Monday, February 9, 2026
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किसान बच्चों की तरह पाली हुई फसल जलाने को मजबूर, जानें क्यों

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जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में लैवेंडर की खेती कर रहे किसान एक गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। दरअसल, लैवेंडर तेल की बिक्री में गिरावट और लगातार वित्तीय घाटे ने उन्हें अपनी फसल नष्ट करने पर मजबूर कर दिया है। अपनी आजीविका को दांव पर लगाते हुए किसानों को आगामी केंद्रीय बजट 2025 से बहुत उम्मीदें हैं।

डोडा के एक प्रसिद्ध लैवेंडर किसान भारत भूषण को 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा “इनोवेटिव फार्मर अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया था। उन्होंने बिगड़ती स्थिति पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते कहा कि उन्होंने 2010 में लैवेंडर की खेती शुरू की थी। शुरुआती वर्षों में यह बहुत लाभदायक था। हालांकि, पिछले दो सालों से उनका लैवेंडर तेल नहीं बिक रहा है और वह घाटे में चल रहे हैं। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि उन्हें खेतों में अपनी फसल नष्ट करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से 2025 के केंद्रीय बजट में डोडा के लैवेंडर किसानों के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा करने का आग्रह किया। संकट के बावजूद लैवेंडर की खेती में भूषण के योगदान को मान्यता मिलना जारी है।

अन्य किसानों ने भी इसी तरह की अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि इसका तुरंत कोई उपाय नहीं किया गया तो वे लैवेंडर की खेती को पूरी तरह से छोड़ने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार उनके मुद्दों को प्राथमिकता दे और उन्हें बाजार समर्थन प्रदान करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्हें आगामी बजट से बहुत उम्मीदें हैं।

गाजा की बर्बादी पर भी खुश हमास ! फिलीस्तीनियों की गाजा वापसी पर बोला- “ये इजरायल की बड़ी हार”

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इजरायल और हमास (Israel-Hamas war) के बीच युद्धविराम के बाद, गाजा (Gaza) के विस्थापित लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 15 महीने की जंग में 47,000 से अधिक फिलीस्तीनी नागरिक मारे गए और गाजा पट्टी की 23 लाख से अधिक आबादी में से 90 प्रतिशत लोग विस्थापित हो चुके हैं। इजरायल की बमबारी से गाजा पट्टी पूरी तरह तबाह हो चुकी है, और हमास की शीर्ष नेतृत्व को भी नुकसान उठाना पड़ा है। बावजूद इसके, इस आतंकवादी संगठन की अकड़ में कोई कमी नहीं आई है।

युद्धविराम के बाद, गाजा लौट रहे फिलीस्तीनियों की वापसी को हमास ने अपनी जीत करार दिया है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास और इस्लामिक जिहाद ने इसे इजरायल की नाकामी और फिलीस्तीनी लोगों की इच्छाशक्ति की जीत बताया। गाजा से लौट रहे फिलीस्तीनी नागरिकों की तस्वीरें सोमवार को वायरल हुईं, जहां सैकड़ों लोग अपने बोरिया-बिस्तर के साथ नेत्ज़रिम कॉरिडोर से पैदल अपने घरों की ओर लौट रहे थे। हमास ने कहा कि यह विस्थापन को चुनौती देने और अपनी जमीन से जुड़ाव का प्रतीक है।

उनके अनुसार, इजरायल फिलीस्तीनियों को अपने घरों से विस्थापित करने और उनकी इच्छाशक्ति को तोड़ने में नाकाम रहा है। यह पूरी स्थिति एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम से जुड़ी है, जब 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया और उसके बाद इजरायल ने अपनी सैन्य कार्रवाई शुरू की। इस हमले में हजारों लोग मारे गए और लाखों लोग विस्थापित हुए। पहले इजरायल ने फिलीस्तीनी नागरिकों को उत्तरी गाजा लौटने से रोका, जिससे गाजावासियों के बीच प्रदर्शन और हिंसा का माहौल बना।

