Wednesday, February 4, 2026
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Gautam Adani को बड़ा झटका: एक दिन में ₹4,37,71 करोड़ की संपत्ति गंवाई, टॉप 20 से भी हुए बाहर

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देश के तीसरे बड़े औद्योगिक घराने अडानी ग्रुप (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी (Gautam Adani) के लिए सोमवार का दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। हफ्ते की शुरुआत घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट के साथ हुई, जिसका असर अडानी ग्रुप के शेयरों पर भी पड़ा। ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स (Bloomberg Billionaire Index) के अनुसार, सोमवार को गौतम अडानी की संपत्ति में 5.06 अरब डॉलर (लगभग 4,37,71 करोड़ रुपए) की भारी गिरावट दर्ज की गई। वह इस दिन सबसे ज्यादा संपत्ति गंवाने वाले उद्योगपतियों में रहे। इसके चलते वह दुनिया के अमीरों की सूची में तीन पायदान नीचे गिरकर 22वें स्थान पर पहुंच गए। इस साल अब तक उनकी संपत्ति में 12.7 अरब डॉलर की कमी आई है।

दुनिया के टॉप 20 अमीरों में से केवल चार की नेटवर्थ में तेजी आई। एलन मस्क (elon musk) 432 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ टॉप पर बने हुए हैं। सोमवार को उनकी नेटवर्थ में 6.17 अरब डॉलर की तेजी आई। जेफ बेजोस (238 अरब डॉलर) दूसरे, मार्क जकरबर्ग (215 अरब डॉलर) तीसरे, लैरी एलिसन (181 अरब डॉलर) चौथे और बर्नार्ड अरनॉल्ट (176 अरब डॉलर) पांचवें नंबर पर हैं। इसके बाद लैरी पेज (169 अरब डॉलर), सर्गेई ब्रिन (159 अरब डॉलर), बिल गेट्स (158 अरब डॉलर), स्टीव बालमर (145 अरब डॉलर) और वॉरेन बफे (139 अरब डॉलर) का नंबर है।

अंबानी का हाल

इस बीच देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (mukesh ambani) की नेटवर्थ में सोमवार को 1.23 अरब डॉलर की गिरावट आई। वह 90.2 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 17वें नंबर पर बने हुए हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 44.2 करोड़ डॉलर की गिरावट आई है। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स में 1000 अंक से अधिक गिरावट आई। इससे बीएसई लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 14 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई।

Bihar Weather Update: बिहार के इन जिलों में IMD का अलर्ट, जानें मकर संक्रांति पर आज कैसा रहेगा मौसम का हाल। Weather Report

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बिहार में शीतलहर और कोहरे की मार लगातार जारी है। दरअसल, मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी मकर संक्रांति के दिन 11 जिलों भोजपुर, बक्सर, दरभंगा,समस्तीपुर मुजफ्फरपुर, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी, सीवान, छपरा और वैशाली में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाया रहेगा जबकि बाकी 27 जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।

इन जिलों में कोहरे का अलर्ट । Weather Report । Aaj ka Mausam 

मौसम विभाग की मानें तो आज यानि मकर संक्राति को धूप की गर्माहट से लोगों को ठंड से राहत मिलने की संभावना है। जिससे अधिकतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी। वहीं आईएमडी के अनुसार, 14 जनवरी की रात एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है। इस वजह से बिहार के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। अगर यह मजबूत होगा, तो बिहार के मौसम पर भी इसका असर पड़ेगा। जिससे ठंड में इजाफा हो सकता है।

वाल्मीकिनगर में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया 

वहीं पिछले 24 घंटों में बिहार का सबसे अधिक अधिकतम तापमान पूर्णिया में 26.6 जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान वाल्मीकिनगर में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बिहार के कई जिलों में तेज पछुआ हवा चलने और आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इसकी वजह से दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी गिरावट होने की संभावना है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार के कुछ जिलों में लोगों को ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ सकता है।

