Wednesday, February 4, 2026
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सुबह ब्रेकफास्ट करना ना भूलें, जानें 30 दिनों तक नाश्ता न करने से क्या होगा शरीर का हाल

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बचपन से हम यही सुनते आ रहे हैं कि नाश्ता छोड़ना एक गलती है। नाश्ते को अक्सर दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन कहा जाता है क्योंकि यह आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है और पूरे दिन स्वस्थ खाने के लिए माहौल तैयार करता है। नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है, क्योंकि यह आपको ऊर्जा प्रदान करता है और दिन की अच्छी शुरुआत सुनिश्चित करता है। यदि आपको भूख नहीं लग रही तो क्या नाश्ता छोड़ना सही है? आइए आपको इस तरह के सवालों का विस्तार से देते हैं जवाब

नाश्ता छोड़ने के दुष्प्रभाव

नाश्ता छोड़ने से ऊर्जा की कमी हो सकती है।  सुबह का नाश्ता शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान करता है। इसे छोड़ने से दिनभर थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। डायबिटीज के मरीजों को नाश्ता जरूर करना चाहिए नहीं तो उनका  ब्लड शुगर लेवल अस्थिर हो सकता है।  एक्सपर्ट के मुताबिक, न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन हमारे मूड को काफी हद तक प्रभावित करता है. जो हमारे नाश्ते से प्रभावित होता है. अगर हम एक महीने तक लगातार नाश्ता नहीं करते हैं तो सेरोटोनिन का स्तर बाधित हो सकता है, जिससे चिड़चिड़ापन, चिंता और यहां तक कि डिप्रेशन के लक्षण भी बढ़ जाते हैं।

वजन बढ़ने का खतरा

नाश्ता न करने से दिन के बाकी समय में अधिक भूख लग सकती है, जिससे आप अनहेल्दी स्नैक्स का सेवन कर सकते हैं। यह वजन बढ़ने का कारण बन सकता है।नाश्ता छोड़ने का असर आपके मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। खाली पेट रहने से चिड़चिड़ापन, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, और मानसिक थकान हो सकती है। कुछ अध्ययनों के अनुसार नाश्ता न करने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी को प्रभावित कर सकता है।

भूख ना लगने पर क्या करें

नाश्ता दिन का एक महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है, लेकिन अगर आपको सुबह भूख नहीं लगती, तो यह सवाल उठता है कि क्या नाश्ता छोड़ना सही है? यदि आपको नाश्ता छोड़ने का मन हो  तो एक हल्का नाश्ता जैसे फल, नट्स, या एक स्मूदी ले सकते हैं। यह आपके शरीर को पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान कर सकता है बिना ज्यादा भारी महसूस कराए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने शरीर के संकेतों को सुनें। अगर आप नाश्ता छोड़ने के बावजूद दिनभर ऊर्जावान और स्वस्थ महसूस करते हैं, तो यह आपके लिए सही हो सकता है। लेकिन अगर नाश्ता न करने से थकान या भूख लगने लगती है, तो नाश्ता करना महत्वपूर्ण हो सकता है।

 

डॉक्टर से परामर्श लें

अगर आप नाश्ता छोड़ने को लेकर असमंजस में हैं या इससे जुड़ी कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर होगा। अगर आपको सुबह भूख नहीं लगती है, तो नाश्ता छोड़ना कभी-कभी ठीक हो सकता है, लेकिन यह आपकी दैनिक ऊर्जा और पोषण की जरूरतों पर निर्भर करता है। हल्का नाश्ता करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। अपने शरीर की जरूरतों को समझना और उसके अनुसार निर्णय लेना सबसे महत्वपूर्ण है।

इन विकल्पों पर दें ध्यान

अगर आपको ज्यादा भूख नहीं है, तो आप हल्का और पोषण युक्त नाश्ता जैसे फल, नट्स, या दही ले सकते हैं।  दिनभर ऊर्जा बनाए रखने के लिए नियमित समय पर भोजन करें। सुबह पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से भूख बढ़ सकती है और पाचन तंत्र की क्रिया में सुधार हो सकता है। नाश्ता न करने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे ऊर्जा की कमी, मेटाबॉलिज्म पर असर, ब्लड शुगर लेवल में अस्थिरता, वजन बढ़ना, और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव। इसलिए, भूख न होने पर भी हल्का और पोषण युक्त नाश्ता करना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