Google Maps ने एक शर्त पर मानी ट्रंप की बात, ‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ का नाम बदलकर किया ‘Gulf of America’ लेकिन…

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गूगल मैप्स (Google Maps) ने घोषणा की है कि अमेरिकी यूजर्स के लिए ‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ (Gulf of Mexico) को अब ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ (Gulf of America) के नाम से दिखाया जाएगा। यह बदलाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक कार्यकारी आदेश के बाद किया गया है। इस आदेश में कई अमेरिकी स्थलों के नाम बदलने का निर्देश दिया गया था।

ट्रंप प्रशासन का आदेश
ट्रंप प्रशासन ने पिछले हफ्ते एक कार्यकारी आदेश जारी कर ‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ का नाम बदलकर ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ रखने का निर्देश दिया। इसके अलावा, इस आदेश में अमेरिका के अन्य ऐतिहासिक स्थलों और स्थानों के नाम बदलने का भी जिक्र था। आदेश के बाद अमेरिकी आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि ये बदलाव आधिकारिक रूप से लागू हो गए हैं और “ज्योग्राफिक नेम्स सिस्टम” (Geographic Names System) इन बदलावों को जल्द ही पूरा करने की प्रक्रिया में है।

गूगल मैप्स का बयान  
गूगल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से कहा, “हमारी लंबे समय से यह नीति है कि जब किसी आधिकारिक सरकारी स्रोत में नाम बदल दिए जाते हैं, तो हम उन्हें लागू करते हैं।”गूगल ने यह भी स्पष्ट किया कि यह बदलाव सिर्फ अमेरिकी यूजर्स के लिए होगा। मेक्सिको में ‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ का नाम वही रहेगा। अन्य देशों में गूगल मैप्स पर दोनों नाम दिखाई देंगे ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ और ‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’। “गूगल मैप्स पर नाम बदलने की प्रक्रिया हमेशा आधिकारिक सरकारी निर्देशों के अनुसार होती है।”

नाम बदलाव के पीछे का कारण 
इस कदम को ट्रंप प्रशासन के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पुनर्स्थापित करने के एजेंडे का हिस्सा बताया जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने प्रशासन के दौरान कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनका उद्देश्य अमेरिकी इतिहास और पहचान को नया रूप देना रहा है।

 माउंट डेनाली का नाम बदला   
‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ का नाम बदलने के साथ, ट्रंप प्रशासन ने ‘माउंट डेनाली’ का नाम बदलकर ‘माउंट मैकिनली’ करने का आदेश भी जारी किया है। माउंट मैकिनली, जो उत्तर अमेरिका का सबसे ऊंचा पर्वत है, का नाम पहले राष्ट्रपति विलियम मैकिनली के सम्मान में रखा गया था।

 विवाद और प्रतिक्रिया  
इस फैसले ने काफी विवाद खड़ा किया है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम ट्रंप प्रशासन के “सांस्कृतिक युद्ध” का हिस्सा है, जो इतिहास को राजनीतिक दृष्टिकोण से फिर से लिखने का प्रयास कर रहा है।  मेक्सिको और अमेरिका के कई पर्यावरण संगठनों ने इस फैसले की आलोचना की है। इनका कहना है कि ‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ का नाम उस क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है, और इसे बदलना अनुचित है।  हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह बदलाव अमेरिका की शक्ति और विरासत को दर्शाने के लिए किया गया है।

मस्क के साथ मतभेद पर खुलकर बोले रामस्वामी, DOGE से निकालने के सवाल पर दिया सटीक जवाब (Video)

