Sunday, February 8, 2026
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सिर पर लाल-पीला साफा, सफेद कुर्ते-पायजामे के साथ भूरे रंग का कोट…गणतंत्र दिवस पर कुछ इस अंजाद में दिखे PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 76 वें गणतंत्र दिवस पर सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ गहरे भूरे रंग का बंद गले का कोट और लाल-पीले रंग का साफा पहना तथा विशिष्ट अवसरों पर चमकीला व रंग-बिरंगा साफा पहनने की अपनी परंपरा को जारी रखा।

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 75 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बहुरंगी ‘बांधनी’ प्रिंट का साफा पहना था। बांधनी एक प्रकार का टाई-डाई कपड़ा होता है जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। यह एक ऐसी विधि है, जिसमें कपड़े को बांधकर व गांठ लगाकर रंगाई की जाती है। जार्जेट, शिफान, रेशमी व सूती कपड़े को रंग के कुंड में डालने से पहले धागे से कसकर बांधा जाता है और जब इस धागे को खोला जाता है तो बंधा हुआ हिस्सा रंगीन हो जाता है। फिर हाथ से कपड़े पर धागे के प्रयोग से डिजाइन तैयार किया जाता है।

साल 2023 में मोदी ने कुर्ते और चूड़ीदार पायजामे के साथ बहुरंगी राजस्थानी साफा पहना था। उस वर्ष बाद में 77 वें स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने कई रंगों वाला राजस्थानी शैली का साफा चुना था जिसका अन्तिम छोर (छेला) कमर के नीचे तक लंबा था। प्रचंड बहुमत के साथ दूसरे कार्यकाल के लिए सत्ता में लौटने के बाद 2019 में मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपना छठा स्वतंत्रता दिवस भाषण देते हुए बहुरंगी साफा पहना था। राजस्थानी साफा या पगड़ी स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के लिए प्रधानमंत्री की पसंद रहे हैं। वर्ष 2014 में अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण के अवसर पर उन्होंने चमकीले लाल रंग का जोधपुरी बंधेज साफा पहना। साल 2015 में, प्रधानमंत्री मोदी ने बहुरंगी लहरिया पीला साफा और 2016 में गुलाबी और पीले रंग का टाई-एंड-डाई साफा पहना था। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री का साफा चमकीले लाल और पीले रंग का मिश्रण था। इसमें चारों ओर सुनहरी रेखाएं थीं।

उन्होंने 2018 में लाल किले पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए केसरिया साफा पहना था। कच्छ के चमकीले लाल रंग के बांधनी साफे से लेकर पीले रंग का राजस्थानी साफा, गणतंत्र दिवस पर मोदी के पहनावे के प्रमुख आकर्षण रहे हैं। वर्ष 2022 में मोदी ने गणतंत्र दिवस समारोह के लिए उत्तराखंड की एक अद्वितीय पारंपरिक टोपी चुनी थी। इस टोपी में ब्रह्मकमल बना हुआ था। ब्रह्मकमल उत्तराखंड का राजकीय फूल है, जिसे प्रधानमंत्री केदारनाथ की हर यात्रा पर इस्तेमाल करते रहे हैं। साल 2021 में मोदी ने गणतंत्र दिवस परेड के दौरान पीले बिन्दुओं वाली ‘हालारी’ पगड़ी पहनी थी। इसे जामनगर के शाही परिवार के जामसाहब की ओर से प्रधानमंत्री को भेंट किया गया था।

Bihar Jobs: ‘इस साल 12 लाख नौकरी देगी बिहार सरकार’, गांधी मैदान से राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया ऐलान

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पूरा देश आज गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा हुआ है। इसी कड़ी में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में झंडोत्तोलन किया। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने 76वें गणतंत्र दिवस (76th Republic Day ) के अवसर पर यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान में तिरंगा फहराया। उन्होंने झंडोत्तोलन के बाद अपने संबोधन में प्रदेश के लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

 

12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देगी सरकार

इस दौरान राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि, इस साल सरकार 12 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देगी। साथ ही 34 लाख लोगों को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इस अवसर पर राज्यपाल ने सरकार की उपलब्धियां भी गिनवाई और कहा कि, बीते सालों में करीच 9 लाख लोगों को नौकरियां दी गई। साथ ही शिक्षा, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी सरकार ने काम किया है।

