Thursday, February 5, 2026
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दो चीजों से ही कंट्रोल हो जाएगा Uric Acid, दवाइयों की नहीं पड़ेगी जरूरत !

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लगातार एड़ियों और जोड़ों में दर्द रहता है तो इसके पीछे का कारण यूरिक एसिड भी हो सकता हैं। यूरिक एसिड की समस्या तब शुरू होती है जब किडनी शरीर में बनने वाले यूरिक एसिड को ठीक से फिल्टर कर यूरिन के रास्ते बाहर नहीं निकाल पाती और ये एसिड जोड़ों में ही जमने लगता है। जब समस्या बढ़ जाती है तो जोड़ों- पैरों में दर्द सूजन दिखने लगती है। एड़ियों में जलन भी होती है। अगर इसे कंट्रोल ना किया जाए तो यह गाउट यानि गठिया बन जाता है। जो लोग अपनी डाइट में हाई प्रोटीन आहार ज्यादा ले रहे हैं और बाकी तत्व कम, उनके शरीर में सारा लेवल गड़बड़ा जाता है। जंक फूड खाना, पानी कम पीना और फिजिकल एक्टिविटी ना करना आदि। यह सब चीजें यूरिक एसिड को बढ़ावा देती हैं।

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यूरिक एसिड क्या है और क्यों बढ़ता है?

यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन (Purine) नामक पदार्थ के टूटने से बनता है। यह रक्त में घुलकर किडनी के जरिए बाहर निकलता है। लेकिन जब यह ज्यादा बनता है या सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता तो यह जोड़ों में जमा हो सकता है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है। यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे बहुत से कारण भी हो सकते हैं।
ज्यादा प्यूरीन युक्त आहार जैसे मांस और शराब।
किडनी की कार्यक्षमता में कमी।
मोटापा, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर।
अत्यधिक तनाव और डिहाइड्रेशन।
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यूरिक एसिड को कंट्रोल कैसे करें?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, आप घरेलू तरीके से यूरिक एसिड को कंट्रोल में कर सकते हैं। इसके लिए गिलोय के पत्तों का इस्तेमाल सबसे फायदेमंद साबित हो सकता है। वैसे गिलोय सिर्फ यूरिक एसिड ही नहीं बल्कि बुखार ठीक करने और इम्यूनिटी स्ट्रांग करने के लिए भी लोग मजे से पीते हैं। आप गिलोय का पानी उबाल कर पी सकते हैं।

गिलोय के अलावा अखरोट भी इसे कंट्रोल में रखेगा। अखरोट में ओमेगा-3 भरपूर होता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के साथ-साथ विटामिन बी6, कॉपर, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। अखरोट में हैल्दी प्रोटीन भरपूर होता है जो घुटनों में जमे यूरिक एसिड को बाहर निकालने का काम करता है। अगर अखरोट की तासीर गर्म लगती हैं तो आप इसे पानी में भिगोकर खा सकते हैं। इससे यूरिक एसिड तो कम होगा ही साथ ही में यह दिल और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद है। इससे तनान कम होता है और इम्यूनिटी स्ट्रांग होती है।दिन के 2 से 3 अखरोट खाने से आपको फायदा होगा। आप सलाद में डालकर, स्मूदी और शेक में डालकर इसका सेवन कर सकते हैं।

हैल्दी लाइफस्टाइल से कंट्रोल होगा यूरिक एसिड

बहुत सी बीमारियां ऐसी हैं जो लाइफस्टाइल को हैल्दी करने पर अपने आप ही सही हो जाती है। इसके लिए हैल्दी आहार खाएं और फिजिकल एक्टिविटी जरूर करें ।याद रखिए यह रोग भी लाइफस्टाइल से जुड़ा है जब तक आप हैल्दी लाइफस्टाइल नहीं अपनाएंगे दवा भी असर नहीं दिखाएगी।

