Monday, February 9, 2026
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Bihar Assembly Elections 2025: दशरथ मांझी के बेटे ने बदला पाला, भागीरथ मांझी ने थामा कांग्रेस का हाथ

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बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। माउंटेन मैन के नाम से प्रसिद्ध दशरथ मांझी के बेटे भागीरथ मांझी अब कांग्रेस पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। यह कदम बिहार के महादलित समाज को साधने के लिए कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, खासकर मांझी समाज को अपने पक्ष में लाने के लिए।

क्या महादलित और पिछड़ा समाज को साधने की कोशिश

भागीरथ मांझी के साथ-साथ पूर्व राज्यसभा सांसद अली अनवर और कुम्हार समाज के नेता मनोज प्रजापति भी कांग्रेस पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। ये तीनों नेता महादलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ा समाज से आते हैं, जिनका प्रभाव बिहार के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। कांग्रेस इन नेताओं को पार्टी में शामिल करके एक स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि वह बिहार विधानसभा चुनाव के लिए गंभीर है और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का इरादा रखती है।

जेडीयू में नजरअंदाजी के बाद पाला बदलने का कारण

भागीरथ मांझी ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जेडीयू में शामिल होने का फैसला किया था। हालांकि, अब वे कांग्रेस का दामन थामने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जेडीयू में उन्हें उपेक्षित महसूस हो रहा था, जिससे उनके राजनीतिक कदम में यह बदलाव आया। 18 जनवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पटना दौरे के दौरान भागीरथ मांझी को सम्मानित किया था। इस अवसर के बाद यह संभावना जताई जा रही थी कि भागीरथ मांझी जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं, और अब उन्होंने अपनी पार्टी बदलने का फैसला ले लिया है।

दशरथ मांझी का राजनीतिक प्रभाव और कांग्रेस का रणनीतिक कदम

भागीरथ मांझी का राजनीतिक प्रभाव खासतौर पर गया जिले में मजबूत है, जहां पर उनकी पहचान महादलित और मुसहर जाति के नेता के रूप में है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का भी इस क्षेत्र में प्रभाव है, और भागीरथ मांझी को उनके खिलाफ एक मजबूत विरोधी के तौर पर देखा जाता है। कांग्रेस इस कदम से महादलित और पिछड़ा समाज को अपने पक्ष में लाने की कोशिश करेगी, ताकि विधानसभा चुनाव में उनकी स्थिति मजबूत हो सके।

कांग्रेस के लिए यह कदम क्यों अहम है?

कांग्रेस पार्टी के लिए यह कदम बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, क्योंकि बिहार में महादलित समाज और पिछड़ी जातियों का समर्थन चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। इसके अलावा, अगले महीने कांग्रेस ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान सम्मेलन’ का आयोजन करने जा रही है, जो बिहार के मतदाताओं के बीच कांग्रेस की पकड़ मजबूत करने का एक बड़ा प्रयास है। चंपारण से इस सम्मेलन की शुरुआत हो सकती है, जिससे कांग्रेस के चुनावी अभियान को और बल मिलेगा।

छत्तीसगढ़ वासियों के लिए Good News : प्रयागराज के लिए चलेगी ‘कुंभ’ स्पेशल ट्रेन, शैड्यूल जारी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित ‘महाकुंभ’ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा छत्तीसगढ़ से प्रयागराज के लिए एक कुंभ स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। यह ट्रेन मंगलवार शाम एकतरफा एक फेरे के लिए यात्रा के लिए उपलब्ध होगी। यह स्पेशल ट्रेन 14 कोच की होगी। तथा इसका ठहराव उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी, मैहर एवं सतना स्टेशनों में दी जाएगी। इस गाड़ी की समय-सारणी और अन्य विवरण जल्द ही दिए जाएंगे। यात्रियों से अनुरोध है कि वे इस सुविधा का लाभ उठाएं। रेलवे सभी श्रद्धालुओं को सुखद और सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं देता है।

इंदौर ट्रैफिक पुलिस में पदस्थ लेडी कांस्टेबल ने की आत्महत्या, घर में लटका मिला शव