योजनाओं की दी जानकारी

राज्यपाल ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के बाद राज्य के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

 

टांगीनाथ धाम से लौट रही श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी पुल के नीचे गिरी, मौके पर मची अफरा-तफरी

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झारखंड के गुमला में भीषण हादसा हो गया है जिसमें बच्चों समेत 24 लोग घायल हो गए हैं। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

हादसे के संबंध में बताया जा रहा है कि टांगीनाथ धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी चैनपुर प्रखंड के रामपुर के पास सफी नदी पुल के नीचे अनियंत्रित होकर गिर गई। गाड़ी में 13 महिला और 10 बच्चों समेत 24 लोग सवार थे। हादसे में सभी 24 लोग घायल हो गये हैं। इसमें 5 महिला और 4 बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

आनन-फानन में सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज जारी है। कहा जा रहा है कि वाहन में कुछ खराबी थी इस वजह से अनियंत्रित होकर पुल से नीचे जा गिरी।

गणतंत्र दिवस पर ‘रोबोट आर्मी’ ने दी सलामी! दिखा अनोखा नजारा, Video सोशल मीडिया पर Viral

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गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर भव्य परेड निकाली गई जिसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्य अतिथि शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर कोलकाता में भी एक अलग तरह की परेड आयोजित की गई जिसमें ‘रोबोट आर्मी’ ने सलामी दी। इस दौरान रोबोटों को देखकर सभी लोग हैरान रह गए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

वीडियो में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं। परेड में जवानों की एक टुकड़ी रोबोट आर्मी के साथ आगे बढ़ी और सलामी दी। बताया गया कि ये रोबोट हर तरह के मौसम में काम करने में सक्षम हैं। ये रोबोट माइनस 40 डिग्री से लेकर 50 डिग्री तापमान तक काम कर सकते हैं।

क्या है मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट (MULE)?

ये कोई सामान्य रोबोट नहीं हैं बल्कि इनका वजन 15 किलो तक हो सकता है और ये आसानी से चल सकते हैं। भारतीय सेना ने हाल ही में जम्मू में आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2023 में इस रोबोट का अनावरण किया था जिसका नाम मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट (MULE) है। इस रोबोट में 360 डिग्री कैमरे और रडार लगे होते हैं जो ऑपरेटर को किसी भी खतरे का पता लगाने और उसे नष्ट करने में मदद करते हैं। ये रोबोट चार पैरों पर चलते हैं और एक एनालॉग मशीन हैं।

इस रोबोट को वाई-फाई या लॉन्ग-टर्म इवोल्यूशन (LTE) नेटवर्क के जरिए ऑपरेट किया जा सकता है जिससे यह 10 किलोमीटर तक काम कर सकता है। इसे रिमोट कंट्रोल से आसानी से चलाया जा सकता है और यह बर्फ, पहाड़ों और ऊंची सीढ़ियों पर भी चलने में सक्षम है। यह 45 डिग्री तक के कोण पर पहाड़ों पर चढ़ सकता है और 18 सेंटीमीटर ऊंची सीढ़ियां भी चढ़ सकता है।

इस रोबोट के प्रदर्शन ने न केवल लोगों को हैरान किया बल्कि यह भारतीय सेना की तकनीकी क्षमता को भी उजागर किया है।

ब्रेन डेड के बावजूद गर्भवती महिला ने दिया बेटे को जन्म… तीन और लोगों को दे गई नई जिंदगी

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महाराष्ट्र के पुणे में एक गर्भवती महिला ने दुनिया को अलविदा कहते हुए भी कई लोगों को जीवनदान दिया। हादसे का शिकार हुई इस महिला ने ब्रेन डेड घोषित होने के बावजूद बेटे को जन्म दिया और अपने अंगों के दान से कई जिंदगियां बचाईं।

पुणे के जोनल ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेशन सेंटर की सेंट्रल को-ऑर्डिनेटर आरती गोखले ने बताया कि महिला अपने पति के साथ स्कूटर पर पीछे बैठी थी। दोनों कहीं जा रहे थे कि इस दौरान वह हादसे का शिकार हो गए। सड़क पर गिरने से महिला के सिर में चोट लगी। उसे खून से लथपथ हालत में पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया लेकिन 25 वर्षीय महिला मरीज के दिमाग में चोट लगी थी, जिस वजह से उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों ने परिजनों की अनुमति से सी-सेक्शन के जरिए महिला की डिलीवरी करवाई, जिससे एक स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ। इसके बाद महिला के पति और पिता ने उसका अंगदान करने का साहसिक निर्णय लिया। महिला की किडनी, लिवर और कॉर्निया दान किए गए, जिससे कई लोगों को नई जिंदगी मिली।

