Monday, February 9, 2026
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महाकुंभ पर खरगे के बयान को लेकर भड़के हिमंत बिस्वा सरमा, पूछा- क्या हज यात्रा से गरीबी खत्म हो जाएगी

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के महाकुंभ पर दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सनातन धर्म के खिलाफ एक गहरी और परेशान करने वाली मानसिकता बताया। सरमा ने अपने एक्स (Twitter) हैंडल पर लिखा, “खरगे का महाकुंभ पर बयान अभूतपूर्व है और यह सनातन धर्म के खिलाफ एक गंभीर मानसिकता को दर्शाता है। मुझे लगता है कि यह राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी का आधिकारिक रुख है।”

क्या हज यात्रा से गरीबी दूर होगी- सरमा
मुख्यमंत्री ने 2001 में सोनिया गांधी द्वारा कुंभ में पवित्र स्नान करने का भी जिक्र किया और खरगे को हज यात्रा पर बयान देने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, “क्या वह यह कहने की हिम्मत करेंगे कि हज यात्रा से भूख और गरीबी जैसी समस्याएं हल नहीं होंगी?”

सीएम सरमा ने कांग्रेस से जुड़े हिंदू नेताओं से अपील की कि वे इस मामले पर विचार करें और एक स्पष्ट रुख अपनाएं। उन्होंने लिखा, “कांग्रेस से जुड़े सभी हिंदू नेताओं के लिए यह समय आत्ममंथन और एक स्पष्ट स्टैंड लेने का है। अपनी आस्था और धर्म से समझौता न करें, केवल सत्ता और पद के लिए। सनातन धर्म सदियों से प्रचलित है और इसे किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।”

मल्लिकार्जुन खरगे का बयान
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में महाकुंभ मेले के दौरान भाजपा नेताओं की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि क्या गंगा स्नान से देश में गरीबी खत्म हो जाएगी या भूखे लोगों को भोजन मिलेगा, और आरोप लगाया कि भाजपा नेता केवल कैमरे के लिए संगम में डुबकी लगाने आते हैं। यह बयान उन्होंने मध्य प्रदेश के महू में ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली में दिया था, जो डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जन्मस्थली है।

भाजपा का खरगे पर पलटवार 
हालांकि, बाद में खरगे ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी भी मांगी, यह कहते हुए कि उनका उद्देश्य किसी की आस्था का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा, “अगर किसी को बुरा लगा हो तो मैं माफी मांगता हूं, लेकिन जब बच्चों की मौत भूख से हो रही हो और मजदूरों को उनका हक नहीं मिल रहा हो, तो ये लोग हजारों रुपये खर्च कर डुबकी लगाने में लगे हैं, यह सवाल उठाना जरूरी था।” इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की नफरत हिंदू धर्म की आस्था पर हमला कर रही है।

रायबरेली: दर्दनाक सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत, मौनी अमावस्या स्नान के लिए जा रहा था परिवार

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां पर एक ट्रैक्टर और बोलेरो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। जबकि दो लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मौनी अमावस्या स्नान के लिए जा रहा था परिवार  
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा भदोखर थाना इलाके में लखनऊ प्रयागराज मार्ग पर मुंशीगंज बाईपास के पास का है। इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या हुई है। जिसमें एक महिला भी शामिल है। वहीं, दो लोगों को अस्पताल में भर्ती किया है। बताया जा रहा है कि पूरा परिवार मौनी अमावस्या स्नान के लिए जा रहा था। यह लखनऊ के तेलीबाग निवासी है। यह लोग बोलेरो में सवार होकर बुधवार को होने वाले मौनी अमावस्या स्नान के लिए महाकुंभ जा रहे थे। मंगलवार तड़के  मुंशीगंज में कान्हा ढाबा के पास बोलेरो की ट्रैक्टर से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए।

घटना के बाद फरार हुआ चालक
हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद मौका देखकर ट्रैक्टर सवार फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया। तभी पुलिस मौके पर पहुंची, जहां बोलेरो में सवार कुल छह लोगों को अस्पताल पहुंचाया। जिनमें चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान आशीष द्विवेदी (45), दीपेंद्र सिंह (40), माया (45) और रजनी (70) के तौर पर की गयी है। हादसे में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति का एम्स में इलाज चल रहा है।

iPhone चलाने वालो के लिए बड़ी खुशखबरी, WhatsApp पर दो नंबर एक कैसे साथ चलेंगे?