Mata Vaishno Devi के श्रद्धालुओं के लिए Good News, जल्द शुरू होगी यह सुविधा

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मां भगवती के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं का पुरानी गुफा खुलने का इंतजार आज खत्म होगा। श्रद्धालु श्राइन बोर्ड द्वारा पूजा-अर्चना के बाद पुरानी गुफा से मां वैष्णो देवी की प्राकृतिक पिंडियों के दर्शनों के लिए आगे बढ़ सकेंगे।

वहीं मकर संक्रांति पर श्राइन बोर्ड प्रशासन द्वारा वैष्णो देवी भवन की तर्ज पर अर्द्धकुंवारी पर भी हवन यज्ञ सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें श्रद्धालु 3100 रुपए का भुगतान कर परिवार संग (5 सदस्य) मां भगवती का गुणगान कर सकेंगे।

इस संबंध में सी.ई.ओ. श्राइन बोर्ड अंशुल गर्ग ने बताया कि इस बार भी हर वर्ष की तरह मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद आज पुरानी गुफा के कपाट खोल दिए जाएंगे। हालांकि श्रद्धालुओं को पुरानी गुफा से दर्शनों की अनुमति उस समय ही होगी जब यात्रा का आंकड़ा 10,000 से कम होगा।

उन्होंने बताया कि अगर भीड़ अधिक होगी तो श्रद्धालुओं को नई गुफा से ही दर्शन करने की अनुमति मौके पर मौजूद टीम द्वारा दी जाएगी।

पंजाब की सियासत में बड़ी हलचल, बेहद अहम होगा आज का दिन

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40 मुक्तों की पवित्र व ऐतिहासिक धरती श्री मुक्तसर साहिब में अपने आप को पंथ का सच्चा सिपाही बताने के लिए शिअद बादल,शिअद अमृतसर और सांसद अमृतपाल सिंह की नई बनी पार्टी के लोग 14 जनवरी को माघी वाले दिन सियासी कांफ्रैंस कर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। सुखबीर बादल इस कांफ्रैंस के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन कर पार्टी में मजबूती के साथ वापसी करना चाह रहे हैं। वहीं सांसद अमृतपाल की पार्टी के लोग भी बादल सरकार के समय हुए गुनाहों की गठरी को एक बार फिर खोल कर लोगों के बीच रखने की तैयारी किए हुए हैं। वहीं पूर्व सांसद सिमरजीत सिंह मान भी सियासी कांफ्रैंस की तैयारी किए हुए हैं।

बता दें कि मलोट रोड पर शिअद (बादल) ने सियासी कांफ्रैंस रखी है। पिछले कई दिनों से इसकी तैयारी चल रही है। वहीं शिअद (अमृतसर) द्वारा डेरा भाई मस्तान में कांफ्रैंस की जा रही है। इसी तरह बठिंडा रोड पर स्थित ग्रीन सी रिजोर्ट पुलिस लाइन के सामने सांसद अमृतपाल सिंह के समर्थकों की ओर से नई पंथक पार्टी की घोषणा के लिए सियासी कांफ्रेंस रखी है। यह तीनों ही कांफ्रैंस पंथ के नाम पर हो रही है और अपने आप को असली पंथक नेता दिखाने के लिए सभी नेता शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।

मलोट रोड पर शिअद (बादल) की कांफ्रैंस को पूर्व अध्यक्ष सुखबीर बादल लीड करेंगे। इस कांफ्रैंस में शिअद की सीनियर लीडरशिप भी शामिल होगी। वहीं इस बार शिअद पिछली बार की तरह महिलाओं की अलग कांफ्रेंस नहीं करेगा। इस बार महिलाओं और पुरूष नेताओं की कांफ्रैंस संयुक्त रूप से होगी। सुखबीर बादल का इस्तीफा मंजूर होने के बाद शुरू होने जा रही नई भर्ती को लेकर सुखबीर इस कांफ्रेंस के माध्यम से अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाह रहे हैं। ताकि वह फिर से पार्टी में मजबूती के साथ वापसी कर सकें। उधर,नई बनी सांसद अमृतपाल की पार्टी भी शिअद को कहीं न कहीं नुकसान जरूर पहुंचाएगी। तीनों कांफ्रेंसों में पंथ को आधार बनाया जा रहा है।

