Wednesday, February 4, 2026
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सागर में दर्दनाक हादसा, कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दो लोगों की मौत

मध्यप्रदेश के सागर जिले के नरयावली थाना क्षेत्र में कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार जरुआखेड़ा के पास पाली तिराहे पर सोमवार देर शाम हुए हादसे में सत्यनारायण और अरुण नाम के दो लोगों की मौत हो गई। ये दोनों बाइक पर सवार होकर वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी कार ने पीछे से टक्कर मार दी। पुलिस ने वाहन जप्त कर लिया है। हादसे के बाद वाहनचालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

कर्ज से परेशान दंपति ने खाया जहर, पति की मौत

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया थाना क्षेत्र के ग्राम पांडु पिपरिया में कर्ज से परेशान पति-पत्नी ने जहर पी लिया। घटना में पति की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, रविवार- सोमवार की दरमियान रात लखन सिंह रघुवंशी और पत्नी सुमिलता दोनों ग्राम में किराना दुकान चलाते थे। परिवार के अनुसार, उन्होंने लाखों रुपये का कर्ज लिया हुआ था और कर्ज के कारण दोनों कुछ दिनों से परेशान चल रहे थे। इसी वजह से उन्होंने देर रात जहर का सेवन कर लिया। दंपति के दो पुत्र है जो इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।

एक झपकी ने ली दो जानें, खाई में कार पलटने से भाई-बहन की मौत, चार घायल

बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हल्द्वानी से लौट रही कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। जिससे भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई और परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

ड्राइवर को झपकी आने से खाई में पलटी कार
जानकारी के मुताबिक हादसा कार चालक को झपकी आने के कारण हुआ। हादसा हाफिजगंज के सेंथल रोड पर कर्बला के निकट तड़के करीब चार बजे हुआ। हादसे में जान गंवाने वालों में गांव भंडसर निवासी 30 वर्षीय मुन्ने और उनकी 40 वर्षीय बहन मुस्कीन शामिल हैं। घायलों में चालक युनुस, मुन्ने के भाई मेहंदी हसन, बन्ने बख्श और उनकी पत्नी सीमा शामिल हैं।

बहन से मिलने हल्द्वानी गया था परिवार
बता दें कि परिवार हल्द्वानी बहन के घर से लौट रहा था। हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मुन्ने अपनी बड़ी बहन खुशनुमा से मिलने हल्द्वानी गए थे। जहां उन्होंने बच्चे को जन्म दिया था। लौटते समय मुस्कीन भी उनके साथ मायके आ रही थीं। सफर के दौरान कार अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे की खबर सुनते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक का माहौल है।

निर्धारित समय पर भोजन न करने से बढ़ सकता है मोटापा और मधुमेह का जोखिम: नए अध्ययन से हुआ खुलासा

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समय पर भोजन न करने की आदत स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। University of Pennsylvania के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में यह सामने आया है कि भोजन के समय में असमानता और समय पर भोजन न करने से मोटापा और मधुमेह जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा बढ़ सकता है। खासकर वे लोग जो शिफ्ट ड्यूटी करते हैं या बार-बार यात्रा करते हैं, उनकी आदतें शरीर की प्राकृतिक घड़ी से मेल नहीं खातीं, जो उनकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि लिवर और मस्तिष्क की भूमिका इस समस्या में अहम है। लिवर का अपना बायोलॉजिकल क्लॉक होता है, जो भूख लगने पर दिमाग को संकेत भेजता है कि भोजन का समय आ गया है। अगर इस समय पर भोजन नहीं किया जाता, तो यह मेटाबॉलिज्म में रुकावट पैदा करता है, जिससे शरीर में वजन बढ़ने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

