Saturday, February 7, 2026
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CISF के अधिकारी तुषार सखारे को राष्ट्रपति पुलिस पदक से किया गया सम्मानित

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भारत के केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक प्रेरणास्त्रोत अधिकारी तुषार डी. सखारे को गणतंत्र दिवस 2025 के मौके पर राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके निस्वार्थ समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और अत्यधिक उत्कृष्टता के लिए दिया गया है। श्री सखारे का करियर एक प्रेरणा है, जो न केवल सीआईएसएफ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का कारण बना है। तुषार सखारे ने 23 सितंबर 2005 को सीआईएसएफ में अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। उस समय से लेकर आज तक, उन्होंने अपने साहसिक नेतृत्व और रणनीतिक निर्णयों से संगठन को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। उन्होंने देशभर में 12 अलग-अलग सीआईएसएफ इकाइयों में अपनी सेवाएं दी हैं और हर जगह अपने प्रशासनिक और परिचालन कौशल का लोहा मनवाया है।

कोयला माफिया पर कड़ी कार्रवाई

सीआईएसएफ यूनिट ईसीएल सीतलपुर में तैनात रहते हुए सखारे ने कोयला माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने 11,814 छापे मारे और 65,672.154 मीट्रिक टन कोयला बरामद किया, जिसकी कुल कीमत करीब 38 करोड़ रुपये थी। इस कार्य के दौरान उन्होंने 3,384 पुलिस शिकायतें दर्ज की और 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। यह उनकी कुशल योजना और प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसने न केवल कानून व्यवस्था को बनाए रखा, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा को भी मजबूत किया।

अंतर्राष्ट्रीय शांति मिशन में भागीदारी

सखारे ने दो बार संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन पर सीआईएसएफ और भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके योगदान ने न केवल भारत बल्कि सीआईएसएफ को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया। उनके उत्कृष्ट कार्य के कारण उन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा दो पदक से नवाजा गया, जो उनके समर्पण और वैश्विक शांति के प्रति उनके योगदान को सम्मानित करते हैं।

विशेष सम्मान और पुरस्कार

अपने शानदार करियर में सखारे को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें वर्ष 2015 में महानिदेशक प्रशंसा डिस्क और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया था, जो उनके असाधारण नेतृत्व और कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मान्यता देते हैं।

दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, जानें किन सड़कों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को राजधानी दिल्ली में भव्य समारोह का आयोजन होगा। इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को रूट डायवर्जन और सड़कों पर लगाए गए प्रतिबंधों की जानकारी दी है।

शनिवार रात 9 बजे से लागू होंगे प्रतिबंध

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (यातायात) डीके गुप्ता ने बताया कि 25 जनवरी की रात 9 बजे से सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। केवल आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। यह प्रतिबंध गणतंत्र दिवस परेड समाप्त होने तक लागू रहेगा। इसके अलावा विजय चौक से लाल किले तक परेड मार्ग और उससे जुड़ी सड़कों पर रूट डायवर्जन रहेगा।

कर्तव्य पथ पर परेड का आयोजन

परेड सुबह 10:30 बजे विजय चौक से शुरू होकर लाल किले तक जाएगी। इससे पहले सुबह 9:30 बजे इंडिया गेट स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर विशेष समारोह होगा। परेड का मार्ग विजय चौक, कर्तव्य पथ, सी-हेक्सागन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा, तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग और लाल किला रहेगा।

इन सड़कों पर रहेगा ट्रैफिक प्रतिबंध
  • कर्तव्य पथ: शनिवार शाम 5 बजे से परेड समाप्त होने तक बंद रहेगा।
  • रफी मार्ग, जनपथ और मान सिंह रोड: शनिवार रात 10 बजे से ट्रैफिक के लिए बंद।
  • सी-हेक्सागन से इंडिया गेट: रविवार सुबह 9:15 बजे से परेड समाप्त होने तक बंद।
  • तिलक मार्ग, बीएसजेड मार्ग और सुभाष मार्ग: रविवार सुबह 10:30 बजे से दोनों तरफ से यातायात बंद।
यात्रियों के लिए सुझाव
  • सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक परेड मार्ग से बचने की सलाह दी गई है।
  • उत्तरी दिल्ली से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के लिए कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन यात्रा की योजना पहले से बनाने की सिफारिश की गई है।
  • मेट्रो सेवा सभी स्टेशनों पर उपलब्ध रहेगी।
  • यदि कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
सुरक्षा और सुविधा के लिए जागरूक रहें