यूरिक एसिड को कंट्रोल करना है तो हाई प्रोटीन कम लें। राजमाह, मटर, चने और छिलके वाली दालों का सेवन डिनर में ना करें।
30 से 45 मिनट सैर व एक्सरसाइज करें।
हरी सब्जियों का जूस पीएं।
रात का खाना जल्दी खाएं।
8 से 10 गिलास भरपूर पानी पीएं।
8 घंटे की नींद लें।
स्ट्रेस लेने से बचें। योग व मेडिटेशन का सहारा लें।
एल्कोहल का सेवन ना करें। ज्यादा नॉनवेज जैसे रेडमीट खाने से बचें।

यूरिक एसिड में क्या खाएं? (What to Eat in Uric Acid)

फल और सब्जियांः  गाजर, टमाटर, पालक, लौकी, तोरई, कद्दू।
फल: सेब, चेरी, संतरा, नींबू, अमरूद। चेरी और स्ट्रॉबेरी यूरिक एसिड कम करने में मददगार हैं।
साबुत अनाजः दलिया, ब्राउन राइस, जौ, रागी। ओट्स और क्विनोआ भी फायदेमंद हैं।
कम वसा वाले डेयरी उत्पादः टोंड दूध, दही, पनीर। यह यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।
लिक्विड आहार: पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं (8-10 गिलास)। नींबू पानी, नारियल पानी, हर्बल टी। पानी यूरिक एसिड को किडनी के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है।
अखरोट और बीजः बादाम, अखरोट, अलसी के बीज। ये शरीर में सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।
जड़ी-बूटियां और मसाले: अदरक, हल्दी, तुलसी, दालचीनी। अदरक और हल्दी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होती हैं।
वेजिटेबल जूस और सूप: टमाटर, गाजर, लौकी का जूस या सूप पीएं।

यूरिक एसिड में क्या नहीं खाएं? (What Not to Eat in Uric Acid)

प्यूरीन युक्त आहार: सीफूड: झींगा, केकड़ा, मछली (सैलमन, सार्डीन), बकरा, भेड़, लीवर, किडनी।
प्रोसेस्ड फूडः केक, पेस्ट्री, जंक फूड, इंस्टेंट नूडल्स। मैदा और चीनी से बने खाद्य पदार्थ।
अत्यधिक प्रोटीन युक्त आहार: अधिक मात्रा में दालें जैसे अरहर, मूंग, मसूर। सोयाबीन और सोया प्रोडक्ट्स।
शराब : खासतौर पर बीयर और वाइन, क्योंकि इनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है।
मीठी ड्रिंक्स : सॉफ्ट ड्रिंक्स, फ्रूट जूस (पैक्ड)। फ्रुक्टोज युक्त पेय यूरिक एसिड को बढ़ा सकते हैं।
डीप फ्राई चीजें: समोसा, कचौरी, पकोड़े। ये चीजें शरीर में सूजन बढ़ाती हैं।
सूखे मेवे: किशमिश और खजूर से बचें क्योंकि इनमें शुगर ज्यादा होती है।

Mercedes Benz ने लॉन्च की दो कारें, जानें क्या है कीमत

Mercedes Benz ने Auto Expo 2025 के दौरान अपनी दो नई कारें EQS Maybach 680 Night Series और GLS 600 Night Series लॉन्च की हैं। EQS Maybach 680 Night Series की एक्‍स शोरूम कीमत 2.63 लाख रुपए रखी है और GLS 600 Night Series की एक्‍स शोरूम कीमत 3.71 लाख रुपए तय की गई है। नाइट सीरीज को कुल तीन रंगों के विकल्‍प में लाई गई है, जिसमें Obsidian Black, Diamond White Bright के अलावा Obsidian Black के साथ Mojave Silver शामिल हैं।

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कारों की खासियत

इन दोनों नई कारों को डार्क क्रोम और ग्लॉस ब्लैक पेंट स्कीम के साथ लॉन्च किया गया है, जो इन्हें और भी आकर्षक बनाती है। इसके अलावा इन दोनों कारों का इंटीरियर भी डार्क थीम पर आधारित है, जिससे इनकी प्रीमियम लुक और फील को और बढ़ाया गया है। EQS Maybach 680 Night Series में में ड्यूल मोटर सिस्टम दिया गया है, जो इसे 658 बीएचपी की पावर और 950 न्यूटन मीटर का टॉर्क प्रदान करता है। यह गाड़ी केवल 4.4 सेकंड में 0-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इसमें 122 kWh की बैटरी दी गई है, जिसे 10 से 80 प्रतिशत चार्ज करने में केवल 31 मिनट का समय लगता है। एक बार फुल चार्ज करने पर यह कार 611 किलोमीटर तक चल सकती है।

