Monday, February 9, 2026
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इस गांव के लड़कों की नहीं हो पा रही शादी, बिजली और मोबाइल नेटवर्क बना वजह

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देशभर में शादियों का मौसम है, हर तरफ खुशियां हैं, लेकिन राजस्थान के कोटा जिले का कोलीपुरा गांव इस खुशी से महरूम है। यहां पर न तो शहनाइयां बज रही हैं और न ही लोग शादियों के अवसर का पूरा आनंद ले पा रहे हैं। इसकी वजह है यहां की बुनियादी सुविधाओं का न होना। गांव में आज भी बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाएं नहीं पहुंच पाई हैं, जिसके कारण यहां के युवकों के लिए रिश्ता तय करना भी मुश्किल हो गया है।

कोलीपुरा गांव और मुकुंदरा टाइगर रिजर्व
कोलीपुरा गांव मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है। इस वजह से गांव के लोग अपनी मर्जी से यहां बुनियादी सुविधाएं नहीं ला सकते हैं। वन्यजीव विभाग की अनुमति के बिना यहां कोई भी विकास कार्य नहीं हो सकता। यही कारण है कि इस गांव में आजादी के इतने सालों बाद भी न तो बिजली पहुंची है और न ही मोबाइल नेटवर्क। इसके अलावा, इस गांव के लोग अपने घरों का निर्माण भी नहीं कर सकते क्योंकि इस गांव को विस्थापित किए जाने की योजना है।

पढ़ाई और शादियों में आ रही मुश्किलें
बुनियादी सुविधाओं का अभाव गांव के बच्चों की पढ़ाई और युवाओं की शादियों में रुकावट डाल रहा है। यहां के युवकों के लिए रिश्ता तय करना मुश्किल हो गया है। जब भी वे लड़की के घर बात करने जाते हैं, तो लड़की वाले यह कहकर इंकार कर देते हैं कि बिना लाइट और मोबाइल नेटवर्क के वे कैसे यहां रह सकते हैं। इस कारण गांव के लोग अपने रिश्तेदारों से मिलने भी नहीं आ पाते क्योंकि आजकल बिजली और मोबाइल नेटवर्क जीवन का अहम हिस्सा बन गए हैं।

मोबाइल नेटवर्क की कमी
कोलीपुरा गांव में 500 से अधिक घर हैं। यहां हर किसी के पास मोबाइल फोन तो है, लेकिन नेटवर्क की स्थिति बेहद खराब है। यहां केवल एक घर में नेटवर्क आता है, और यह नेटवर्क भी किसी तरह से जोड़कर काम में लिया गया है। पूरे गांव के लिए यह नेटवर्क एक संजीवनी की तरह है, लेकिन यह गांव की समस्याओं को पूरी तरह से दूर नहीं कर पा रहा है।

Bihar Politics: ‘निशांत का राजनीति में स्वागत है…’ बोले मंत्री रामदास अठावले, विपक्ष पर भी जमकर बरसे

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केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले आज पटना पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव पर कहा कि, दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुझे लगता है बीजेपी जीतेगी.. केजरीवाल जी ने दिल्ली का काफी नुकसान किया है। दिल्ली वालों को जो वादा किया था उसको पूरा नहीं किया है, इसलिए दिल्ली की जनता चाहती है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी सत्ता आनी चाहिए.. इसलिए वहां अरविंद केजरीवाल की हार होगी, वहां बीजेपी की सरकार आएगी।

“खतरे में कांग्रेस पार्टी”

राहुल गांधी के बयानों पर अठावले ने कहा कि, राहुल गांधी कहते हैं कि संविधान खतरे में है लेकिन पूरा देश जानता है कि भारत का संविधान खतरे में बिल्कुल नहीं है। सिर्फ राहुल गांधी खतरे में है। कांग्रेस पार्टी और अपोजिशन खतरे में है, इसलिए बाबा साहब का संविधान कभी खतरे में नहीं आ सकता।