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिल्ली पुलिस की यह एडवाइजरी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी की गई है। नागरिकों से अपील है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय लेकर चलें।

दिल्ली में सीवर की समस्याओं का समाधान करेगा ‘आप’ सरकार : केजरीवाल

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दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को एक बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी फिर से सत्ता में आई, तो दिल्ली में सीवर से जुड़ी सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में पिछले कुछ सालों में किए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया।

अनधिकृत कॉलोनियों में विकास का दावा किया

केजरीवाल ने वीडियो संदेश में बताया कि जब उनकी सरकार बनी, तब दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में किसी प्रकार का विकास कार्य नहीं हुआ था। लेकिन, ‘आप’ सरकार ने इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए काम शुरू किया। उन्होंने बताया, “आज लगभग सभी अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर पाइपलाइन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो पहले बिल्कुल नहीं थीं।”

सीवेज की समस्या पर ध्यान केंद्रित किया

हालांकि, केजरीवाल ने यह भी माना कि दिल्ली के कुछ इलाकों में अभी भी सीवेज से पीने के पानी के दूषित होने की समस्या है। इस मुद्दे पर उन्होंने कहा, “मैंने फैसला किया है कि अगर हम फिर से सत्ता में आए तो शहर में सीवर से जुड़ी समस्याओं का समाधान युद्धस्तर पर किया जाएगा।” दिल्लीवासियों के लिए यह एक सकारात्मक कदम हो सकता है, क्योंकि सीवेज की समस्या लंबे समय से दिल्ली में जल प्रदूषण और सफाई की परेशानियों का कारण रही है। केजरीवाल ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ठोस योजनाएं लेकर आएगी।

https://twitter.com/AamAadmiParty/status/1883045719281745965?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1883045719281745965%7Ctwgr%5E7fad0eae405579715b2865fa27c03ef80945ed12%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.punjabkesari.in%2Fnational%2Fnews%2Faap-government-will-solve-sewer-problems-in-delhi-kejriwal-2095018

चुनाव से पहले महत्वपूर्ण वादा किए

केजरीवाल का यह बयान दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव से ठीक पहले आया है। चुनाव 5 फरवरी को होंगे और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। ऐसे में केजरीवाल का यह वादा उनकी पार्टी के लिए एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बन सकता है।

पार्टी की नीतियों का असर पड़ा

अरविंद केजरीवाल ने इस वीडियो संदेश में यह भी बताया कि ‘आप’ पार्टी ने हमेशा दिल्ली के नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है और इस बार भी सीवर की समस्या को पहले हल किया जाएगा। अगर पार्टी सत्ता में आई, तो यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है, जो दिल्लीवासियों के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक होगा।

ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में पन्नू की मौजूदगी पर भारत ने जताया कड़ा विरोध

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अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के शपथ ग्रहण समारोह (swearing ceremaony)  में खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित मौजूदगी को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत (India) ने अपनी चिंताओं को अमेरिका के सामने उठाने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत लगातार अमेरिकी सरकार से भारत विरोधी गतिविधियों पर चर्चा करता है और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाता रहेगा।रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gupatwant Singh Pannu)  को ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ‘द लिबर्टी बॉल’ में खालिस्तान (Khalistan) के समर्थन में नारे लगाते हुए देखा गया। हालांकि, उसे औपचारिक रूप से समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था, लेकिन उसने किसी संपर्क के जरिए टिकट हासिल करने में सफलता पाई।

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साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ( Randhir Jaiswal) ने दो टूक शब्दों में कहा,  जब भी कोई भारत विरोधी गतिविधि होती है, हम इसे अमेरिकी सरकार के सामने उठाते हैं। हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत विरोधी एजेंडे से जुड़े मुद्दों को उठाने में भारत पीछे नहीं हटेगा।” भारत ने खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और इस तरह के तत्वों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिका से ठोस कदम उठाने की अपील की है। भारतीय दूतावास ने भी इस मामले को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।