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अन्य कारें भी की गईं शोकेस

Mercedes Benz ने दो कारों के लॉन्च के अलावा कई और कारों को भी शोकेस किया है। Mercedes G Wagon Electric (जो जनवरी 2025 में लॉन्च हुई), LWB E-Class 450 4MATIC, AMG SL 55 4MATIC+, AMG S 63 E PERFORMANCE और
Concept CLA शामिल हैं।

गाजर के सीजन में बनाएं ये स्पेशल डिशेज, मजे से खाएंगे बच्चे और बनेंगे ताकतवर

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सर्दी में बच्चों को स्वस्थ रखने और उनके शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए गाजर बेहद फायदेमंद है।  गाजर पोषक तत्वों से भरपूर होती है, इसमें सोडियम, पोटेशियम, आयरन, प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, विटामिन ए और सी पाया जाता है। हम आपको गाजर की कई ऐसी  रेसिपीज के बारे में बताने जा रहे हैं  बच्चों के लिए स्वादिष्ट और पौष्टिक होते हैं। इसे बनाना भी बेहद आसान है।

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गाजर का हलवा

 सामग्री

– गाजर 500 ग्राम (कद्दूकस की हुई)
– दूध 1 लीटर
– चीनी 150 ग्राम
– घी  2-3 टेबलस्पून
– इलायची पाउडर 1/2 चम्मच
– काजू, बादाम, पिस्ता (कटे हुए): 2-3 टेबलस्पून

विधि

1. कढ़ाई में घी गर्म करें और उसमें कद्दूकस की हुई गाजर को 10-15 मिनट तक भूनें।
2. भुनी हुई गाजर में दूध डालकर धीमी आंच पर पकाएं जब तक दूध पूरी तरह से सूख न जाए।
3. अब इसमें चीनी डालें और तब तक पकाएं जब तक हलवा गाढ़ा न हो जाए।
4. इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
5. गरमागरम गाजर का हलवा परोसें।

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गाजर और मटर की सब्जी

 सामग्री

– गाजर 250 ग्राम (कटी हुई)
– मटर 100 ग्राम
– तेल 2 टेबलस्पून
– जीरा 1/2 चम्मच
– हल्दी पाउडर 1/2 चम्मच
– धनिया पाउडर 1 चम्मच
– लाल मिर्च पाउडर 1/2 चम्मच
– नमक स्वादानुसार

विधि

1. कढ़ाई में तेल गरम करें, उसमें जीरा तड़काएं।
2. अब कटे हुए गाजर और मटर डालकर मिलाएं।
3. हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
4. धीमी आंच पर ढककर 10-12 मिनट तक पकाएं जब तक सब्जियां नरम न हो जाएं।
5. गरमागरम गाजर-मटर की सब्जी रोटी या पराठे के साथ परोसें।
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गाजर का सूप

सामग्री

– गाजर 250 ग्राम (कटी हुई)
– प्याज 1 (कटा हुआ)
– अदरक 1 चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
– मक्खन 1 टेबलस्पून
– नमक स्वादानुसार
– काली मिर्च 1/2 चम्मच
– पानी या वेजिटेबल स्टॉक 2 कप

विधि

1. पैन में मक्खन गरम करें, उसमें प्याज और अदरक को हल्का भूनें।
2. अब कटी हुई गाजर डालें और 2-3 मिनट तक भूनें।
3. पानी या वेजिटेबल स्टॉक डालें, नमक और काली मिर्च मिलाकर गाजर को नरम होने तक पकाएं।
4. मिश्रण को ठंडा करें और मिक्सी में पीसकर सूप बना लें।
5. तैयार सूप को हल्की आंच पर दोबारा गरम करें और गरमागरम परोसें।