Mahakumbh 2025: ढोल, नगाड़ों, तीर-तलवार के साथ निकली अखाड़ों की शोभायात्रा, साधु-संतों ने किया ‘अमृत स्नान’

तीर्थराज प्रयागराज में सनातन आस्था के महापर्व महाकुम्भ का दिव्य भव्य शुभारंभ पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ हुई। पौराणिक मान्यता के अनुसार, महाकुम्भ का पहला अमृत स्नान आज मकर संक्रांति की तिथि पर विधि-विधान से हो रहा है। महाकुम्भ के पहले अमृत स्नान पर नागा साधु-संन्यासी धूनी रमा कर, अपने अस्त्र-शस्त्र, ध्वजा, ढोल-नगाडें, डमरू लेकर अमृत स्नान की शोभा यात्रा निकाल रहे है और आस्था की डुबकी लगा रहे है।

अमृत स्नान के लिए आगे बढ़ रहे सभी अखाड़े 
आनंद अखाड़ा के आचार्य मंडलेश्वर बालकानंद जी महाराज मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर पहले अमृत स्नान के लिए जुलूस का नेतृत्व करते हैं। 13 अखाड़ों के साधु आज गंगा, यमुना और ‘रहस्यमय’ सरस्वती नदियों के पवित्र संगम त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। मकर संक्रांति के पहले अमृत स्नान के दिन एसएसपी कुंभ मेला राजेश द्विवेदी ने कहा, “सभी अखाड़े अमृत स्नान के लिए आगे बढ़ रहे हैं। स्नान क्षेत्र तक जाने वाले अखाड़ा मार्ग पर पुलिस के जवान तैनात हैं। अखाड़ों के साथ पुलिस, पीएसी, घुड़सवार पुलिस और अर्धसैनिक बल भी मौजूद हैं।” जूना अखाड़ा भी अमृत स्नान के लिए निकला है।

महानिर्वाण अखाड़े के महामंडलेश्वर ने किया अमृत स्नान
मकर संक्रांति पर अमृत स्नान करने के बाद महानिर्वाण अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञान पुरी ने कहा कि यहां बहुत भीड़ है, लेकिन सब कुछ जिस तरह से प्रवाहित होता है, वह अद्भुत है। हर कोई पवित्र स्नान के लिए जगह ढूंढ़ लेता है। मुझे लगता है कि यह सब यहीं देखना संभव है।

त्रिवेणी संगम पर पहुंचे निरंजनी अखाड़े के संत
13 अखाड़ों के संत आज त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी लगाएंगे। निरंजनी एवं आनंद अखाड़ा के संत अमृत स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पर पहुंचे हैं।

अमृत स्नान का है विशेष महत्व
महाकुम्भ के अमृत स्नान का सनातन आस्था में विशेष महत्व है। अनादि काल ले साधु, संन्यासियों और श्रद्धालुओं की महाकुम्भ के अमृत काल में संगम स्नान करने की परंपरा रही है। आदि शंकराचार्य की प्रेरणा से बने अखाड़े महाकुम्भ में दिव्य शोभा यात्रा के साथ अमृत स्नान करते हैं। मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के पर्व पर महाकुम्भ का पहला अमृत स्नान होता है। परंपरा अनुसार सभी अखाड़े अपने-अपने क्रम से अमृत स्नान करते हैं। अमृत स्नान की पूर्व संध्या पर सभी अखाड़ों में तैयारियां कर ली थी। अखाड़ों के सभी पदाधिकारियों, महंत, अध्यक्ष, मण्डलेश्वरों, महामण्डलेश्वरों के रथ, हाथी, घोड़ों, चांदी के हौदों की साज-सज्जा फूलों और तरह-तरह के आभूषणों से की गई। किसी रथ पर भगवान शिव का अलंकरण है तो किसी पर मोर और भगवान गणेश का।