अस्पताल प्रशासन ने परिवार के इस निस्वार्थ फैसले की सराहना करते हुए इसे मानवता का एक बड़ा उदाहरण बताया। डॉक्टरों के अनुसार, अंगदान के जरिए इस महिला ने जाते-जाते भी कई परिवारों को खुशियां और उम्मीदें दीं।

दिशानिर्देशों के अनुसार, महिला की एक किडनी, एक लीवर और 2 कॉर्निया आवंटित किए गए। दूसरी किडनी को जोनल ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेशन सेंटर (ZTCC) पुणे के जरिए डोनेट किया गया। DPU सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मल्टी ऑर्गन ट्रांसप्लांट की HOD डॉ. वृषाली पाटिल ने कहा कि गर्भावस्था के 9वें महीने में महिला 20 जनवरी को अहमदनगर के पारनेर में हादसे के बाद ब्रेन डेड घोषित की गई थी।

पुलों के समुचित रख-रखाव के लिए बनेगी ‘संधारण नीति’, इंजीनियरों के कर्तव्य एवं दायित्व होंगे निर्धारित; विजय सिन्हा ने बताया पूरा प्लान

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बिहार के उप मुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया है कि पुलों के समुचित रख-रखाव के लिये संधारण नीति बनायी जाएगी। सिन्हा की अध्यक्षता में शनिवार को पुल संधारण नीति एवं अभियंताओं के कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व निर्धारण पर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पथ निर्माण विभाग, सचिव, पथ निर्माण विभाग और सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत कोई पुल संधारण नीति नहीं है और न ही अभियंताओं को कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित है। मैंने विभागीय पदाधिकारियों को निदेशित किया था कि इस संबंध में शीघ्र ही एक पुल संधारण नीति तैयार की जाए और इस संबंध में अभियंताओं के कर्तव्य एवं दायित्व भी निर्धारित किये जाए।

‘पुलों को चार भागों में बांटा गया’
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विभागीय पदाधिकारियों ने इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत किया। पुल संरचना के संपूर्ण जीवनकाल के दौरान दो चरणों में इनके प्रबंधन एवं संधारण पर विचार किया जा रहा है। पुलों को चार भागों में बांटा गया है। पहले भाग में 1000 मीटर से लम्बे पुल, दूसरे भाग में 250-1000 मीटर से लम्बे पुल तीसरे भाग में 60-250 मीटर से एवं चौथें भाग में 60 मीटर से छोटे पुलों को रखा गया है। उन्होंने बताया कि पुलों के प्रमुख घटकों के वास्तविक स्थिति को दर्शाने हेतु पुलों का एक हेल्थ काडर् भी बनाया जाएगा। अतिसंवेदनशील पुलों का प्राथमिकता के आधार पर मरम्मति और आवश्यकता आधारित निर्माण का कार्य कराया जाएगा। पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि पुलों के प्रबंधन के लिये पुलों के वास्तविक स्थिति का आकलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेंसर डाटा रिर्पोट जैसे नये तकनीकों के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं को तय सीमा के अंतर्गत पूर्ण करने के लिये के कर्तव्य एवं दायित्वों का निर्धारण भी किया जा रहा है। परियोजनाओं में विलंब के कारण समय वृद्धि एवं लागत मूल्य में वृद्धि भी होती है, इसे गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी निर्धारित करने का कार्य भी किया जाएगा।

सिन्हा ने कहा कि विगत वर्ष राज्य के कई जिलों में बाढ़ के समय वर्षों पूर्व निर्मित कई छोटे पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसे देखते हुए पुल संधारण नीति लागू किया जाना अत्यंत आवश्यक हो गया है। साथ ही अभियंताओं का कर्तव्य एवं दायित्व भी निर्धारित रहेगा कि वे नियमित रूप से पुलों का अनुश्रवण करते रहें। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आम जनों को सुगम यातायात उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है और विभाग इस दिशा में सतत् रूप से प्रयासरत है।