लिवर में मौजूद खास जीन पर शोध
इस अध्ययन के परिणामों को साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है, जिसमें बताया गया कि लिवर में एक खास जीन, जिसे “आर.ई.वी.-ई.आर.बी.” कहा जाता है, शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक को नियंत्रित करता है। जब यह जीन ठीक से काम नहीं करता, तो लिवर की घड़ी बिगड़ जाती है और मेटाबॉलिज्म पर बुरा असर पड़ता है। लिवर में मौजूद यह जीन शरीर के अन्य अंगों से भी जुड़े होते हैं और शरीर के अन्य कार्यों को प्रभावित करते हैं।इस शोध में वैज्ञानिकों ने चूहों पर प्रयोग किया, जिनके लिवर में इस जीन को निष्क्रिय कर दिया गया। परिणामस्वरूप, चूहे अपनी सामान्य आदत से अधिक खाना खाने लगे। यही प्रभाव शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में भी देखा गया है, जो रातों को जागकर दिन में सोते हैं और उनका भोजन समय सामान्य से भिन्न होता है। इससे उनकी बॉडी क्लॉक में गड़बड़ी आ जाती है, जिससे वजन बढ़ने और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ता है।

बॉडी क्लॉक और भोजन का संबंध
बॉडी क्लॉक, जो शरीर की आंतरिक घड़ी है, सोने, जागने और भोजन करने के समय को नियंत्रित करती है। यदि इस घड़ी में कोई गड़बड़ी आती है, तो इसका असर शरीर के समग्र स्वास्थ्य पर पड़ता है। शिफ्ट में काम करने वाले लोग अक्सर शरीर की इस आंतरिक घड़ी के अनुसार अपना भोजन समय नहीं तय कर पाते, जिससे उनका मेटाबोलिज्म प्रभावित होता है। अध्ययन के मुताबिक, जब लोग निर्धारित समय पर भोजन नहीं करते, तो उनकी भूख के संकेतों और शरीर के अन्य बायोलॉजिकल प्रक्रियाओं में असंतुलन हो जाता है।

क्या किया जा सकता है?
इस अध्ययन से यह स्पष्ट है कि भोजन के समय का ध्यान रखना आवश्यक है, खासकर उन लोगों के लिए जो शिफ्ट ड्यूटी करते हैं या जिनका जीवन रूटीन असामान्य है। शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को अपनी बॉडी क्लॉक को ठीक से काम करने के लिए अपने भोजन के समय को नियमित रखना चाहिए। इसके साथ ही, समय पर भोजन करने से मेटाबोलिज्म ठीक रहता है और मोटापा और मधुमेह जैसी बीमारियों से बचाव हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर भोजन करने से न केवल शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक दुरुस्त रहती है, बल्कि यह अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचाव करता है। शिफ्ट काम करने वाले लोगों को अपने भोजन के समय पर खास ध्यान देना चाहिए, ताकि वे शरीर के स्वास्थ्य से समझौता किए बिना अपने काम को सही तरीके से कर सकें।

केजरीवाल के राहुल पर पलटवार में छिपे हैं कई संदेश

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अरविन्द केजरीवाल के सोशल मीडिया (X) पर एक पोस्ट ने राहुल गांधी की बनी-बनाई फिजां का गुड़-गोबड़ कर डाला। राहुल गांधी ने सीलमपुर की अपनी पहली रैली में अरविन्द केजरीवाल पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी-केजरीवाल में फर्क नहीं है। झूठा भी बताया। मगर, जवाब में केजरीवाल ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है। वे कांग्रेस बचाने निकले हैं और केजरीवाल देश बचाने।


केजरीवाल ने साफ तौर पर संदेश दिया कि जो जिम्मेदारी इंडिया गठबंधन में राहुल गांधी को मिली थी वो उसे भूल चुके हैं। लिहाजा अब देश बचाने की जिम्मेदारी खुद उन पर आ गयी है। यह भी संकेत था कि राहुल गांधी दिल्ली की स्थानीय राजनीति में आ रहे हैं और अरविन्द केजरीवाल दिल्ली की स्थानीय राजनीति में विजयी पताका लहराते हुए देश में आम आदमी पार्टी का झंडा बुलंद करने जा रहे हैं।

