Saturday, February 7, 2026
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अफगानिस्तान में चीनी नागरिक की गोली मारकर हत्या, ISIS-K ने ली जिम्मेदारी

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अफगानिस्तान के उत्तरपूर्वी इलाके में तालिबान अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एक चीनी नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसका स्थानीय दुभाषिया सुरक्षित बच गया।  इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) नाम के आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। आतंकी समूह ने अपने अमाक मीडिया चैनल पर कहा कि उनके “सैनिकों” ने मशीन गन का इस्तेमाल कर चीनी व्यक्ति को निशाना बनाया। घटना तखार प्रांत की है, जो ताजिकिस्तान की सीमा से लगा हुआ है।

चीनी नागरिक एक खनन कंपनी में काम कर रहा था और मंगलवार रात अपने दुभाषिए के साथ दश्त-ए-काला जिले की ओर जा रहा था।  रास्ते में उनके वाहन पर घात लगाकर हमला किया गया।  तखार प्रांत के पुलिस प्रमुख मोहम्मद अकबर ने कहा कि विदेशी यात्रियों को सड़क यात्रा से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना जरूरी है, लेकिन मृत चीनी नागरिक ने ऐसा नहीं किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।  बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, “हम अफगानिस्तान में हुई घटना पर नजर रख रहे हैं और चीनी नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।”

इससे पहले दिसंबर 2022 में IS-K के आतंकियों ने काबुल के एक होटल पर हमला किया था, जहां चीनी निवेशक अक्सर ठहरते थे। उस हमले में 3 अफगानी नागरिक मारे गए थे और 18 लोग घायल हुए थे, जिनमें 5 चीनी नागरिक भी शामिल थे। तालिबान ने 2021 में सत्ता संभालने के बाद अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने का दावा किया था।  हालांकि, IS-K ने तालिबान नेताओं, धार्मिक हस्तियों और अल्पसंख्यक शिया समुदाय को बार-बार निशाना बनाया है।

 चीन और अफगानिस्तान के संबंध 

  • – चीन ने तालिबान शासन को मान्यता देने वाला पहला देश बनने की पहल की और एक राजदूत भी नियुक्त किया।
  • – चीन ने अफगानिस्तान के खनन और तेल क्षेत्रों में निवेश कर तालिबान सरकार के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत किए हैं।
  • – विश्लेषकों का मानना है कि चीन अफगानिस्तान में सुरक्षा के मद्देनजर तालिबान सरकार के साथ जुड़ाव बढ़ा रहा है, ताकि वहां से आतंकवादी गतिविधियों को रोका जा सके।
  •  – अफगानिस्तान में चीनी निवेशक तेल और खनन क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
  • – ISIS-K के लगातार हमलों के कारण विदेशी निवेशकों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

ट्रंप का एक और विवादित फैसला, DEI विभाग पर गिराई गाज

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप( Donald Trump) ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही कई बड़े और विवादित फैसले लिए। अब उन्होंने एक और बड़ा कदम उठाते हुए संघीय सरकार के विविधता, समानता और समावेशन (DEI) विभाग के सभी कर्मचारियों को पेड लीव पर भेजने का आदेश दिया है। इसके साथ ही इन कर्मचारियों को नौकरी से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत भी दिए हैं।  ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के तुरंत बाद कई कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इनमें एक महत्वपूर्ण आदेश DEI विभाग के कर्मचारियों को प्रभावित करता है। कार्मिक प्रबंधन कार्यालय (Office of Personnel Management) द्वारा मंगलवार को जारी ज्ञापन में संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि DEI कार्यालयों के कर्मचारियों को शाम 5 बजे तक पेड लीव पर भेजा जाए।

ज्ञापन में कहा गया है कि DEI कर्मचारियों को हटाने की योजना तैयार की जाए। साथ ही, किसी भी DEI कार्यक्रम को जारी रखने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। स फैसले से भेदभाव रोधी ट्रेनिंग और अल्पसंख्यक किसानों को मिलने वाली वित्तीय मदद पर सीधा असर पड़ेगा। ट्रंप के आदेश के बाद DEI से संबंधित सभी वेबपेज बंद कर दिए गए हैं। संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे DEI कर्मचारियों की सूची तैयार करें और उनके खिलाफ बल में कटौती की प्रक्रिया तेज करें। संघीय एजेंसियों को गुरुवार तक DEI विभाग के कर्मचारियों की सूची तैयार करने और अगले शुक्रवार तक कटौती की कार्रवाई शुरू करने की उम्मीद है।

