Sunday, February 8, 2026
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अमेरिका में अवैध अप्रवासियों पर कसा शिकंजा, सुरक्षा अधिकारियों ने धरपकड़ के लिए गुरुद्वारों में मारे छापे

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अमेरिका के गृह मंत्रालय (DHS) के सुरक्षा अधिकारियों ने अवैध अप्रवासियों की जांच के लिए न्यूयॉर्क ( New York)  और न्यूजर्सी (New Jersey)के गुरुद्वारों (Gurdwaras) का दौरा किया, जिस पर कुछ सिख संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। सिख संगठनों ने इस तरह की कार्रवाई को अपनी आस्था की पवित्रता के लिए खतरा बताया है। माना जाता है कि सिख अलगाववादियों के साथ साथ वैध दस्तावेज के बगैर रह रहे कुछ अप्रवासी न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के कुछ गुरुद्वारों का उपयोग करते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के कुछ ही घंटों के भीतर गृह मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री बेंजामिन हफमैन ने एक निर्देश में आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) एवं सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) प्रवर्तन कार्रवाइयों के लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के प्रशासन के उन दिशानिर्देशों को रद्द कर दिया, जो तथाकथित ‘‘संवेदनशील” क्षेत्रों में या उसके आस पास कानून को लागू करने बाधा पहुंचाते हैं। इन ‘‘संवेदनशील” क्षेत्रों में गुरुद्वारे और गिरजाघर जैसे पूजा स्थल शामिल हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह कार्रवाई सीबीपी और आईसीई के अधिकारियों को हमारे आव्रजन कानूनों को लागू करने और हत्यारों एवं बलात्कारियों सहित आपराधिक विदेशियों को पकड़ने में सशक्त बनाती है, जो अवैध रूप से हमारे देश में आए हैं।”

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अपराधी अब गिरफ्तारी से बचने के लिए अमेरिका के स्कूलों और गिरजाघरों में छिप नहीं पाएंगे। ट्रंप प्रशासन हमारे बहादुर अधिकारियों के हाथ नहीं बांधेगा और इसके बजाय उसे भरोसा है कि अधिकारी ऐसे मामलों में अपने विवेक का इस्तेमाल करेंगे।” एक बयान में ‘सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड’ (SALDF) ने आव्रजन प्रवर्तन कार्रवाइयों पर प्रतिबंध के संबंध में पूजा स्थलों जैसे ‘‘संवेदनशील क्षेत्रों” को नामित करने वाले पूर्व के दिशा-निर्देशों को रद्द करने के निर्देश पर गंभीर चिंता व्यक्त की।  SALDF ने कहा, ‘‘नीति में परेशान करने वाले इस बदलाव के साथ ही समुदाय से ऐसी रिपोर्ट सामने आई, जिसमें निर्देश जारी होने के कुछ ही दिनों बाद डीएचएस अधिकारियों ने न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी क्षेत्रों में गुरुद्वारों का दौरा किया।”

SALDF की कार्यकारी निदेशक किरण कौर गिल ने कहा, ‘‘हम गृह मंत्रालय के उस निर्णय से बहुत चिंतित हैं, जिसमें संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा समाप्त कर दी गई है और गुरुद्वारों जैसे पूजा स्थलों को निशाना बनाया गया है।” गिल ने कहा कि गुरुद्वारे सिर्फ पूजा स्थल नहीं हैं, वे महत्वपूर्ण सामुदायिक केंद्र हैं जो सिखों और व्यापक समुदाय को सहायता, पोषण और आध्यात्मिक सांत्वना प्रदान करते हैं। गिल ने कहा, ‘‘इन स्थानों को कार्रवाई के लिए निशाना बनाना हमारी आस्था की पवित्रता को खतरे में डालता है और देश भर के अप्रवासी समुदायों को एक चिंताजनक संदेश देता है।”

ट्रंप के टैरिफ एक्शन से तुरंत घुटनों पर आया कोलंबिया, प्रवासियों से भरा विमान देश में प्रवेश करने की दी अनुमति