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गाजर के लड्डू

सामग्री

– गाजर 500 ग्राम (कद्दूकस की हुई)
– मावा 250 ग्राम
– चीनी 150 ग्राम
– घी 2 टेबलस्पून
– इलायची पाउडर 1/2 चम्मच
– काजू, बादाम, पिस्ता (कटे हुए) 2-3 टेबलस्पून
– नारियल बूरा (कद्दूकस किया हुआ नारियल) 2 टेबलस्पून (वैकल्पिक)

विधि

1. एक कढ़ाई में घी गरम करें और उसमें कद्दूकस की हुई गाजर डालें।
2. गाजर को मध्यम आंच पर 10-12 मिनट तक भूनें जब तक वह नरम न हो जाए और उसका कच्चापन खत्म न हो जाए।
3. अब भुनी हुई गाजर में मावा डालकर अच्छे से मिलाएं और 5-7 मिनट तक पकाएं।
4.  जब मिश्रण हल्का गाढ़ा हो जाए, तो उसमें चीनी डालें और लगातार चलाते हुए 5-7 मिनट तक पकाएं।
5. जब मिश्रण पूरी तरह से गाढ़ा हो जाए और लड्डू बनाने लायक हो जाए, तो गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें।
6. ठंडा होने के बाद, हाथों में थोड़ा घी लगाकर मिश्रण से मनचाहे आकार के लड्डू बनाएं।

क्या Pimples हो सकते हैं Skin Cancer के लक्षण ? जानें फर्क

पिंपल्स और स्किन कैंसर दोनों की अपनी अलग-अलग पहचान होती है, लेकिन कभी-कभी दोनों के लक्षण आपस में मिल सकते हैं, जिससे कंफ्यूजन हो सकता है।आमतौर पर पिंपल्स चिंता का कारण नहीं होते हैं, लेकिन ये पिंपल्स अजीब हों या लंबे समय तक बने रहें, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। इस लेख में हम पिंपल्स और स्किन कैंसर के बीच के अंतर को समझेंगे और यह जानेंगे कि क्या पिंपल्स स्किन कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं या नहीं।

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पिंपल्स क्यों होते हैं?

पिंपल्स एक नार्मल स्किन प्रॉब्लम है जो ज्यादातर टीनएजर्स और जवानों में होती है। यह उस समय होते हैं जब त्वचा के पोर मे तेल, डेड सेल्स और बैक्टीरिया से भर जाते हैं। इसके कारण सूजन, रेडनेस और पिंपल्स होते हैं। पिंपल्स आमतौर पर चेहरे, पीठ, और कंधों पर होते हैं, लेकिन ये शरीर के अन्य हिस्सों पर भी हो सकते हैं।

पिंपल्स और स्किन कैंसर के बीच अंतर

हालाँकि पिंपल्स और स्किन कैंसर में कुछ समानताएं हो सकती हैं, जैसे कि त्वचा पर उभरी हुई गांठ या घाव, लेकिन दोनों के बीच कई महत्वपूर्ण अंतर हैं।
रेडनेस और सूजन: पिंपल्स आमतौर पर लाल, सूजे हुए और दर्दनाक होते हैं। जबकि स्किन कैंसर के घाव पर सूजन या दर्द नहीं होता है।

घाव का आकार और रूप: पिंपल्स ज्यादातर छोटे होते हैं और उनमें पुस (pus)होता है, जबकि स्किन कैंसर के घाव का आकार बड़ा हो सकता है और इसका रंग असामान्य (जैसे काले या नीले रंग के) हो सकता है।

समय के साथ बदलाव: कुछ हफ्तों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन अगर त्वचा पर कोई गांठ या घाव महीनों तक ठीक नहीं हो रहा है या धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो यह स्किन कैंसर का संकेत हो सकता है।

मलिनता का लक्षण: स्किन कैंसर के घाव का रंग और रूप समय के साथ बदल सकता है। घाव का आकार बढ़ सकता है, उसका रंग बदल सकता है, और उसकी सीमा (edge) असमान हो सकती है।

क्या पिंपल्स स्किन कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं?