भ्रष्टाचार से लड़ाई में खुद कहां खड़ी है कांग्रेस?
अरविन्द केजरीवाल ने खामोश रहकर मानो राहुल गांधी से पलट कर सवाल पूछा है कि भ्रष्टाचार मिटाने का काम दिल्ली से अर्ध राज्य क्या कर सकता है? आम आदमी पार्टी तो छोटी पार्टी है। संसद में उसकी आवाज़ कम है। वहीं कांग्रेस के पास सौ सांसद हैं। कई राज्यों में सत्ता है। फिर भ्रष्टाचार खत्म करने की बात राहुल गांधी कांग्रेस से क्यों नहीं पूछते, खुद से क्यों नहीं पूछते? यह कहने की जरूरत नहीं कि कांग्रेस का रिकॉर्ड भ्रष्टाचार को लेकर बहुत खराब रहा है।

राहुल गांधी ने दिल्ली में बीजेपी और आरएसएस पर राजनीतिक हमला तो बोला, लेकिन मोदी और केजरीवाल को एक तराजू पर तौलने की सियासी गलती कर बैठे। सियासत में मोदी और केजरीवाल की तुलना नहीं हो सकती। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने जिस तरीके से अरविन्द केजरीवाल और उनकी टीम को बीते समय में परेशान किया है उसकी सानी नहीं है। बीजेपी से लड़ाई लड़ने का काम जितना आम आदमी पार्टी ने किया है उतना कोई दल दावा नहीं कर सकता। ऐसे में मोदी-केजरीवाल की तुलना करते हुए दोनों पर एक साथ निशाना साधने का अर्थ है कि हमला बेकार। कहीं पर भी निशाना लगने वाला नहीं है।

दिल्ली की जनता के लिए कुछ क्यों नहीं बोले राहुल?
दिल्ली की जनता के लिए कहने को राहुल गांधी के पास कुछ नहीं था। वो चाहते तो दिल्ली में अरविन्द केजरीवाल की शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र में किए गये काम को सराह सकते थे। फ्री बिजली, फ्री पानी जैसी सोच की तारीफ कर सकते थे। जो कमियां रह गयी हैं आम आदमी पार्टी की सरकार में उस पर भी राहुल गांधी बोल सकते थे। राहुल गांधी इन विषयों से बचे रह गये। झुग्गी-झोपड़ी वालों के लिए संघर्ष कर रही आम आदमी पार्टी का भी वे उल्लेख कर सकते थे। चलिए, चुनाव लड़ रहे हैं तो आम आदमी पार्टी की तारीफ कैसे करें, इस दुविधा या धर्मसंकट को समझा जा सकता है। लेकिन, इन विषयों का उल्लेख कर बीजेपी की सरकार पर भी तो हमला कर सकते थे? लेकिन, राहुल ने ऐसा नहीं करके सियासी रूप में दिखा दिया कि अरविन्द केजरीवाल को हराने के लिए कांग्रेस किसके साथ खड़ी है।

कानून व्यवस्था पर चुप क्यों रह गये राहुल?
दिल्ली में कानून-व्यवस्था के जो हालात हैं उस पर क्यों खामोश रह गये राहुल गांधी? एलजी जिस तरीके से चुनी हुई सरकार के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं उस पर क्यों नहीं कुछ राहुलं गांधी ने कहा? ऐसे बहुतेरे सवाल हैं जो यह बताते हैं कि राहुल गांधी को पता ही नहीं कि दिल्ली के मुद्दे क्या हैं और राजनीतिक हमले की प्राथमिकता क्या है? दिल्ली से उसका हक छीना गया। दिल्ली के अधिकार कम किए गये। संविधान में संशोधन किया गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदला गया। क्या कभी राहुल गांधी ने दिल्ली की जनता के लिए कुछ बोला? ये वो बातें हैं जो केजरीवाल ने ट्वीट में नहीं बोलकर भी चीख-चीख कर बोला। राहुल गांधी को जवाब नहीं देकर केजरीवाल ने यह संदेश देने की कोशिश की कि दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस या राहुल गांधी के लिए कुछ बोलकर वह अपनी लड़ाई की धारा को बदलना नहीं चाहते। यही अपेक्षा राहुल गांधी और कांग्रेस से भी थी कि उन्हें आम आदमी पार्टी या अरविन्द केजरीवाल पर हमले करके राजनीतिक रूप से वक्त नहीं गंवाना चाहिए।