इंदौर शहर में आत्म हत्याओं का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र से हैं। जहां कुम्हारखाड़ी में रहने वाली ट्रैफिक पुलिस में पदस्थ लेडी कांस्टेबल ने अपने ही घर में फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। लेडी कांस्टेबल ने आत्महत्या क्यों की पुलिस जांच में जुट गई है।

इंदौर के ट्रैफिक पुलिस में पदस्थ लेडी कांस्टेबल मानसी सतना की रहने वाली है। लेडी कांस्टेबल चार माह से सिर और पेट की बीमारी का उपचार करा रही थी और काफी परेशान थी। जिसके कुछ मेडिकल डॉक्यूमेंट भी मौके से मिले हैं इसी के साथ मृतिका मानसी के परिजनों ने पुलिस को बताया कि संभवतः किसी से प्रेम संबंध भी चल रहा था जिसके चलते मानसी द्वारा आत्महत्या जैसा कदम उठाया होगा। जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है बहरहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

महाकुंभ में शामिल होने जा रहे श्रद्धालुओं की कार ट्राले से टकराई, 3 की मौत, 3 गंभीर घायल

मध्य प्रदेश के सागर में मंगलवार तड़के बड़ा हादसा हो गया जहां एक तेज रफ्तार कार ट्राले से टकरा गई। इस हादसे में 3 लोगों की जान चली गई। कार सवार लोग प्रयागराज महाकुंभ में शामिल होने जा रहे थे। हादसा जिले के राहतगढ़ थाना क्षेत्र के मसुरहाई तिराहा के पास हुआ। हादसा इतना भयानक था कि वाहन में सवार 6 लोगों में से 3 की मौत हो गई। वहीं 3 लोग घायल हुए हैं।

जानकारी के मुताबिक, सभी धार से प्रयागराज जा रहे थे। तड़के सुबह 3 बजे मसुरहाई तिराहे के पास उनकी कार ट्राले से टकरा गई। हादसे में मतकों के शव दरवाजे काटकर बाहर निकालने पड़े। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस और स्थानीय लोग पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।

Mahakumbh में Punjabi Singer Singga, तस्वीरें आई सामने

पंजाबी गायक सिंगा ने अपनी गायकी से देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी पंजाबियों का दिल जीता है।

कलाकार अक्सर अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए फैंस के बीच एक्टिव नजर आते हैं, लेकिन इस बीच कलाकार ने ऐसी तस्वीरें शेयर कर दी हैं, जिससे फैंस के बीच हलचल मच गई है। दरअसल आस्था के महाकुंभ में मशहूर हस्तियों का आना जारी है। हाल ही में गायक सिंघा महाकुंभ मेले में पहुंचे, जहां वह अपनी नई फिल्म की शूटिंग करने पहुंचे हैं। आइए आपको तस्वीरों में दिखाते हैं गायक सिंगा की एक झलक, जो काफी वायरल हो रही है।

Credit cards के इस्तेमाल में जबरदस्त बढ़ोतरी, जानें देश में क्या है Debit Card का स्टेटस

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भारत में बचत की प्रवृत्ति के बावजूद क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच सालों में क्रेडिट कार्ड की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा होकर लगभग 10.80 करोड़ हो गई है। दिसंबर 2019 में जहां 5.53 करोड़ क्रेडिट कार्ड प्रचलन में थे, वहीं दिसंबर 2024 के अंत तक यह आंकड़ा 10.80 करोड़ को पार कर गया। इसके विपरीत, डेबिट कार्ड की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है, जो दिसंबर 2019 के 80.53 करोड़ से बढ़कर दिसंबर 2024 में 99.09 करोड़ पर पहुंची।

डिजिटल लेन-देन ने लगाई जबरदस्त छलांग

आरबीआई रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले दशक में भारत में डिजिटल भुगतान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कैलेंडर वर्ष 2013 में 222 करोड़ डिजिटल लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 772 लाख करोड़ रुपए था, जबकि कैलेंडर वर्ष 2024 में यह मात्रा में 94 गुना और मूल्य में 3.5 गुना से ज्यादा बढ़कर 20,787 करोड़ से अधिक लेन-देन हो गए, जिनका मूल्य 2,758 लाख करोड़ रुपए है। दिसंबर 2024 की भुगतान प्रणाली रिपोर्ट में बताया गया है कि बीते पांच वर्षों में ही भारत में डिजिटल भुगतान की मात्रा में 6. 7 गुना और मूल्य में 1. 6 गुना बढ़ोतरी हुई है। यह डिजिटल भुगतान की मात्रा के मामले में 45. 9 प्रतिशत और डिजिटल भुगतान के मूल्य के मामले में 10. 2 प्रतिशत की पांच साल की सीएजीआर है।

