प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2.0 का सर्वे अब शुरू हो चुका है। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को पक्का घर देने के लिए बनाई गई थी। इस योजना के तहत 2024-25 से लेकर 2028-29 तक कई परिवारों को पक्के मकान मिलेंगे। मध्य प्रदेश में 31 मार्च 2025 तक लोग नए आवेदन कर सकते हैं, और इसके लिए अब मोबाइल ऐप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्या है पीएम आवास योजना (ग्रामीण) 2.0?
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का दूसरा चरण ग्रामीण इलाकों के पात्र परिवारों को पक्के मकान देने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत, मध्य प्रदेश में पात्र परिवारों को पक्के घर मिलेंगे। इस सर्वे में उन परिवारों को वरीयता दी जाएगी जो बेघर हैं, विशेषकर अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को।
कैसे करें आवेदन
अब आवेदक खुद अपने मोबाइल से इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें “Awas Plus” ऐप डाउनलोड करना होगा। इस ऐप के जरिए सर्वे प्रक्रिया में हिस्सा लिया जा सकता है। राष्ट्रीय सूचना केंद्र ने यह ऐप तैयार किया है, जिससे लोग आसानी से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया और नियम
- लाभार्थी को अपने मोबाइल में Awas Plus-2024 सर्वे और आधार फेस आईडी ऐप डाउनलोड करना होगा।
- आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी है।
- एक मोबाइल फोन से एक ही आवेदन किया जा सकता है।
पीएम आवास योजना के लिए प्राथमिकताएं
इस योजना में सबसे पहले उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास घर नहीं है, खासकर अनुसूचित जाति-जनजाति के परिवारों को। इसके बाद बाकी पात्र परिवारों को घर दिए जाएंगे।
कौन लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे?
- जिन किसान की केसीसी लिमिट 50 हजार से अधिक है।
- जिनके पास पक्का घर, तीन पहिया या चार पहिया वाहन हैं।
- जिनके पास ढाई एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि है।
- जिनके पास 11.5 एकड़ या उससे अधिक असिंचित भूमि है।
- जिनके परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या जिनका कोई व्यवसाय है।
- जो लोग इनकम टैक्स या बिजनेस टैक्स देते हैं, वे भी इस योजना से बाहर रहेंगे।
समाप्ति की तारीख
31 मार्च 2025 तक इस सर्वे को पूरा करने का लक्ष्य है, और उसके बाद पात्र परिवारों को पक्के मकान दिए जाएंगे।



मरीज की पत्नी, जिसने उसे हवाई अड्डे पर प्राप्त किया था, को प्राथमिक संपकर् के रूप में पहचाना गया है। उन्हें अलग-थलग रहने और अगले कुछ दिनों तक किसी भी लक्षण पर नजर रखने की सलाह दी गई है। एक बयान में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रधान सचिव हर्ष गुप्ता और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के निदेशक अंसार अहमद ने लोगों को आश्वस्त किया कि यह बीमारी ज्यादातर मामलों में हल्की और स्व-सीमित होती है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि लोगों को घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यह बीमारी मुख्य रूप से निकट या घनिष्ठ संपर्क से फैलती है और यह कोविड-19 जितनी संक्रामक नहीं है।


भूकंप के कारण किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है और सुनामी की चेतावनी भी जारी नहीं की गई है। इसके अलावा फुकुशिमा, तोचिगी, गुन्मा और निगाटा प्रान्तों के कुछ हिस्सों में रिक्टर पैमाने पर तीन तीव्रता के झटके महसूस किए गए, जबकि कांटो और तोहोकू क्षेत्रों सहित व्यापक क्षेत्र में इससे कम तीव्रता के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार से इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां बढ़ गई हैं तथा गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह पांच बजे तक एक या उससे अधिक तीव्रता के 15 झटके महसूस किये गये।
जज का आदेश: स्पष्ट रूप से असंवैधानिक
उन्होंने कहा, “426 करोड़ रुपये की इस राशि का उपयोग पूरे राज्य में पुलिस भवनों, खासतौर पर पुलिस थानों, पुलिस लाइनों और अन्य पुलिस बुनियादी ढांचे को आधुनिक और उन्नत बनाने के लिए किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि इससे पुलिस बल की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।