ज्ञापन में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने कार्यकाल के दौरान DEI कार्यक्रमों के जरिए भेदभावपूर्ण नीतियों को बढ़ावा दिया। ट्रंप ने इन कार्यक्रमों को संघीय सरकार पर “अत्यधिक बोझ” बताते हुए बंद करने का फैसला किया।   इस ज्ञापन की जानकारी सबसे पहले सीबीएस न्यूज ने दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप सरकार का यह कदम बाइडन प्रशासन की नीतियों के खिलाफ एक स्पष्ट प्रतिक्रिया है।  ट्रंप के इस फैसले से संघीय सरकार में DEI विभाग की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी। हालांकि, यह कदम भेदभाव के खिलाफ काम करने वाले संगठनों और नागरिक अधिकार समूहों के बीच विवाद का कारण बन सकता है।

भारतीय अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के पिता का भारत में निधन

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भारतीय अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के पिता एमपी जयपाल का भारत में निधन हो गया है और वह इस मुश्किल वक्त में अपने परिवार का साथ देने के लिए भारत जा रहीं हैं। प्रमिला जयपाल की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। जयपाल ने बयान में कहा,‘‘ मेरे प्यारे पिता एमपी जयपाल का कल रात निधन हो गया।

उन्होंने कहा कि  मैं भारत जा रही हूं ताकि दुख की इस घड़ी में मैं अपनी मां और बहन के साथ रह सकूं। हम एक ऐसे शानदार व्यक्ति के जाने से गम में हैं जिनकी वजह से हम इस मुकाम पर हैं।” प्रतिनिधि सभा के लिए निर्वाचित होने वाली पहली भारतीय अमेरिकी महिला जयपाल (59) जनवरी 2015 से वाशिंगटन के सातवें कांग्रेशनल डिस्ट्रिक का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। बयान में कहा गया, ‘‘ मेरा कार्यालय हमेशा की तरह खुला रहेगा। आपने जो स्नेह दिखाया उसके लिए धन्यवाद।”

वैष्णो देवी से पहली बार इस दिन चलेगी Vande Bharat, Railway ने जारी किया Notice

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उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के जल्द पूरा होने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि 24 और 25 को कटड़ा रेलवे स्टेशन व बड़गाम रेलवे स्टेश्न के बीच वंदे भारत ट्रेन के ट्रायल के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते अब उत्तर रेलवे ने परियोजना के उद्घाटन फरवरी के पहले सप्ताह में करने का निर्णय लिया है। इसके लिए रेलवे के अधिकारियों ने एक नोटिस जारी कर तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा है।

रेलवे के उच्च सूत्रों के अनुसार सकूर बस्ती में उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के लिए खास तौर पर बनाई गई वंदे भारत एक्सप्रैस को यार्ड में खड़ा किया गया है। वंदे भारत के दोनों रैक को श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन पर भेजने के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश के अनुसार 24 व 25 जनवरी की सुबह दोनों वंदे भारत ट्रेनों को पहुंचाने के निर्देश दिए गए है ताकि इन ट्रेनों से श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे स्टेशन व बड़गाम रेलवे स्टेश्न के बीच ट्रायल किया जा सकें।

प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कारमाली पहुंचे श्रीनगर

प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गति शक्ति रेलवे बोर्ड एन.सी. कारमाली बुधवार को श्रीनगर पहुंच चुके है। वह श्रीनगर से श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करेंगे और बीच में वह चिनाब ब्रिज साइट और अंजी ब्रिज साइट का निरीक्षण करते हुए वापस देर शाम को कटड़ा और फिर वहां से रात को जम्मू पहुंचेंगे।

लिस्ट होते ही इस शेयर में मची लूट, लगा अपर सर्किट, पहले दिन ही दिन निवेशकों को बंपर मुनाफा

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स्टैलियन इंडिया का आईपीओ (Stallion India IPO) आज गुरुवार को शेयर बाजार में लिस्ट हो गया। बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयर 90 रुपए के आईपीओ प्राइस से करीब 34% प्रीमियम के साथ 120 रुपए पर लिस्ट हुए। लिस्टिंग के साथ ही इसमें 5% का अपर सर्किट लग गया और यह 125.99 रुपए के इंट्रा डे हाई तक पहुंच गया। इस प्रदर्शन के साथ निवेशकों को पहले ही दिन 40% से अधिक का मुनाफा हुआ।