सीमा पार भुगतान को बढ़ाने की दिशा में काम

रिपोर्ट में कहा कि वह यूपीआई को दूसरे देशों की फास्ट पेमेंट सिस्टम से जोड़कर सीमा पार भुगतान को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इसने कहा कि इस तरह के जुड़ाव से सीमा पार रेमिटेंस पेमेंट (प्रेषण भुगतान) में उच्च लागत, कम गति, सीमित पहुंच और पारदर्शिता की कमी के मुद्दों को हल करने में मदद मिलती है। फरवरी 2023 में भारत (यूपीआई) और सिंगापुर (पे नाउ) की फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ा गया। आरबीआई ने प्रोजेक्ट नेक्सस में भी भाग लिया है, जो कई देशों की घरेलू तेज़ भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़कर तत्काल सीमा पार खुदरा भुगतान को सक्षम करने के लिए एक बहुपक्षीय अंतर्राष्ट्रीय पहल है।

इन देशों में पेमेंट सक्षम किया गया

भूटान, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और यूएई में QR कोड के माध्यम से भारतीय यूपीआई ऐप का इस्तेमाल करके व्यापारियों को भुगतान सक्षम किया गया है। केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर टी. रबी शंकर ने रिपोर्ट की प्रस्तावना में कहा कि जब भुगतान प्रणालियों की बात आती है, तो रिजर्व बैंक ने हमेशा आगे रहने का प्रयास किया है। भुगतान क्षेत्र में इनोवेशन को प्रोत्साहित करना बैंक की नीति रही है। इनोवेशन और रेगुलेटरी सपोर्ट से प्रेरित होकर, हमारा पेमेंट सिस्टम दुनिया भर में सबसे आधुनिक में से एक बन गई हैं। भारत में खुदरा डिजिटल भुगतान वित्तीय वर्ष 2012-13 में 162 करोड़ लेन-देन से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 16,416 करोड़ से अधिक लेन-देन हो गया है यानी 12 वर्षों में लगभग 100 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

यह था Indian Stock Market का सबसे महंगा स्टॉक, रातोंरात निवेशक बने थे करोड़पति, अब आ रही है लगातार गिरावट

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इन्वेस्टमेंट्स (Elcid Investments Stock) का शेयर, जो कभी 3 रुपए से बढ़कर 3 लाख रुपए के स्तर तक पहुंच गया था, अब लगातार गिरावट देख रहा है। भारतीय शेयर बाजार में एक समय में यह स्टॉक सबसे महंगा बन गया था लेकिन वर्तमान में इसकी कीमतों में तेज कमी आई है, जिससे निवेशकों के लिए यह एक चिंता का विषय बन गया है।

3 रुपए से तीन लाख हो गई थी कीमत

एल्सिड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड का शेयर 29 अक्टूबर 2024 को एक ही दिन में 3.53 रुपए से सीधे 2.36 लाख रुपए पर पहुंच गया था, जिससे यह भारतीय शेयर बाजार का सबसे महंगा स्टॉक बन गया। इस तेजी ने निवेशकों को रातोंरात करोड़पति बना दिया, क्योंकि इस शेयर की कीमत में 66,92,535 फीसदी की वृद्धि हुई थी। इसके बाद, 8 नवंबर को इसने अपने हाई लेवल 3,32,400 रुपए प्रति शेयर की कीमत को छुआ।

अब लगातार गिर रहा शेयर

हालांकि, इसके बाद से एल्सिड इन्वेस्टमेंट्स के शेयर की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले दो महीनों में यह शेयर लगभग 60 फीसदी तक टूट चुका है। जनवरी के अंत तक इसकी कीमत 1.28 लाख रुपए के आसपास आ गई है, जो कि बड़ी गिरावट है।