आमतौर पर, पिंपल्स को स्किन कैंसर का शुरुआती लक्षण नहीं माना जाता। हालांकि, कुछ मामलों में, यदि किसी व्यक्ति को बार-बार या लंबे समय तक ठीक नहीं होने वाले पिंपल्स हो रहे हों, तो यह संकेत हो सकता है कि वह किसी गंभीर त्वचा समस्या का सामना कर रहा है, जिसमें स्किन कैंसर भी शामिल हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि आपको त्वचा पर कोई नया निशान, गांठ या घाव दिखाई दे, जो समय के साथ बढ़ता है, बदलता है या ठीक नहीं हो रहा है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। कुछ लक्षण जो स्किन कैंसर के हो सकते हैं
1.घाव का आकार बढ़ना।
2. घाव का रंग बदलना (काला, नीला, लाल या सफेद हो जाना)।
3. घाव के किनारे असमान (uneven) होना।
4. घाव पर खून आना या उससे मवाद निकलना।
5. कोई नया निशान या गांठ जो जल्दी बढ़ रही हो।

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अगर आपको किसी भी प्रकार के त्वचा पर होने वाले बदलाव के बारे में संदेह हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

Telecom Sector में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में सरकार! Vodafone Idea को होगा सबसे ज्यादा फायदा

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सरकार टेलीकॉम सेक्टर में एक अहम कदम उठाने की योजना बना रही है, जिसके तहत एजीआर (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाए पर टेलीकॉम कंपनियों को बड़ी राहत दी जा सकती है। इस राहत से सबसे अधिक फायदा कर्ज में डूबी वोडाफोन आइडिया को होने की संभावना है। 2019 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल जैसी कंपनियों पर भारी बकाया है, जिसमें ब्याज और जुर्माने का बड़ा हिस्सा शामिल है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 50% ब्याज और 100% जुर्माना माफ करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, साथ ही जुर्माने पर ब्याज भी माफ करने का विचार हो रहा है। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह टेलीकॉम बिजनेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा और इससे टेलीकॉम सेक्टर में दो प्रमुख प्राइवेट कंपनियों का दबदबा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

सूत्रों ने बताया कि अगर इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलती है तो टेलीकॉम कंपनियों को 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय राहत मिलेगी। इसमें सबसे ज्यादा फायदा वोडाफोन आइडिया को मिलेगा। इस कंपनी पर सरकार का हजारों करोड़ रुपया बकाया है। प्रस्तावित राहत के तहत वोडाफोन आइडिया का एजीआर बकाया 52,000 करोड़ रुपए से अधिक कम हो सकता है। वित्तीय रूप से मजबूत भारती एयरटेल को करीब 38,000 करोड़ रुपए और टाटा टेलीसर्विसेज को 14,000 करोड़ रुपए की राहत मिलेगी। रिलायंस जियो पर कोई एजीआर बकाया नहीं है। टाटा टेली अब रिटेल सर्विसेज नहीं देती है बल्कि एंटरप्राइजेज मोबिलिटी सर्विसेज देती है।

बजट में हो सकती है घोषणा

एक सूत्र ने कहा कि इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और कैबिनेट सचिवालय सहित उच्चतम स्तर पर चर्चा की जा रही है। सरकार 1 फरवरी के बजट में इस उपाय की घोषणा करने के लिए काम कर रही है। टेलीकॉम इंडस्ट्री साल 2016 में रिलायंस जियो की एंट्री के बाद से कड़ी प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है। अक्टूबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के रुख का समर्थन करते हुए टेलीकॉम कंपनियों पर 1.47 लाख करोड़ रुपए का एजीआर बकाया लगाया। इसमें 92,642 करोड़ रुपए लाइसेंस शुल्क और 55,054 करोड़ रुपए स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (एसयूसी) शामिल थे। बकाया राशि का लगभग 75% ब्याज, जुर्माना और जुर्माने पर ब्याज था।

Budget 2025: रेलवे को बजट में मिल सकता है 3 लाख करोड़ का तोहफा

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं और इस पर देश की नजरें टिकी हुई हैं। रेलवे से जुड़ी कई अहम घोषणाओं की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार रेलवे का बजट 15-20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, क्योंकि चालू वित्त वर्ष के फंड को इस्तेमाल करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। पिछली बार रेलवे को बजट के तहत 2.65 लाख करोड़ रुपए दिए गए थे और इस बार इस राशि को 3 लाख करोड़ रुपए से ऊपर करने की संभावना है।