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विवेक रामस्वामी, जो पिछले हफ्ते एलन मस्क द्वारा नेतृत्व वाली Department of Government Efficiency (DOGE) से बाहर हो गए थे, ने मस्क के साथ किसी प्रकार के मतभेद पर खुलकर बात की।  उन्होंने  दोनों के बीच किसी भी  तरह के आपसी से इनकार करते हुए कहा कि उनके और मस्क के दृष्टिकोण में “अलग और पूरक” अंतर था, जो एजेंसी को चलाने के तरीके को लेकर था। यह एजेंसी फेडरल ब्यूरोक्रेसी को सुधारने के लिए बनाई गई थी। रामस्वामी ने कहा, “हम दोनों एक ही पृष्ठ पर थे।” Fox News के साथ एक साक्षात्कार में, 39 वर्षीय रामस्वामी ने कहा कि मस्क से बेहतर कोई नहीं हो सकता था, जो तकनीकी और डिजिटल दृष्टिकोण से DOGE का नेतृत्व कर सके। इसके साथ ही उन्होंने ओहायो राज्य के गवर्नर पद के लिए अपनी योजना का भी संकेत दिया।

जब Fox News के होस्ट जेसी वॉटर ने उनसे मस्क और उनके बीच किसी मतभेद के बारे में पूछा, तो रामस्वामी ने जवाब दिया, “यह गलत है। हम दोनों के दृष्टिकोण अलग थे, लेकिन पूरक थे। मैंने संवैधानिक कानून और विधायी दृष्टिकोण पर जोर दिया, जबकि मस्क ने तकनीकी दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी। यह भविष्य का दृष्टिकोण है।” उन्होंने कहा, “जब आप संवैधानिक पुनरुत्थान की बात करते हैं, तो यह सिर्फ संघीय सरकार के माध्यम से नहीं होता। यह संघीयतावाद के माध्यम से होता है, जहां राज्य भी नेतृत्व करते हैं। और इस कार्य को करने के लिए मस्क से बेहतर कोई नहीं हो सकता।” जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या मस्क ने उन्हें निकाला, तो रामस्वामी ने इसका खंडन किया और मस्क के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “नहीं, हमारे बीच एक आपसी चर्चा हुई थी। हम एक ही पृष्ठ पर हैं। देश को बचाने में यह एक अकेली व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं होती, यह सभी का काम है। यही मैं चाहता हूं।”

रामस्वामी की यह सनसनीखेज विदाई “प्रतिस्पर्धी दृष्टिकोण” और MAGA समर्थकों के गुस्से के कारण हुई थी, जैसा कि Washington Report में बताया गया। यह घटना डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण के कुछ घंटे बाद हुई। DOGE का उद्देश्य संघीय खर्चों को कम करना, अधिशेष नियमों को घटाना और संघीय एजेंसियों का पुनर्गठन करना था। इस विभाग को संघीय सरकार के बाहर काम करने की उम्मीद थी, जैसा कि ट्रंप ने पिछले साल नवम्बर में कहा था।रामस्वामी का दृष्टिकोण था कि सरकारी परिवर्तन कानूनी ढांचे के भीतर किए जाएं। वह DOGE को संवैधानिक दृष्टिकोण से देख रहे थे, यह देखते हुए कि कौन सी एजेंसियों को बिना कांग्रेस की कार्रवाई के बंद किया जा सकता है और विभिन्न एजेंसियों के बजट प्रक्रिया और नियमों को कैसे सुधार सकते हैं।

मस्क का दृष्टिकोण तकनीकी था, जिसमें तकनीक और डेटा खनन का उपयोग DOGE के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जा रहा था, जैसा कि रिपोर्ट में कहा गया है।इसके अलावा, रामस्वामी ने ओहायो गवर्नर पद के लिए अपनी योजनाओं का संकेत दिया और कहा कि जल्द ही एक घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं जल्द ही एक निर्वाचित पद के लिए दौड़ रहा हूं, इसके बारे में हम जल्द ही घोषणा करेंगे।”रामस्वामी, जो ओहायो के निवासी हैं, ने कहा, “हम पिछले 20 सालों में देखते हैं, सिलिकॉन वैली अमेरिकी अर्थव्यवस्था के अग्रिम मोर्चे पर थी। मुझे लगता है कि ओहायो नदी घाटी अगले 20 सालों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के अग्रिम मोर्चे पर हो सकती है।”रामस्वामी ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी का असफल प्रयास किया था और जनवरी पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया था।