बता दें कि  गुरपतवंत सिंह पन्नू, जिसे खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ का प्रमुख माना जाता है, भारत में कई मामलों में वांछित है। वह अक्सर भारत विरोधी बयान देता रहता है और खालिस्तान आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय रहता है। पन्नू की मौजूदगी भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा मानी जाती है। भारत यह मानता है कि ऐसे तत्वों को शपथ ग्रहण जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में शामिल होना आतंकवाद को बढ़ावा दे सकता है। भारत अमेरिकी प्रशासन से इस मामले में स्पष्ट और सख्त कार्रवाई की मांग करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि अमेरिका इस मामले पर क्या रुख अपनाता है, खासकर जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने की कोशिश जारी है।

UAE क्राउन प्रिंस ने हाई-स्पीड ट्रेन प्रोजेक्ट किया लॉन्च, अबू धाबी से दुबई के बीच सिर्फ 30 मिनट होगा सफर

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एतिहाद रेल ने अबू धाबी और दुबई को जोड़ने वाली हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना की आधिकारिक घोषणा की है। यह परियोजना यूएई के “नेट ज़ीरो 2050” रणनीति के तहत देश के परिवहन ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह घोषणा अबू धाबी के अल फया डिपो में एतिहाद रेल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में की गई।

इस कार्यक्रम में यूएई के राष्ट्रपति हिज़ हाइनेस शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नहयान, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नहयान, और दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम शामिल हुए। इस कार्यक्रम में यूएई के पहले यात्री ट्रेन बेड़े की भी घोषणा की गई। ये ट्रेनें 200 किमी/घंटा तक की गति से चलेंगी और सुरक्षित व कुशल यात्रा विकल्प प्रदान करेंगी। यह प्रोजेक्ट हमारे देश की प्रगति और आधुनिकता की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह केवल परिवहन का साधन नहीं है, बल्कि हमारे भविष्य की दिशा तय करेगा।”

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परियोजना की मुख्य बातें 

  •  अबू धाबी और दुबई के बीच यात्रा का समय केवल 30 मिनट होगा।
  •  ट्रेन की अधिकतम गति 350 किमी/घंटा होगी।
  •  यह परियोजना अगले 50 वर्षों में यूएई की जीडीपी में 145 अरब एईडी का योगदान करेगी।
  •  यह प्रोजेक्ट कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करेगा।
  •  पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस विकल्प से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी।
  •   एतिहाद रेल इस हाई-स्पीड ट्रेन का विकास और संचालन करेगा।
  • इसके लिए अबू धाबी और दुबई के कार्यकारी परिषदों के बीच “सहयोग चार्टर” पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
  •  रेल नेटवर्क के डिज़ाइन को मंजूरी दे दी गई है और ठेके के लिए निविदाएं जारी की गई हैं।

बदलेगा UAE का भविष्य 
यह प्रोजेक्ट UAE की “नेशनल रेलवे नेटवर्क” योजना का हिस्सा है, जिसमें देश के अन्य प्रमुख शहरों को भी जोड़ने की योजना है। UAE का लक्ष्य परिवहन को स्मार्ट और टिकाऊ बनाना है।

 ट्रांसपोर्टेशन में क्रांति: हाई-स्पीड ट्रेन से दुबई और अबू धाबी के बीच यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।
बिजनेस को बढ़ावा: इन दोनों शहरों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
पर्यटन: पर्यटकों के लिए दोनों शहरों का एक्सेस अधिक सुविधाजनक होगा।
सस्टेनेबल डिवेलपमेंट: यह प्रोजेक्ट UAE को एक ग्रीन और स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन हब बनाएगा।

चार प्रमुख स्टेशन 
पहले चार स्टेशन अबू धाबी, दुबई, शारजाह और फुजैराह में बनाए जाएंगे। ये स्टेशन मेट्रो और बस नेटवर्क से जुड़े होंगे और इनमें आधुनिक सुविधाएं जैसे बिज़नेस-क्लास लाउंज, रिटेल आउटलेट्स और परिवारों के लिए विशेष इंतज़ाम शामिल होंगे।