खत्म हो गया इंतजार… उत्तराखंड में कल से लागू होगा यूसीसी, CM धामी ने किया ऐलान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सोमवार से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर दी जाएगी और इसके साथ ही यह स्वतंत्र भारत का पहला राज्य बनेगा जहां यह कानून प्रभावी होगा।

यहां शनिवार शाम जारी एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, “यूसीसी लागू करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं जिसमें अधिनियम की नियमावली को मंजूरी और संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण शामिल है।” उन्होंने कहा कि यूसीसी से समाज में एकरूपता आएगी और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और दायित्व सुनिश्चित होंगे। धामी ने कहा, “यूसीसी प्रधानमंत्रीजी (नरेन्द्र मोदी) द्वारा देश को विकसित, संगठित, समरस और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए किए जा रहे महान यज्ञ में हमारे प्रदेश द्वारा अर्पित की गई एक आहुति मात्र है। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जाति, धर्म, लिंग आदि के आधार पर भेद करने वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से संबंधित सभी कानूनों में एकरूपता लाने का प्रयास किया गया है।’

उत्तराखंड में यूसीसी को लागू करना प्रदेश में 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक है। मार्च में दोबारा सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में यूसीसी प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए उसका मसौदा तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन पर मुहर लगा दी गयी थी। उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 27 मई 2022 को गठित विशेषज्ञ समिति ने लगभग डेढ़ साल की मेहनत से तैयार अपनी रिपोर्ट दो फरवरी 2024 को राज्य सरकार को सौंपी जिसके आधार पर मार्च 2024 में राज्य विधानसभा ने यूसीसी विधेयक पारित कर दिया। उसके बाद 12 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने भी उसे अपनी मंजूरी दे दी।

दो सहेलियों को हुआ प्यार… जेंडर चेंज कर सविता बनी ललित, फिर की शादी

उत्तर प्रदेश के मथुरा के महावन थाना इलाके में एक अजीब मामला सामने आया है। यहां पर एक शादीशुदा जोड़ा पकड़ा गया है। इसमें दो सहेलियों के बीच प्रेम संबंध थे, जिसमें एक ने लिंग परिवर्तन कराकर दूसरी से शादी कर ली। यह दोनों एक कोचिंग सेंटर में मिलीं और यहीं से उनका प्रेम बढ़ा। दोनों ने एक दूसरे को पति-पत्नी के रुप में स्वीकार किया है।

जानिए पूरा मामला

पुलिस ने दोनों को पकड़ा 
पूजा के पिता रमेश, जो पेशे से ड्राइवर हैं, उन्होंने उसकी शादी एक लड़के से तय कर दी थी। पूजा को इस बारे में पता चला और उसने अपने पिता से कहा कि वह बीएड करने के लिए भरतपुर जा रही है। पूजा 10 जनवरी को भरतपुर चली गई और अपना मोबाइल बंद कर लिया। परिजनों ने कई बार उसको फोन किया, लेकिन बंद ही आता था। जिसके बाद परिजनों ने परेशान होकर 14 जनवरी को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट जयपुर के सांगानेर थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू की और पूजा के मोबाइल की लोकेशन महावन थाना इलाके में पाई। जयपुर पुलिस ने शुक्रवार को महावन थाना इलाके में एक मेडिकल कॉलेज से पूजा और ललित को पकड़ लिया। पूजा अब ललित के साथ रहना चाहती है। राजस्थान पुलिस पूजा को जयपुर ले गई है, जहां उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा और उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के जिला भरतपुर निवासी सविता सिंह साल 2021 में कोचिंग करने जयपुर गई थी। जयपुर के सांगानेर थाना के पास एक मकान में किराए पर रहने लगी। मकान मालिक की बेटी पूजा से उसकी दोस्ती हो गई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं। एक साथ रहना, खाना आना-जाना था। दोनों का प्रेम अटटू बनता गया। सविता ने 31 मई 2022 को इंदौर के एक अस्पताल में अपना लिंग परिवर्तन कराकर ललित सिंह बन गया। दोनों ने नवंबर 2024 में जयपुर के आर्य समाज वैदिक संस्थान मंडल में शादी कर ली। लेकिन, पूजा ने अपने परिवार को भनक तक नहीं लगने दी।

 

20 साल तक पिता ने छुपाई दौलत, ग्रेजुएशन के बाद बेटे को पता चला पापा हैं 693 करोड़ के मालिक