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अमेरिका और कोलंबिया रविवार को व्यापार युद्ध के कगार से तब पीछे हट गए  दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र निर्वासित प्रवासियों को ले जाने वाले सैन्य विमानों को स्वीकार करने के लिए सहमत हो गया। व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोलंबिया पर टैरिफ और प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी, क्योंकि इससे पहले उन्होंने अपने व्यापक आव्रजन अभियान के तहत निर्वासितों को ले जाने वाले सैन्य विमानों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। रविवार को देर से एक बयान में  व्हाइट हाउस ने  अवैध कोलंबियाई प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने के मुद्दे पर जीत का दावा किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने दावा किया है कि कोलंबिया प्रवासियों के इस विमान को प्रवेश की अनुमति देने पर सहमत हो गया है।

अवैध कोलंबियाई प्रवासियों को निर्वासित करने के लिए बोगोटा जा रहे दो अमेरिकी सैन्य विमानों को प्रवेश की अनुमति नहीं दिए जाने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया के खिलाफ शुल्क, वीजा प्रतिबंध और अन्य जवाबी कदम उठाने का आदेश दिया था जिसके कुछ ही घंटों बाद दक्षिण अमेरिकी देश ने भी अमेरिका पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने का फैसला किया था। अमेरिका की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने रविवार देर रात एक बयान में कहा कि कोलंबिया सरकार ने ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप की सभी शर्तों पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें अमेरिका से निर्वासित कोलंबिया के सभी अवैध प्रवासियों को अमेरिकी सैन्य विमानों के साथ और बिना किसी सीमा या देरी के स्वीकार किए जाने की शर्त भी शामिल है।”

लेविट ने कहा कि शुल्क संबंधी जिस आदेश के तहत कोलंबिया से आने वाले सभी सामान पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया जाना था और फिर एक सप्ताह में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाना था, उसे रोका गया है और उस पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि जब तक अवैध कोलंबियाई प्रवासियों को ले जाने वाला पहला विमान सफलतापूर्वक लौट नहीं आता, तब तक ट्रंप कोलंबिया के अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध जारी रखेंगे और कोलंबिया से आने वाली वस्तुओं की सीमा पर जांच बढ़ाई जाएगी। ‘व्हाइट हाउस’ की इस घोषणा पर कोलंबिया सरकार ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।

Sarkari Naukri 2025: रेलवे, बैंक और पुलिस में मिल रहे हैं लाखों मौके, तुरंत करें आवेदन!

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2025 में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका है। जनवरी महीने में रेलवे, बैंक, पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में कई बंपर भर्तियां निकाली गई हैं। अगर आप भी सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक हैं, तो इन भर्तियों के लिए तुरंत आवेदन करें। संबंधित विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर आप आवेदन की पूरी प्रक्रिया और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहां हम आपको 2025 की प्रमुख सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

रेलवे में 1036 पदों पर भर्तियां
भारतीय रेलवे ने 1036 पदों के लिए भर्ती निकाली है। आवेदन प्रक्रिया 7 जनवरी 2025 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 6 फरवरी 2025 है। इस भर्ती के तहत विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं, जिसमें 12वीं पास, बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री, और टीचिंग की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार शामिल हैं। टीचर के पदों के लिए बीएड, डीएलएड या टीईटी (Teacher Eligibility Test) पास होना जरूरी है। आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी प्रक्रिया को समझ सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

ओडिशा पुलिस में 933 सब इंस्पेक्टर और अन्य पदों पर भर्ती
ओडिशा पुलिस भर्ती बोर्ड ने 933 सब इंस्पेक्टर और अन्य विभिन्न पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 10 फरवरी 2025 (रात 10 बजे तक) है। इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता (Physical Efficiency Test), और शारीरिक परीक्षण (Physical Test) से गुजरना होगा। भर्ती प्रक्रिया के सफल उम्मीदवारों को प्रतिमाह 35,400 रुपये का वेतन मिलेगा।

पदों की संख्या और वेतन
– पदों की संख्या: 933
– वेतन: 35,400 रुपये प्रति माह
– चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता, और शारीरिक परीक्षण
– अंतिम तिथि: 10 फरवरी 2025 (रात 10 बजे तक)

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 266 जोन बेस्ड ऑफिसर पदों पर भर्ती
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने जोन बेस्ड ऑफिसर के 266 पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 9 फरवरी 2025 है। इस भर्ती में विभिन्न शहरों के लिए पदों की घोषणा की गई है। इनमें अहमदाबाद के लिए 123 पद, चेन्नई के लिए 58 पद, गुवाहाटी के लिए 43 पद और हैदराबाद के लिए 42 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन इंटरव्यू और लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार 9 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं।