बता दें कि रेफ्रिजरेंट्स सप्लायर्स स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स का आईपीओ निवेश के लिए 16 जनवरी को खुलकर 20 जनवरी को बंद हुआ था। आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 85 रुपए से 90 रुपए प्रति शेयर तय किया गया था।

189 गुना हुआ था सब्सक्राइब

तीन दिन में कंपनी के आईपीओ को 189 गुना सब्सक्राइब किया गया था। आईपीओ में 1.78 करोड़ इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और इसके प्रमोटर्स, शहजाद शेरियार रुस्तमजी द्वारा 43.02 लाख शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) है। प्राइस बैंड के ऊपरी छोर पर आईपीओ 199.45 करोड़ रुपए का आंका गया था।

कंपनी का कारोबार

कंपनी एयर-कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन, अग्निशमन, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, वाहन विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल, ग्लास बोतल निर्माण, एरोसोल और स्प्रे फोम अनुप्रयोगों सहित विभिन्न उद्योगों की सेवा करती है। आईपीओ से प्राप्त राशि का इस्तेमाल कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में प्रस्तावित सुविधाओं के लिए पूंजीगत व्यय और सामान्य कंपनी कामकाज के लिए किया जाएगा।

सैफ अली खान को लगा बड़ा झटका, पटौदी परिवार की 15,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त

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बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के लिए हाल ही में आई एक बुरी खबर ने उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर दिया है। मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित पटौदी परिवार की पुश्तैनी संपत्तियों को अब केंद्र सरकार अपने कब्जे में ले सकती है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत 15,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इन पर लगे स्थगन आदेश को हटा लिया है, जिससे अब इन संपत्तियों का अधिग्रहण शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत किया जा सकता है।

क्या हैं शत्रु संपत्तियां?

शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत, भारतीय सरकार उन संपत्तियों पर दावा कर सकती है, जिनके मालिक पाकिस्तान के साथ बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए थे। सैफ अली खान के परिवार की भोपाल स्थित संपत्तियां भी इसी श्रेणी में आती हैं, क्योंकि परिवार की एक सदस्य, आबिदा सुल्तान, 1950 में पाकिस्तान चली गई थीं।

हाईकोर्ट का आदेश और आगे की स्थिति

साल 2015 में जब मुंबई स्थित Enemy Property Custodian Office ने इन संपत्तियों को सरकारी संपत्ति घोषित किया, तो सैफ अली खान ने हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी थी। हालांकि, पिछले साल 13 दिसंबर को हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया और अब तक परिवार ने अपील दायर नहीं की है।

अब इन संपत्तियों में शामिल फ्लैग स्टाफ हाउस, नूर-उस-सबा पैलेस, दार-उस-सलाम और अन्य प्रमुख स्थानों पर सरकार का दावा हो सकता है, जिनमें सैफ ने अपना बचपन बिताया था।

जलगांव रेल हादसे के मृतकों और घायलों के लिए सरकार ने किया मुआवज़े का ऐलान, पीएम ने भी जताया दुख

बीते दिन महाराष्ट्र के जलगांव में हुए रेल हादसे पर पीएम मोदी ने दुख जताया है। इस हादसे में दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। पीएम ने इस घटना के मृतकों के लिए मुआवज़े का ऐलान किया है। बता दें कि जलगांव जिले में लखनऊ-मुंबई पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगने की अफवाह के कारण कई यात्री ट्रेन से कूद गए थे। उसी दौरान दूसरी ट्रेन जो सामने से आ रही थी, उसने इन यात्रियों को कुचल दिया।

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पीएम ने एक्स पर शेयर किया पोस्ट- 

जलगांव रेल हादसे को लेकर पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि “महाराष्ट्र के जलगांव में रेल पटरियों पर हुए दर्दनाक हादसे से दुखी हूं। मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।”

रेलवे ने किया मुआवज़े का ऐलान-

रेल हादसे पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी मृतकों के परिवारवालों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। रेल मंत्रालय द्वारा सामने आई जानकारी के अनुसार ट्रेन हादसे के मृतकों के परिजनों को 1.5-1.5 लाख रुपये के मुआवज़े का ऐलान किया है। वहीं गंभीर रूप से घायल लोगों को 50,000 रुपये और मामूली चोट वाले लोगों को 5,000 रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।

 