वाहन चालक सावधान! जल्दी से कर ले ये काम नहीं तो…

चंडीगढ़ में ट्रैफिक पुलिस ने पिछले साल 10 लाख से ज्यादा चालान काटे। इन चालानों में 7.5 लाख से ज्यादा चालान का जुर्माना वसूल ही नहीं हो पाया। यह खुलासा आर.टी.आई. से में हुआ है। आर.टी.आई. के मुताबिक 2024 में कुल 10, 15,5 18 चालान काटे गए। इनमें से सिर्फ 2,61,586 चालान का ही भुगतान हुआ। पुलिस को चालानों से 22,78,43,950 रुपए की कमाई हुई।

यह जानकारी सामाजिक कार्यकर्ता आर. के. गर्ग द्वारा दायर आर. टी. आई. से मिली है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए चालान ज्यादातर रेड लाइट जंप, तेज रफ्तार और गलत पार्किंग जैसे नियमों के उल्लंघन के काटे गए। महिला चालकों और पीछे बैठने वालों   को भी हैल्मेट न पहनने के लिए बड़ी संख्या में चालान काटे गए। आर. टी. आई. एक्टिविस्ट गर्ग ने सवाल उठाया है कि पुलिस की वैबसाइट पर सिर्फ 75 तरह के ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बताया गया है, जबकि चालान 121 तरह के उल्लंघनों के लिए काटे गए। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस चालान का भुगतान न करने वालो को सम्मन भिजवा रही है। इसके अलावा पुलिस खुद भी लोगों को फोन कर चालान का भुगतान करने के लिए कह रही है। पुलिस का कहना है कि चालान का भुगतान न करने पर गाड़ी या दोपहिया वाहन की आर. सी. रद्द कर दी जाएगी। हालही में लोक अदालत में 170 से ज्यादा चालानों का वाहन मालिकों ने भुगतान किया था।

6 चालान पुलिस ने खुद मौके पर काटे
कुछ चालान सी.सी.टी.वी. कैमरों से काटे गए। कुछ चालान पुलिस ने खुद मौके पर काटे। कुछ चालान सोशल मीडिया पर अपलोड की गई तस्वीरों के आधार पर काटे गए। यह चालान 121 अलग-अलग ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए काटे गए। बता दें कि चालान जारी होने के बाद ट्रैफिक पुलिस लोगों को एस.एम.एस. के जरिए सूचना देती है। अगर एस.एम.एस. नहीं मिलता है तो लोग चंडीगढ़ पुलिस की वैबसाइट पर अपने चालान की जानकारी ले सकते हैं। चालान का भुगतान सैक्टर-29 स्थित ट्रैफिक पुलिस लाइन्स में किया जा सकता है। लोग कोर्ट और लोक अदालतों में भी चालान का भुगतान कर सकते हैं।

सबसे ज्यादा चालान लाइट जंप के
सबसे ज्यादा चालान रेड लाइट जंप और खतरनाक गाड़ी चलाने के लिए काटे गए। 1 जनवरी, 2024 से 25 दिसंबर, 2024 के बीच ऐसे 4.90 लाख चालान काटे गए। तेज रफ्तार के 1,15,625 चालान काटे गए। स्टॉप और जेब्रा लाइन के उल्लंघन के लिए 1,08,393 चालान काटे। भारी वाहनों ट्रक और बसों को तेज रफ्तार में चलाने के लिए 2,750 चालान काटे।

महिलाओं के भी कटे चालान
महिला चालकों और पीछे बैठने पर हैल्मेट न पहनने के लिए बड़ी संख्या में चालान काटे गए। 44,564 महिलाओं को पीछे बैठ हेल्मेट न पहनने के लिए चालान काटे गए 16,870 महिलाओं के वाहन चलाते समय हैल्मेट न पहनने के लिए चालान काटे गए। 19,693 पुरुपों के हैल्मेट न पहनने के लिए चालान काटे गए। 12,264 पुरुपों को पीछे बैठकर हैल्मेट न पहनने के लिए चालान काटे गए। ट्रिपल राइडिंग के लिए 2,356 चालान काटे गए।