अमृतसर की घटना को मंत्री ने बताया निदंनीय

वहीं अमृतसर में बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना पर मंत्री आठवले ने दुःख जाहिर किया। अठावले ने कहा है कि, अमृतसर में जो भी घटना घटी है, वह निंदनीय है काफी दुखदाई है। बाबा साहब के मूर्ति को तोड़ने की घटना हुई है, बहुत गंभीर बात है। जो पंजाब की सरकार है वहां अनदेखी कर रही है। मुझे लगता है जिन लोगों ने इसको किया है उसको फांसी की सजा मिलनी चाहिए और भगवंत मान जो वहां के मुख्यमंत्री हैं उनको इस्तीफा दे देना चाहिए। उनके राज्य में इस तरह बाबा साहब के साथ होना यह अच्छी बात नहीं है। उनको इस्तीफा दे देना चाहिए।

 

“निशांत का राजनीति में स्वागत है”

वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत के राजनीति में एंट्री को लेकर अठावले ने कहा कि, राजनीति में आते हैं तो उनका स्वागत है, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी का बहुत अच्छा काम चल रहा है और वह हम हमारे एनसीए के साथ है। अगर उनका लड़का राजनीति में आता है तो उनका स्वागत करते हैं। वहीं बिहार विधानसभा चुनाव पर आठवले ने कहा कि, इस चुनाव में एनडीए जीतेगी। हमारी एनडीए की सरकार आएगी।

श्रीलंकाई नौसेना की गोलीबारी में 5 मछुआरे घायल, भारत ने दूत को तलब किया

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मंगलवार सुबह डेल्फ़्ट द्वीप के नज़दीक श्रीलंकाई नौसेना द्वारा की गई गोलीबारी में पांच भारतीय मछुआरे घायल हो गए, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं, जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नई दिल्ली में द्वीप राष्ट्र के कार्यवाहक उच्चायुक्त को विदेश मंत्रालय (एमईए) में तलब किया गया और शीर्ष राजनयिक के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। अपनी प्रतिक्रिया में भारत ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में बल प्रयोग “स्वीकार्य” नहीं है।

इसमें कहा गया है, “आज सुबह डेल्फ़्ट द्वीप के नज़दीक 13 भारतीय मछुआरों को पकड़ने के दौरान श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गोलीबारी की घटना की सूचना मिली है।” इसमें कहा गया है, “मछली पकड़ने वाली नाव पर सवार 13 मछुआरों में से दो गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और वर्तमान में जाफ़ना टीचिंग अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।” इसमें कहा गया है कि तीन अन्य मछुआरों को मामूली चोटें आईं हैं और उनका इलाज किया जा रहा है।

‘दूतावास ने घायलों का हालचाल जाना’ 
जाफना में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने घायल मछुआरों से अस्पताल में मुलाकात की और उनका हालचाल जाना तथा मछुआरों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की। विदेश मंत्रालय ने कहा, “नई दिल्ली में श्रीलंका के कार्यवाहक उच्चायुक्त को आज सुबह विदेश मंत्रालय में बुलाया गया और इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।” कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने भी इस मामले को श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया है।

बल का प्रयोग स्वीकार्य नहीं- विदेश मंत्रालय 
भारतीय रीडआउट में कहा गया है, “भारत सरकार ने हमेशा मछुआरों से संबंधित मुद्दों को मानवीय और मानवीय तरीके से निपटाने की आवश्यकता पर जोर दिया है, जिसमें आजीविका संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखा गया है।” विदेश मंत्रालय ने कहा, “किसी भी परिस्थिति में बल का प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। इस संबंध में दोनों सरकारों के बीच मौजूदा समझ का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।”

ढाबे के बैनर पर छपा ‘All diseases available’, सोशल मीडिया पर मच गया हंसी का तूफान!