ChatGPT को टक्कर देने वाले चीन के DeepSeek AI पर जबरदस्त साइबर अटैक, खौफ में यूजर्स

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अमेरिकी AI टूल ChatGPT को कड़ी टक्कर दे रहे चीनी प्रौद्योगिकी स्टार्टअप ‘डीपसीक’ (DeepSeek) पर सोमवार को साइबर हमला हुआ, जिससे उपयोगकर्ताओं को साइट पर पंजीकरण करने में दिक्कत हुई। कंपनी ने यह जानकारी दी। अपने एआई (कृत्रिम मेधा) ‘चैटबॉट’ से प्रौद्योगकी क्षेत्र की दुनिया में खलबली मचाने वाली कंपनी “DeepSeek’ ने कहा कि उसकी सेवाओं पर ‘‘बड़े पैमाने पर दुर्भावनापूर्ण हमले” किए गए हैं। डीपसीक (DeepSeek) ने कहा कि पंजीकृत उपयोगकर्ता सामान्य रूप से लॉग इन कर सकते हैं।

DeepSeek ने पिछले महीने नया एआई मॉडल जारी कर एआई जगत में दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। कंपनी का दावा है कि उसका मॉडल ‘चैटजीपीटी’ निर्माता ओपनएआई जैसी अमेरिकी कंपनियों के मॉडल को टक्कर देता है और उनसे अधिक किफायती है। इस साल की शुरुआत में चैटबॉट के एप्पल और गूगल ऐप स्टोर पर उपलब्ध होने से इसकी पहुंच और बढ़ गई। डीपसीक का ‘एआई असिस्टेंट’ आईफोन स्टोर पर सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला मुफ्त ऐप्लीकेशन बन गया है।

कुत्ते ने सोने की गलती की तो पुलिस विभाग ने काट लिया बोनस

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कुत्तों को अक्सर अपने मालिकों के साथ वफादारी, मेहनत और सेवा के लिए सराहा जाता है, लेकिन क्या हो अगर एक पुलिस कुत्ते को उसकी ड्यूटी के दौरान सोने और अनुशासनहीनता के कारण सजा दी जाए? हाल ही में चीन में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें एक पुलिस कुत्ते को ड्यूटी के दौरान सोने और अपने खाने के बाउल में यूरिन करने के कारण उसका साल का बोनस काट लिया गया।

फुजई का शानदार करियर, फिर भी बोनस कटने की वजह

यह घटना चीन के शेडोंग प्रांत के वेफांग शहर की है, जहां एक कुत्ते का नाम फुजई है, जो एक पुलिस डॉग के रूप में सेवा दे रहा था। फुजई ने शुरुआत में अपनी कड़ी मेहनत से सभी का ध्यान आकर्षित किया। वह अपने छोटे पैरों और विस्फोटक पहचानने की क्षमता के लिए मशहूर हो गया था। जनवरी 2024 में जब फुजई ने पुलिस डॉग के तौर पर अपनी ट्रेनिंग पूरी की, तो वह सोशल मीडिया पर भी छा गया था। उसके पास 3 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे, जो उसकी डेली लाइफ और ट्रेनिंग को देखते थे।

फुजई को अक्टूबर 2024 में एक योग्य पुलिस डॉग के रूप में मान्यता मिली और उसे शानदार पुरस्कारों से नवाजा गया। लेकिन इसके बाद 19 जनवरी को उसकी अनुशासनहीनता के कारण उसे सजा मिली।

क्या हुआ था ड्यूटी के दौरान?

