Sunday, February 8, 2026
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पाकिस्तान में वरिष्ठ पत्रकार आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार

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पाकिस्तान (Pakistan) के पंजाब प्रांत की पुलिस ने एक वरिष्ठ पत्रकार को “पंजाबी अधिकारियों की हत्या को वैध” बताने पर आतंकवाद के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया है। दैनिक ‘खबरें’ के पूर्व संपादकीय प्रभारी और कई पुस्तकों के लेखक राज़िश लियाकतपुरी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। लियाकतपुरी लाहौर से लगभग 400 किलोमीटर दूर रहीम यार खान जिले से ताल्लुक रखते हैं। पत्रकार पर इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण अधिनियम (पीईसीए) की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया, “पुलिस ने पत्रकार और लेखक राज़िश लियाकतपुरी के खिलाफ आतंकवाद और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर पंजाबी अधिकारियों की हत्या को कानूनन सही बताया था और पंजाब में एक नए प्रांत – सरायकिस्तान – को पंजाबी प्रशासन के चंगुल से मुक्त करने की मांग की थी।” राज़िश के परिवार और लियाकतपुर के पत्रकारों ने आरोप लगाया कि उन्हें तीन दिन पहले पुलिस की छापेमारी के बाद हिरासत में लिया गया था। उन्हें अज्ञात स्थान पर अवैध हिरासत में रखा और शनिवार रात तक उनकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई और रविवार तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।

‘डॉन’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, राज़िश के परिवार और लियाकतपुर के पत्रकारों ने आरोप लगाया कि सराइकी भाषा के लिए आवाज उठाने के कारण उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। पंजाब प्रांत के दक्षिणी क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का मानना है कि मध्य पंजाब का शासक वर्ग दक्षिणी क्षेत्र के संसाधनों का दोहन कर रहा है, इसलिए इस क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया। उनका मानना है कि सरायकिस्तान का गठन दक्षिणी पंजाब के लोगों की समस्याओं का समाधान कर सकता है।

विदेश सचिव मिसरी ने चीन के विदेश मंत्री से की मुलाकात, वांग बोले-दोनों देश शक के बजाय प्रतिबद्धता से करें काम

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विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। मिसरी भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने के लिए चीनी अधिकारियों के साथ बातचीत करने के सिलसिले में दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए हैं। वांग विदेश मंत्री होने के साथ-साथ सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के शक्तिशाली राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और भारत-चीन सीमा तंत्र के लिए चीन के विशेष प्रतिनिधि हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल भारतीय पक्ष के विशेष प्रतिनिधि हैं। मिसरी की यात्रा पिछले महीने विशेष प्रतिनिधि तंत्र के तहत वांग और डोभाल के बीच वार्ता के बाद हुई है।

मिसरी के साथ बैठक में वांग ने कहा कि पिछले वर्ष रूस के कजान में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच बैठक के बाद से दोनों पक्षों ने दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को गंभीरतापूर्वक क्रियान्वित किया है, सभी स्तरों पर सक्रिय बातचीत की है तथा चीन-भारत संबंधों में सुधार की प्रक्रिया को गति दी है। सोमवार की बैठक को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वांग ने कहा कि दोनों पक्षों को अवसर का लाभ उठाना चाहिए, एक-दूसरे से मुलाकात करनी चाहिए, अधिक ठोस उपाय तलाशने चाहिए, तथा एक-दूसरे पर संदेह, एक दूसरे से अलगाव के बजाय आपसी समझ, आपसी समर्थन को लेकर प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए।

वांग ने कहा कि चीन-भारत संबंधों में सुधार व विकास दोनों देशों और उनके लोगों के मौलिक हितों में है, तथा ‘ग्लोबल साउथ’ देशों के वैध अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए अनुकूल है। वांग ने कहा कि भारत और चीन के बीच अच्छे संबंध एशिया और दुनिया की दो प्राचीन सभ्यताओं की शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि में योगदान देने के लिए भी अनुकूल हैं।

CIA का खुलासाः चीन की प्रयोगशाला से ही हुई कोरोना की उत्पत्ति ! दुनिया में जानबूझकर फैलाया गया था वायरस