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सोशल मीडिया पर मजेदार फोटो और वीडियो का सिलसिला लगातार जारी रहता है। इन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी पोस्ट्स तेजी से वायरल होती हैं जो लोगों को हंसी में डाल देती हैं। हाल ही में एक ऐसी ही वायरल पोस्ट सामने आई है, जो एक ढाबे के बैनर की गलती से संबंधित है।

आपने आमतौर पर देखा होगा कि ढाबे, रेस्टोरेंट्स और खाने-पीने की दुकानों पर खाने के आइटम्स की लिस्ट एक बैनर पर लगी होती है, ताकि ग्राहक जान सकें कि वहां कौन-कौन सी डिश उपलब्ध हैं। ढाबे के मालिक बैनर पर अलग-अलग व्यंजनों के नाम लिखते हैं और उनके सामने छोटे-छोटे चित्र भी लगवाते हैं ताकि ग्राहक को समझने में आसानी हो। लेकिन हाल ही में एक ढाबे के बैनर पर एक बड़ी गलती हो गई, जिसके चलते यह फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। बैनर पर आमतौर पर ‘All dishes available’ लिखा जाना चाहिए था, लेकिन गलती से वहां ‘All diseases available’ लिखा गया। यह टाइपिंग की गलती इतनी मजेदार साबित हुई कि यूजर्स इसे देखकर हंसी नहीं रोक पा रहे हैं।

यह वायरल फोटो एक्स प्लेटफॉर्म (पूर्व में ट्विटर) पर @VishalMalvi_ नाम के अकाउंट से पोस्ट की गई। पोस्ट करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “इतना सच नहीं बोलना था ब्रो।” यह कैप्शन बैनर पर लिखी गई गलती को लेकर मजाकिया अंदाज में था। जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुआ, यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा, “मुझे इसकी ईमानदारी पसंद आई,” तो दूसरे ने टिप्पणी की, “इतना सच काम खराब कर सकता है।” एक और यूजर ने मजाक करते हुए लिखा, “भाई इंग्लिश एलिगिबिलिटी मांग रही है।”

इसके अलावा, कई अन्य यूजर्स ने इस गलती पर हंसी के साथ अपने विचार साझा किए। कुछ ने तो इसे “असली” और “ईमानदार” भी बताया, जबकि कुछ ने कहा कि यह गलती ढाबे के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। यह गलती हालांकि बेहद साधारण सी थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसने बहुत ध्यान खींचा। यूजर्स ने इस बैनर की तस्वीर को विभिन्न मीम्स और कमेंट्स के साथ शेयर किया, जिससे यह वायरल हो गया।सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, यह पोस्ट ढाबे के मालिक के लिए एक नई समस्या बन सकती है, क्योंकि खाने के व्यंजनों के प्रचार में “diseases” का शब्द सही नहीं माना जाएगा।

6 मेहमानों के साथ डेस्टिनेशन वेडिंग, कपल के इस अनोखी शादी के मुरीद हुए लोग

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भारत में शादी का मतलब ढेर सारा खाना, खूब सारे मेहमान और जमकर नाच गाना। हालांकि काेरोना के बाद मेहमानों की संख्या में कुछ कमी आई है लेकिन क्या कोई 6 मेहमानों के साथ शादी करने की सोच सकता है। ऐसा किया है सेलेना रंधावा और जगदीप पन्नू ने जिन्होंने जयपुर में अपनी डेस्टिनेशन वेडिंग से लोगों की सोच ही बदल कर रख दी।

सच कहें तो हम भी इस अनोखी शादी के मुरीद हो गए है। इस कपल ने अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए अलग ही रास्ता अपनाया। हालांकि इन्होंने हर वह सेरेमनी आयोजित की जो बाकी शादियों में होती है । बस फर्क इतना था कि इन दोनों ने अपने खास 6 मेहमानों के साथ ही खुशियां बांटी । ईमानदारी से कहें तो दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवार वालों के अलावा बाकी मेहमानों को रस्मों से नहीं बल्कि शादी के इंतजाम से मतलब होता है।शायद इसी बात को सोचते हुए कपल ने इस तरह की शादी करने का फैसला किया। जयपुर के बीचों-बीच एक शानदार बुटीक हेरिटेज होटल में हुई ये शादी समाज के लिए अलग मैसेज लेकर आई है। इस कपल ने हमें यह सिखा दिया कि खुशियां मनाने के लिए मेहमानों की बड़ी सूची की आवश्यकता नहीं होती है। अगर आप ऐसी शादी का सपना देख रहे हैं जिसमें सिर्फ़ जुड़ाव हो और तमाशा कम हो, तो सेलेना और जगदीप की जयपुर शादी आपके लिए प्रेरणास्रोत है!