19 जनवरी को एक वीडियो में यह खुलासा हुआ कि फुजई ने अपनी ड्यूटी के दौरान सोने के अलावा अपने खाने के बाउल में यूरिन कर दिया था। इस गंभीर अनुशासनहीनता के कारण विभाग ने फुजई से उसका बोनस ले लिया। वीडियो में देखा गया कि पहले उसे शानदार पुरस्कारों से नवाजा गया था, जिसमें लाल फूल, खिलौने और डिब्बाबंद स्नैक्स शामिल थे। लेकिन इसके बाद पुलिस ऑफिसर ने घोषणा की कि फुजई के हालिया व्यवहार के कारण उसकी आलोचना की गई है और उसे बोनस के रूप में मिलने वाले स्नैक्स अब नहीं दिए जाएंगे।

हालांकि, बाद में विभाग की ओर से एक और वीडियो शेयर किया गया, जिसमें बताया गया कि फुजई को बोनस के रूप में स्नैक्स नहीं दिए गए, लेकिन उसके बदले उसे लूनार न्यू ईयर का गिफ्ट दिया गया।

सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, और लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “बेचारे फुजई ने पूरे साल मेहनत की, और साल के आखिर में उसे बोनस नहीं मिला।” दूसरे यूजर ने लिखा, “अगर फुजई ने अपने बाउल में यूरिन किया तो उसने अपने बॉस के बाउल में नहीं किया। उसका बोनस जल्दी वापस किया जाना चाहिए।”

युद्धविराम बाद गाजा लौटते ही सहम गए लाखों फिलीस्तीनी ! खंडहर बने घर देख फूट-फूट कर रोए, भावुक कर देंगे ये Video

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गाजा-इसराइल युद्धविराम के बाद बड़ी संख्या में विस्थापित फिलीस्तीनी अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। गाजा के एक सुरक्षा अधिकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह  नेट्ज़रिम कॉरिडोर  खोलने के दो घंटे के भीतर करीब दो लाख विस्थापित लोग पैदल चलते हुए उत्तरी गाजा में दाखिल हुए। यह युद्धविराम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से अपने घरों को लौटने की प्रतीक्षा कर रहे थे। अपने घरों की ओर लौट रहे फ़िलीस्तीनियों के चेहरे पर मिली-जुली भावनाएं दिख रही हैं। एक तरफ उन्हें घर लौटने की खुशी है, तो दूसरी तरफ तबाही का मंजर देखकर मायूसी छा रही है। वापस लौटे कुछ फिलीस्तीनी तो  खंडहर बने अपने घर देख फूट-फूट कर रो रहे हैं।  सरकारी आंकड़ों के अनुसार,  गाजा शहर और उत्तरी इलाकों में लौटने वाले विस्थापितों के लिए लगभग 135,000 टेंट की जरूरत होगी।

— Translating Falasteen (Palestine) (@translatingpal) January 20, 2025

बीबीसी संवाददाता रुश्दी अबु अलूफ़  ने बताया कि लोग सड़कों पर अपने तबाह घरों को देखकर टूटे हुए दिल के साथ लौट रहे हैं। कई इलाकों में ऐसा लग रहा है जैसे कोई बड़ा भूकंप आया हो।  55 वर्षीय ख़ालिद राबा , जो दक्षिणी गाजा पट्टी के ख़ान यूनिस में शरण लिए हुए हैं, ने  कहा,  “मैं मूल रूप से जबालिया से हूं, जो उत्तरी गाजा में है। हम घर लौटने की योजना बना रहे थे, लेकिन हमारे रिश्तेदारों ने हमें रुकने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि हमारे घर पूरी तरह से ज़मींदोज़ हो चुके हैं, और वहां कोई सहायता उपलब्ध नहीं है।”