UPI पिन डालते ही खाली हो जाएगा अकाउंट? Jumped Deposit Scam पर NPCI का बड़ा अपडेट

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पिछले कुछ दिनों से चर्चा में रहे Jumped Deposit Scam को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने स्थिति स्पष्ट की है। NPCI ने कहा कि UPI प्लेटफॉर्म पर ऐसी किसी धोखाधड़ी की घटना सामने नहीं आई है। बयान में बताया गया है कि UPI एक डिवाइस-आधारित पेमेंट सिस्टम है, जो उपयोगकर्ताओं के बैंक खातों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर और डिवाइस से जोड़ता है। यह सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित है।

क्या है Jumped Deposit Scam?
तमिलनाडु पुलिस ने हाल ही में इस स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया था। इस घोटाले में साइबर अपराधी पहले किसी व्यक्ति के खाते में एक छोटी राशि जमा करते हैं और फिर उसी खाते से पैसे निकालने की रिक्वेस्ट डालते हैं। जब खाता धारक UPI ऐप खोलकर पैसे चेक करने के लिए अपना पिन डालता है, तो ठगों द्वारा डाली गई विड्रॉल रिक्वेस्ट अप्रूव हो जाती है, और खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।

NPCI का बयान
NPCI ने स्पष्ट किया है कि UPI प्लेटफॉर्म पर इस प्रकार की धोखाधड़ी की घटनाओं की रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ तकनीकी गलतफहमियां हैं, जिसके कारण लोगों के बीच UPI को लेकर भ्रम और डर फैल रहा है। NPCI ने यह भी कहा कि केवल UPI ऐप या बैंक ऐप खोलने से कोई ट्रांजेक्शन पूरी नहीं हो सकती। जब तक उपयोगकर्ता खुद UPI पिन दर्ज नहीं करते, तब तक कोई लेन-देन संभव नहीं है।

लेन-देन पर पूर्ण नियंत्रण
NPCI ने कहा कि UPI सिस्टम में किसी बाहरी पार्टी को उपयोगकर्ता के खाते से पैसे निकालने का अधिकार नहीं है। लेन-देन की प्रक्रिया केवल उपयोगकर्ता द्वारा ही शुरू की जा सकती है। बिना उपयोगकर्ता की मर्जी और पिन इंटर किए कोई भी विड्रॉल या पेमेंट रिक्वेस्ट पूरी नहीं हो सकती।

NPCI की अपील
NPCI ने उपयोगकर्ताओं से सतर्क रहने और अपने बैंक खातों व UPI पिन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि UPI सिस्टम उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित और सरल भुगतान अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

बजट 2025 में सोना और आभूषण खरीदने पर मिल सकती है राहत, GST में कटौती की उम्मीद

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भारत में रत्न और आभूषण उद्योग ने आगामी बजट 2025 में सरकार से जीएसटी दर में कमी करने की मांग की है। मौजूदा 3% जीएसटी दर को घटाकर 1% करने की अपील की जा रही है, ताकि उद्योग पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम हो सके और ग्राहकों के लिए आभूषण खरीदना सस्ता हो सके। इस कटौती से न केवल ग्राहकों को राहत मिलेगी, बल्कि इससे पूरे उद्योग को मजबूती मिल सकती है, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां सोने की बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहकों पर आर्थिक दबाव है।

अखिल भारतीय रत्न और आभूषण घरेलू परिषद (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने इस संबंध में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उच्च जीएसटी दर और सोने की बढ़ती कीमतों से उद्योग और ग्राहकों, खासकर ग्रामीण इलाकों में, भारी असर हो रहा है। उनका कहना है कि अगर सरकार जीएसटी में कमी करती है तो इससे ग्राहकों की खरीदारी क्षमता बढ़ेगी और अनुपालन में भी सुधार होगा, जिससे कारोबार के लिए एक सकारात्मक वातावरण बनेगा।