अपनी शादी के स्वागत भोज में, इस जोड़े ने मैचिंग ब्लैक आउटफिट्स में सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। दुल्हन ने शानदार क्यूबिक लहंगा पहना, जिसके साथ बोल्ड तरुण तहिलियानी इयररिंग्स थे, जबकि दूल्हे ने स्लीक ब्लैक बंदगला पहना और इसे क्लासिक रखा।शदी के बात करें तो इस कपल ने एक खूबसूरत फूलों के मंडप के नीचे शपथ ली जो जितना रोमांटिक था उतना ही निजी भी था।

बिना किसी बड़ी भीड़ के, यह समारोह उनके लिए एक खूबसूरत निजी पल की तरह लगा। रिसेप्शन भी उतना ही शांत और अंतरंग था, जिसमें पारंपरिक राजस्थानी दावत और चारों ओर जगमगाती रोशनी थी। कल्पना कीजिए कि आप केवल उन लोगों के साथ हंस रहे हैं, खा रहे हैं और जश्न मना रहे हैं जो आपके लिए सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं – यही वह ऊर्जा है जो सेलेना और जगदीप अपनी शादी में लेकर आए थे।

“OLX पर बहुत सस्‍ती गाड़ी मिल रही है …”, पढ़ें इस Traffic Police की अपील

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सोशल मीडिया के दौर में जहां लोग अपना हुनर ​​दिखाकर लाखों रुपए कमा रहे हैं, वहीं कुछ गलत लोग इसका गलत इस्तेमाल भी करते नजर आ रहे हैं। हर दिन वे नया ढंग निकालकर भोले-भाले लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाते है।

ताजा मामला बटाला से सामने आया है जहां एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ठगों की ठगी का शिकार हो गया। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी सुखदेव सिंह ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर उत्तराखंड नंबर की एक कार देखी, जिसकी कीमत 45 हजार रुपए थी। उन्होंने कहा कि चूंकि तस्वीरों में वाहन की स्थिति अच्छी थी, इसलिए उनसे संपर्क किया गया और फिर तस्वीरें भेजने वाले व्यक्ति ने 2,500 रुपए की Advance राशि की मांग की और 2,500 रुपए का भुगतान  Gpay के माध्यम से किया गया।

2500 रुपए के बाद उसने 21000 रुपए की मांग करते हुए कहा कि गाड़ी के कागजात आपके नाम पर बनते है। इसके बाद मुझे उसकी बातचीत के तरीके पर संदेह हुआ, इसलिए मैंने पैसे नहीं डाले। वह ठग मुझे फोन करता रहा, यहां तक ​​कि अपना नंबर भी बदलता रहा। उन्होंने बताया कि ठग ने अपने व्हाट्सएप पर सीमा पर तैनात सेना के एक जवान की फोटो पोस्ट कर दी थी, ताकि फोन करने वाले को लगे कि वह सेना में कार्यरत है। ट्रैफिक पुलिस ने कहा, “मैं लोगों से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि ऐसे ठगों से बचें ताकि आप भी मेरी तरह इनका शिकार न बनें।”

महाकुंभ से जा रहे हैं Ayodhya तो जरा पढ़ें ये खबर, अभी-अभी आई जरूरी सूचना

अयोध्या धाम जाने वाले भक्तों के लिए जरूरी सूचना है। दरअसल,  श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी भक्तों के चरणों में प्रणाम कर अयोध्या में 15-20 दिन बाद आने की अपील कर रहे हैं।