पदों की संख्या
– पदों की संख्या: 266 (अहमदाबाद, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद के लिए)
– चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा और इंटरव्यू
– अंतिम तिथि: 9 फरवरी 2025

दिल्ली में DSSSB PGT शिक्षक भर्ती
दिल्ली में DSSSB (Delhi Subordinate Services Selection Board) ने पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के 432 पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 फरवरी 2025 है। यह भर्ती दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पदों के लिए है। इस भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

पदों की संख्या
– पदों की संख्या: 432 (PGT शिक्षक)
– अंतिम तिथि: 14 फरवरी 2025

2025 में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा निकाली गई भर्तियां नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर हैं। इनमें रेलवे में 1036 पद, ओडिशा पुलिस में 933 पद, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 266 पद और दिल्ली में 432 PGT शिक्षक पदों पर आवेदन किए जा सकते हैं। अगर आप भी इनमें से किसी एक में आवेदन करने का विचार कर रहे हैं, तो जल्द से जल्द संबंधित विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

महाराष्ट्र के डोंबिवली में तीसरी मंजिल से गिरा 2 साल का बच्चा, हुआ चमत्कार, CCTV फुटेज देखें

महाराष्ट्र के डोंबिवली के देवीचापाड़ा इलाके में रविवार सुबह एक चमत्कारिक घटना घटी, जिसने सभी को हैरान कर दिया। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ‘जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय’

कैसे घटी घटना?

13 मंजिला इमारत के तीसरी मंजिल से गिरते हुए दो वर्षीय बच्चे को वहां रहने वाले भावेश म्हात्रे नाम के युवक ने अपनी जान की परवाह किए बिना बचाने की कोशिश की। भावेश ने तेजी से दौड़कर बच्चे को कैच करने का प्रयास किया। हालांकि, बच्चा उनके हाथ से फिसल गया, लेकिन इस बहादुरी से वह सीधे जमीन पर गिरने से बच गया और सिर्फ मामूली चोटें आईं।

सीसीटीवी में कैद हुई घटना

यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें भावेश की तत्परता और बहादुरी साफ देखी जा सकती है। इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद बच्चे का बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। बच्चे को मामूली चोटें आई हैं, और उसका इलाज कराया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। भावेश म्हात्रे की इस बहादुरी की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भावेश की तत्परता ने एक बच्चे की जान बचाकर इंसानियत और साहस की मिसाल पेश की है।

परिवार का भावुक बयान

बच्चे के परिवार ने घटना का वीडियो देखकर अपनी खुशी और भावनाएं व्यक्त कीं। उनका कहना है कि भावेश की इस बहादुरी के लिए वे जीवनभर उनके आभारी रहेंगे। यह घटना दिखाती है कि थोड़ी सी जागरूकता और साहस किसी की जिंदगी बचा सकती है। भावेश म्हात्रे की यह बहादुरी न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि समाज में इंसानियत की ताकत का भी उदाहरण पेश करती है।

Gold Rate Today: सोना हुआ सस्ता, MCX पर कीमतों में गिरावट

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5 फरवरी 2025 के अनुबंध के लिए सोने और चांदी की वायदा कीमतों में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में एमसीएक्स (MCX) पर, सोने की कीमतों में 0.23% की गिरावट हुई। सुबह 10:05 बजे प्रति 10 ग्राम सोना 79,843 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह, चांदी की वायदा कीमतों में 1.04% की गिरावट देखी गई।

सुबह के Session में सोने और चांदी का प्रदर्शन

सोने की कीमतों ने दिन की शुरुआत 79,859 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर की, लेकिन कुछ ही मिनटों में 79,765 रुपये का इंट्राडे निचला स्तर छू लिया। पिछले शुक्रवार को सोने ने 80,312 रुपये के रिकॉर्ड स्तर को छुआ था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोने की कीमतें 2,761 डॉलर प्रति औंस और COMEX पर 2,794 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस दर्ज की गईं। चांदी की कीमतों में भी कमजोरी दर्ज हुई, जिसमें अमेरिकी डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली का प्रभाव नजर आया।

जानकारों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर की दरों में हालिया सुधार और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी। हालांकि, समग्र दृष्टिकोण अभी भी पॉजिटिव है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आसपास अनिश्चितताएं, बढ़ते टैरिफ युद्ध और वैश्विक आर्थिक तनाव सोने को निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बनाए रख सकते हैं।