पिछले एक महीने में इस शेयर में 32 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। वहीं, पिछले 5 दिनों में ये शेयर लगभग 7 फीसदी तक गिर चुका है। 27 जनवरी 2025 को यह शेयर 1,28,000 रुपए की कीमत पर कारोबार कर रहा था। सोमवार को भी इस शेयर में 3.64 फीसदी की गिरावट देखी गई।

इस अचानक गिरावट ने निवेशकों के बीच चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। कई निवेशक जिन्होंने इस शेयर में भारी निवेश किया था, अब घाटे का सामना कर रहे हैं। कंपनी के पास एशियन पेंट्स जैसी बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी होने के बावजूद, इसका मौजूदा प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।

कंपनी की मौजूदा स्थिति

एल्सिड इन्वेस्टमेंट्स ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया है। कंपनी का वर्तमान में कोई ऑपरेटिंग बिजनेस नहीं है लेकिन इसके पास कई अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर हैं। इसके अलावा, एशियन पेंट्स में इसकी हिस्सेदारी का मार्केट वैल्यू लगभग 8500 करोड़ रुपए है, जो इसे एक मजबूत आधार देता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कंपनी अपने NBFC रजिस्ट्रेशन को सफलतापूर्वक हालिस कर लेती है और अपने बिजनेस मॉडल को मजबूत करती है, तो यह स्थिति बदल सकती है। हालांकि मौजूदा समय में बाजार के निगेटिव मूवमेंट को देखकर, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

भारत में डिजिटल भुगतान में UPI की हिस्सेदारी 2024 में 83% तक पहुंची

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की भुगतान प्रणाली रिपोर्ट के अनुसार, एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI) का डिजिटल भुगतान प्रणाली में योगदान पिछले पांच वर्षों में दोगुना हो गया है। 2019 में जहां यूपीआई का हिस्सा 34 प्रतिशत था, वहीं 2024 में यह बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया है।

इसके विपरीत, अन्य डिजिटल भुगतान विधियों जैसे राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT), रीयल टाइम ग्रॉस सेटेलमेंट (RTGS), इमीडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS) और क्रेडिट और डेबिट कार्ड का हिस्सा 2019 में 66 प्रतिशत से घटकर 2024 के अंत में 17 प्रतिशत रह गया है। 2024 में भारत में कुल 208.5 अरब डिजिटल भुगतान लेन-देन रिकॉर्ड किए गए हैं।

भारत की रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली, यूपीआई, की बढ़ती हिस्सेदारी का श्रेय इस डिजिटल भुगतान विधि को अपनाने की बढ़ती गति को दिया जा सकता है। 2019 से 2024 तक, यूपीआई पी2एम (व्यक्ति से व्यापारी) भुगतान, यूपीआई पी2पी (व्यक्ति से व्यक्ति) लेन-देन से तेज़ी से बढ़े हैं। यूपीआई पी2एम ने पांच वर्षों के दौरान 500 रुपए से नीचे के लेन-देन के लिए 99 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की। जबकि यूपीआई पी2पी में इसी अवधि में 56 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

दूसरी ओर, उच्च मूल्य वाले लेन-देन—जो 2,000 रुपए से अधिक हैं—के लिए यूपीआई पी2एम ने 109 प्रतिशत की CAGR दर्ज की, जबकि यूपीआई पी2पी ने 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के लो-वैल्यू ट्रांजैक्शन पेमेंट मेथड यूपीआई लाइट ने दिसंबर 2024 में प्रतिदिन 2.04 मिलियन ट्रांजैक्शन किए, जिनकी कुल मूल्य 20.02 करोड़ रुपए थी। दिसंबर 2023 से दिसंबर 2024 तक, यूपीआई लाइट लेन-देन की औसत टिकट साइज में 13 प्रतिशत की साल दर साल वृद्धि हुई, जो 87 रुपए से बढ़कर 98 रुपए हो गई।

आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “जब Paytm और PhonePe ने क्रमशः 15 फरवरी 2023 और 2 मई 2023 को यूपीआई लाइट पेश किया, तो यूपीआई लाइट पेमेंट वॉल्यूम और वैल्यू में लगातार वृद्धि देखी गई।” प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPIs), जिनमें डिजिटल वॉलेट्स शामिल हैं, के लेन-देन में 12.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 2024 के दूसरे छमाही (H2 CY24) में 3.45 बिलियन लेन-देन से घटकर 3.93 बिलियन हो गई। इसी अवधि में, PPI के माध्यम से प्रसंस्कृत लेन-देन की वैल्यू 25 प्रतिशत घटकर 1.43 ट्रिलियन रुपए से 1.08 ट्रिलियन रुपए हो गई।