इस वर्ष के बजट में रेलवे स्टेशनों के अपग्रेडेशन का काम पूरा हो सकता है, नई आधुनिक ट्रेनों की शुरुआत हो सकती है और नए ट्रैक के निर्माण पर भी ध्यान दिया जा सकता है, ताकि यातायात दबाव को कम किया जा सके। यह उम्मीद जताई जा रही है कि रेलवे के लिए बढ़ाए गए बजट का उपयोग इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, लोकोमोटिव, कोच और वैगन जैसे आवश्यक उपकरणों की खरीदारी में किया जा सकता है।

बुलेट ट्रेन परियोजना में तेज़ी इस बार रेलवे का बजट बढ़ने से मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) के तहत बुलेट ट्रेन परियोजना के काम में भी तेजी आ सकती है। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, रेलवे का बजट इस साल 20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, क्योंकि पिछली बार दिए गए 2.65 लाख करोड़ रुपए में से लगभग 80 प्रतिशत का इस्तेमाल किया जा चुका है। रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, और यह लक्ष्य इस वित्त वर्ष में ही पूरा करने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त, भारतीय रेलवे ने बुलेट ट्रेन परियोजना की देखरेख करने वाली नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को वित्त वर्ष 2025 के लिए 21,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

बंद हो जाएंगे 200 के नोट! RBI ने जारी किया Notice

देश में मोदी सरकार के समय में बहुत बार नोट बदले गए हैं। सबसे पहले तो 1000 के नोट बंद कर दिए गए और 500 रुपये के नोट बदलकर 500 के नए नोट और 200 रुपये के नोट जारी किए गए। इसके बाद 2000 रुपये के नोट चलाए गए थे लेकिन कुछ समय बाद वो भी बंद कर दिए गए। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद आर.बी.आई. 200 रुपये के नोटों को भी बंद कर सकता है।

जानकारी के अनुसार RBI ने नोटिस जारी कर बताया कि मार्किट में 500 और 200 के बहुत से नकली नोट चल रहे हैं। इसके चलते कई लोगों को लाखों-करोड़ों की चपत लग रही है। इसलिए आर.बी.आई. ने लोगों से नोटों को पहचान करने के बाद ही उन्हें लेने की अपील की है और लेन-देन के मामले में सावधानी इस्तेमाल करने के लिए कहा है।

बता दें कि 2000 रुपये के नकली नोट भी बाजार में काफी चलने लगे थे। कई शिकायतों के बाद एक्शन लेते हुए आर.बी.आई. ने इन नोटों को बंद कर दिया था इसलिए अब यह बात सामने आ रही है कि आर.बी.आई. जल्द ही 200 रुपये के नोट को लेकर भी कोई एक्शन ले सकता है।

200 रुपये के असली नोट को ऐसे करें चैक

नोट के बीचों-बीच महात्मा गांधी की तस्वीर छपी होगी।

नोट पर लिखा गया ‘200’ नंबर ट्रांसपेरेंट होगा।

बहुत ही छोटे अक्षरों में हिंदी में ‘भारत’ और अंग्रेजी में ‘INDIA’ लिखा होगा।

नोट में सिक्योरिटी थ्रेड लगा होगा।

सिक्योरिटी थ्रेड पर ‘भारत’ और ‘RBI’ लिखा होगा।

BPSC Exam Answer Key: बीपीएससी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा की Final Answer Key जारी

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 13 दिसंबर को हुई बीपीएससी 70वीं परीक्षा की फाइनल आंसर-की जारी हो गई है। आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा और पुनर्परीक्षा दोनों की आंसर-की जारी कर दी है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाकर आंसर-की डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग जल्द ही अब परीक्षा का रिजल्ट घोषित करेगा।