अमेरिका: ट्रंप कैबिनेट में यौन शोषण के आरोपी हेगसेथ होंगे रक्षा मंत्री

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अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने शुक्रवार देर रात हुए मतदान के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के ‘टाइब्रेकर’ वोट देने के बाद पीट हेगसेथ को अमेरिका का रक्षा मंत्री बनाए जाने को मंजूरी दे दी। अत्यधिक शराब पीने और महिलाओं के प्रति यौन दुर्व्यवहार के आरोपों के बीच रक्षा मंत्री बनने के लिए हेगसेथ की योग्यता पर सवाल उठ रहे थे। सौ सदस्यीय सीनेट में सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी के 53 सदस्य हैं। हेगसेथ की नियुक्ति के पक्ष में 50 और विरोध में भी 50 वोट पड़ने के बाद फैसला टाई हो गया, जिसके बाद वेंस ने ‘टाइब्रेकर’ वोट देकर हेगसेथ (44) की नियुक्ति पर मुहर लगवा दी।

हेगसेथ अफगानिस्तान और इराक युद्ध में सेवाएं दे चुके हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के सभी 47 सदस्यों ने फॉक्स न्यूज के पूर्व प्रस्तोता हेगसेथ की नियुक्ति के खिलाफ वोट दिया। इसके अलावा रिपब्लिकन पार्टी के सदस्यों सुसान कोलिंस, लीसा मर्कोस्की और मिच मैककोनेल ने भी विरोध में वोट डाला। शुक्रवार को हुए पुष्टिकरण मतदान ने ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण जीत को रेखांकित किया, जिसने हेगसेथ के पास अनुभव की कमी और उनके खिलाफ लगे आरोपों के बावजूद अपने उम्मीदवार के रूप में उनको समर्थन दिया।

वेंस अमेरिका के दूसरे उपराष्ट्रपति बन गए हैं, जिन्होंने किसी कैबिनेट उम्मीदवार की नियुक्ति की पुष्टि के लिए “टाइब्रेकर” वोट का इस्तेमाल किया। इससे पहले ट्रंप के पिछले कार्यकाल में माइक पेंस ऐसा करने वाले पहले उपराष्ट्रपति थे, जिन्होंने 2017 में शिक्षा मंत्री बेस्टी डेवोस की नियुक्ति की पुष्टि के लिए निर्णायक मतदान किया था।

अमेरिका में अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू, मैक्सिको ने बनाए 9 स्वागत केंद्र

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ शुरू किए गए अभियान को लेकर सबसे अधिक चिंता मैक्सिको में देखी जा रही है। अमेरिका में अवैध प्रवासियों की सबसे बड़ी संख्या मैक्सिकन नागरिकों की है और इसके मद्देनजर मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने अपने नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मैक्सिको का अभियान ‘मैक्सिको एम्बेस यू’
ट्रम्प द्वारा अवैध प्रवासियों को निर्वासित करने के आदेश पर, मैक्सिको ने एक अभियान शुरू किया है जिसे ‘मैक्सिको एम्बेस यू’ नाम दिया गया है। इस अभियान का उद्देश्य अमेरिका से निर्वासित होने वाले मैक्सिकन नागरिकों को वापस लाना है। मैक्सिको ने अपनी सीमा पर 9 रिसेप्शन सेंटर बनाए हैं और युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्टेडियमों और गोदामों में टेंट लगाए जा रहे हैं, वहीं पार्किंग स्थल और मोबाइल रसोई की व्यवस्था सेना द्वारा की जाएगी। मैक्सिको की रिफ्यूजी कैंप की क्षमता को 1300 से बढ़ाकर 3000 किया जा रहा है। सरकार के पास 100 बसों का एक बेड़ा है, जो निर्वासित नागरिकों को उनके गृह राज्य तक पहुंचाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक नागरिक को 1000 रुपए का कैश कार्ड भी दिया जाएगा।

अस्थायी प्रवासियों का स्वागत
राष्ट्रपति शिनबाम ने कहा कि मैक्सिको अस्थाई रूप से अन्य देशों से निर्वासित लोगों को भी स्वीकार कर सकता है। साथ ही, आंतरिक मंत्री रोसा इसेला रोड्रिगेज ने कहा कि वापस लौटने वाले नागरिकों को रोजगार से जोड़ने के लिए मैक्सिकन कंपनियों के साथ समझौते किए जा रहे हैं। वहीं, कनाडा भी अपने चेक पोस्ट खोलने की तैयारी कर रहा है ताकि इन नागरिकों को राहत मिल सके।