ब्रिटिश लेखक Neil Gaiman पर लगे नए यौन शोषण और दुर्व्यवहार के आरोप: रिपोर्ट

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प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक नील गैमन जिन्होंने गुड ओमेंस, अमेरिकन गॉड्स और द सैंडमैन जैसी चर्चित किताबें लिखी हैं पर यौन शोषण और दुर्व्यवहार के नए आरोप लगे हैं। यह आरोप न्यूयॉर्क मैगज़ीन के “देयर इज़ नो सेफ वर्ड” नामक लेख में लगाए गए हैं।

नैनी और पत्नी समेत 8 महिलाओं के आरोप

इस लेख में आठ महिलाओं ने गैमन के खिलाफ मारपीट, जबरदस्ती और यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। इनमें से एक महिला गैमन के लिए नैनी के रूप में काम करती थी। इसके अलावा उनकी दूसरी पत्नी अमांडा पामर ने भी उन पर आरोप लगाया है।

नैनी का आरोप

नैनी ने बताया कि फरवरी 2022 में जब वह न्यूज़ीलैंड में गैमन के घर पर थीं तो गैमन ने उन्हें बाथटब में यौन रूप से परेशान किया। उन्होंने यह भी कहा कि गैमन ने होटल के कमरे में कंबल के नीचे उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इस दौरान नैनी का बेटा कमरे में मौजूद था और आईपैड पर खेल रहा था।

गैमन पर आरोप लगाते हुए नैनी ने कहा
“उसने (गैमन) मुझसे कहा, ‘मुझे मास्टर बुलाओ और मैं आऊंगा। तुम एक अच्छी छोटी लड़की हो।'”

युवतियों को बनाया निशाना

लेख में यह भी बताया गया कि गैमन द्वारा शोषित की गई अधिकतर महिलाएं 20 साल की थीं जिनमें से सबसे कम उम्र की महिला 18 साल की थी। उस समय गैमन की उम्र 40 साल या उससे अधिक थी।

पहले भी लगे थे ऐसे आरोप

जुलाई 2024 में नील गैमन पर पांच महिलाओं ने यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। इन आरोपों को “मास्टर” नामक एक पॉडकास्ट श्रृंखला में उजागर किया गया था।

जेके राउलिंग ने की आलोचना

हैरी पॉटर की लेखिका जेके राउलिंग ने इस मामले पर चुप्पी साधे साहित्यिक समुदाय की आलोचना की। उन्होंने कहा,

“जब हार्वे वीनस्टीन पर आरोप लगे थे तब साहित्यिक समुदाय ने खुलकर बात की थी लेकिन नील गैमन के खिलाफ इतने गंभीर आरोपों पर वही समुदाय चुप है।”

हार्वे वीनस्टीन से तुलना

जेके राउलिंग ने इस मामले की तुलना हॉलीवुड के निर्माता हार्वे वीनस्टीन से की। वीनस्टीन को यौन शोषण के मामलों में दोषी पाया गया था और उन्हें न्यूयॉर्क और कैलिफोर्निया के मामलों में कुल 39 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।

वहीं नील गैमन पर लगे ये आरोप न केवल उनके करियर पर सवाल खड़े करते हैं बल्कि साहित्यिक समुदाय की जिम्मेदारी और चुप्पी पर भी सवाल उठाते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच और प्रतिक्रियाओं पर नजर बनी रहेगी।

राजौरी में हुई 2 और बच्चों की मौत, लोगों में दहशत का माहौल

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जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के बधाल गांव में एक रहस्यमयी बीमारी के कारण एक ही परिवार के 6 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद सोमवार को 2 और बच्चों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मोहम्मद असलम के 6 बच्चों को शनिवार शाम को मैडिकल जांच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था। उन्होंने बताया कि बच्चों को पहले राजौरी के सरकारी मैडिकल कॉलेज (जी.एम.सी.) से संबंधित अस्पताल ले जाने के लिए रैफर किया गया। बाद में उन्हें जम्मू के एस.एम.जी.एस. अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां 5 वर्षीय नबीना की रविवार को मौत हो गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को अस्पताल में इलाज के दौरान जहूर (14) और मारूफ (8) की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार कोटरंका उपसंभाग के तहत आने वाला यह गांव एक रहस्यमय बीमारी से जूझ रहा है, जिसने पिछले वर्ष दिसंबर में 2 अलग-अलग परिवारों के 9 लोगों की जान ले ली थी। अधिकारियों ने बताया कि इस बीमारी के चलते जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर अब 12 हो गई है। पिछले 2 दिनों में जान गंवाने वाले बच्चों के रिश्तेदार एजाज अहमद ने कहा कि यहां अस्पताल में 6 बच्चे भर्ती थे।