बीपीएससी ने 13 दिसंबर 2024 को राज्यभर के 911 केंद्रों पर प्रारंभिक परीक्षा ली थी। वहीं पटना के बापू परीक्षा परिसर केंद्र में परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने जमकर बवाल किया था, जिसके कारण उस केंद्र की परीक्षा को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद 4 जनवरी 2025 को पुनर्परीक्षा आयोजित की गई। अब आयोग ने परीक्षा की फाइनल आंसर-की जारी कर दी है। वहीं परिणाम के बाद सफल उम्मीदवार अप्रैल 2025 में प्रस्तावित मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे।

ऐसे डाउनलोड करें Answer Key
1. सबसे पहले bpsc.bih.nic.in वेबसाइट पर जाएं.
2. होमपेज पर “Integrated 70th Combined (Preliminary) Competitive Examination Final Answer Key” लिंक पर क्लिक करें।
3. इसके बाद फाइनल Answer Key की पीडीएफ फाइल स्क्रीन पर खुल जाएगी।
4. इसे डाउनलोड करें और प्रिंट निकाल लें।

अभिनेत्री मौनी रॉय ने सपरिवार महाकाल के किए दर्शन, भस्म आरती में लिया भाग

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री मौनी रॉय अपने पति सूरज नांबियार और परिवार के साथ शनिवार सुबह महाकालेश्वर मंदिर पहुंची। उन्होंने तड़के चार बजे सुबह होने वाली भस्म आरती में हिस्सा लिया। मौनी राय ने परिवार के साथ करीब दो घंटे तक नंदी हाल में बैठ कर भगवान महाकाल की भस्म आरती का दर्शन किए। इस दौरान मौनी राय महाकाल की भक्ति में लीन नजर आई।

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आरती के बाद  मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार ने भगवान महाकाल का पूजन और अभिषेक किया। पूजन के बाद मौनी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “मैं काफी समय से महाकाल मंदिर में दर्शन की इच्छा रख रही थी। आज भगवान महाकाल की भस्म आरती देखकर मैं अभिभूत हूं। यह अनुभव मेरे लिए अत्यंत अलौकिक और अद्भुत रहा।”

PM मोदी MP के 15 लाख से अधिक हितग्राहियों को वितरित करेंगे संपत्ति कार्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिन में वर्चुअली माध्यम से मध्यप्रदेश के 15.63 लाख से अधिक हितग्राहियों को ‘‘अधिकार अभिलेख (ई संपत्ति कार्ड)” वितरित करेंगे। इस सिलसिले में राज्य स्तरीय कार्यक्रम सिवनी जिले में आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी शामिल होंगे। पीएम मोदी वर्चुअली (वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए) इस कार्यक्रम में जुड़ेंगे और कुछ हितग्राहियों से बातचीत भी कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार स्वामित्व योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी भूमि पर (25 सितंबर, 2018 के पूर्व) निवासरत व्यक्तियों को अधिकार अभिलेख प्रदान करने की योजना है। इसका प्रारंभ 7 जुलाई, 2020 को किया गया।

योजना अंतर्गत प्राप्त अधिकार अभिलेखों का प्रयोग हितग्राहियों द्वारा बैंक से ऋण, संपति को बंधक रखने तथा संपत्ति को विक्रय करने में किया जा सकता है। प्रदेश में कुल आबादी क्षेत्रों में सर्वेक्षित निजी संपत्तियों की संख्या लगभग 45.60 लाख अनुमानित है। इसमें से लगभग 39.63 लाख निजी संपत्तियों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 88 प्रतिशत है। अभी तक अधिकार अभिलेख वितरण के कार्यक्रम में 24 लाख निजी अधिकार अभिलेखों का वितरण किया जा चुका है। पीएम मोदी द्वारा आज 15.63 लाख से अधिक हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख (ई-संपत्ति कार्ड) वितरित किये जायेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण होगा। जिलों में प्रतिभागियों के लिये प्रशिक्षण-सह-अभिविन्यास सत्र होगा, जिसमें स्वामित्व योजना और मेरी पंचायत ऐप का उपयोग, पंचायत राज संस्थाओं से संबंधित विषय शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिवनी जिले में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना, केन्द्रीय मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार टीकमगढ़, केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर धार, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना और उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा देवास तथा उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल रीवा के कार्यक्रम में शामिल होंगे। अन्य मंत्री भी विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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