Monday, March 30, 2026
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NATIONAL : मैं जिंदगी से…’, खगड़िया में नर्स ने की आत्महत्या, महिला थानाध्यक्ष सहित 4 लोगों पर लगाया आरोप

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खगड़िया में एक नर्स ने बीते गुरुवार (12 फरवरी, 2026) की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. उसकी पहचान बेगूसराय के लोहिया नगर निवासी नंद कुमार सिंह की पुत्री भवानी कुमारी (उम्र 35-36 साल) के रूप में की गई. भवानी खगड़िया सदर अस्पताल में नर्स थी. आत्महत्या से पहले उसने सुसाइड नोट लिखा जिसमें बेगूसराय की महिला थानाध्यक्ष सहित चार लोगों पर गंभीर आरोप लगाया है.

भवानी की शादी पिछले साल (2024) मुजफ्फरपुर में हुई थी. गुरुवार की सुबह अपने मायके से अस्पताल के लिए निकली थी. पिता नंद कुमार सिंह ने कहा कि दोपहर में उसे फोन किया गया था तो नहीं उठाई थी. शाम तक जब उसने फोन भी नहीं किया तो चिंता होने लगी. इसके बाद घर के खगड़िया स्थित उसके सरकारी आवास पर पहुंचे. दरवाजा अंदर से बंद था. स्थानीय थाने को सूचना दी गई. इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो भवानी फंदे से लटकी हुई थी.

भवानी ने सुसाइड नोट में अपने पति दिव्य प्रकाश सहित उसके पिता, भाई (देवर) पर गंभीर आरोप लगाया है. लिखा है कि पति मारपीट करता है. गाली-गलौज करता है. यहां तक कि खगड़िया सदर अस्पताल में भी आकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता था. कई बार गला दबाकर हत्या करने का भी प्रयास कर चुका है. भवानी ने सुसाइड नोट में बेगूसराय महिला थानाध्यक्ष पर आरोप लगाया कि जब भी वो शिकायत के लिए गई आवेदन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.


भवानी ने मां को संबोधित करते हुए सुसाइड नोट में लिखा है, “मैं अब जिंदगी से ऊब चुकी हूं. अब मुझसे ये बर्दाश्त नहीं होगा इसलिए अब मैं जा रही हूं. मेरे मरने के बाद मेरे शरीर को ससुराल पक्ष को नहीं देना. मेरे खाते में जो पैसा है उस पैसे को दोनों भाई और बहन के काम में लगा देना. इसके बाद जो पैसा बचेगा उसे अनाथ आश्रम में दे देना.”

इस मामले में चित्रगुप्त थानाध्यक्ष चंद्रकांत ने बताया कि दरवाजा तोड़कर देखा गया तो भवानी कुमारी गले में फंदा लगाकर झूल रही थी. एफएसएल की टीम आज (शुक्रवार, 13 फरवरी, 2026) सुबह आकर जांच कर रही है. इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. अभी तक परिजनों की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. आवेदन के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी.

NATIONAL : दिल्ली में वेलेंटाइन डे मनाने वाले हो जाएं सावधान, VHP ने लव जिहाद के षडयंत्र को लेकर किया आगाह

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विश्व हिंदू परिषद के नेता सुरेंद्र गुप्ता ने हिन्दू समाज का आह्वान करते हुए लव जिहाद से सावधान रहने का अपील की और कहा कि वैलेंनटाइन डे की आड़ में लव जिहाद से बचना चाहिए.

विश्व हिंदू परिषद ने दिल्ली में वैलेंटाइन डे पर लव जिहाद करने वालों को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि वो किसी उत्सव के विरोधी नहीं हैं लेकिन आज प्रेम की आड़ में लव जिहाद का षडयंत्र चल रहा है, जहां हमारी भोली-भाली बहनों को जाल में फंसाया जा रहा है. ऐसे लोगों से सावधान रहे.