पिछले वर्ष की तुलना में प्रदर्शन

2024 में सोने की कीमतों ने वित्तीय विश्लेषकों के पूर्वानुमानों को पार कर दिया, और इसकी कीमत में 27% की उछाल आई। जानकारों का मानना है कि 2025 में भी सोना अपनी बढ़त को बनाए रख सकता है।

सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव के पीछे कारण

  • डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर पांच सप्ताह के निचले स्तर से वापस उभरा, जिससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ा।
  • मुनाफावसूली: पिछले सप्ताह उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपनी होल्डिंग्स को बेचना शुरू किया।

निवेशकों के लिए सुझाव

विशेषज्ञों का कहना है कि सोना और चांदी दोनों ही दीर्घकालिक निवेश के लिए फायदेमंद बने रहेंगे। अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते ये दोनों धातुएं सुरक्षित निवेश का विकल्प बनी रहेंगी।

MahaKumbh 2025: अमित शाह संगम में करेंगे स्नान, सीएम योगी के साथ धार्मिक यात्रा, किरन रिजिजू भी होंगे शामिल

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में देश-विदेश से श्रद्धालु हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं। महाकुंभ दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है और इस बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी इस पवित्र अवसर पर श्रद्धालुओं के साथ संगम में स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस दौरान उनके साथ रहेंगे। अमित शाह का यह महाकुंभ का 10वां दौरा होगा, जिसमें उन्होंने अब तक 9 कुंभ और अर्धकुंभ में हिस्सा लिया है। इस बार, वह महाकुंभ में आयोजित विशेष धार्मिक गतिविधियों में भाग लेंगे। गृहमंत्री ने इस अवसर पर अपने ‘X’ अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) पर संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने महाकुंभ को केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि भारत की विविधता, आस्था और ज्ञान परंपरा का संगम बताया। उन्होंने लिखा, “महाकुंभ सनातन धर्म का महासमागम है, जो समरसता और समानता का संदेश देता है। मैं प्रयागराज में स्नान और पूजा करने के लिए उत्साहित हूं।”

हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण स्थल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज, 27 जनवरी 2025 को सुबह 11 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे। उनका पहला कदम संगम क्षेत्र की ओर होगा, जहां वह गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के पवित्र जल में डुबकी लगाएंगे। इसके बाद, वह महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थित बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे और पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद, वह पवित्र अक्षयवट के दर्शन भी करेंगे, जो हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण स्थल है। इस दौरान, अमित शाह प्रमुख संतों और शंकराचार्यों से मुलाकात भी करेंगे। अमित शाह के इस दौरे में सीएम योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ होंगे। दोनों नेता संगम में स्नान करेंगे और बड़े हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगे। इसके बाद, वह अक्षयवट के दर्शन करेंगे और जूना अखाड़ा भी जाएंगे, जो महाकुंभ का एक प्रमुख स्थल है। इसके बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अमित शाह उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के साथ मानव उत्थान सेवा समिति के शिविर का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान, वह श्रृंगेरी, पुरी और द्वारका पीठ के शंकराचार्यों से भी शिष्टाचार मुलाकात करेंगे।

केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू भी होंगे शामिल 
महाकुंभ में केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू भी शामिल होंगे। वह दोपहर 2:40 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे और संगम में डुबकी लगाएंगे। इसके बाद वह गंगा पूजन करेंगे और शाम 4:30 बजे सेक्टर-8 स्थित बुद्ध संगम शिविर का दौरा करेंगे। इसके बाद, वह विश्व हिंदू परिषद के शिविर में बुद्ध सम्मेलन में भी शिरकत करेंगे, जो महाकुंभ के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में से एक है।

धार्मिक आयोजन नहीं, भारतीय संस्कृति, आस्था और समरसता का प्रतीक
महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, आस्था और समरसता का प्रतीक है। इस आयोजन में देश-विदेश के करोड़ों लोग आते हैं, जो गंगा, यमुना और सरस्वती संगम में पवित्र स्नान करते हैं। महाकुंभ का आयोजन हर 12 साल में होता है और यह भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में से एक माना जाता है। इस साल के महाकुंभ का महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस दौरान लाखों लोग एकत्र होकर धार्मिक अनुष्ठान, साधु-संतों से आशीर्वाद और सामाजिक एकता का संदेश प्राप्त कर रहे हैं। महाकुंभ में भाग लेने के लिए श्रद्धालु विश्वभर से आते हैं, और यह मेला भारतीय आस्था, संस्कृति और समृद्ध धार्मिक परंपराओं का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। महाकुंभ 2025 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू का दौरा इस आयोजन को और भी ऐतिहासिक बना रहा है। यह धार्मिक यात्रा न केवल तीर्थाटन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि देश के सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी प्रकट करती है। इस बार महाकुंभ में सभी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के संगम ने इसे एक अद्वितीय और यादगार आयोजन बना दिया है।