क्यों सहयोगी भाग रहे हैं दूर?
राहुल गांधी को यह भी सोचना चाहिए था कि क्यों उनके साथी-सहयोगी उनकी सियासत से दूर हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी क्यों टीएमसी, एसपी, शिवसेना उद्धव और दूसरे दलों की पसंद बन रही है जो खुद कांग्रेस के लीडरशिप में रहे? इसका उत्तर यह है कि ये दल देख रहे हैं कि बीजेपी सरकार और मोदी-शाह के अत्याचारों से लड़ाई लड़ने का काम और जनता के लिए रक्षा कवच बनने का काम आम आदमी पार्टी कर रही है। टीम केजरीवाल के कई सदस्य इसके लिए जेल गये। मंत्री या मुख्यमंत्री रहते हुए जेल गये। राहुल गांधी ने जो राह चुनी है वो खुद उनको कमजोर करेगी। आम आदमी पार्टी का उससे कुछ बिगड़ने वाला नहीं है। इसी भाव में अरविन्द केजरीवाल ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में राहुल गांधी को बख्श दिया। उनके खिलाफ कुछ नहीं कहा।

केजरीवाल की चुप्पी से कांग्रेस में खलबली
राहुल गांधी पर पलटवार नहीं करके अरविन्द केजरीवाल ने कांग्रेस से सहानुभूति रखने वालों में भी सेंध लगाई है। कांग्रेस के भीतर इस विषय पर घमासान मचा हुआ है कि पार्टी बीजेपी को हराने की प्राथमिकता क्यों छोड़ रही है और क्यों नहीं आम आदमी पार्टी का साथ दे रही है। केजरीवाल उम्मीद कर रहे हैं कि कांग्रेस में उठ रही ऐसी आवाज का साथ उन्हें मिले। यही वजह है कि दो पंक्तियों के ट्वीट में राजनीति के छात्रों के लिए सीखने को बहुत कुछ है। इसमें संदेश है, संकेत, अहतियात है, आक्रमण भी है। क्या राहुल गांधी और उनकी टीम कभी यह समझ पाएगी कि उन्होंने कितना बड़ा ब्लडंर कर दिया है?

CM हेमंत ने मकर संक्रांति के अवसर पर दी हार्दिक बधाई, कहा- प्रकृति का यह महापर्व सभी को स्वस्थ समृद्ध और खुशहाल रखे

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरंन ने मकर संक्रांति पर्व पर समस्त प्रदेशवासियों एवं देशवासियों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि प्रकृति और लोक उत्सव का महापर्व सोहराय, टुसू परब, बुरु मागे परब और मकर संक्रांति की आप सभी को अनेक-अनेक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। प्रकृति का यह महापर्व आप सभी को स्वस्थ रखें। आप सभी समृद्ध और खुशहाल रहें, यही कामना करता हूँ।

बता दें कि मकर संक्रांति हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है जो सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने के दौरान मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव, चंद्र देव और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति के पावन स्नान के बाद लोग चूड़ा, दही, तिलकुट खाते और खिलाते हैं।

घर में आकर पत्नी के साथ करता था ये हरकत…गुस्से में पति ने शख्स को घर बुला पिलाई शराब और फिर…

महाराष्ट्र के ठाणे से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 30 वर्षीय व्यक्ति ने अपने 29 वर्षीय परिचित की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतक अक्सर आरोपी के घर आता था और उसकी पत्नी को परेशान करता था, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच तनाव और झगड़े बढ़ रहे थे।

यह घटना 11 जनवरी को सामने आई, जब सुकांत शत्रुघ्न परिदा नामक व्यक्ति की मौत आरोपी नरेश शंभू भगत के घर में हुई। हत्या के बाद भगत ने खुद पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने शुरुआत में इसे आकस्मिक मौत का मामला मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

