजा है, उन्हें दो दिन की अतिरिक्त मोहलत दी गई है और वे 29 अप्रैल तक रह सकते हैं.
यह कार्रवाई हाल ही में 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की जा रही है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी. इस घटना के बाद भारत सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों के मौजूदा वीजा रद्द करने का फैसला लिया है.विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि 27 अप्रैल से सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा अमान्य हो जाएंगे, जबकि मेडिकल वीजा वाले 29 अप्रैल तक भारत में रह सकते हैं.
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते जम्मू-कश्मीर के अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के पास बसे गांवों में लोगों ने सतर्कता बढ़ा दी है. गांवों में लोग अपने-अपने बंकरों की सफाई कर रहे हैं और गेहूं की फसल भी जल्दी काटने में जुटे हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित रह सकें.