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ज़िंदगी में हर किसी का सपना होता है कि वह अपने परिवार का सहारा बने और जिम्मेदारियां उठाए। ऐसा ही सपना एक साधारण से लड़के झांग ज़िलोंग का भी था। वह ग्रेजुएशन के बाद अपने परिवार का कर्ज़ उतारने के लिए नौकरी की तैयारी कर रहा था। लेकिन अचानक उसकी ज़िंदगी में ऐसा खुलासा हुआ जिसने उसे हैरान कर दिया।

झांग ज़िलोंग को पता चला कि उसके पिता, झांग युडोंग, अरबपति हैं और उनके नाम एक बड़ी कंपनी है। हुनान स्पाइसी ग्लूटेन लटियाओ ब्रांड माला प्रिंस (Mala Prince) के फाउंडर और प्रेसिडेंट झांग युडोंग ने बेटे से 20 साल तक अपनी दौलत की सच्चाई छिपाकर रखी थी।

पिता ने क्यों छिपाई दौलत?

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, झांग युडोंग ने अपने बेटे को हमेशा बताया कि उनका परिवार कर्ज़ में डूबा हुआ है। कंपनी के बारे में झांग ज़िलोंग को जानकारी तो थी, लेकिन उन्हें यही कहा गया कि इसे चलाने के लिए बड़ा कर्ज़ लिया गया है।

साधारण ज़िंदगी की सीख

इस झूठ के चलते झांग ज़िलोंग ने अपनी ज़िंदगी बहुत साधारण तरीके से बिताई। उन्होंने हुनान की राजधानी चांग्शा में सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लिया और फिर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश थी कि वह एक महीने में 6,000 युआन (लगभग 70,224 रुपये) कमाएं और परिवार का कर्ज़ धीरे-धीरे चुकाएं।

खुलासा: परिवार है अरबपति

ग्रेजुएशन के बाद झांग ज़िलोंग को उनके पिता ने बताया कि परिवार असल में बेहद अमीर है। वे 10 मिलियन युआन (लगभग 11.54 करोड़ रुपये) की कीमत वाले विला में रहते हैं। माला प्रिंस कंपनी का सालाना टर्नओवर 600 मिलियन युआन (693 करोड़ रुपये) है।

साधारण जिंदगी से अरबपति उत्तराधिकारी तक का सफर

झांग ज़िलोंग ने खुलासा किया कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि वह ‘fu er dai’ (दूसरी पीढ़ी का अमीर) के रूप में पहचाने जाएं। इसलिए उन्हें मेहनत का महत्व सिखाने के लिए ऐसा झूठ बोला गया।

अब झांग ज़िलोंग ने अपने पिता की कंपनी के ई-कॉमर्स विभाग में काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके सहकर्मी उनके साथ किसी अन्य कर्मचारी की तरह ही व्यवहार करते हैं। झांग ज़िलोंग की कहानी हमें यह सिखाती है कि कभी-कभी सच्चाई छिपाने का उद्देश्य बड़ा होता है। उनके पिता ने उन्हें सादगी और मेहनत का महत्व सिखाने के लिए ऐसा किया। अब, अरबों की दौलत के वारिस होने के बावजूद, झांग ज़िलोंग अपने पैरों पर खड़े होकर अपनी पहचान बनाना चाहते हैं।

 

 

“CM नीतीश मानसिक रूप से अस्वस्थ, उपराष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का नहीं किया पालन”, तेजस्वी का आरोप

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राजद नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने 24 जनवरी को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के राज्य के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को धनखड़ की अगवानी करने में नीतीश कुमार की असमर्थता इस बात का संकेत है कि जदयू प्रमुख की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। विपक्ष के नेता यादव ने दावा किया, ‘‘स्थिति यहां तक ​​पहुंच गई है कि मुख्यमंत्री अब प्रोटोकॉल का पालन करने में सक्षम नहीं हैं। वह उपराष्ट्रपति का स्वागत करने में विफल रहे। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं।” बता दें कि धनखड़ पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए समस्तीपुर में थे। कर्पूरी  ठाकुर को एक साल पहले भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

समारोह में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और नित्यानंद राय सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। नीतीश कुमार इस समारोह में अनुपस्थित रहे। हालांकि इसके तुरंत बाद उन्होंने ठाकुर को श्रद्धांजलि देने के लिए समस्तीपुर का दौरा किया।

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