हत्या की वजह और पुलिस जांच
जांच के दौरान, पुलिस ने कई सुराग जुटाए और नरेश भगत को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि मृतक सुकांत अक्सर उसके घर आता था और उसकी पत्नी को परेशान करता था। यह स्थिति भगत के लिए असहनीय हो गई थी। 10 जनवरी की रात, भगत ने सुकांत को अपने घर बुलाया। वहां उसे शराब पिलाई और फिर हथौड़े और लोहे की रॉड से सिर पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आना बाकी है, जो जांच में और स्पष्टता लाएगी। यह घटना रिश्तों में बढ़ते तनाव और असहिष्णुता की गंभीर तस्वीर पेश करती है, जो अक्सर ऐसे जघन्य अपराधों का कारण बनती है।

महाकुंभ 2025 के अवसर पर स्कूली बच्चों के लिए शुरु हुआ Quiz Competition, जानें कैसे ले हिस्सा

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को महाकुंभ 2025 के विषय पर आयोजित होने वाले एक रोचक क्विज़ में भाग लेने का निमंत्रण दिया है। यह क्विज़ DIKSHA पोर्टल पर आयोजित किया जाएगा और इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को महाकुंभ 2025 के आध्यात्मिक महत्व, मूल्यों और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से अवगत कराना है।

महाकुंभ एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है। यह अवसर देश के लाखों श्रद्धालुओं को एकत्रित करता है, जो अपनी आस्था और आध्यात्मिक अनुभवों को साझा करने के लिए आते हैं। महाकुंभ 2025 का आयोजन उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होगा, और यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक भी है। इस क्विज़ के माध्यम से छात्रों को महाकुंभ के आध्यात्मिक महत्व को समझने का मौका मिलेगा।

बच्चों को मिलेगा भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर

इस क्विज़ का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धर्म और परंपराओं के बारे में अधिक जानकारी देना है। छात्रों को महाकुंभ के साथ जुड़ी विभिन्न मान्यताओं, इतिहास और भारतीय समाज में इसके प्रभाव के बारे में बताया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चे अपने देश की सांस्कृतिक धरोहर को समझ सकेंगे और उनकी जागरूकता भी बढ़ेगी।

साथ ही, यह क्विज़ विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करेगा कि महाकुंभ का आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्विज़ छात्रों को उनके आसपास की दुनिया के बारे में विचार करने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करेगा।

DIKSHA पोर्टल: सीखने का डिजिटल अनुभव

DIKSHA पोर्टल, जो भारतीय शिक्षा प्रणाली का एक प्रमुख हिस्सा है, छात्रों को एक बेहतर और इंटरेक्टिव शिक्षा अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पोर्टल पर आयोजित होने वाला यह क्विज़ न केवल बच्चों को महाकुंभ 2025 के बारे में जानने का अवसर देगा, बल्कि उन्हें डिजिटल माध्यम से सीखने के एक नए और मजेदार तरीके से भी जोड़ने में मदद करेगा। इस क्विज़ में भाग लेने से विद्यार्थियों को न केवल महाकुंभ की धार्मिक और सांस्कृतिक जानकारी प्राप्त होगी, बल्कि वे प्रतियोगिता के रूप में अपनी समझ को और भी मजेदार तरीके से परख सकेंगे। इसके माध्यम से वे अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे और साथ ही अपने साथियों के साथ एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बन सकेंगे।

कैसे भाग लें

इस क्विज़ में भाग लेने के लिए छात्रों को DIKSHA पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। पोर्टल पर उपलब्ध महाकुंभ 2025 के विषय पर आधारित क्विज़ में छात्रों को विभिन्न सवालों का उत्तर देना होगा। इसमें सही उत्तर देने पर उन्हें अंक मिलेंगे और अंत में उन छात्रों को पुरस्कार भी दिया जाएगा, जिन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपनी अकादमिक क्षमता को चुनौती देने और उसे बढ़ाने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है।

Mahakumbh 2025:फैमिली संग सिद्धार्थ निगम का शाही स्नान, त्रिवेणी संगम में लगाई आस्था की डुबकी, कहा- ‘चिंता दूर हुई’