कल एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि आज 2 और बच्चों की मौत हो गई। मौत के सही कारणों के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। स्वास्थ्य विभाग बीमारी की पहचान करने में विफल रहा है। जांच में सहायता के लिए पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पी.जी.आई. चंडीगढ़, एम्स दिल्ली और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एन.सी.डी.सी.), दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम गांव का दौरा कर चुकी है।

रांची में बढ़ रहा साइबर ठगों का आतंक, रिटायर्ड अधिकारी को 11 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 2.27 करोड़

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आजकल साइबर ठगी और धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर ठग लोगों को अपनी चुंगल में फंसाने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे है। इसी कड़ी में साइबर अपराधियों ने रांची के बरियातु इलाके से एक सेवानिवृत्त कोयला कंपनी अधिकारी को अपना टारगेट बनाया। साइबर ठगों ने सेवानिवृत्त अधिकारी को 11 दिन डिजिटल अरेस्ट कर साइबर अपराधियों ने 2.27 करोड़ रुपये की ठगी कर ली।

फर्जी ट्राई का अधिकारी बनकर ठगे पैसे

मिली जानकारी के अनुसार 10 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त कोयला कंपनी के अधिकारी के निजी मोबाइल नंबर पर एक अनजान कॉल आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अभिराज शुक्ला बताते हुए खुद को ट्राई का अधिकारी बताया। इसके बाद जनता को अवैध विज्ञापन और भ्रामक संदेश भेजने की शिकायत मिलने की बात कहकर सेवानिवृत्त अधिकारी को अपने चक्रव्यूह में फंसाया और अपने गिरोह के साथियों से वीडियो कॉल के जरिए मानसिक रूप से प्रताड़ित कर 10 दिसंबर से 20 दिसंबर के दौरान आठ बार में अलग-अलग बैंक खाते में 2.27 करोड़ रुपये ट्रांसफर कराए।

अधिकारी ने  बताया कि इस ठगी में उनकी सारी कमाई चली गई। जब उन्हें  पता लगा कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ तो उन्होंने मामले की शिकायत सीआईडी के साइबर थाने और साइबर क्राइम कंट्रोल नंबर 1930 पर की है। साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की छानबीन करनी शुरू कर दी है।

Breaking: Jalandhar के इस इलाके में मिला बम, पुलिस ने सील किया Area

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जिला जालंधर के आदमपुर स्थित पधियाना गांव में खाली प्लाट में से  ग्रेनेड बम जैसी वस्तु मिलाने से हड़कंप मच गया है।

सूचना मिलते ही थाना आदमपुर की पुलिस बम स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने इलाके को सील कर सर्च अभियान चलाया। मौके पर पहुंचे डी.एस.पी. आदमपुर कुलवंत सिंह ने बताया कि बम स्क्वॉड द्वारा ग्रेनेड को कब्जे में लेकर अगली जांच शुरू कर दी गई है।

Anushka Sharma और Virat Kohli के बेटे अकाय का चेहरा हुआ वायरल, जानें किसकी तरह दिखते हैं छोटे विराट?

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और क्रिकेटर विराट कोहली अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर हमेशा ही बेहद प्राइवेट रहे हैं। दोनों स्टार्स ने अपने बच्चों के चेहरे कभी सार्वजनिक नहीं किए और उनकी प्राइवेसी का पूरी तरह से ख्याल रखा। लेकिन हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उनके छोटे बेटे अकाय का चेहरा भी नजर आया। इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर उनके बेटे को लेकर कई प्रतिक्रियाएं आईं।