अमेरिका ने शुरू किया अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करना
अमेरिका ने ट्रंप के वादे के अनुसार अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट करना शुरू कर दिया है। वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने बताया कि ट्रंप के निर्देशों के तहत अवैध प्रवासियों को खदेड़ने का ऑपरेशन शुरू हो चुका है। पहले दौर में 80 अवैध प्रवासियों को ग्वाटेमाला भेजा गया है।

न्यूजर्सी में अवैध गिरफ्तारी पर विवाद
अमेरिका में अवैध प्रवासियों की गिरफ्तारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। न्यू जर्सी राज्य में 538 अवैध प्रवासियों की गिरफ्तारी की गई, लेकिन मेयर रास बराका ने आरोप लगाया है कि इन गिरफ्तारी में कोई वारंट नहीं था। न्यूजर्सी स्टेट पुलिस ने इस कार्रवाई को गैर कानूनी बताते हुए इसका विरोध किया है।

कैपिटल हिंसा के आरोपी स्टीवर्ट रोड्स पर वॉशिंगटन में प्रवेश पर प्रतिबंध
कैपिटल हिंसा में साजिश रचने के आरोपी ओथ कीपर्स मिलिशिया के संस्थापक स्टीवर्ट रोड्स को बड़ा झटका लगा है। एक संघीय जज ने रोड्स पर बिना कोर्ट की मंजूरी के वॉशिंगटन डीसी में प्रवेश करने पर रोक लगा दी है। रोड्स को पहले 18 साल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन ट्रंप ने उन्हें माफ कर दिया था।

रूस का दावा: अगर ट्रम्प होते राष्ट्रपति, तो यूक्रेन संघर्ष टल सकता था
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि अगर डोनाल्ड ट्रम्प 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो यूक्रेन में संघर्ष को टाला जा सकता था। एक साक्षात्कार में पुतिन ने कहा कि रूस अमेरिका के साथ सभी अहम मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है।

मस्क की भूमिका पर अमेरिकी सरकार में असहमति
एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिकी सरकार में 70% लोग एलोन मस्क की भूमिका को नापसंद करते हैं। एपी-एनओआरसी सेंटर फॉर पब्लिक अफेयर्स रिसर्च के सर्वे के मुताबिक, केवल 30% युवा ही मस्क के नेतृत्व में सरकारी कार्यों को सकारात्मक रूप से देखते हैं।

कराची जेल में भारतीय मछुआरे की मौत, पूरी कर चुका था सजा

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पाकिस्तान में 2022 में गिरफ्तार किए गए एक भारतीय मछुआरे की गुरुवार को कराची जेल में मौत हो गई। यह घटना पाकिस्तान में पिछले दो सालों में मछुआरों की मौत का आठवां मामला है।

अधिकारियों ने नहीं किया रिहा
मछुआरा बाबू अपनी सजा पूरी कर चुका था, लेकिन पाकिस्तान के अधिकारियों ने उसे रिहा नहीं किया। बाबू अकेले मछुआरे नहीं थे, बल्कि 180 और भारतीय मछुआरे भी अपनी सजा पूरी करने के बाद पाकिस्तान में रिहाई का इंतजार कर रहे हैं।

अधिकारों की अनदेखी का शिकार हो रहे मछुआरे 
इन मछुआरों की सजा पूरी होने के बावजूद, उन्हें भारतीय नागरिक होने की पुष्टि के बावजूद पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा रिहा नहीं किया गया है। इस मामले ने फिर से भारत-पाकिस्तान के बीच मछुआरों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो अक्सर सीमा विवादों और अधिकारों की अनदेखी का शिकार होते हैं।

वीरता पुरस्कारों की घोषणा, गणतंत्र दिवस पर 942 सुरक्षा कर्मियों को सम्मान

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गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवाओं के 942 कर्मचारियों को वीरता और सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इनमें से 95 जवानों को वीरता पदक, 101 को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 746 को सराहनीय सेवा के लिए पदक मिला।

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गणतंत्र दिवस 2025 के मौके पर पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवाओं के 942 कर्मचारियों को वीरता और सेवा के लिए सम्मानित किया गया। इनमें से 95 जवानों को वीरता पदक, 101 को राष्ट्रपति पदक और 746 को सराहनीय सेवा पदक मिला।