वीएचपी इंद्रप्रस्थ (दिल्ली) के प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने वैलेंटाइन डे को लेकर हिंदू समाज के लिए एक अहम संदेश जारी किया और कहा कि विश्व हिन्दू परिषद किसी विशेष ‘डे’ या उत्सव को मनाने के विरोध में नहीं है, अपितु इसके नाम पर परोसी जा रही पाश्चात्य अश्लीलता, सार्वजनिक स्थलों पर फूहड़ता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के हनन के सख्त खिलाफ है.

हिंदू समाज को सचेत करते हुए सुरेंद्र गुप्ता ने दावा किया आजकल हिन्दू महिलाओं को फंसाकर दूसरे धर्मों के लोग लव जिहाद कर रहे हैं. ऐसे लोगों को महिलाओं को सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आज के दौर में प्रेम की आड़ में ‘लव जिहाद’ का एक बड़ा षड्यंत्र चल रहा है, जहां विधर्मी तत्व अपनी पहचान छिपाकर और झूठे प्यार का स्वांग रचकर हमारी भोली-भाली बहनों को जाल में फंसा रहे हैं.

वीएचपी नेता ने आह्वान किया कि यदि किसी भी हिंदू बहन को किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो या कोई विधर्मी उसे प्रताड़ित कर रहा हो, तो वह बिना किसी संकोच के बजरंग दल या विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं से संपर्क कर सकती है. उनकी निजता का पूरा ख्याल रखा जाएगा.

उन्होंने पूर्ण विश्वास दिलाया कि वीएचपी या बजरंग दल के पास सहायता मांगने वाली बहनों की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी और समाज की मर्यादा एवं सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे विधर्मियों का संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा ‘समुचित इलाज’ सुनिश्चित किया जाएगा.

SPORTS : टी20 वर्ल्ड कप में भारत की 5 सबसे बड़ी जीत, कब-किसे और कितने रन से टीम इंडिया ने हराया

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भारत और नामीबिया के बीच आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार यानी 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया, जिसे टीम इंडिया ने 93 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया.

भारत और नामीबिया के बीच आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार यानी 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया, जिसे टीम इंडिया ने 93 रन के बड़े अंतर से अपने नाम किया. इसी के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट का अपना लगातार दूसरा मुकाबला भी जीता. टीम इंडिया की अब तक इस टी20 वर्ल्ड कप में अच्छी शुरुआत रही है. इस टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में भारत ने अमेरिका को 29 रनों से हराया था. ऐसे में यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रनों के मामले में भारत की 5 सबसे बड़ी जीत कौन सी रही है.

टी20 वर्ल्ड कप में भारत की 5 सबसे बड़ी जीत

  1. भारत बनाम नामीबिया – 93 रन

भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में जारी आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया ने रनों के मामले में सबसे बड़ी जीत हासिल की. नामीबिया के खिलाफ दिल्ली में भारतीय टीम ने 93 रन की बड़ी जीत दर्ज की है और ये भारत की टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रनों के मामले में सबसे बड़ी जीत बन गई है.

  1. इंग्लैंड बनाम भारत – 90 रन

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2012 में भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया था. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लिश टीम को 90 रन के बड़े अंतर से हराया था. ये भारत की टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रनों के मामले में दूसरी सबसे बड़ी जीत है.

  1. भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया – 73 रन

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2014 में मीरपुर में मुकाबला खेला गया था. इस मुकाबले को टीम इंडिया ने 73 रन से अपने नाम किया था, जो भारत की टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रनों के मामले में तीसरी सबसे बड़ी जीत है.

  1. जिम्बाब्वे बनाम भारत – 71 रन

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया को 71 रनों से जीत मिली थी. इस मुकाबले को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया था. जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली 71 रन की जीत भारत की टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रनों के मामले में चौथी सबसे बड़ी जीत है.

  1. भारत बनाम इंग्लैंड – 68 रन

भारत और इंग्लैंड के बीच आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2024 का सेमीफाइनल मुकाबला प्रोविडेंस में खेला गया था. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने अंग्रेजों को 68 रन से हराया था, जो भारत की टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में रनों के मामले में पांचवीं सबसे बड़ी जीत है.