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अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) ने कोरोना वायरस को लेकर नया खुलासा किया है । CIA  का मानना ​​है कि कोविड-19 महामारी के लिए जिम्मेदार वायरस की उत्पत्ति  प्रयोगशाला से ही हुई है और इसे दुनिया में  जानबूझकर फैलाया गया। CIA  के एक आकलन के अनुसार, यह आशंका चीन पर उंगली   उठाती है, हालांकि खुफिया एजेंसी को अपने निष्कर्षों पर पूर्ण विश्वास नहीं है। यह निष्कर्ष किसी नयी खुफिया जानकारी का परिणाम नहीं है, तथा शनिवार को जारी की गई रिपोर्ट पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन और पूर्व CIA निदेशक विलियम बर्न्स के आदेश पर पूरी की गई है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एजेंसी का नेतृत्व करने के लिए चुने गए जॉन रैटक्लिफ के आदेश पर इस रिपोर्ट को शनिवार को सार्वजनिक किया गया। CIA का सूक्ष्म निष्कर्षों के आधार पर मानना ​​है कि साक्ष्यों की समग्रता से यह पता चलता है कि कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस की उत्पत्ति प्राकृतिक उत्पत्ति की तुलना में प्रयोगशाला में होने की अधिक आशंका है।

CIA के प्रमुख रैटक्लिफ ने फॉक्स न्यूज को बताया, ‘‘मुझे अपने पहले दिन ही बाइडेन प्रशासन में वास्तव में हुए एक आकलन को सार्वजनिक करने का अवसर मिला। इसलिए इस पर राजनीतिक होने का आरोप नहीं लगाया जा सकता।” उन्होंने कहा कि CIA ने यह आकलन किया है कि दुनिया भर में इतनी तबाही मचाने वाली इस महामारी का सबसे संभावित कारण वुहान में एक प्रयोगशाला से संबंधित घटना थी। ‘‘और इसलिए हम आगे भी इसकी जांच जारी रखेंगे।”

भारत ने 5G Smartphone शिपमेंट के मामले में अमेरिका को पछाड़ा, बना दूसरा सबसे बड़ा 5जी मोबाइल बाजार

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भारत मोबाइल बाजार में तेजी से आगे बढ़ रहा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 5जी स्मार्टफोन शिपमेंट के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है और अब यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा 5जी मोबाइल बाजार बन चुका है।

भारतीय मोबाइल पर सबसे ज्यादा क्या करते हैं?

मोबाइल उपयोग को लेकर Sensor Tower की “State of Mobile 2025” रिपोर्ट ने बताया है कि भारत के लोग दुनियाभर के मुकाबले ज्यादा ऐप डाउनलोड करते हैं और मोबाइल ऐप पर अधिक समय बिताते हैं। हालांकि ऐप के जरिए सामान खरीदने में भारत अब भी पीछे है।

ऐप खरीदारी में भारत क्यों पीछे है?

भारत ऐप से हुई कमाई के मामले में टॉप 20 देशों में भी शामिल नहीं है। जबकि कई देशों में ऐप्स के जरिए शॉपिंग का चलन बढ़ रहा है भारत में यह उतना लोकप्रिय नहीं हो पाया है।

ऐप डाउनलोड में गिरावट लेकिन इस्तेमाल बढ़ा

भारत में 2024 में ऐप डाउनलोड कम हो गए हैं।

➤ 2024 में: 24.3 बिलियन (2400 करोड़) ऐप डाउनलोड हुए।
➤ 2023 में: 25.6 बिलियन (2500 करोड़)।
➤ 2022 में: 26.6 बिलियन (2600 करोड़)।

हालांकि ऐप डाउनलोड कम होने के बावजूद भारतीय लोग ऐप पर समय ज्यादा बिताने लगे हैं।

➤ 2024 में: भारतीयों ने 1.12 ट्रिलियन घंटे (1 लाख करोड़ घंटे) ऐप्स पर बिताए।
➤ 2023 में: 991 बिलियन घंटे (99 हजार करोड़ घंटे)।
➤ 2022 में: 841 बिलियन घंटे (84 हजार करोड़ घंटे)।

कौन-से ऐप्स पर सबसे ज्यादा समय?

भारत में सोशल मीडिया और मीडिया एवं एंटरटेनमेंट ऐप्स सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। हालांकि इन ऐप्स के डाउनलोड में भी गिरावट आई है।

डेटिंग ऐप्स में तेजी

डेटिंग ऐप्स के रेवेन्यू में 2024 में 25% की बढ़त हुई और यह $55 मिलियन (475 करोड़ रुपये) तक पहुंच गया।

➤ सबसे ज्यादा लोकप्रिय ऐप: Bumble।

अंत में कहा जा सकता है कि भारत 5जी और ऐप उपयोग के मामले में भले ही तेजी से बढ़ रहा हो लेकिन ऐप के जरिए खरीदारी और कुछ अन्य क्षेत्रों में अभी सुधार की जरूरत है। फिर भी भारतीयों का मोबाइल पर समय बिताने का आंकड़ा हर साल बढ़ता जा रहा है जो डिजिटल विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