वायरल वीडियो में नजर आए अकाय का चेहरा
फरवरी 2024 में जन्मे अकाय का चेहरा अब तक कभी सार्वजनिक नहीं हुआ था, लेकिन हाल ही में एक वीडियो में अनुष्का उन्हें गोद में लिए हुए एयरपोर्ट पर दिखीं। इस वीडियो में अकाय का चेहरा पूरी तरह से स्पष्ट था, हालांकि वीडियो में बच्चे का चेहरा थोड़ा धुंधला किया गया था, लेकिन फिर भी अकाय का प्यारा लुक इंटरनेट यूज़र्स की निगाहों से बच नहीं सका। वीडियो के वायरल होते ही लोग सोशल मीडिया पर कमेंट करने लगे और अकाय को लेकर अपनी राय व्यक्त करने लगे। कुछ यूज़र्स ने उन्हें करीना कपूर के बेटे जेह के जैसा क्यूट बताया, तो वहीं कुछ ने यह भी कहा कि अकाय बिल्कुल अनुष्का और विराट की कॉपी हैं। इस वीडियो के बाद अकाय की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बन गए।

वामिका और अकाय की प्राइवेसी की चिंता
हालांकि, अनुष्का और विराट हमेशा अपने बच्चों की प्राइवेसी का ख्याल रखते हुए उन्हें कैमरे से दूर रखते हैं। वे कभी भी अपने बच्चों की तस्वीरें पब्लिकली शेयर नहीं करते। इससे पहले, अनुष्का और विराट की बेटी वामिका का चेहरा भी एक वायरल वीडियो में थोड़ा सा दिखा था, लेकिन उस समय भी उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं दिखाया गया था। यही कारण है कि इस बार भी उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए, इस वायरल वीडियो में भी अकाय का चेहरा पूरी तरह से साफ नहीं दिखाया गया।

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और क्रिकेटर विराट कोहली अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर हमेशा ही बेहद प्राइवेट रहे हैं। दोनों स्टार्स ने अपने बच्चों के चेहरे कभी सार्वजनिक नहीं किए और उनकी प्राइवेसी का पूरी तरह से ख्याल रखा। लेकिन हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उनके छोटे बेटे अकाय का चेहरा भी नजर आया। इस वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर उनके बेटे को लेकर कई प्रतिक्रियाएं आईं।

वायरल वीडियो में नजर आए अकाय का चेहरा
फरवरी 2024 में जन्मे अकाय का चेहरा अब तक कभी सार्वजनिक नहीं हुआ था, लेकिन हाल ही में एक वीडियो में अनुष्का उन्हें गोद में लिए हुए एयरपोर्ट पर दिखीं। इस वीडियो में अकाय का चेहरा पूरी तरह से स्पष्ट था, हालांकि वीडियो में बच्चे का चेहरा थोड़ा धुंधला किया गया था, लेकिन फिर भी अकाय का प्यारा लुक इंटरनेट यूज़र्स की निगाहों से बच नहीं सका। वीडियो के वायरल होते ही लोग सोशल मीडिया पर कमेंट करने लगे और अकाय को लेकर अपनी राय व्यक्त करने लगे। कुछ यूज़र्स ने उन्हें करीना कपूर के बेटे जेह के जैसा क्यूट बताया, तो वहीं कुछ ने यह भी कहा कि अकाय बिल्कुल अनुष्का और विराट की कॉपी हैं। इस वीडियो के बाद अकाय की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बन गए।

वामिका और अकाय की प्राइवेसी की चिंता
हालांकि, अनुष्का और विराट हमेशा अपने बच्चों की प्राइवेसी का ख्याल रखते हुए उन्हें कैमरे से दूर रखते हैं। वे कभी भी अपने बच्चों की तस्वीरें पब्लिकली शेयर नहीं करते। इससे पहले, अनुष्का और विराट की बेटी वामिका का चेहरा भी एक वायरल वीडियो में थोड़ा सा दिखा था, लेकिन उस समय भी उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं दिखाया गया था। यही कारण है कि इस बार भी उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए, इस वायरल वीडियो में भी अकाय का चेहरा पूरी तरह से साफ नहीं दिखाया गया।

अनुष्का और विराट का अलीबाग ट्रिप
वीडियो वायरल होने के बाद अनुष्का और विराट को अपनी प्राइवेसी और अपने बच्चों को लेकर चिंताएं जरूर हो सकती हैं, लेकिन हाल ही में विराट और अनुष्का अपने बच्चों के साथ वृंदावन गए थे, जहां वे प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे। वहां कुछ सवाल-जवाब के दौरान उनके बच्चे भी उनके साथ थे, लेकिन उनके बच्चों का चेहरा वीडियो में ब्लर कर दिया गया था। वृंदावन से लौटने के बाद, अनुष्का और विराट ने अलीबाग का रुख किया था, जहां वे कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताने गए थे। हालांकि, सोमवार को अनुष्का अकेली ही अलीबाग से वापस लौटीं, जबकि विराट उनके साथ नहीं दिखे थे।