BUHAR : पटना में कोचिंग की छत से गिरकर छात्रा की मौत, परिजनों ने किया हत्या का दावा

पटना के फुलवारी शरीफ स्थित कोचिंग सेंटर की छत से गिरकर 12वीं की छात्रा की मौत हो गई. परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है.

बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ स्थित कोचिंग की छत से गिरकर संदिग्ध परिस्थिति में 12वीं के छात्रा की मौत का मामला सामने आया है. मामले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें छात्रा छत से गिरती नजर आ रही है. सबूतों को जुटाने में जुटी FSL सहित डॉग स्क्वायड की टीम लगातार एक्टिव है. जांच के लिए फुलवारी शरीफ SDPO-1 के नेतृत्व में टीम गठित की गई है.

मामला पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र अंतर्गत एम्स गोलंबर के पास एक कोचिंग सेंटर का है. सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि दो लड़के सीढ़ी पर जाते दिख रहे हैं, थोड़ी देर बाद छात्रा छत से नीचे गिरती है. तीन-चार की संख्या में छत के सीढ़ी से उतरे छात्र दिख रहे हैं. मामले के बाद आनन-फानन मे घायल अवस्था में छात्रा को तत्काल पटना एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

मृतका के भाई प्रियांशु ने बताया, “कोचिंग से मेरे पास कॉल आया था कि आपकी बहन चक्कर खाकर गिर गई है और पटना एम्स में भर्ती है. इसके बाद हम लोग पटना एम्स पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया. इसके बाद हम लोगों ने दाह संस्कार करने की तैयारी करने लगे थे. इसी बीच बहन के शरीर पर चोट का निशान देखकर हम लोगों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी. मेरी बहन की हत्या की गई है.”

परिजनों ने घटना को हत्या करार देते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतका के भाई का कहना है कि दो लड़के उनकी बहन को कोचिंग के तीसरे तल्ले पर ले गए और वहां से नीचे फेंक दिया. परिजनों का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है. उन्होंने बताया कि छात्रा के गिरते ही वे दोनों युवक नीचे दौड़ते हुए आए.

इसके अलावा, छात्रा के पिता सतेंद्र राय ने बताया कि मेरी बच्ची सुबह 8:00 बजे ऑटो से कोचिंग पढ़ने आई थी. पीछे से तीन लड़के छत पर गए और जबरदस्ती मेरी बच्ची को तीन मंजिला पर ले जाकर मार दिया और छत से गिरा दिया. मेरी बच्ची के गला, कमर और हाथ में चोट के निशान हैं. उसकी हत्या की गई है.

परिवार के द्वारा हत्या के आरोप के बाद मामला और गंभीर हो गया है. फुलवारी शरीफ एसडीपीओ 1 सुशील कुमार ने बताया कि फुलवारी एम्स गोलंबर से आगे नवनिर्मित अपार्टमेंट है, जिसमें एक रूम में कोचिंग चलती है. सुबह करीब 8 से 9 बजे के आसपास इंटर की छात्रा आती हैं और भी छात्र-छात्राएं कोचिंग आते हैं. करीब 10 से 15 मिनट के बाद वीडियो फुटेज में देखा जा रहा है कि छत से गिरते हुए वीडियो देखा गया है. घटनास्थल को सुरक्षित किया गया है, जांच टीम को बुलाया गया है.

सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस को जैसे ही जानकारी हुई डेड बॉडी को कब्जे में लेकर एम्स पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. जांच की जा रही है. तीन लोगों को पूछताछ के लिए डिटेन किया गया है. सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही, कोचिंग के संचालक और मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है.

मामले पर विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने कहा, “लड़की को छत से फेक दिया गया. आरोपियों पर कारवाई होनी चाहिए. पुलिस कुछ नहीं कर रही है. हर रोज हत्या, अपहरण और रेप हो रहा है. सम्राट चौधरी बोले थे एक अगर अपराध नहीं रुकेगा तो एक दिन में इस्तीफा दे देंगे. कहां दे रहे हैं.