दुनिया के हर हाथ में होगा Made in India iPhone! Apple भारत में करेगी नई डील

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चीन से बढ़ती दूरी के बीच Apple जैसी दिग्गज कंपनी अब भारत में iPhone निर्माण पर अपना फोकस बढ़ा रही है। कंपनी न केवल अपने पॉपुलर iPhone स्मार्टफोन्स का प्रोडक्शन भारत में कर रही है, बल्कि लोकलाइजेशन पर भी जोर दे रही है यानी iPhone में भारतीय निर्मित कंपोनेंट्स का अधिक उपयोग किया जाएगा। इस दिशा में Apple, बाबा कल्याणी की कंपनी भारत फोर्ज के साथ एक डील को लेकर बातचीत कर रही है। अगर यह डील सफल होती है, तो भारत iPhone निर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है और वह दिन दूर नहीं जब दुनिया भर में “मेड इन इंडिया” iPhones का बोलबाला होगा।

एप्पल ने साल 2020 से भारत में आईफोन बनाना शुरू किया और सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना का फायदा उठाया। कंपनी यहां बनने वाले अपने ज्यादातर आईफोन का एक्सपोर्ट करती है। साल 2024 में कंपनी का इंडिया में बने आईफोन का एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 12.8 बिलियन डॉलर (करीब 1100 अरब रुपए) का रहा है। इसी तरह कंपनी ने आने वाले सालों में इंडिया में 30 बिलियन डॉलर की वैल्यू के प्रोडक्शन का लक्ष्य बनाया है।

बाबा कल्याणी बनेंगे एप्पल के साथी?

पुणे की ‘भारत फोर्ज’ को 76 साल के बाबा कल्याणी संभालते हैं। उनकी कंपनी ऑटोमोटिव से लेकर कंस्ट्रक्शन, माइनिंग, रेलवे, एरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में काम करती है। एप्पल के साथ अगर कंपनी की बातचीत सफल रहती है तो ये उसके लिए कंपोनेंट्स और मैकेनिक्स बनाएगी। भारत की ये चौथी ऐसी कंपनी होगी जो एप्पल आईफोन के लिए सप्लायर का काम करेगी। अभी टाटा ग्रुप, मदरसन ग्रुप और एइक्यूस कंपनी एप्पल के लिए काम कर रही हैं।

चीन छोड़कर भारत आए एप्पल सप्लायर

अगर एप्पल के सप्लायर्स की लिस्ट देखें, तो कई कंपनियों ने चीन छोड़कर भारत का रुख किया है। एप्पल की सबसे बड़ी असेंबलिंग पार्टनर फॉक्सकॉन ने इंडिया में अपना प्लांट लगाया है जबकि टाटा ग्रुप भी दो फैक्टरी में एप्पल की असेंबलिंग कर रहा है। इसके अलावा एप्पल के लिए बैटरीपैक्स बनाने का काम सनवोडा, केबल्स बनाने का काम फॉक्सलिंक और एंक्लोजर्स बनाने का काम एइक्यूस कर रहा है।

एप्पल के सबसे बड़े सप्लायर्स में से एक एमपेरेक्स टेक्नोलॉजी ने मानेसर हरियाणा में बैटरी सेल्स की फैक्टरी लगाई है जिसका प्रोडक्शन जल्द शुरू होने वाला है। वहीं मदरसन ग्रुप का हांगकांग की बीआईईएल क्रिस्टल मैन्युफैक्टरी के साथ एक जॉइंट वेंचर बनाने का प्रस्ताव है, जिस पर सरकार अभी विचार कर रही है।

एप्पल ने जब 2020 में भारत में आईफोन बनाना शुरू किया तो उसका लोकल वैल्यू एडिशन 5 से 8 प्रतिशत था। अब कंपनी इसे 15 से 18 प्रतिशत करने पर काम कर रही है।

भविष्य के लिए कार्यबल तैयार करने को बजट में कौशल विकास के लिए आवंटन बढ़ाने की जरूरत: टाटा टेक