लैब में बने हीरों पर भी होगी राहत
रत्न और आभूषण परिषद ने इस दौरान सरकार से यह भी अपील की है कि प्राकृतिक हीरों और लैब में बने हीरों पर अलग-अलग जीएसटी दरें लागू की जाएं। वर्तमान में दोनों तरह के हीरों पर समान 3% जीएसटी लगाया जाता है, जो उद्योग के लिए एक चुनौती है। परिषद का कहना है कि लैब में बने हीरे किफायती और टिकाऊ होते हैं, और यदि इन पर कम जीएसटी लगाया जाता है, तो यह उत्पाद ज्यादा लोकप्रिय हो सकते हैं, जिससे ग्राहकों को सस्ते और उच्च गुणवत्ता वाले विकल्प मिलेंगे।

उद्योग को और बढ़ावा देने के लिए मांगी गई समर्पित मंत्रालय की स्थापना
इसके अलावा, GJC ने सरकार से रत्न और आभूषण उद्योग के लिए एक समर्पित मंत्रालय बनाने की मांग की है, ताकि उद्योग के विकास को गति मिल सके और इसके लिए एक केंद्रीय मंत्री की नियुक्ति की जाए। परिषद का मानना है कि एक समर्पित मंत्रालय से उद्योग को एक ठोस दिशा मिलेगी, जो इसके समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

स्वर्ण मौद्रीकरण योजना में सुधार की जरूरत
GJC ने स्वर्ण मौद्रीकरण योजना में सुधार की भी आवश्यकता बताई है। मौजूदा स्थिति में कई परिवारों के पास बेकार पड़ा हुआ सोना है, जो अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो देश में सोने के आयात में कमी आ सकती है। परिषद का कहना है कि अगर इस योजना में सुधार किया जाता है तो घरेलू सोने का अधिकतम उपयोग किया जा सकेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।

सोने के आयात पर कस्टम ड्यूटी में कमी का असर
भारत में सोने की भारी मांग को पूरा करने के लिए इसे आयात किया जाता है। इस पर कस्टम ड्यूटी (Custom Duty) लगती है, जो पहले 12.5% थी, लेकिन अब भारत सरकार ने इसे घटाकर 10% कर दिया है। इसके अलावा, जुलाई 2024 के बजट में सोने और चांदी की छड़ों पर सीमा शुल्क (Custom Duty) को 15% से घटाकर 6% कर दिया गया है। यह कदम सोने के आयात में मदद करेगा और बाजार में सोने की कीमतों को नियंत्रित करने में सहायक होगा।

नए कदमों से ग्राहकों को सस्ता सोना मिलेगा 
यदि सरकार आगामी बजट में इन मांगों पर विचार करती है और जीएसटी में कटौती सहित अन्य सुधारों को लागू करती है, तो इससे ग्राहकों को सस्ता सोना और आभूषण खरीदने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही, उद्योग को भी एक नई दिशा मिल सकती है, जिससे रत्न और आभूषण उद्योग को लाभ होगा और यह आर्थिक दृष्टिकोण से भी मजबूत होगा।

QR Code असली है या नकली कैसे पहचानें? पैसे भेजते समय न करें ये गलती, हो जाएंगे कंगाल!

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आजकल पैसे ट्रांसफर करने के लिए क्यूआर कोड सबसे आसान तरीका बन गया है। सब्जी खरीदने से लेकर बड़े खर्चों तक हर जगह इसका इस्तेमाल हो रहा है। PhonePe, Google Pay और Paytm जैसे ऐप्स से आसानी से ऑनलाइन पेमेंट किया जा सकता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना वेरीफाई किए क्यूआर कोड स्कैन करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है?

मध्य प्रदेश की घटना: नकली क्यूआर कोड से स्कैम

मध्य प्रदेश में एक पेट्रोल पंप और लगभग आधा दर्जन दुकानों के क्यूआर कोड को नकली कोड से बदल दिया गया। इसके बाद ग्राहकों का पैसा सीधे स्कैमर के अकाउंट में जाने लगा। हालांकि समय रहते इस धोखाधड़ी को पहचान लिया गया।

ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आपको असली और नकली क्यूआर कोड में फर्क करना आना चाहिए। हर क्यूआर कोड देखने में एक जैसा लगता है इसलिए सतर्क रहना बहुत जरूरी है।