अचानक हाथ- पैर सुन्न होना है इस गंभीर बीमारी के संकेत, लापरवाही करने पर आ सकता है पैरालिसिस का अटैक

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गुइलेन-बैरे सिंड्रोम इस बीमारी के बारे में कई लोग अंजान हैं, लेकिन पुणे में इसने आतंक मचा दिया है। इसने अब तक 73 लोगों को प्रभावित किया है, जिनमें से 14 वेंटिलेटर पर हैं। GBS के लक्षणों में दस्त, पेट दर्द, बुखार और मतली या उल्टी शामिल हैं। यह आमतौर पर शरीर की परिधीय नसों (peripheral nerves) को प्रभावित करता है और कमजोरी, झुनझुनी, और यहां तक कि मांसपेशियों के लकवे (paralysis) का कारण बन सकता है। यह स्थिति अचानक होती है और गंभीर हो सकती है, लेकिन समय पर इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

क्या है गुलेन बैरी सिंड्रोम

गुलेन बैरी सिंड्रोम एक दुर्लभ स्थिति है, जो शरीर में अचानक सुन्नता और मांसपेशियों में कमजोरी का कारण बनती है। डॉक्टरों के मुताबिक, बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण आमतौर पर जीबीएस का कारण बनते हैं क्योंकि वे रोगियों की इम्यूनिटी को कमजोर करते हैं। अधिकांश मरीज इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाते हैं. इस बीमारी में मृत्यु दर बहुत कम है इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है

वायरल संक्रमण के बाद मरीज आते हैं इसकी चपेट में

डॉक्टरों का कहना है कि गुइलेन-बैरे सिंड्रोम एक तीव्र बीमारी है और अचानक होती है।  यह आमतौर पर कैम्पिलोबैक्टर के कारण होने वाले गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संक्रमण के बाद होता है, जो दस्त का कारण बनता है।” विशेषज्ञ ने कहा कि कोई भी मामूली वायरल संक्रमण बीमारी को ट्रिगर कर सकता है और आमतौर पर यह ढीले दस्त से शुरू होता है।  इस बीमारी का कोई इलाज भी नहीं है, और कमजोरी और झुनझुनी सनसनी या संवेदना का नुकसान जैसे लक्षण आमतौर पर दोनों पैरों में शुरू होते हैं और फिर हाथों तक चले जाते हैं जिन्हें नियंत्रित किया जा सकता है। जीबीएस के लक्षण हफ्तों तक रह सकते हैं और अधिकांश लोग पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं, हालांकि, कुछ रोगियों में इसके परिणाम रह जाते हैं।

गुलेन बैरी सिंड्रोम के लक्षण

शुरुआत के लक्षण

– पैरों या हाथों में झुनझुनी और सुन्नता।
– मांसपेशियों में कमजोरी, जो धीरे-धीरे बढ़ती है।
– चलने या संतुलन बनाए रखने में कठिनाई।

गंभीर लक्षण

– तेज मांसपेशियों की कमजोरी जो शरीर के ऊपरी हिस्सों (जैसे हाथों और चेहरे) तक फैल सकती है।
– सांस लेने में कठिनाई (डायफ्राम पर असर पड़ने से)।
– दिल की धड़कन या ब्लड प्रेशर में गड़बड़ी।
– बोलने या निगलने में कठिनाई।

किया जा सके।

अधिक गंभीर मामलों में

– शरीर का लकवा (paralysis), जो अस्थायी हो सकता है।
– कुछ मामलों में ICU में भर्ती की आवश्यकता पड़ती है।

गुलेन बैरी सिंड्रोम के कारण

यह अक्सर किसी वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के बाद होता है। जैसे- सांस की बीमारी (Respiratory infection), आंत्र संक्रमण (Campylobacter jejuni infection), फ्लू, डेंगू, या जीका वायरस।प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमण से लड़ने के दौरान गलती से नसों के माइलिन (myelin sheath) या स्वयं नसों पर हमला करती है।