महाराष्ट्र के सीएम ने भी जताया शोक-

रेलवे मंत्रालय द्वारा महाराष्ट्र के सीएम ने शोक जताया है और मृतकों के परिवारवालों को मुआवज़े का ऐलान किया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है,जबकि घायल यात्रियों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी

2 बेटियों के साथ नहर में कूदी विवाहिता, बार-बार बेटियां होने से थी परेशान

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उकलाना खंड के साहू गांव की निवासी एक 30 वर्षीय महिला ने अपनी दो बेटियों के साथ नहर में कूदकर जान दे दी। सूचना मिलने पर उकलाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बताया कि महिला के शव और उसकी ढाई माह की बेटी दिपांशु का शव सिरसा के गीगानोरी माइनर से बरामद हुआ, जबकि दूसरी बेटी अंशु की तलाश जारी है।

बेटी को दवाई दिलवाने के बहाने से घर से थी निकली
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, नीलम 20 जनवरी को दोपहर करीब 1 बजे अपनी बड़ी बेटी अंशु (11 साल) और छोटी बेटी दिपांशु (2.5 माह) के साथ दवाई दिलवाने के बहाने घर से निकली थी। इसके बाद महिला और दोनों बेटियों का कुछ पता नहीं चला। परिवार वालों और पुलिस ने काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन, मंगलवार को सिरसा के नाथूसरी चौपटा पुलिस ने उकलाना पुलिस को सूचित किया कि गो गागोरी माइनर से महिला और बच्ची का शव मिला है।

बेटे न होने का था अफसोस
नीलम का पति, अमरजीत ने बताया कि नीलम को हमेशा इस बात का अफसोस था कि उसके घर बेटे का जन्म नहीं हुआ। नीलम के चार बेटियां थीं, लेकिन बेटा न होने की वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहती थी।

पिछली एक सदी में पुरुषों की लंबाई और वजन में महिलाओं की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह जानकारी कई देशों के डेटा विश्लेषण पर आधारित एक अध्ययन से सामने आई है। यह अध्ययन बायोलॉजी लेटर्स जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोध के अनुसार, पिछले 100 वर्षों में महिलाओं की औसत लंबाई केवल 1.9% बढ़ी है। 1905 में महिलाओं की औसत लंबाई 159 सेंटीमीटर थी, जो अब बढ़कर 162 सेंटीमीटर हो गई है। दूसरी ओर पुरुषों की औसत लंबाई में 4% की वृद्धि हुई है। 1905 में यह 170 सेंटीमीटर थी, जो अब बढ़कर 177 सेंटीमीटर हो गई है। 1905 में हर चार में से एक महिला पुरुषों से लंबी हुआ करती थी। लेकिन 1958 तक यह संख्या घटकर सिर्फ आठवें हिस्से तक पहुंच गई।

New Noida बसाने के लिए शुरू हुआ ‘land bank’ का काम, विकास की दिशा में कदम

यमुना प्राधिकरण ने नोएडा के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी योजना के तहत ‘लैंड बैंक’ तैयार करना शुरू कर दिया है। यह कदम नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों में आगामी वर्षों में हो रहे विशाल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस योजना के तहत, 5065.145 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में 10 नए सेक्टर बनाए जाएंगे।

एयरपोर्ट के पास तेजी से विकास की संभावना
यमुना प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया है, जिसे गौतमबुद्ध नगर और अलीगढ़ जिलों के प्रशासन से प्रस्तावित किया गया है। इस भूमि अधिग्रहण के लिए 606300 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। हालांकि, इस काम में गति 17 अक्टूबर 2024 के बाद मिली, जब नोएडा मास्टर प्लान 2041 को स्वीकृति मिली। इस योजना के तहत विकसित होने वाले नए सेक्टर ज्यादातर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास होंगे, क्योंकि एयरपोर्ट के पास तेजी से विकास की संभावना बढ़ सकती है, जिससे अतिक्रमण की स्थिति पैदा हो सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए लैंड बैंक की प्रक्रिया तेज की गई है, ताकि भविष्य में विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध हो सके। अभी, इस समय टप्पल लाजिस्टिक पार्क और टप्पल बाजना अर्बन सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। ये नए क्षेत्र प्राधिकरण द्वारा निर्धारित योजना के तहत विकसित किए जाएंगे, जिससे इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण और अन्य विकास कार्य संभव होगा।