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टाटा टेक्नोलॉजीज ने आम बजट से पहले सोमवार को कौशल विकास उपायों के लिए आवंटन बढ़ाने की अपील की, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुसार कार्यबल तैयार किया जा सके। टाटा टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक वारेन हैरिस ने बयान में कहा कि 5,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के मसौदे में दर्ज भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बजट में नवाचार आधारित नीतियों, उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश और देश में उत्पादों के विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट विनिर्माण, कृत्रिम मेधा (एआई), डिजिटल बदलाव और सॉफ्टवेयर-परिभाषित वाहनों (एसडीवी) जैसे प्रमुख वृद्धि के कारकों के लिए सरकारी समर्थन की आवश्यकता है। यह समर्थन अनुसंधान एवं विकास, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे में निवेश के रूप में हो सकता है। हैरिस ने बजट से कंपनी की उम्मीदों के बारे में कहा, ‘‘हम उद्योग 4.0 के साथ जुड़ी कौशल विकास पहल के लिए आवंटन बढ़ाने की सिफारिश करते हैं, जिससे भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण हो सके जो एआई, आईओटी और साइबर सुरक्षा जैसी उन्नत प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता पाने में सक्षम हो।”

उन्होंने कहा कि स्थिरता और हरित परिवहन पर भारत के ध्यान को इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को अपनाने और विनिर्माण को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों से फायदा मिल सकता है। हैरिस ने यह भी कहा कि सुव्यवस्थित जीएसटी मानदंड और ईवी कलपुर्जों, उच्च तकनीक विनिर्माण और सॉफ्टवेयर सेवाओं के लिए उन्नत पीएलआई योजनाएं वृद्धि को गति देंगी।

पिता ने 2 साल की बेटी की कुल्हाड़ी मारकर बेरहमी से की हत्या, पत्नी के चरित्र पर करता था शक

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी पिता ने अपनी दो साल की दूधमुंही बेटी की निर्ममता से हत्या कर दी। घटना डिंडौरी जिले के बजाग थाना क्षेत्र अंतर्गत धुरकुटा गांव की है। सूचना पर पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर आगामी कार्रवाई शुरु कर दी है।

बताया जा रहा है कि पिता राजकुमार अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और दो साल की बेटी को नाजायज संतान मानता था। इसी के चलते शनिवार दोपहर आरोपी और उसकी पत्नी के बीच जमकर विवाद हुआ जिसको लेकर आरोपी ने दो साल की बेटी के सिर में कुल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

घटना की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद फरार आरोपी को पुलिस ने गांव से लगे जंगल से गिरफ्तार कर लिया है और मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

वन नेशन, वन इलेक्शन’ रिपोर्ट पर सरकार ने कितने रुपए खर्च किए, RTI से हुआ खुलासा

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‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ योजना, जिसे लेकर उच्च स्तरीय कमेटी ने एक रिपोर्ट तैयार की है, इस रिपोर्ट के खर्च को लेकर अब एक बड़ा खुलासा हुआ है। आरटीआई (RTI) के माध्यम से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस रिपोर्ट को तैयार करने में सरकार ने कुल 95 हजार 344 रुपये खर्च किए, यानी प्रति दिन लगभग 491 रुपये का खर्च आया। यह खुलासा RTI के जवाब में किया गया है।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ क्या है?

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का उद्देश्य देश में लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने का है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल सरकारी खर्च में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक कामकाज में भी सुधार होगा और चुनावी प्रक्रिया को सरल बनाया जा सकेगा। इस योजना के तहत चुनावों के आयोजन में होने वाले खर्च और प्रशासनिक दबाव को घटाने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था, जिसने इस रिपोर्ट को तैयार किया। कमेटी के अन्य सदस्य थे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गुलाम नबी आजाद, एनके सिंह, सुभाष कश्यप, हरीश साल्वे, संजय कोठारी और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल। कमेटी का गठन 2 सितंबर 2023 को किया गया था, और उसने 14 मार्च 2024 को रिपोर्ट सरकार को सौंप दी।

रिपोर्ट तैयार करने में आया कितना खर्च?

RTI से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस रिपोर्ट को तैयार करने में कुल 95 हजार 344 रुपये का खर्च आया। यह खर्च रिपोर्ट के ड्राफ्ट, रिसर्च, ट्रैवल, प्रिंटिंग और पब्लिकेशन सहित कई श्रेणियों में बांटा गया है। हालांकि, रिपोर्ट तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों ने कोई भी फीस नहीं ली। वे सभी बिना किसी भुगतान के इस कार्य में शामिल हुए। इस खर्च का विवरण अलग-अलग कैटेगरी में आया है, जिसमें कार्यालय खर्च, प्रोफेशनल फीस, टेलीकम्यूनिकेशन, कंप्यूटर खर्च और डिजिटल उपकरण शामिल हैं। रिपोर्ट तैयार करने में जो समय लगा, उस दौरान इन खर्चों को ध्यान में रखते हुए यह आंकड़ा पेश किया गया है।