WORLD : तारिक रहमान की पार्टी BNP ने बांग्लादेश में दर्ज की बंपर जीत, भारत से पहुंची बधाई, पीएम मोदी बोले- ‘एक साथ मिलकर…’

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पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की बड़ी जीत पर पार्टी नेता तारिक रहमान को बधाई दी है. पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि यह जीत तारिक रहमान के नेतृत्व पर बांग्लादेश की जनता के भरोसे को दिखाती है.पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि वह तारिक रहमान के साथ मिलकर भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को और मजबूत करने और दोनों देशों के साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करने को लेकर उत्सुक हैं.

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान ने 13वें संसदीय चुनाव में जीत का दावा किया है. तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे हैं. उन्होंने 9 जनवरी को अपनी मां के निधन के कुछ समय बाद पार्टी की कमान औपचारिक रूप से संभाली थी.बांग्लादेश में 2024 के बड़े आंदोलन के बाद 12 फरवरी को पहली बार राष्ट्रीय चुनाव हुए. इसे देश की राजनीति के लिए बहुत अहम माना जा रहा है. ये चुनाव अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस की निगरानी में कराए गए. इस बार लोगों ने दो तरह से वोट डाले. एक वोट नई संसद चुनने के लिए और दूसरा वोट संविधान में होने वाले बदलावों, यानी जुलाई चार्टर, पर अपनी राय देने के लिए.

तारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और उन्होंने दोनों ही सीटें ढाका 17 और बोगुरा 6 जीत ली हैं. वहीं दूसरी तरफ, अवामी लीग को इस चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिली. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो इस समय देश से बाहर हैं, उन्होंने इस चुनाव को सिर्फ एक दिखावा बताया है.

RAJASTHAN : भीलवाड़ा में शराब सझकर पी लिया बर्तन धोने का लिक्विड, तीन महिलाओं समेत 4 की मौत

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जानकारी के अनुसार रतन पुत्र मसरिया कंजर, सुशीला देवी, जमनी देवी पत्नी शंकर कंजर और बदामी देवी ने तीन दिन पहले आलोली में शैतान सिंह के एक शादी समारोह में बर्तन धोने का ठेका लिया था.

राजस्थान प्रदेश के भीलवाड़ा जिले की गंगापुर थाना क्षेत्र के आलोली गांव में एक शादी समारोह का काम खत्म कर घर लौटे चार श्रमिकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि चारों ने बर्तन साफ करने वाले घातक रासायनिक तरल पदार्थ (लिक्विड) को शराब समझकर सेवन कर लिया.

माधोपुरा गांव में कोहराम काम खत्म कर घर लौटे थे चार श्रमिक, अनजाने में गटक लिया काल प्रशासन और आबकारी महकमे में हड़कंप चारों ने बर्तन साफ करने वाले घातक रासायनिक तरल पदार्थ (लिक्विड) को शराब समझकर पी लिया. देर रात तबीयत बिगड़ने पर तीन ने गंगापुर अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि एक महिला की भीलवाड़ा के महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद सनसनी फैल गई है और जिला कलेक्टर जसमीत सिंह सिंधु, जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव मौके पर पहुंचे. मौके पर एफएसएल की टीम भी पहुंची.

जानकारी के अनुसार रतन (पुत्र मसरिया कंजर), सुशीला देवी, जमनी देवी (पत्नी शंकर कंजर) और बदामी देवी ने तीन दिन पूर्व आलोली में शैतान सिंह के एक शादी समारोह में बर्तन धोने का ठेका लिया था. काम पूरा होने के बाद वे वहां से बर्तन साफ करने वाला लिक्विड शराब समझ कर अपने साथ घर ले आए. पुलिस का अनुमान है कि नशे की ललक में उन्होंने इसे शराब समझकर सेवन कर लिया, जिसके कारण चारों की मौत हो गई.

इस हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली. पुलिस ने शवों को मोर्चरी में रखवाया है. सामूहिक मौत की इस खबर से पुलिस, प्रशासन और आबकारी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. पुलिस का मानना है कि प्रथम दृष्टया मामला बर्तन धोने के केमिकल को शराब समझकर पीने का लग रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी. फिलहाल दोषियों और अवैध एसिड विक्रेताओं से पुछताछ की जा रही है.