12 साल के इंतजार के बाद महाकुंभ 2025 की शुरुआत हो गई है।  अमृत स्नान में करोड़ों सनातनी संगम बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।आज पहला अमृत स्नान (शाही स्नान) आयोजित किया जाएगा।  संगम पर लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा, यमुन और सरस्वती के संगम में डुबकी लगाई। इस लिस्ट में ‘किसी का भाई किसी की जान’ और ‘धूम 3’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम कर चुके  सिद्धार्थ निगम का नाम भी शामिल है। सिद्धार्थ निगम ने महाकुंभ 2025 की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं जिसमें उनका परिवार भी दिखाई दे रहा है। सिद्धार्थ निगम ने अपनी मां और भाई अभिषेक निगम के साथ प्रयागराज में पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई।

सिद्धार्थ अपनी फैमली संग इस ऐतिहासिक दिन का हिस्सा बनने के लिए बीते दिन पहुंचे थे और इस बात की जानकारी खुद एक्टर ने अपने सोशल मीडिया पर दी है। सिद्धार्थ ने लिखा- ‘महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने का एक्सपीरियंस शब्दों में बयां करना मेरे लिए बहुत मुश्किल है। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर खड़े होकर, मुझे शांति और सुकून महसूस हुआ है, जैसे कि पवित्र जल न केवल शारीरिक अशुद्धियों को बल्कि भीतर की चिंता और बोझ को धो रहा हो। मेरी हर चिंता दूर हो गई है।’

सिद्धार्थ आगे लिखते हैं- ‘यह एक परंपरा नहीं है, जिसे सिर्फ निभाना है। यह एक आध्यात्मिक जागृति है, ये एक ऐसा पल है जहां आप ईश्वर को खुद से जोड़ते हैं। मैं विश्वास और आशा से एकजुट असंख्य भक्तों की ऊर्जा को उस वक्त महसूस कर सकता था, जिसने इस अनुभव को और भी शानदार बना दिया।’

सिद्धार्थ आगे लिखते हैं- ‘यह एक परंपरा नहीं है, जिसे सिर्फ निभाना है। यह एक आध्यात्मिक जागृति है, ये एक ऐसा पल है जहां आप ईश्वर को खुद से जोड़ते हैं। मैं विश्वास और आशा से एकजुट असंख्य भक्तों की ऊर्जा को उस वक्त महसूस कर सकता था, जिसने इस अनुभव को और भी शानदार बना दिया।’

सिद्धार्थ के वर्कफ्रंट की बात करें तो टीवी इंडस्ट्री के नामी एक्टर  ‘चक्रवर्ती अशोक सम्राट’ और ‘अलादीन: नाम तो सुना होगा’ में नजर आ चुके हैं।

Mata Vaishno Devi : खुल गए प्राचीन गुफा के कपाट, दर्शन होंगे या नहीं, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

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मां वैष्णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को हर वर्ष पुरानी गुफा से दर्शनों का इंतजार रहता है। वहीं मकर सक्रांति के उपलक्ष पर मंगलवार को श्राइन बोर्ड द्वारा विधिवत पूजा अर्चना के साथ प्राकृतिक गुफा के कपाट भत्तों के लिए खोल दिए हैं।

जानकारी के अनुसार पुरानी गुफा की विधिवत पूजा अर्चना के दौरान सी.ई.ओ. बोर्ड अंशुल गर्ग सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी में मौजूद रहे। जिनके द्वारा विधि बंद पूजा अर्चना के बाद पुरानी गुफा के कपाट खोले गए।

वहीं श्राइन बोर्ड के सी.ई.ओ. अंशुल गर्ग के अनुसार पुरानी गुफा से भक्तों को दर्शनों के मौका तभी मिलेगा जब यात्रा का आंकड़ा प्रतिदिन 10,000 से कम होगा। अगर यात्रा का आंकड़ा अधिक होगा तो भक्तों को नई गुफा से ही दर्शन करने होंगे।

मौजूदा समय की बात करें तो प्रतिदिन 15,000 के करीब श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में पहुंच रहे हैं। ऐसे में जब यात्रा का आंकड़ा प्रतिदिन 10,000 से अधिक होगा तो पुरानी गुफा को भक्तों के लिए नहीं खोला जाएगा।

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