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iPhone यूजर्स के लिए एक खुशखबरी सामने आई है! अब जल्द ही iPhone पर भी WhatsApp पर दो नंबर एक साथ चलाने का फीचर मिलेगा, जैसा कि पहले Android यूजर्स को मिल चुका था। यह फीचर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा जिनके पास एक ऑफिस और एक पर्सनल नंबर होता है, लेकिन अब तक iPhone पर यह सुविधा नहीं थी। अब यह फीचर बीटा वर्जन में उपलब्ध है, और बहुत जल्द आम यूजर्स के लिए भी उपलब्ध होगा।

iPhone में दो नंबर कैसे चलेंगे?

Android में पहले से ही दो नंबर एक साथ चलाने का विकल्प मौजूद था। इसमें एक यूजर अपना पर्सनल नंबर और एक ऑफिस का नंबर जोड़ सकता था। Android पर यह फीचर बहुत आसान है, जहां यूजर को सेटिंग्स में जाकर दूसरा नंबर जोड़ने का विकल्प मिलता है, और फिर दोनों नंबर स्विच करके इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इस फीचर से, अब यूजर्स को वॉट्सऐप के दो अलग-अलग ऐप्स, यानी वॉट्सऐप और वॉट्सऐप बिजनेस की जरूरत नहीं होती, बल्कि एक ही ऐप में दोनों नंबर आसानी से चल सकते थे।

लेकिन iPhone में ऐसा फीचर नहीं था, जिससे लोग एक ही ऐप में दो नंबर इस्तेमाल कर सकें। अब यह फीचर iPhone के लिए बीटा वर्जन में दिखा है, और जल्द ही इसे iOS के लिए भी उपलब्ध कर दिया जाएगा। यानी अब iPhone यूजर्स भी आसानी से एक ही WhatsApp ऐप पर दो अलग-अलग नंबर चला सकेंगे।

क्या मिलेगा फायदा?

भारत जैसे देश में जहां लोग अक्सर दो मोबाइल नंबर रखते हैं—एक पर्सनल और दूसरा ऑफिस या काम के लिए—यह फीचर बहुत काम का साबित होगा। अब iPhone यूजर्स को दो ऐप्स डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी, और वे आसानी से एक ऐप में दोनों नंबर स्विच कर सकते हैं। इस फीचर से लोगों को अपने दोनों नंबर को संभालने में सुविधा होगी, खासकर जब वे एक ही ऐप के अंदर दोनों नंबरों का इस्तेमाल करना चाहते हों।

Web Version पर क्या होगा?

हालांकि, इस फीचर में एक छोटी सी समस्या है। अभी भी WhatsApp का वेब वर्जन केवल एक ही नंबर को सपोर्ट करता है, जिससे कि iPhone यूजर्स वेब पर दो नंबर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। लेकिन मोबाइल ऐप पर यह फीचर आसानी से काम करेगा, और यूजर्स एक ऐप में दो नंबर चला सकेंगे। यह फीचर आने वाले दिनों में अधिक सुविधाजनक और यूजर्स के लिए उपयोगी साबित होगा।

WABetaInfo की जानकारी

वॉट्सऐप से जुड़े हर नए फीचर पर बारीकी से नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने इस फीचर के बारे में जानकारी साझा की है। WABetaInfo के अनुसार, iPhone के लिए यह मल्टी-एकाउंट फीचर अब बीटा वर्जन में उपलब्ध है और इसे आम यूजर्स के लिए जल्द ही रोल आउट किया जाएगा। इसका मतलब है कि iPhone यूजर्स को अब अपने दो नंबरों को एक ऐप में इस्तेमाल करने की सुविधा मिल सकेगी, जैसा कि Android यूजर्स पहले से इस फीचर का आनंद ले रहे हैं।