इलाज

गुलेन बैरी सिंड्रोम का कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रित करने और लक्षणों को कम करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जाते हैं:

प्लाज्मा फेरसिस (Plasmapheresis):   – इसमें खून से हानिकारक एंटीबॉडी को हटाया जाता है, जो नसों पर हमला कर रहे होते हैं।

इंट्रावेनस इम्यूनोग्लोबुलिन (IVIG):   – यह स्वस्थ एंटीबॉडी प्रदान करता है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित किया जा सके।

सपोर्टिव केयर:  सांस लेने में कठिनाई होने पर वेंटिलेटर की जरूरत पड़ सकती है। फिजिकल थेरेपी से मांसपेशियों की ताकत वापस लाने में मदद की जाती है।

मेडिकल सपोर्ट: दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए दवाएं दी जाती हैं।

पंजाब में AAP MLA के ड्राईवर की अचानक मौत, मचा हड़कंप

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फाजिल्का से आम आदमी पार्टी के विधायक नरेंद्र पाल सवाना के ड्राइवर मोनू शर्मा (38) की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उनकी मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई। वह फाजिल्का के माधव नगरी का निवासी था और फाजिल्का विधायक की पायलट कार चलाता था।

जानकारी के अनुसार वह गत रात अपनी ड्यूटी से घर लौटा थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द होने लगा। जिसके बाद जब उसकी हालत बिगड़ी तो उसके परिजन उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए। यहां के डॉक्टरों ने उसे बठिंडा रेफर कर दिया और बठिंडा ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मृतक मोनू दो बच्चों का पिता था।

Bihar News: नशे की हालत में राष्ट्रीय ध्वज फहराने पहुंचे सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल, पुलिस ने जांच के बाद किया गिरफ्तार

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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर कथित तौर पर नशे की हालत में राष्ट्रीय ध्वज फहराने जा रहे एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए प्रधानाध्यापक संजय कुमार सिंह मीनापुर इलाके के धरमपुर पूर्वी के सरकारी मिडिल स्कूल में कार्यरत हैं। प्रधानाध्यापक जब नशे की हालत में स्कूल पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने मीनापुर विधायक मुन्ना यादव को इसकी सूचना दी, जिन्होंने मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया। रामपुरहारी थाने के प्रभारी सुजीत कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘शिकायत मिली थी कि प्रधानाध्यापक नशे की हालत में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए स्कूल पहुंचे हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। ‘ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट’ में भी पुष्टि हुई कि उन्होंने शराब पी रखी थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।”

गिरफ्तारी से पहले प्रधानाध्यापक ने संवाददाताओं से कहा कि वह गंभीर आर्थिक संकट में है और यह दावा भी किया कि उन्हें पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने पांच अप्रैल 2016 को शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था।

झारखंड में धूमधाम से मनाया गया गणतंत्र दिवस, गिरिडीह में मंत्री सुदिव्य सोनू ने किया झंडोत्तोलन

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झारखंड के गिरिडीह में 76 वें गणतंत्र दिवस के मौके पर बीते रविवार को झंडा मैदान में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को पूरे शान के साथ फहराया गया। झारखंड के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य ने झंडोत्तोलन किया और तिरंगे को सलामी दी।

उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार भी इस मौके पर उपस्थित थे। इससे पहले गिरिडीह जिला पुलिस बल के जवानों के टुकड़ियों के साथ महिला पुलिस बल, होम गार्ड जवान और एनसीसी कैडेटों के अलावा विभिन्न स्कूल के बच्चों के परेड का निरीक्षण सुदिव्य, लकड़ा और बिमल ने किया। इस दौरान विभिन्न सरकारी विभागों की झांकियां भी निकाली गयी। झंडोतोलन के बाद मंत्री ने शासन-प्रशासन की ओर से जनहित में किए जा रहे कार्यों को विस्तार पूर्वक बताया और सरकार की उपलब्धियां गिनाई।

बाद में सुदिव्य ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के जि़ला कार्यालय में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इस मौके पर जि़ला संयोजक संजय सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। पूरे जिले में गणतंत्र दिवस की धूम रही। सभी संस्थाओं में बड़े शान के साथ तिरंगा फहराया गया। जिला व्यवहार न्यायालय में प्रधान जि़ला जज अरविंद पांडेय ने तिरंगा फहराया, वहीं जि़ला अधिवक्ता संघ मे प्रकाश सहाय ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

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