नकली क्यूआर कोड से बचने के उपाय

1. साउंड बॉक्स का इस्तेमाल करें

पेमेंट रिसीव करने वाले दुकानदारों को साउंड बॉक्स का उपयोग करना चाहिए। इससे अगर किसी ने नकली क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया है तो तुरंत पता चल सकता है।

➤ साउंड बॉक्स हर पेमेंट पर वॉयस अलर्ट देता है जिससे आप जान सकते हैं कि सही अकाउंट में पैसे आए हैं या नहीं।

2. क्यूआर कोड करें वेरीफाई 

क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद पेमेंट करने से पहले दुकान या व्यक्ति के नाम की जांच करें।

➤ स्कैन के बाद ऐप में अकाउंट होल्डर का नाम दिखाई देता है।
➤ अगर नाम गलत या संदिग्ध लगे तो तुरंत पेमेंट रोक दें।

3. गूगल लेंस से जांच करें

अगर आपको क्यूआर कोड संदिग्ध लगता है तो गूगल लेंस से उसे स्कैन करें।

➤ इससे आप जान पाएंगे कि क्यूआर कोड आपको कहां रीडायरेक्ट कर रहा है।
➤ अगर यूआरएल या लिंक अजीब लगे तो स्कैनिंग बंद कर दें।

4. पैसे लेने के लिए क्यूआर कोड स्कैन न करें

याद रखें क्यूआर कोड का इस्तेमाल सिर्फ पैसे भेजने के लिए होता है।

➤ अगर कोई आपसे कहे कि पैसे लेने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करें तो सतर्क हो जाएं।
➤ यह एक आम फ्रॉड का तरीका है।

क्यों जरूरी है सतर्कता?

क्यूआर कोड फ्रॉड से बचने के लिए छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी है।

➤ हमेशा ऐप में दिए गए अकाउंट होल्डर के नाम को चेक करें।
➤ संदिग्ध कोड या लिंक देखकर तुरंत सतर्क हो जाएं।
➤ साउंड बॉक्स का इस्तेमाल करें ताकि हर पेमेंट का वेरिफिकेशन तुरंत हो सके।
➤ सावधानी से करें क्यूआर कोड का इस्तेमाल और खुद को फ्रॉड से बचाएं।

‘पुण्य फलें, महाकुंभ चलें…’ सीएम योगी ने मकर संक्रांति पर दी शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महाकुंभ 2025 के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के असवर पर प्रयागराज में संगम में डुबकी लगा वाले सभी संतों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन करते हुए व्यवस्था से जुड़े विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन का हृदय से आभार प्रकट किया। वहीं, सीएम ने आज ‘मकर संक्रांति’ के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, मकर संक्रांति की प्रदेश वासियों, सभी पूज्य संतों, श्रद्धालुजनों व भक्तों को हार्दिक बधाई! यह जगतपिता सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का एक उत्सव है।’

सीएम योगी ने लिखा, ”यह हमारी सनातन संस्कृति और आस्था का जीवंत स्वरूप है।आज लोक आस्था के महापर्व ‘मकर संक्रांति’ के पावन अवसर पर महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में प्रथम ‘अमृत स्नान’ कर पुण्य अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालु जनों का अभिनंदन!”

सीएम योगी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “मानवता के मंगलपर्व ‘महाकुंभ 2025′ में ‘पौष पूर्णिमा’ के शुभ अवसर पर संगम स्नान का सौभाग्य प्राप्त करने वाले सभी संतगणों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन।” उन्होंने लिखा, “प्रथम स्नान पर्व पर आज 1.50 करोड़ सनातन आस्थावानों ने अविरल-निर्मल त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया।”

“पुण्य फलें, महाकुंभ चलें”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “प्रथम स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने में सहभागी महाकुंभ मेला प्रशासन, प्रयागराज प्रशासन, उत्तर प्रदेश पुलिस, प्रयागराज नगर निगम, स्वच्छाग्रहियों, गंगा सेवा दूतों, कुंभ सहायकों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों, विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों और मीडिया जगत के बंधुओं सहित महाकुंभ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हृदय से साधुवाद!” मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में “पुण्य फलें, महाकुंभ चलें” का नारा भी दिया।