भारत में बढ़ रहा है आध्यात्मिक पर्यटन, OYO ने महाकुंभ मेले के लिए बनाई विशेष योजनाएं – रितेश अग्रवाल

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ओयो के संस्थापक और सीईओ रितेश अग्रवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किया कि भारत में आध्यात्मिक पर्यटन का ट्रेंड बढ़ रहा है और ओयो इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी योजनाओं को तेजी से लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि ओयो होटल्स भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर अपनी सुविधाएं बढ़ाने की योजना बना रहा है।

रितेश अग्रवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भारत में आध्यात्मिक पर्यटन बढ़ रहा है और ओयो आपकी यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाने के लिए कदम बढ़ा रहा है। 2025 तक हम 12 प्रमुख तीर्थ स्थलों पर 500 होटल जोड़ेंगे ताकि श्रद्धालु अपनी आस्था यात्रा में ठहरने के लिए अच्छी जगह से समझौता न करें।”

ओयो की योजनाओं में सबसे प्रमुख शहर अयोध्या है। अग्रवाल के अनुसार राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या एक प्रमुख तीर्थ स्थल बन गया है और वहां ओयो 150 से अधिक नए होटल जोड़ने जा रहा है। ओयो ऐप पर अयोध्या की बुकिंग्स में साल दर साल (YoY) 39 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।इसके अलावा वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार और पुरी जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी ओयो होटल्स की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य है। रितेश ने बताया कि 2025 के महाकुंभ मेले के दौरान प्रयागराज में पहले ही बुकिंग की मांग दोगुनी हो चुकी है और इस कारण ओयो यहां 250 नए होटल जोड़ने की योजना बना रहा है। वहीं अमृतसर, उज्जैन, नासिक, वृंदावन और तिरुपति जैसे अन्य धार्मिक शहरों में भी ओयो की विस्तार योजनाएं हैं।

इस मौके पर अग्रवाल ने कहा, “यह सिर्फ होटल जोड़ने के बारे में नहीं है यह वास्तविक मांग को संबोधित करने के बारे में है।” उन्होंने आगे कहा कि धार्मिक पर्यटन से 2028 तक 59 बिलियन डॉलर (करीब ₹1,500 करोड़) का राजस्व और 2030 तक 140 मिलियन (14 करोड़) नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है और ओयो इस वृद्धि में अपना योगदान देने के लिए उत्साहित है।

वहीं अग्रवाल ने यह भी कहा कि अब आध्यात्मिक गंतव्यों की ओर वरिष्ठ नागरिकों से लेकर युवाओं तक की रुचि बढ़ रही है और ओयो का उद्देश्य उनकी तीर्थ यात्रा को और भी आसान और सार्थक बनाना है।

Fact Check: अभिनेता सैफ अली खान पर हमले के बाद बहन सोहा ने घर पर की पूजा, वायरल तस्वीर का सामने आया सच

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अभिनेता सैफ अली खान पर 16 जनवरी की रात हुए हमले के बाद उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल भर्ती करवाया गया, जहां उनकी सर्जरी की गई और अब सैफ अली खान अस्पताल से घर वापस लौट चुके हैं। अब इसी से जोड़कर एक तस्वीर वायरल की जा रही है, जिसमें एक्टर कुणाल खेमू और सोहा अली खान को बेटी इनाया के साथ पूजा करते हुए देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस तस्वीर को हालिया बताते हुए दावा कर रहे हैं कि सैफ अली खान के घर वापस आने के बाद दोनों ने पूजा की है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया। असल में कुणाल खेमू और सोहा अली खान की वायरल तस्वीर साल 2021 की दिवाली पूजा के समय की है, जिसे अब हालिया बताकर सैफ अली खान से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर Jay Raam Yadav ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “तैमूर, जहांगीर के फूफा और सैफ अली खान के जीजा जी। कुणाल खेमू यादव अपने साले साहब के कुशल मंगल हॉस्पिटल से लौट आने पर भगवान को आभार व्यक्त करते हुए। बगल में सोहा अली यादव भी हाथ जोड़े दिख रही है।”

वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने फोटो को गूगल लेंस के जरिए सर्च किया। हमें तस्वीर से जुड़ी खबर अमर उजाला की वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट 4 नवंबर 2021 को प्रकाशित की गई है। दी गई जानकारी के अनुसार, कुणाल खेमू और सोहा अली खान की यह फोटो दिवाली पूजा की है।

सर्च के दौरान वायरल तस्वीर से जुड़ी खबर एबीपी की वेबसाइट पर भी मिली। 4 नवंबर 2021 को प्रकाशित खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, सोहा अली खान और कुणाल खेमू ने बेटी इनाया के साथ दिवाली की और इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।

हमें वायरल तस्वीर कुणाल खेमू और सोहा अली खान के वेरिफाइड इंस्टाग्राम हैंडल पर मिली। 4 नवंबर 2021 को शेयर को गई तस्वीर के साथ कई अन्य तस्वीरें भी पोस्ट की गई थी, जिन्हे दिवाली पूजा का बताया गया है।

अधिक जानकारी के लिए हमने मुंबई में एंटरटेनमेंट को कवर करने वालीं दैनिक जागरण की वरिष्ठ पत्रकार स्मिता श्रीवास्तव से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह तस्वीर दिवाली के समय की है और पुरानी है।

अंत में हमने फोटो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर के करीब 2 हजार मित्र हैं। यूजर ने स्वयं को लखनऊ का रहने वाला बताया है।

भारत के छोटे शहरों में तेजी से बढ़ेगा रोजगार, 2033 तक मिल सकती हैं 24 मिलियन नई नौकरियां

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एक नई रिपोर्ट के अनुसार भारत के छोटे शहरों के तेज़ी से विकास से 2033 तक टियर 2 और टियर 3 बाजारों में लगभग 24 मिलियन नए रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की संभावना है। इसमें 75 प्रतिशत पुरुष और 25 प्रतिशत महिला कर्मचारी शामिल होंगे।

विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (डब्ल्यूटीटीसी) के अनुसार भारत में यात्रा और पर्यटन क्षेत्र की जीडीपी अगले दशक में 7.1 प्रतिशत सालाना बढ़ने का अनुमान है। इस समय पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र भारत में रोजगार का लगभग 8 प्रतिशत योगदान करता है।

एनएलबी सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्रीय खर्च 2034 तक 1.2 गुना बढ़ने की संभावना है जिससे देश में कुशल कार्यबल की आवश्यकता और अधिक बढ़ेगी। महामारी के बाद अधिक कनेक्टिविटी और धार्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता के कारण टियर 2 और 3 शहर अब पर्यटन के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं।

वहीं इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2028 तक इस क्षेत्र से 59 बिलियन डॉलर का राजस्व उत्पन्न होने का अनुमान है और 2030 तक बड़ी संख्या में अस्थायी और स्थायी नौकरियां सृजित होंगी। उदाहरण के तौर पर, महाकुंभ 2025 में होटल स्टाफ, टूर गाइड और ट्रैवल कोऑर्डिनेटर के लिए 1.2 मिलियन गिग और अस्थायी नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।

वहीं धार्मिक पर्यटन केंद्र जैसे अयोध्या, वाराणसी, हरिद्वार और मथुरा इस वृद्धि का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके साथ ही लखनऊ, जयपुर, कोच्चि और ऋषिकेश जैसे शहर भी अपने सांस्कृतिक महत्व और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण बढ़ रहे हैं।

इसके अलावा डेस्टिनेशन वेडिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स, इकोटूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन जैसे नए ट्रेंड्स भी इन शहरों को आगे बढ़ा रहे हैं। इस क्षेत्र की वृद्धि को बनाए रखने के लिए टूर गाइड, होटल स्टाफ और स्थानीय कारीगरों के प्रशिक्षण पर जोर देने की आवश्यकता है।