महासचिव चंपत राय ने लेटर जारी कर कहा, “प्रयागराज में दिनांक 29 जनवरी को कुम्भ में मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान है। अनुमान है कि लगभग 10 करोड श्रद्धालु दिनांक 29 जनवरी को प्रयागराज में स्नान करेंगे। बहुत बड़ी संख्या में प्रयागराज से भक्तजन अयोध्या जी पहुंच रहे हैं। ट्रेन एवं सड़क दोनों प्रकार से भक्तजन प्रयाग से अयोध्या आ रहे हैं।  पिछले तीन दिनों से अयोध्या जी में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अयोध्या धाम की जनसंख्या एवं आकार को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि इतनी अधिक संख्या में भक्तों को एक दिन में रामलला के दर्शन कराना बहुत कठिन है और इसी कारण भक्तों को परेशानी हो रही है। परिणाम स्वरूप किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए आवश्यक हो गया है कि व्यवस्थाओं में उपयुक्त परिवर्तन किए जाएँ। भक्तों को अधिक पैदल भी चलना पड़ रहा है।”

उन्होंने यह कहा कि मारा यह निवेदन है कि पास-पड़ोस के भक्तजन 15-20 दिन के पश्चात दर्शन करने हेतु अयोध्या जी पधारें ताकि बहुत दूर से आने वाले भक्त अभी सुविधा से प्रभु के दर्शन कर सकें। इससे सभी को सुविधा होगी। वसंत पंचमी के बाद फरवरी मास में काफी राहत रहेगी तथा मौसम भी अच्छा हो जाएगा। आसपास के भक्त यदि तब का कार्यक्रम बनाएं तो श्रेष्ठ रहेगा। इस निवेदन पर अवश्य विचार करें।

कृषि क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी यूपी एग्रीज: सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग (यूपी एग्रीज) परियोजना किसान और कृषि क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। आईपीजी में परियोजना के शुभारंभ के मौके पर उन्होंने कहा कि देश में खाद्यान्न का जो निर्यात होता है, उनमें तीसरे स्थान पर यूपी है। ऐसे में यूपी एग्रीज परियोजना प्रदेश के एक्सपोर्ट की संभावनाओं को आगे ले जाने में मील का पत्थर साबित होगा। यह अन्नदाता किसानों और कृषि सेक्टर में काम करने वाले लोगों के लिए अच्छी शुरुआत है। उन्होंने कहा कि चार हजार करोड़ की यूपी एग्रीज परियोजना में से 2,737 करोड़ का लोन विश्व बैंक और 1,166 करोड़ का अंशदान राज्य सरकार ने देने की व्यवस्था की है।

देश में लगभग 45 फीसदी भूमि कृषि योग्य हैः योगी
सीएम योगी ने कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य कृषि और उससे संबंधित सेक्टर को चिन्हित करना, प्रमुख फसलों की उत्पादकता में गुणात्मक वृद्धि, विशिष्ट कृषि उत्पादों, पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट और माकेर्ट सपोर्ट सिस्टम को विकसित करना है, जिससे अन्नदाताओं की आय में वृद्धि कर सके। यह परियोजना इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए नए अभियान को आगे बढ़ने की शुरुआत है। योगी ने कहा कि देश में लगभग 45 फीसदी भूमि कृषि योग्य है। इसमें से 75 प्रतिशत कृषि योग्य भूमि उत्तर प्रदेश में मौजूद है, जो सबसे उपयोगी और उर्वरा भूमि मानी जाती है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश गेहूं, आलू, आम, अमरूद, मटर, मशरूम, तरबूज और शहद आदि के उत्पादन में देश में नंबर एक स्थान पर है। देश में जो सब्जी उत्पादन होता है, उसमें से सब्जी के उत्पादन की 15 प्रतिशत हिस्सेदारी और फल उत्पादन में 11 प्रतिशत की हिस्सेदारी उत्तर प्रदेश के पास है। उत्तर प्रदेश में जहां देश की 16 से 17 प्रतिशत जनसंख्या उत्तर प्रदेश में निवास करती है, वहीं खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का योगदान 23 प्रतिशत से अधिक है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश को देश के फूड बॉस्केट के रूप में जाना जाता है।