GUJARAT : ‘देवर से कराओ IVF…’, संतान प्राप्ति के लिए ससुरालवालों ने महिला डॉक्टर को किया प्रताड़ित

अहमदाबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. जहां महिला डॉक्टर को देवर के स्पर्म से आईवीएफ कराने के लिए मजबूर किया गया. जिससे प्रताड़ित होकर महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

हम भले ही 21वीं सदी में आगे बढ़ रहे हो पर कुछ चीजें आज भी नहीं बदली हैं. ऐसा हम गुजरात के अहमदाबाद से आए एक मामले की वजह से कह रहे हैं. क्योंकि यहां वारिस की चाहत के लिए ससुरालवालों से परेशान महिला डॉक्टर को आखिरकार पुलिस के पास जाना पड़ा. क्योंकि महिला को ससुराल वालों की तरफ से अपने देवर से आईवीएफ कराने के लिए मजबूर किया जा रहा था.

मेडिकल जांच में पता चला था कि शादी के बाद उसका पति पिता बनने के योग्य नहीं है. बच्चे की चाहत में महिला डॉक्टर के ससुर जो पुलिस में पीएसआई हैं, वह भी अक्सर उसे धमकाते रहते थे. वहीं जब महिला ने मना किया तो उसके साथ मारपीट भी की गई. इस पूरे मामले को लेकर महिला ने पति समेत ससुराल के अन्य लोगों पर भी एफआईर दर्ज कराई है.

पीड़ित महिला ने बताया कि वह सरकारी डॉक्टर है. उसका पति भी सरकारी विभाग में कार्यरत है. उनकी शादी साल 2023 में हुई थी. शादी के तीन महीने बाद पति का अपनी पत्नी से हाथ पर बने टैटू को लेकर झगड़ा हुआ. जिसके बाद पत्नी ने पति का फोन चेक किया और उसमें कई महिलाओं के साथ चैट मिलीं. महिला को उसके ससुर जो खुद भी पुलिस अधिकारी हैं, उसे धमकी दे रहे थे कि पुलिस में भी जाएगी तो कुछ नहीं होगा.

शादी के लगभग एक साल बाद जब महिला को संतान नहीं हुई, तो उसके पति ने मेडिकल जांच करवाई. जिसमें पता चला कि वह पिता बनने में सक्षम नहीं है. जिसके बाद ससुराल वालों के दबाव में आकर महिला ने आईवीएफ करवाने की प्रक्रिया शुरू की. तीन असफल प्रयासों के बाद ससुराल वालों ने लड़की को उसके देवर के शुक्राणु से आईवीएफ कराने के लिए मजबूर किया. जब लड़की ने इनकार किया तो पति ने उसे अप्राकृतिक संबंध बनाने के लिए विवश किया. हालांकि इस पर भी महिला ने मना कर दिया. कुछ समय पहले पति ने ट्रेनिंग के लिए सौराष्ट्र जाने का बहाना बनाया था, लेकिन जब पत्नी को अपने पति का विदेश यात्रा का टिकट मिला, तो उसने फोन नहीं उठाया.

इसके बाद पत्नी के ससुर अस्पताल पहुंचे और बहू से झगड़ा किया. ससुर ने यह बहाना बनाकर उसे धमकाया कि उसका बेटा केरल गया है. जब पत्नी ने अपने पति का पता लगाया तो उसे पता चला कि वह थाईलैंड में है. इसकी जांच के लिए वह अपने पति के ऑफिस भी गई. जहां पता चला कि पति 15 दिन की छुट्टी पर गया था.

इस दौरान ससुर ने डॉक्टर महिला को उसके कार्यालय जाने को लेकर भी धमकाया था. इसी बीच एक दिन उसके पति ने अचानक महिला को घर बुलाया. जब वह घर पहुंची तो उसका कमरा बंद था. जैसे ही उसने ताला खोलकर कमरे में प्रवेश किया उसकी सास, देवर और अन्य लोगों ने उसके बाल पकड़कर उसे लाठियों और घूंसे से पीटा. जब ससुराल वालों ने लड़की को घसीटकर बाहर निकाला तो वह भागकर पास वाले घर में चली गई.