बच्चों की प्राइवेसी का सम्मान
अनुष्का और विराट ने हमेशा अपने बच्चों की प्राइवेसी का सम्मान किया है और उन्हें पब्लिक लाइफ से दूर रखा है। वे दोनों चाहते हैं कि उनके बच्चे बिना किसी मीडिया दबाव के एक सामान्य जीवन जी सकें। इसी कारण से दोनों ने अपने बच्चों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने से बचते हुए उन्हें पब्लिक नजरों से बचाकर रखा है।

दक्षिण Africa में बड़ा हादसा: भूख और प्यास से तड़पकर 100 मजदूरों की मौत

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दक्षिण अफ्रीका के उत्तर पश्चिमी प्रांत में एक बंद सोने की खदान में अवैध खनन कर रहे करीब 100 मजदूरों की भूख और प्यास से मौत हो गई। खनिक महीनों से इस खदान में फंसे हुए थे। यह जानकारी खनिकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले समूह माइनिंग अफेक्टेड कम्युनिटीज यूनाइटेड इन एक्शन (MACUA) ने दी है।

वीडियो से हुआ खुलासा

MACUA के प्रवक्ता सबेलो मंगुनी ने बताया कि खदान में मजदूरों की हालत का खुलासा तब हुआ जब 10 जनवरी को कुछ बचे हुए खनिकों द्वारा भेजा गया एक वीडियो सामने आया। वीडियो में दिखा कि सैकड़ों लोग भूख और प्यास से बेहाल हैं। इनमें से कई मजदूरों की मौत हो चुकी थी।

मंगुनी के अनुसार खदान में अब तक 100 खनिकों की मौत हो चुकी है। इनकी मौत का कारण भोजन और पानी की कमी बताया गया है।

➤  शवों को बाहर निकालने का काम जारी है। शुक्रवार (10 जनवरी) से शुरू हुए बचाव अभियान में अब तक 18 शव निकाले गए हैं।
➤  सोमवार (13 जनवरी) को चलाए गए अभियान में 26 लोगों को जीवित बचाया गया और 9 और शव बरामद किए गए।

 

 

पुलिस का बयान और बचाव अभियान

पुलिस प्रवक्ता ब्रिगेडियर सेबाटा मोकगवाबोन ने बताया कि बचाव कार्य अभी जारी है। सोमवार से एक नया अभियान शुरू किया गया है जिसमें सभी फंसे खनिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश हो रही है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि खदान में कितने मजदूर फंसे हुए हैं।

अवैध खनन का संकट

दक्षिण अफ्रीका में अवैध खनन एक आम समस्या बन गई है। कंपनियों द्वारा बंद की गई खदानों में मजदूर अवैध रूप से प्रवेश करते हैं और बचे हुए सोने को निकालने की कोशिश करते हैं।

➤  स्टिलफोंटेन के पास बफ़ेल्सफोंटेन गोल्ड माइन ऐसी ही एक खदान है जहां नवंबर से खनिकों और पुलिस के बीच संघर्ष चल रहा है।
➤  नवंबर में अधिकारियों ने खदान को सील करने का प्रयास किया था लेकिन खनिकों ने इसका विरोध किया।

अवैध खनन के खतरे

➤ अवैध खनन बेहद खतरनाक होता है।
➤ ऐसी खदानों में सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं होता।
➤ खदान में फंसे लोगों को भोजन और पानी नहीं मिलता।
➤ खदान के अंदर हवा की कमी और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है।

सरकार और समाज की ज़िम्मेदारी

यह घटना दक्षिण अफ्रीका में अवैध खनन की बढ़ती समस्या और इससे जुड़े खतरों की ओर ध्यान दिलाती है। इसे रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे और बंद खदानों को ठीक से सील करना होगा। साथ ही मजदूरों को सुरक्षित और वैध रोजगार प्रदान करना भी बेहद जरूरी है।

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