पंजाब में अभी और बढ़ेगी ठंड, मौसम विभाग ने जारी कर दी नई चेतावनी, पढ़ें…

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पंजाब के मौसम को लेकर अहम खबर सामने आ रही है। दरअसल, मौसम विभाग द्वारा अगले 3 दिन कोहरा पड़ने की संभावना जताई गई है। अलर्ट के मुताबिक मंगलवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा जबकि बुधवार को आंधी-तुफान व बारिश होने के प्रबल आसार बन रहे हैं। हालांकि यैलो अलर्ट इससे आगे भी जारी रहने वाला है जिसके चलते मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

उधर, रिकार्ड के मुताबिक लोहड़ी के दिन आमतौर पर धुंध का आलम रहा है लेकिन तेज धूप निकलने से दोपहर के समय सर्दी से राहत मिली और मौसम खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन कुछ घंटों के बाद शाम को चली सर्द हवाओं ने ठिठुरन को और भी बेहद बढ़ा दिया।  वहीं निकली धूप के चलते लोग घरों की छत्तों पर जाकर धूप का आनंद लेते हुए देखने को मिले। वहीं पार्क इत्यादि में भी लोगों की चहल-पहल देखने को मिली। शाम को चली तेज हवाओं के चलते पारा नीचे जाते हुए 6 डिग्री तक पुहंच गया जिससे रात को सर्दी का प्रकोप देखने को मिला। शाम के बाद लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया क्योंकि ठंडी हवाओं में हाड़ कंपाने वाली ठंड पड़ने लगी। वहीं विशेषज्ञों के मुताबिक के बाद अगले दिन कोहरा पड़ना स्वाभाविक होता है, जिसके चलते बुधवार को लोगों को धुंध की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसी क्रम में विजिबिलिटी कम होने की भी संभावना है, जिसके चलते वाहन चालकों को सावधानी अपनानी चाहिए।

बाहरी इलाकों में धुंध दिखाएगी अधिक असर
विशेषज्ञों का कहना है कि बाऊंडरी वाले एरिया में शाम होते-होते शीतलहर का जोर देखने को मिला और सर्दी में बढ़ौतरी हुई। वहीं, पंजाब के बाहरी जिले में कई स्थानों पर धुंध की वजह से यातायात प्रभावित हुआ। इसके चलते लोगों को अपने गंतवय तक पहुंचने के लिए अधिक समय व्यय करना पड़ेगा। लोहड़ी के चलते कार्यक्रमों से वापस जाने वाले लोगों को दिक्कतें पेश आई। वहीं, खासतौर पर हाइवे पर खेतों के पास अधिक नमी वाले स्थानों पर धुंध देखने को मिली। इसी क्रम में आने वाले दिनों में होशियारपुर रोड, आदमपुर वाले एरिया व अमृतसर रोड पर सुभानपुर के पास धुंध का जोर देखने को मिलेगा।

प्रयागराज: Mahakumbh का दिव्य और भव्य आयोजन, मकर संक्रांति पर पहला अमृत स्नान जारी

प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। कड़ाके की ठंड के बावजूद लाखों श्रद्धालु देश के अलग-अलग हिस्सों से संगम पर डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर कुंभ मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। यहां तक कि विदेशी भक्त भी इस भव्य आयोजन में शामिल हो रहे हैं।

भव्य तैयारियां और आध्यात्मिक माहौल

कुंभ मेला क्षेत्र दिव्य सजावट और भव्य तैयारियों से सजा हुआ है। चारों ओर आध्यात्मिकता और धार्मिकता का माहौल है। हर तरफ धर्म की गूंज सुनाई दे रही है। संगम क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया गया है और वहां आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है।

सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महाकुंभ की तस्वीरें साझा करते हुए इसे सनातन संस्कृति और आस्था का प्रतीक बताया। उन्होंने लिखा, “आज आस्था के महापर्व ‘मकर संक्रांति’ के पावन अवसर पर महाकुंभ-2025 में त्रिवेणी संगम पर प्रथम अमृत स्नान कर पुण्य अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालुओं को बधाई।”

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था

श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को सही तरीके से नियंत्रित करने के लिए रास्ते तय कर दिए गए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए सख्त इंतजाम किए हैं और हर किसी की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है।

अखाड़ों का अमृत स्नान

महानिर्वाणी पंचायती अखाड़े के साधुओं ने त्रिवेणी संगम पर पहले अमृत स्नान की शुरुआत करते हुए पवित्र डुबकी लगाई। सभी अखाड़ों को अमृत स्नान के लिए 40-40 मिनट का समय दिया गया है। अखाड़ों की डुबकी का क्रम निर्धारित किया गया है और सभी साधु-संत अपनी बारी के अनुसार स्नान कर रहे हैं।

साधुओं और श्रद्धालुओं की आस्था का संगम

आज मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर लगभग साढ़े नौ घंटे तक अखाड़ों का अमृत स्नान चलेगा। शिविर से संगम तक आने-जाने में 12 घंटे से भी अधिक का समय लग रहा है। श्रद्धालुओं और साधु-संतों का यह उत्साह महाकुंभ की दिव्यता और भव्यता को दर्शाता है।

महाकुंभ का यह आयोजन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि हमारी सनातन संस्कृति और आस्था का जीवंत प्रतीक है। लाखों लोग इसमें शामिल होकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं और यह कुंभ मेले को ऐतिहासिक बना रहा है।

MahaKumbh 2025: मकर संक्रांति आज, पहला अमृत स्नान जारी; देखें अद्भुत नजारा…

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पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर कल श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा देखने को मिली। करोड़ों की संख्या में लोग संगम तट पर उमड़े और आस्था की डुबकी लगाई। मकर संक्रांति पर अब महास्नान यानी ‘शाही स्नान’ का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। ‘शाही स्नान’ को इस बार ‘अमृत स्नान’ नाम दिया गया है। आज महानिर्वाणी एवं अटल अखाड़े के संत डुबकी लगा रहे हैं। भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे हुए है।

महाकुंभ में शाही स्नान का अपना एक विशेष महत्व है। यह स्नान विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों द्वारा एक निश्चित समय पर किया जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु भी गंगा में डुबकी लगाते हैं, जिससे एक अद्भुत और दिव्य वातावरण बनता है। मान्यता है कि इस दिन शाही स्नान करने और दान करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है।

जानकारी के मुताबिक, महाकुम्भ मेला प्रशासन पूर्व की मान्यताओं का पूरी तरह अनुसरण करते हुए सनातन धर्म के 13 अखाड़ों को ‘अमृत स्नान’ में स्नान क्रम भी जारी किया गया है और सभी अखाड़ों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बयान के मुताबिक, यह व्यवस्था मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के ‘अमृत स्नान’ के लिए जारी हुई है। देखें अखाड़ों के परंपरा गत पूर्व  से निर्धारित क्रम के अनुसार अमृत स्नान से  संबंधित समय सारिणी….

सन्यासी     
1. श्री पंचायती अखाङा महानिर्वाणी एवं श्री शंभू पंचायती अटल अखाङा – 06:15

2. श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाङा, एवं श्री पंचायती अखाङा आनन्द – 07:05

3. श्री पंचदशनाम जूना अखाङा एवं श्रीपंचदशनाम आवाहन अखाङा तथा श्री पंचाग्नि अखाङा – 08:00

बैरागी     
1. अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाङा – 10:40

2. अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाङा – 11:20

3. अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाङा – 12:20

उदासीन
1. श्री पंचायती नया उदासीन अखाङा – 13:15

2. श्री पंचायती अखाङा, बङा उदासीन, निर्वाण – 14:20

3. श्री पंचायती निर्मल अखाङा – 15:40

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