भारत के केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक प्रेरणास्त्रोत अधिकारी तुषार डी. सखारे को गणतंत्र दिवस 2025 के मौके पर राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उनके निस्वार्थ समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और अत्यधिक उत्कृष्टता के लिए दिया गया है। श्री सखारे का करियर एक प्रेरणा है, जो न केवल सीआईएसएफ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का कारण बना है। तुषार सखारे ने 23 सितंबर 2005 को सीआईएसएफ में अपनी यात्रा की शुरुआत की थी। उस समय से लेकर आज तक, उन्होंने अपने साहसिक नेतृत्व और रणनीतिक निर्णयों से संगठन को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। उन्होंने देशभर में 12 अलग-अलग सीआईएसएफ इकाइयों में अपनी सेवाएं दी हैं और हर जगह अपने प्रशासनिक और परिचालन कौशल का लोहा मनवाया है।

कोयला माफिया पर कड़ी कार्रवाई
सीआईएसएफ यूनिट ईसीएल सीतलपुर में तैनात रहते हुए सखारे ने कोयला माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की। उन्होंने 11,814 छापे मारे और 65,672.154 मीट्रिक टन कोयला बरामद किया, जिसकी कुल कीमत करीब 38 करोड़ रुपये थी। इस कार्य के दौरान उन्होंने 3,384 पुलिस शिकायतें दर्ज की और 416 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। यह उनकी कुशल योजना और प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसने न केवल कानून व्यवस्था को बनाए रखा, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा को भी मजबूत किया।
अंतर्राष्ट्रीय शांति मिशन में भागीदारी
सखारे ने दो बार संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन पर सीआईएसएफ और भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके योगदान ने न केवल भारत बल्कि सीआईएसएफ को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाया। उनके उत्कृष्ट कार्य के कारण उन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा दो पदक से नवाजा गया, जो उनके समर्पण और वैश्विक शांति के प्रति उनके योगदान को सम्मानित करते हैं।
विशेष सम्मान और पुरस्कार
अपने शानदार करियर में सखारे को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें वर्ष 2015 में महानिदेशक प्रशंसा डिस्क और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया था, जो उनके असाधारण नेतृत्व और कार्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मान्यता देते हैं।








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