Mata Vaishno Devi : श्रद्धालुओं से भरी बस हुई भयानक हादसे का शिकार, मच गई चीख-पुकार

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जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के नगरोटा में कटरा जा रही बस हादसे का शिकार हो गई। इस दौरान बस में बैठे करीब 13 श्रद्धालु घायल हुए बताए जा रहे हैं। गनीमत रही कि किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ लेकिन घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार नगरोटा के जंबू जू के पास बस का एक्सीडेंट हुआ। यह बस जम्मू से कटरा की ओर जा रही थी। जैसे ही बस नगरोटा जंबू जू के पास पहुंची तो वहां खड़े टिप्पर के पीछे जाकर टकरा गई। बताया जा रहा है कि बस श्रद्धालुओं से भरी हुई थी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसर 10 से 13 श्रद्धालु इस हादसे में घायल हुए हैं जिन्हें जम्मू के जी.एम.सी. मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया गया है। वहीं हादसा होने का कारण अभी पता नहीं चल पाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है।

महिला में ट्रांसप्लांट की गई सुअर की किडनी, बनी सबसे लंबे समय तक स्वस्थ रहने वाली ‘Superwoman’

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अमेरिका के अलाबामा राज्य की टुवाना लूनी अब तक सबसे लंबे समय तक सुअर की किडनी के साथ स्वस्थ रहने वाली इंसान बन गई हैं। नवंबर 2024 में सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के बाद 53 साल की लूनी अब 61 दिन से इस किडनी के साथ जीवन जी रही हैं और उनकी सेहत भी अच्छी है। लूनी खुद को ‘सुपरवुमन’ मानती हैं और न्यूयॉर्क की सड़कों पर अपने परिवार के सदस्यों से भी तेज चलती हैं। उनकी यह सफलता वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के लिए एक उम्मीद बन गई है।

सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट

यह ट्रांसप्लांट ‘जीनोट्रांसप्लांटेशन’ प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसमें सुअरों के अंगों को जेनेटिकली मॉडिफाई किया जाता है ताकि वे इंसान के शरीर में बेहतर तरीके से काम कर सकें। सुअर की किडनी में 10 जेनेटिक बदलाव किए गए थे, ताकि वह इंसान के शरीर से मेल खा सके। इस प्रक्रिया के तहत लूनी की किडनी ट्रांसप्लांट की गई। ऑपरेशन सात घंटे तक चला और इसके 11 दिन बाद लूनी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।

लूनी ने 1999 में अपनी मां को एक किडनी दान की थी। कुछ साल बाद हाई ब्लड प्रेशर के कारण उनकी दूसरी किडनी को नुकसान हो गया और 2016 तक वह पूरी तरह से काम करना बंद कर गई। इसके बाद लूनी आठ साल तक डायलिसिस पर रहीं। फिर 25 नवंबर 2024 को न्यूयॉर्क के एनवाइयू लैगोन अस्पताल में उन्हें सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट की गई, जिससे उनकी जिंदगी को नया मोड़ मिला।

पहले के मरीजों की स्थिति

लूनी से पहले दो अन्य मरीजों को भी सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी, लेकिन वे ज्यादा समय तक जीवित नहीं रह सके। पहले मरीज रिक स्लेमन की ट्रांसप्लांट के दो महीने बाद मृत्यु हो गई। दूसरी मरीज लीसा पिसानो 47 दिन तक जीवित रही। 2023 में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी अस्पताल ने एक मृत व्यक्ति के शरीर में सुअर की किडनी ट्रांसप्लांट की थी, लेकिन वह किडनी 61 दिन बाद काम करना बंद कर गई।

ट्रंप ने ओबामा का आदेश पलटा, उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी का भी बदल दिया नाम