विशिष्ट सेवा के लिए 101 राष्ट्रपति पदक में से 85 पुलिस विभाग के जवानों को, 5 अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों को, 7 नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड के जवानों को, और 4 सुधार सेवा के कर्मचारियों को दिए गए। वहीं, सराहनीय सेवा के लिए 746 पदकों में से 634 पुलिस विभाग के जवानों को, 37 अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों को, 39 नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड के जवानों को, और 36 सुधार सेवा के कर्मचारियों को दिए गए।

गैलेंट्री अवार्ड की राज्यवार लिस्ट में छत्तीसगढ़ के 11, ओडिशा के 6, उत्तर प्रदेश के 17 और जम्मू-कश्मीर के 15 पुलिस जवानों को यह पुरस्कार मिला। इसके अलावा, असम राइफल्स के 1, बीएसएफ के 5, सीआरपीएफ के 19 और एसएसबी के 4 जवानों को भी गैलेंट्री अवार्ड दिया गया। उत्तर प्रदेश के फायर विभाग के 16 और जम्मू-कश्मीर के फायर विभाग के 1 जवान को भी यह पुरस्कार मिला।

विशिष्ट सेवा पुरस्कार की राज्यवार लिस्ट में कई राज्यों और विभागों को सम्मानित किया गया। अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, पुडुचेरी, असम राइफल्स, एनएसजी, पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो, एनडीआरएफ, एनसीआरबी, संसदीय मंत्रालय, आरएस सचिवालय, रेलवे प्रोटेक्शन, कर्नाटक, ओडिशा, मध्य प्रदेश (सुधार सेवा) और उत्तराखंड को एक-एक अवॉर्ड मिला।

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बिहार, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, सीआईएसएफ, एसएसबी, केरल (फायर डिपार्टमेंट), और ओडिशा-उत्तर प्रदेश (होम गार्ड) को दो-दो अवॉर्ड मिले। दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी और उत्तर प्रदेश (सुधार सेवा) को 3-3 अवॉर्ड मिले, जबकि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को 4-4 अवॉर्ड मिले। उत्तर प्रदेश पुलिस और बीएसएफ को 5-5, सीआरपीएफ और सीबीआई को 6, और आईबी को 8 अवॉर्ड दिए गए।

1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों-पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, इनकम में होगी 186% की बढ़ोतरी

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भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी गई है, जो केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों (DA), और पेंशन में संशोधन करेगा। इस फैसले से देश के 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनधारकों को लाभ होगा।

नए वेतन आयोग में 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होने की संभावना है, जो 7वें वेतन आयोग के 2.57 फिटमेंट फैक्टर से अधिक है। इसके चलते कर्मचारियों और पेंशनधारकों की मासिक आय में बड़ी बढ़ोतरी होगी। 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होगा।

पेंशन और वेतन में कितनी होगी बढ़ोतरी?
7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम पेंशन ₹9,000 और अधिकतम पेंशन ₹1,25,000 प्रति माह निर्धारित थी। 8वें वेतन आयोग के संभावित 2.86 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर न्यूनतम पेंशन बढ़कर ₹25,740 और अधिकतम पेंशन ₹3,57,500 प्रति माह हो सकती है। यह 186% तक की वृद्धि दर्शाता है। इसके साथ ही, महंगाई राहत (DR) और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में भी संशोधन की उम्मीद है।

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलेगा लाभ
फिलहाल देश में करीब 48.62 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 67.85 लाख पेंशनधारक हैं। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से उनके वेतन और पेंशन में भारी इजाफा होगा। महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) के तहत भी उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

सरकार हर 10 साल में करती है वेतन आयोग का गठन
भारत सरकार हर 10 साल में कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को संशोधित करने के लिए वेतन आयोग का गठन करती है। 7वें वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था और इसका कार्यकाल 2026 में समाप्त हो रहा है। अब 8वें वेतन आयोग के जरिए कर्मचारियों और पेंशनधारकों को महंगाई से राहत देने के साथ-साथ उनकी क्रय शक्ति को बनाए रखने पर ध्यान दिया जाएगा।

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