आखिरकार महिला हेल्पलाइन अभयम की मदद से उसे समझाया गया और अंत में महिला ने अपने पति, ससुर, देवर और सास के खिलाफ वेजलपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

NATIONAL : सिंधिया के पीठ फेरते ही ‘काजू-बादाम’ पर टूट पड़े नेता… किसी ने जेब में भरे, कोई मुट्ठियों में दबा ले गया

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शिवपुरी के एक शादी समारोह से सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसने नेताओं की अनुशासन वाली छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के होटल से निकलते ही वहां मौजूद स्थानीय नेताओं ने मर्यादा छोड़ काजू-बादाम पर धावा बोल दिया.मध्य प्रदेश के शिवपुरी से एक रोचक मामला सामने आया है. शहर में आयोजित एक शादी समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खाने के लिए रखे गए सूखे मेवे समर्थकों ने लूट लिए. यह वाकया सिंधिया के पीठ फेरते हुआ. अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

दरअसल, शहर के एक होटल में आयोजित शादी समारोह में केंद्रीय मंत्री सिंधिया के स्वागत के लिए भव्य तैयारी की गई थी. टेबल पर मेहमानों और खास तौर से ‘महाराज’ के लिए ड्राई फ्रूट्स की सजी-धजी प्लेटें रखी गई थीं.खास बात यह है कि जब तक सिंधिया वहां मौजूद रहे, सभी नेता हाथ जोड़े और अनुशासन में खड़े नजर आए. कुछ देर शादी में रुकने के बाद जब सिंधिया उठे तो उनके जाते ही नेताओं और कार्यकर्ताओं में ड्राई फ्रूट्स लूटने की होड़ सी मच गई.

सिंधिया समर्थकों और बीजेपी नेताओं ने ड्राई फ्रूट्स उठाकर मुट्ठी भरी तो तो कोई प्लेट खाली कर अपनी जेबें गरम करने में जुटा था. यह नजारा किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया. अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. इस नजारे को देखकर वहां मौजूद अन्य मेहमान भी दंग रह गए. अब सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को लेकर तंज कस रहे हैं और चटखारे भरे कैप्शन के साथ शेयर कर रहे हैं.

ENTERTAINMENT : जेल में बंद राजपाल यादव को क्यों चाहिए जमानत? वकील ने बताया बड़ा कारण

राजपाल यादव 7 दिन से जेल में बंद थे। सुनवाई हुई लेकिन रिहाई नहीं मिली है। 16 फरवरी को एक बार फिर इस पूरे मामले में कोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा। इसी बीच राजपाल यादव को बाहर आते ही क्या करना है इसका खुलासा हो गया है। इस बड़ी वजह से एक्टर बाहर आना चाहते हैं।

राजपाल यादव को 7 दिन बाद सुनवाई के बाद भी रिहाई नहीं मिली है। 16 फरवरी को एक बार फिर इस पूरे मामले में कोर्ट में फैसला सुनाया जाएगा। इसी बीच राजपाल यादव को बाहर आते ही क्या करना है इसका खुलासा हो गया है। इस बड़ी वजह से एक्टर बाहर आना चाहते हैं।
राजपाल यादव की रिहाई पर होगी 16 फरवरी को सुनवाई

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव की रिहाई का इंतजार थोड़ा और लंबा हो गया है। जिस समय उनके फैंस और इंडस्ट्री के दोस्तों को लगा था कि एक्टर को बेल मिल जाएगी, वहीं हुआ उसका उलट। गुरुवार को जब दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई तो विपक्षी पक्ष द्वारा जवाब दाखिल न किए जाने के कारण अदालत ने मामले को सोमवार तक के लिए टाल दिया है। जैसे ही ये खबर आई हर कोई हैरान रह गया, लेकिन इसी बीच एक्टर को जमानत क्यों चाहिए इसकी बड़ी वजह सामने आ रही है।

राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। जिसके बाद वह जेल में और और फिर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद राजपाल यादव के वकील भास्कर उपाध्याय ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि वह आज भी अदालत में 50 लाख रुपये का चेक लेकर पहुंचे थे। वकील ने दावा किया कि राजपाल ने कभी भी पैसा वापस करने से मना नहीं किया। उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा, “फाइनेंसर कंपनी ने एक फिल्म में 5 करोड़ का निवेश किया था। एक समय ऐसा भी आया जब विपक्षी पार्टी ने खुद तय समय पर पैसा लेने से इनकार कर दिया था।”

पति राजपाल यादव को जेल में बंद 7 दिन हो गए हैं। ऐसे में उनकी पत्नी राधा ने अब मीडिया के सामने आकर बात की है। वहीं, आज राजपाल यादव की कोर्ट में सुनवाई है, जिसमें फैसला हो सकता है कि वह बाहर आएंगे या नहीं…

भास्कर उपाध्याय ने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि मामले की सुनवाई मेरिट के आधार पर हो। हमने अदालत से गुजारिश की है कि हमें जेल में राजपाल से मिलकर निर्देश लेने की अनुमति दी जाए। हम पैसा जमा करने को तैयार हैं, बस सच्चाई सामने आनी चाहिए।”

NATIONAL : जिम खाली हुआ तो सुप्रीम कोर्ट के 12 वरिष्ठ वकील बने ‘मोहम्मद दीपक’ का सहारा, ऐसे की मदद

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उत्तराखंड के कोटद्वार में हुल्क जिम चलाने वाले मोहम्मद दीपक को एक विवाद के बाद भारी नुकसान हुआ है. जिम के सदस्य घटकर 12 से 15 रह गए हैं. अब सुप्रीम कोर्ट के करीब 12 वरिष्ठ वकीलों ने एक साल की सदस्यता लेकर दीपक के समर्थन में कदम उठाया है.उत्तराखंड के कोटद्वार में हुल्क जिम के मालिक दीपक कुमार के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के करीब एक दर्जन वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आगे आकर सदस्यता खरीदी है. सूत्रों के अनुसार विवाद के बाद दीपक का जिम लगभग खाली हो गया था और उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ.

दीपक कुमार ने पहले बताया था कि उनका जिम कभी 150 से ज्यादा सदस्यों वाला एक व्यस्त केंद्र था. लेकिन एक दुकान के नाम को लेकर हुए विवाद के बाद सदस्य संख्या घटकर सिर्फ 12 से 15 रह गई है. उन्होंने कहा कि लगातार तनाव के कारण उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ा है.एक वकील के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के करीब 12 वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने जिम की एक साल की सदस्यता ली है. इसके लिए उन्होंने 10 हजार रुपये प्रति सदस्य शुल्क दिया. सदस्यता कार्ड उन स्थानीय युवाओं को दिए जाएंगे जो फीस नहीं दे सकते.

दीपक को कुछ अन्य अधिवक्ताओं ने मुफ्त कानूनी सहायता देने की पेशकश भी की है. वकीलों का कहना है कि कानूनी समुदाय दीपक के साथ एकजुटता दिखा रहा है. यह विवाद 26 जनवरी को शुरू हुआ था जब बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार के पटेल मार्ग पर बाबा नाम की कपड़ों की दुकान के बाहर प्रदर्शन किया था.

दुकान के मालिक वकील अहमद पर नाम बदलने का दबाव बनाया जा रहा था. प्रदर्शन के दौरान झड़प हुई थी, जिसमें दीपक कुमार ने खुद को ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हुए विरोध कर रहे लोगों को पीछे हटने पर मजबूर किया था. इसके बाद हिंदू रक्षा दल के एक वायरल वीडियो से चिंता बढ़ी, जिसमें 12 फरवरी को कोटद्वार पहुंचकर दीपक को सबक सिखाने की धमकी दी गई थी. स्थानीय प्रशासन ने मामले में सख्त निगरानी बनाए रखी है.

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