6 वर्ष का होगा यह प्रोजेक्ट: योगी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परियोजना के पहले चरण में यूपी के आठ कमिश्नरी के 28 जनपद चुने गए हैं। यह प्रोजेक्ट 6 वर्ष का होगा। इसकी शुरुआत 2024-25 से प्रारंभ होकर 2029-30 तक यूपी में लागू होगी। ऐसे में एग्रीकल्चर की अभी जो प्रोडक्टिविटी है, इसमें 30 से 35 फ़ीसदी की अतिरिक्त वृद्धि करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश समग्र विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। इनमें कृषि और उससे संबंधित सेक्टर की प्रगति स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है। यह कार्यक्रम उसी अभियान का एक हिस्सा है। इसमें उन्नाव में यूपीडा की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर में केमपैक इंडिया द्वारा ग्रीन फील्ड मैन्युफैक्चरिंग इकाई का शिलान्यास कार्यक्रम भी शामिल है।1300 करोड रुपए की लागत का निवेश एसबीआई के तहत प्रदेश में आएगा। इसके अलावा मत्स्य पालन क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश सरकार एवं यूएई के एक्वाब्रिज के मध्य करीब 4 हजार करोड़ के निवेश का एमओयू हुआ। वहीं डाटा बैंक की उपयोगिता किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन का एक कारक बनेगी।

घने कोहरे से ढका था Runway, लैंडिंग से ठीक पहले रास्‍ता भूल गया Pilot और फिर जो हुआ उसके बाद कांप उठी दुनिया

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यह घटना 28 जनवरी 2002 की है जो आज भी याद कर दिल दहला देती है। उस दिन टेम एयरलाइंस की फ्लाइट 120 ने इक्वाडोर के क्विटो से उड़ान भरी थी। विमान को तुलकान के टेनिएंटे कोरोनेल लुइस ए. मंटिला इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करना था। इस फ्लाइट में कुल 94 लोग सवार थे जिसमें यात्री और क्रू मेंबर्स शामिल थे।

मौसम की गलत जानकारी बनी हादसे की वजह

टेकऑफ से पहले पायलट को बताया गया था कि तुलकान का मौसम बिल्कुल साफ है और लैंडिंग के लिए अनुकूल है लेकिन तुलकान पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है जहां मौसम अचानक बदल सकता है। जब तक फ्लाइट तुलकान पहुंची वहां घना कोहरा छा गया था। रनवे की एलाइनमेंट लाइट्स तक दिखाई नहीं दे रही थीं जिससे लैंडिंग करना चुनौतीपूर्ण हो गया।

पायलट ने लिया जोखिम भरा फैसला

फ्लाइट के कैप्टन 59 वर्षीय जॉर्ज एफ्रेन नोए और उनके फर्स्ट ऑफिसर 52 वर्षीय कार्लोस अल्फोंसो लोपेज़ ने स्थिति का आकलन किया। कैप्टन जॉर्ज के पास 12,000 घंटे की फ्लाइंग का अनुभव था इसलिए उन्हें भरोसा था कि वे विमान को सुरक्षित लैंड करा लेंगे। फर्स्ट ऑफिसर ने भी उनके फैसले का समर्थन किया।

विमान को रनवे की ओर बढ़ाया गया लेकिन घने कोहरे के कारण कैप्टन जॉर्ज को अंदाजा नहीं हुआ कि वे रनवे के बजाय एक पहाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं।

कुंबल ज्वालामुखी से टकराया विमान

लैंडिंग से कुछ सेकंड पहले पायलट को अपनी गलती का अहसास हुआ। उन्होंने विमान को संभालने की कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। फ्लाइट 120 सुबह 10:23 बजे कुंबल ज्वालामुखी की ढलान से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि विमान में आग लग गई और सभी 94 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

कैसे हुई यह गलती?