कमेटी के सदस्यों ने नहीं ली कोई फीस

रिपोर्ट तैयार करने वाली इस कमेटी के सदस्य सभी प्रमुख और सम्मानित व्यक्ति हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि इन सदस्यों ने इस कार्य के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया। रिपोर्ट तैयार करने के लिए उनके द्वारा दी गई सेवाएं पूरी तरह से नि:शुल्क थीं, जो एक महत्वपूर्ण बात है।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के फायदे

सरकार के अनुसार, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से न केवल खर्च में कमी आएगी, बल्कि यह प्रशासनिक कामकाज की गति को भी बढ़ाएगा। एक साथ चुनाव कराने से चुनावी आदर्शों का पालन सुनिश्चित होगा और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जा सकेगा।

हालांकि, इस प्रस्ताव पर राजनीतिक बहस जारी है, और कई लोगों का मानना है कि इससे राज्यों की स्वतंत्रता और स्वायत्तता पर असर पड़ सकता है। इस प्रस्ताव पर अब चर्चा जारी है, और यह देखना बाकी है कि भविष्य में इसे लेकर कौन-कौन सी विधायिकाएं और निर्णय लिए जाएंगे।

अंतरिक्ष से दिखा संगम का अद्भुत नजारा, ISS ने खींची महाकुंभ की तस्वीरें

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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से खींची गईं तस्वीरों में महाकुंभ मेले का अद्भुत नजारा दिखाई दिया है। दरअसल, नासा के अंतरिक्ष यात्री डॉन पेटिट ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से महाकुंभ की 2 तस्वीरें X पर शेयर की हैं। तस्वीरों में अंतरिक्ष से धरती पर सिर्फ महाकुंभ रोशनी से जगमग दिख रहा है।

तस्वीरों में दिख रहा कुंभ मेला रौशनी से जगमगाता
एक अधिकारिक बयान में कहा गया है विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ मेले की तस्वीरें सिर्फ जमीन पर नहीं बल्कि अंतरिक्ष से भी खीचीं जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) ने रविवार रात को अंतरिक्ष से महाकुम्भ की आश्चर्यचकित कर देने वाली तस्वीरें कैद की हैं, जिनमें महाकुंभ मेले का अद्भुत नजारा देखने को मिला। आईएसएस के अंतरिक्ष यात्री डोनाल्ड पेटिट द्वारा ‘एक्स’ पर साझा की गईं इन तस्वीरों में गंगा नदी के तट पर आयोजित कुंभ मेला रौशनी से जगमगाता हुआ दिख रहा है।

महाकुंभ मेले का अद्भुत नजारा देखने को मिला’
महाकुंभ दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु गंगा नदी में स्नान करते हैं। अब तक 13 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। पेटिट ने तस्वीरें साझा करते हुए लिखा है कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से खींची गई तस्वीरों में 2025 के महाकुंभ मेले का अद्भुत नजारा देखने को मिला। बयान के अनुसार पेटिट (69) ने ये तस्वीरें खीचीं हैं। वह बीते 555 दिन से आईएसएस में हैं और नासा के सबसे वृद्ध सक्रिय अंतरिक्ष यात्री हैं।

राहुल गांधी बोले- आरक्षण को 50 फीसदी से ज्यादा करेंगे, भाजपा-RSS गरिबों दलितों को गुलाम बना रही

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को भाजपा और आरएसएस पर बी आर आंबेडकर तथा उनके द्वारा बनाए गए संविधान का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सत्ता में बैठे लोगों से संविधान को बचाने का काम करें। यहां ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने यह भी घोषणा की कि केंद्र में सत्ता में आने के तुरंत बाद कांग्रेस देशव्यापी जाति जनगणना कराएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा कभी नहीं कराएंगे।

गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस आरक्षण की सीमा को खत्म देगी इसे 50 फीसदी से बढ़ा देगी और लोकसभा तथा राज्यसभा दोनों में इस संबंध में कानून लाएगी। उन्होंने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर अरबपतियों के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और गरीबों को एक बार फिर गुलाम बनाया जा रहा है क्योंकि रोजगार के अवसर खत्म किए जा रहे हैं और देश की संपत्ति केवल कुछ पूंजीपतियों को सौंपी जा रही है। गांधी ने कहा, ‘‘भाजपा और आरएसएस देश में आजादी से पहले जैसी स्थिति चाहते हैं, जहां गरीबों के पास कोई अधिकार न हो और यह केवल अमीरों के पास हो।”

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को बदलने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया और कहा कि इसीलिए उन्होंने पिछले साल के लोकसभा चुनाव में ‘‘400 पार” का नारा दिया था। गांधी ने रैली में कहा, ‘‘जिस दिन हमारा संविधान बदल जाएगा, उस दिन देश में पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों के लिए कुछ भी नहीं बचेगा।”

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