महिला और पड़ोसी के बीच झाड़ू से हुआ जबरदस्त झगड़ा, वीडियो हुआ वायरल

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सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला और उसके पड़ोसी के बीच झाड़ू से हुई जबरदस्त लड़ाई की घटना को दिखाया गया है। यह घटना एक छोटे से गांव में हुई है, जहां आमतौर पर खेतों और मेढ़ों को लेकर किसानों के बीच झगड़े होते हैं, लेकिन इस बार झगड़ा सड़क पर हुआ, और यह वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि महिला अपने घर के बाहर खड़ी है और उसी समय उसका पड़ोसी सड़क पर झाड़ू लगाते हुए दिखाई देता है। महिला, जो अपने घर के बाहर पड़ी धूल को साफ कर रही थी, वह अचानक गुस्से में आकर पड़ोसी के झाड़ू से उड़ी धूल को अपने घर की तरफ फेंकने लगती है। यह देख पड़ोसी भी गुस्से में आकर अपने झाड़ू से महिला की ओर धूल फेंकने लगता है। इस विवाद का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता जाता है, और अब दोनों एक-दूसरे पर झाड़ू से वार करने लगते हैं।

महिला, जो पहले तो केवल अपने घर की सफाई करने की कोशिश कर रही थी, अब गुस्से में अपने पड़ोसी पर झाड़ू से हमला करने लगती है। इसके बाद, पड़ोसी भी महिला से निपटने के लिए उसे झाड़ू से वार करता है। महिला के वार से बचने के लिए पड़ोसी उसे धक्का दे देता है, जिससे महिला सड़क पर गिर जाती है। लेकिन महिला हार मानने वाली नहीं थी, और वह फिर से उठकर पड़ोसी पर हमला करने जाती है। इस बार, महिला का बचाव करने उसकी बेटी सामने आती है और वह दोनों के बीच बचाव करने की कोशिश करती है।

इस पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर लिया गया, और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर @gharkekalesh नामक अकाउंट से शेयर किया गया। इस वीडियो को अब तक 1.78 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और इस पर कई यूजर्स ने मजेदार और चुटीली टिप्पणियां की हैं। कुछ यूजर्स ने इसे हास्यपूर्ण तरीके से लिया, जबकि कुछ ने ऐसे झगड़ों को निंदनीय बताया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना पर अपनी राय व्यक्त करते हुए लिखा, “सफाई झाड़ू से जुड़ा भी क्लेश हो गया।” एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, “लोग अपना घर साफ करके दूसरों का घर गंदा करते हैं, वेरी बैड।”

वहीं एक और यूजर ने महिला की प्रतिक्रिया पर मजाक करते हुए कहा, “औरत की यही कहानी पहले हाथ चलाएंगे, फिर मार खाएंगे, उसके बाद विक्टिम कार्ड औरत वाला।” कुछ यूजर्स ने तो इसे महाभारत का उदाहरण भी माना। यह वीडियो एक उदाहरण बन गया है कि कैसे छोटे-छोटे विवाद कभी-कभी बड़ी लड़ाइयों का रूप ले सकते हैं, खासकर जब गुस्सा और तकरार अपने चरम पर पहुंच जाए। जहां एक ओर यह घटना हास्यप्रद लग रही है, वहीं दूसरी ओर यह हमें यह भी याद दिलाती है कि गुस्से को काबू में रखना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी छोटी सी बात भी बड़ी झगड़े का रूप ले सकती है।

बड़ी खबर : सरेंडर करने से पहले सौरभ शर्मा गिरफ्तार, लोकायुक्त पुलिस ने कोर्ट के बाहर से पकड़ा