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर उत्तर अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी का नाम फिर से ‘माउंट मैकिन्ले’ कर दिया। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इसका नाम बदलकर ‘डेनाली’ रखा था। हालांकि, चोटी के आसपास का राष्ट्रीय उद्यान ‘डेनाली नेशनल पार्क एंड प्रिजर्व’ ही कहलाएगा। इस आदेश पर ट्रंप ने सोमवार को हस्ताक्षर किए। अपना फैसला सुनाते हुए ट्रंप ने कहा, “हम ‘माउंट मैकिन्ले’ के नाम को बहाल करेंगे। यह एक महान राष्ट्रपति, विलियम मैकिन्ले, का सम्मान है, जो इस नाम के हकदार हैं।” इससे पहले ट्रंप ने  ‘गल्फ ऑफ मैक्सिको’ को ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ का नाम घोषित किया है।

चोटी का नाम बदलने के इस फैसले में रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की का अहम योगदान रहा। उन्होंने नाम बदलने की प्रक्रिया को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आदेश में कहा गया, “यह आदेश राष्ट्रपति मैकिन्ले के प्रति सम्मान व्यक्त करता है, जिन्होंने हमारे देश के लिए अपना जीवन दिया और अमेरिका की विरासत को मजबूत किया। इस आदेश के तहत, 30 दिनों के भीतर ‘माउंट मैकिन्ले’ का नाम आधिकारिक रूप से बहाल किया जाएगा।” हालांकि, विलियम मैकिन्ले, जो अमेरिका के 25वें राष्ट्रपति थे, कभी अलास्का नहीं गए थे और उनका इस पहाड़ से कोई सीधा जुड़ाव नहीं था।

ओबामा ने 2015 में इस चोटी का नाम बदलकर ‘डेनाली’ कर दिया था, जो अलास्का के मूल निवासियों द्वारा सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा नाम है। ‘डेनाली’ का अर्थ कोयुकॉन एथाबास्कन भाषा में “महान” या “ऊंचा” होता है। ट्रंप के फैसले ने विवाद खड़ा कर दिया है। पर्यावरण और सांस्कृतिक समूहों ने इस कदम की आलोचना की है। सिएरा क्लब के भूमि संरक्षण कार्यक्रम के निदेशक एथन मैनुएल ने इसे अलास्का के मूल निवासियों की परंपरा की अनदेखी बताया। उन्होंने कहा, “यह चोटी सदियों से अलास्का के लोगों के लिए ‘डेनाली’ रही है।

 

यह कदम ट्रंप की सांस्कृतिक लड़ाई छेड़ने की मंशा दिखाता है।” ट्रंप ने अपने उद्घाटन भाषण के दौरान एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर  ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ रखा जाएगा।  उन्होंने कहा,  “यह खाड़ी अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए, इसे अब आधिकारिक रूप से ‘गुल्फ ऑफ अमेरिका’ कहा जाएगा।” इन फैसलों पर भारी विवाद शुरू हो गया है। कई लोगों का मानना है कि ये कदम सांस्कृतिक पहचान, ऐतिहासिक विरासत और पर्यावरण नीति पर बहस को और बढ़ावा देंगे।

Gold Rate January 28: एक दिन की राहत के बाद आज फिर महंगा हुआ सोना खरीदना, चेक करें कहां पहुंच गए दाम

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सोमवार को सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली थी। आज हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को दोनों की कीमतों में एक दिन की गिरावट के बाद फिर तेजी आई है। MCX पर आज गोल्ड के दाम 0.26 फीसदी की तेजी के साथ 79,786 रुपए है जबकि चांदी 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ 90,350 रुपए पर है।

2024 में गोल्ड ने 20% और सिल्वर ने 17% का रिटर्न दिया

बीते साल सोने का भाव 20.22% बढ़ा। वहीं, चांदी की कीमत में 17.19% की बढ़ोतरी हुई। 1 जनवरी 2024 को सोना 63,352 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो 31 दिसंबर 2024 को 76,162 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। वहीं इस दौरान, एक किलो चांदी की कीमत 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर 86,017 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें

हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड रहता है। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह होता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

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