जांच में सामने आया कि पायलट को घने कोहरे के कारण रनवे सही से दिखाई नहीं दिया। इसके चलते विमान गलत दिशा में चला गया और पहाड़ी से टकरा गया। अगर पायलट ने मौसम की स्थिति देखते हुए लैंडिंग को टालने का फैसला लिया होता तो शायद यह हादसा टल सकता था।

दुनिया के लिए सबक

यह हादसा पायलट और एविएशन इंडस्ट्री के लिए एक सीख बन गया। मौसम की स्थिति को समझने और सही फैसले लेने का महत्व एक बार फिर स्पष्ट हुआ। हादसे के बाद विमानन सुरक्षा नियमों को और सख्त किया गया।

वहीं इस दुर्घटना ने न केवल 94 जिंदगियां लीं बल्कि विमानन इतिहास में एक ऐसा अध्याय जोड़ दिया जो आज भी दुख और सीख दोनों का प्रतीक है।

ट्रैक्टर-ट्रॉली में Train का पहिया लगाकर… Track पर दौड़ाया, कटा 10 लाख का चालान

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औरैया में एक ट्रैक्टर ट्राली को रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के पहिये लगाकर गिट्टी डालने का काम करते हुए पकड़ा गया। यह ट्रैक्टर मालिक रेलवे ठेकेदारों से प्रति माह 85 हजार रुपये किराया लेता था। इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी जुर्माना कार्रवाई की गई है जिसमें ट्रैक्टर ट्राली पर 10 लाख छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

चालक ने बताई पूरी कहानी

22 जनवरी की शाम को एआरटीओ सुधेश तिवारी कानपुर-इटावा हाईवे पर वाहन चेकिंग कर रहे थे जब उन्होंने मेहौली के पास एक ट्राली में ट्रेन का पहिया देखा। चालक से पूछताछ करने पर पता चला कि वह ट्रैक्टर ट्राली को लेकर राजस्थान जा रहा था और दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर फफूंद से अछल्दा स्टेशन तक का काम पूरा करके लौट रहा था।85 हजार रुपये प्रति माह किराया

ट्रैक्टर मालिक पप्पू राम जो राजस्थान के नागौर जिले का निवासी है ने बताया कि उसने दस साल पहले एक साधारण ट्रैक्टर ट्राली खरीदी थी। पांच साल पहले उसने उसमें ट्रेन के पहिये लगवाए थे और इसके बाद रेलवे ठेकेदारों के बीच इसकी मांग बढ़ गई। वह अब प्रति माह 85 हजार रुपये किराया लेकर काम करता था। पांच साल में उसने लगभग 50 लाख रुपये कमाए हैं। ट्रैक्टर ट्राली के ट्रेन के पहिये की वजह से वह आसानी से रेलवे ट्रैक पर चल पाता था।

10 लाख रुपये जुर्माना

चालक ने बताया कि जब ट्रैक का काम पूरा हो जाता था तो वह ट्रैक्टर ट्राली से ट्रेन का पहिया हटा देता था। लेकिन जब वह पहिया हटा रहा था तभी उसे पकड़ा गया। ट्राली से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा पाने पर एआरटीओ ने उस पर 10 लाख छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया और ट्रैक्टर ट्राली को सीज कर दिया।

आधिकारिक जानकारी और जुर्माने का विवरण

आरटीओ कानपुर और परिवहन कमिश्नर को इस मामले की जानकारी मिलने पर वे भी हैरान रह गए। 24 जनवरी को कमिश्नर ने एआरटीओ से जुर्माने की जानकारी ली। इस कार्रवाई में ट्रैक्टर ट्राली पर कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें 9,63,500 रुपये जुगाड़ से ट्राली बनाने, प्रदूषण और स्पीड लिमिट डिवाइस के मामले में 10-10 हजार रुपये, फिटनेस के मामले में पांच हजार रुपये, बिना परमिट के चलाने पर 10 हजार रुपये और खतरनाक तरीके से ट्रैक्टर चलाने पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

बता दें कि यह कार्रवाई प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

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