भारत में निवेश की घोषणाओं में 39% की वृद्धि, FY25 के पहले 9 महीने में कुल निवेश 32 लाख करोड़ रुपए

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भारत के निवेश पारिस्थितिकी तंत्र और बाहरी वाणिज्यिक ऋण (ECBs) में पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। वित्त मंत्रालय के नवीनतम अपडेट में बताया गया है कि निवेश की घोषणाओं में वृद्धि हो रही है और निजी क्षेत्र का इसमें अहम योगदान है।

FY25 के पहले 9 महीने में निवेश घोषणाएं बढ़ी:
वित्त वर्ष 2025 के पहले नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2024) में कुल निवेश घोषणाएँ 32.01 लाख करोड़ रुपये रही। यह पिछले साल की तुलना में 39% अधिक है, क्योंकि FY24 में ये घोषणाएँ 23 लाख करोड़ रुपये थीं। इस वृद्धि से निवेश पर सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं।

निजी क्षेत्र का निवेश में बढ़ा योगदान:
निवेश घोषणाओं में निजी क्षेत्र का योगदान बढ़कर 70% तक पहुंच गया है, जबकि FY24 में यह आंकड़ा 56% था। इसका मतलब है कि कॉर्पोरेट क्षेत्र में विश्वास मजबूत हो रहा है और कंपनियाँ ज्यादा निवेश करने के लिए तैयार हैं।

कॉर्पोरेट का ग्रॉस ब्लॉक बढ़ा:
मार्च 2024 तक भारतीय कॉर्पोरेट्स का कुल ग्रॉस ब्लॉक 106.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो मार्च 2020 में 73.94 लाख करोड़ रुपये था। पिछले 5 वर्षों में औसतन 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हर साल कॉर्पोरेट ग्रॉस ब्लॉक में हुआ है।

प्रकियाधीन परियोजनाएँ और घरेलू बचत में वृद्धि:
मार्च 2024 तक, भारत में जारी परियोजनाओं का निवेश 13.63 लाख करोड़ रुपये रहा। यह दर्शाता है कि परियोजनाओं पर काम तेज़ी से चल रहा है। साथ ही, FY24 में भारतीय घरों की शुद्ध वित्तीय बचत (HNFS) जीडीपी के 5.3% तक पहुंच गई, जो FY23 में 5.0% थी।

भौतिक संपत्तियों में बचत में वृद्धि:
भौतिक संपत्तियों में निवेश भी बढ़ा है, जो FY23 में जीडीपी के 12.9% था, जो FY24 में बढ़कर 13.5% हो गया। इसका मतलब है कि लोग अधिक संपत्ति में निवेश कर रहे हैं, जो आर्थिक विकास का संकेत है। इस प्रकार, भारत का निवेश पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत हो रहा है और निजी क्षेत्र का बढ़ता योगदान देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रहा है।

Punjab: लड़की की Viral Video ने मचाया बवाल, पांबदी के बावजूद…

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मोगा के कस्बा कोट इसे खां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में लड़की पूरी तरह नशे में नजर आ रही है।

जब कुछ लोगों ने उससे बात की तो उसने स्वीकार किया कि उसने दो नशीली गोलियां ली हैं। लड़की की हालत ऐसी है कि वह अपने सामने रखी रोटी भी नहीं खा पा रही है और उसका शरीर लगातार कांप रहा है। वह जमीन से उठने में भी असमर्थ है और ठीक से बोल भी नहीं पाती। वह तीन लोगों के सहारे भी सीधी खड़ी नहीं हो सकती।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रही है। यह वीडियो गांव के गुरुद्वारे के पास की बताई जा रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि लड़की की उम्र 18 से 20 वर्ष के आसपास लग रही है। उसने बताया कि उसने नशीली गोलियां मेडिकल स्टोर से ली थीं। वह जिन गोलियों का नाम ले रही है, उस पर सरकार द्वारा पाबंदी लग चुकी है।

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