एक आधुनिक और हाईटेक शहर नोएडा 
नोएडा मास्टर प्लान 2041 का उद्देश्य नोएडा और उसके आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास करना है, ताकि यह क्षेत्र एक आधुनिक और हाईटेक शहर के रूप में उभर सके। यह योजना चार चरणों में पूरा होगी, जो 2041 तक सम्पन्न होने का अनुमान है। प्राधिकरण का लक्ष्य इस प्रोजेक्ट के माध्यम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के अलावा, गुरुग्राम को भी चुनौती देने वाली एक स्मार्ट सिटी तैयार करना है। मास्टर प्लान 2041 में 84 गांवों का समावेश होगा, जो दादरी और बुलंदशहर क्षेत्रों में स्थित हैं। इस योजना के जरिए इस पूरे क्षेत्र का संपूर्ण विकास किया जाएगा, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पूरी नगरीय संरचना को एक नई दिशा मिलेगी। प्राधिकरण का कहना है कि इस प्रोजेक्ट में नोएडा को एक हाईटेक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, जो अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं और सुव्यवस्थित बुनियादी ढांचे से लैस होगा। इसके अलावा, मास्टर प्लान में एक स्मार्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, हरित क्षेत्र, आवासीय और व्यावसायिक ज़ोन का विकास, साथ ही सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार की योजना भी शामिल है।

क्या है विकास के प्रमुख पहलू
नोएडा मास्टर प्लान 2041 का प्रमुख उद्देश्य सिर्फ शहरी विकास नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है। इस प्रोजेक्ट के तहत, नोएडा क्षेत्र में रहने वाले लाखों लोगों को बेहतर जीवन यापन के अवसर मिलेंगे। यहां पर रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा, यह प्रोजेक्ट दिल्ली और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों को कड़ी टक्कर देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के विकास में भी एक अहम भूमिका निभाएगा। मास्टर प्लान के अनुसार, नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे और वहां पर व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे नोएडा एक अहम व्यापारिक केंद्र के रूप में उभर सके। इसके अलावा, नई शहरी योजनाओं में एकीकृत जल आपूर्ति, सीवेज प्रणाली, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था में सुधार भी किया जाएगा, ताकि निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाली जीवनशैली मिल सके। नोएडा मास्टर प्लान 2041 के तहत किए जा रहे इस व्यापक विकास कार्य से क्षेत्र के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार होंगे। इसमें विभिन्न क्षेत्रों का समग्र विकास और नोएडा को एक हाईटेक और स्मार्ट सिटी के रूप में प्रस्तुत करने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत जहां एक ओर नए सेक्टरों का निर्माण होगा, वहीं दूसरी ओर रोजगार के अवसर, आवासीय सुविधाएं और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस विकास के साथ-साथ नोएडा और आसपास के क्षेत्रों का विकास तेजी से होगा और यह दिल्ली-एनसीआर के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में स्थापित होगा।

Bhopal Accident : गर्भवती को अस्पताल लेकर जा रही कार पलटी, पति की हुई मौत , पत्नी ने दिया बेटी को जन्म

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है जिसमें एक कार सवार पति की मौत हो गई लेकिन इससे भी हैरान करने वाली बात यह रही कि हादसे के बाद उसकी गर्भवती पत्नी ने एक घंटे के भीतर बेटी को जन्म दिया। यह घटना लालघाटी के हलालपुर बस स्टैंड के पास रात के समय हुई।

जानकारी के मुताबिक महेंद्र मेवाड़ा और उनके साढ़ू सतीश मेवाड़ा कार में यात्रा कर रहे थे जब उनकी कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसे में महेंद्र और सतीश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि महेंद्र की गर्भवती पत्नी बबली गंभीर रूप से घायल हुईं। साथ ही महेंद्र की मां, बुआ और सांढू भी इस हादसे में घायल हो गए।

घटना के बाद पुलिस ने बताया कि महेंद्र की पत्नी बबली प्रसव के दर्द से जूझ रही थीं और रात को महेंद्र उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए कार में बैठाकर भोपाल आ रहे थे। हादसे के बाद बबली को तुरंत अस्पताल भेजा गया जहां उन्होंने अपने पति की मौत के एक घंटे बाद एक बेटी को जन्म दिया।

यह वाकया न केवल हादसे की भयावहता को दिखाता है बल्कि एक उम्मीद और साहस का भी प्रतीक बन गया है जब बबली ने ऐसी कठिन परिस्थिति में भी बच्चे को जन्म दिया।

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