भोपाल से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। जहां आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल धनकुबेर सौरभ शर्मा को लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सौरभ शर्मा कोर्ट में सरेंडर करने आया था जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सौरभ शर्मा के वकील ने इसे इलीगल बताया है और शर्मा की जान को खतरा बताया है। बता दें कि इससे पहले सौरभ शर्मा के वकील का बयान आया था कि कल 27 तारीख को सौरभ शर्मा को कोर्ट में हाजिर किया था क्योंकि लोकायुक्त की डायरी नहीं आई थी। इसलिए कोर्ट ने आज उसको उपस्थित होने के लिए कहा था। हम लोग कोर्ट आ गए थे। कोर्ट के बाहर लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं सौरभ शर्मा के वकील राकेश पाराशर ने इस गिरफ्तारी को इलीगल बताया है। उन्होंने कहा कि आवेदन कोर्ट में लगा रहे हैं। कोर्ट को बताया है कि उसकी गिरफ्तारी बाहर की गई है। लोकायुक्त ने कोर्ट के आदेश की अवमानना की है। लोकायुक्त की ड्यूटी है सौरभ को अभी या फिर 24 घंटे के भीतर मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में उपस्थित करना होगा। साथ ही मामले में वीडियोग्राफी कराने की मांग की। उन्होंने मांग की कि तीन कॉपी में वीडियोग्राफी कराई जाए एक पुलिस को दी जाए एक सौरभ शर्मा को और एक कोर्ट में पेश की जाए।

सौरभ के वकील राकेश पाराशर ने सौरभ शर्मा की जान को खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि किसी का नाम उसके मुंह से जबरन उगलवायेंगे। वकील ने कहा है कि पूछताछ की रिकॉर्डिंग होनी चाहिए, हमें अदालत पर भरोसा है पुलिस पर नहीं। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त ने वाहवाही लूटने के लिए गेट के बाहर से सौरभ को गिरफ्तार कर लिया। अब हम आवेदन लगा रहे हैं कि उसे कोर्ट में पेश किया जाए।

बता दें कि सौरभ शर्मा बीते 40 दिन से जांच एजेंसियों की पहुंच से बाहर था, सौरभ शर्मा पर ED, IT, लोकायुक्त ने जांच की है, सौरभ शर्मा के ठिकानों पर 19 दिसंबर को हुई छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति, सोना-चांदी दस्तावेज बरामद हुए थे जिसके बाद 19 दिसंबर की रात IT विभाग को भोपाल के पास मेंदोरी इलाके में 1 कार में 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिला था, जो कार सौरभ शर्मा के करीबी चेतन गौर के नाम पर है, जिसके बाद 27 दिसंबर को ED ने भी सौरभ शर्मा और उसके करीबियों के ठिकानों पर छापा मारकर करोड़ों की नकदी और संपत्ति जब्त की थी। उसी मामले में सौरभ शर्मा आज कोर्ट में पेश हो रहा था पर उसके पहले ही लोकायुक्त पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

Jharkhand News: वसूली मांगने आए उग्रवादियों को ग्रामीणों ने जमकर पीटा, 1 की मौत… 2 अन्य घायल

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झारखंड के लातेहार जिले में माओवादियों के अलग हुए गुट ‘झारखंड संघर्ष मुक्ति मोर्चा’ (झासमुमो) के प्रमुख को ग्रामीणों ने कथित तौर पर बुरी तरह पीटा जिसके बाद अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना में झासमुमो के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। यह घटना चंदवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बारी गांव में सोमवार रात हुई।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित संगठन झारखंड संघर्ष मुक्ति मोर्चा के सदस्यों और ग्रामीणों के बीच वसूली को लेकर झड़प हुई। लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने कहा, “गुट के सात सदस्य गांव के एक ईंट भट्ठे पर वसूली के लिए गए थे, जिसके बाद झड़प शुरू हो गई। इस दौरान झासमुमो के सरगना किशोर उर्फ अभय नायक और दो अन्य सदस्यों को ग्रामीणों ने पीट दिया, जबकि चार अन्य मौके से भागने में सफल रहे।”

अधिकारी ने बताया कि नायक ने चंदवा अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों का इलाज जारी है। अधिकारी ने कहा कि नायक के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह पहले भी जेल जा चुका था।

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