Wednesday, February 4, 2026
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OnePlus 13R की सेल लाइव, लेटेस्ट फोन पर मिल रहे तगड़े ऑफर्स; खूबियां भी हैं दमदार

 Oneplus ने हाल ही में वनप्लस 12आर के सक्सेसर के तौर पर Oneplus 13R को भारतीय मार्केट में लॉन्च किया था। आज से लेटेस्ट प्रीमियम मिड-रेंज स्मार्टफोन बिक्री के लिए अवेलेबल हो गया है। इसमें टेलीफोटो लेंस, पहले से बेहतर आईपी रेटिंग, बड़ी बैटरी और फ्लैट डिस्प्ले सहित कई अपग्रेड दिए गए हैं। इसकी पहली सेल में कई तरह के डिस्काउंट ऑफर किए जा रहे हैं, जिससे फोन की प्रभावी कीमत काफी कम हो जाती है।

Oneplus 13R के स्पेसिफिकेशन

वनप्लस 13आर में पिछले साल की तरह LTPO 4.1 तकनीक और 4,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ 6.78 इंच 120Hz ProXDR एमोलेड डिस्प्ले है। इसमें फ्लैट डिस्प्ले दी गई है। इसे कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i का प्रोटेक्शन मिला हुआ है।

फोन में परफॉर्मेंस के लिए क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 जेन 3 SoC प्रोसेसर लगाया गया है। इसे 12/16GB LPDDR5x रैम और 256GB/512GB UFS 4.0 स्टोरेज के साथ जोड़ा गया है।

इसमें 50MP Sony LYT-700 प्राइमरी शूटर, 50MP 2x Samsung JN5 टेलीफोटो लेंस और 8MP अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस है। सेल्फी के लिए 16MP Sony IMX480 कैमरा है। इसके रियर कैमरे से 4k 60fps पर वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं।इसमें 80W चार्जिंग को सपोर्ट करने वाली 6,000 mAh की बैटरी पावर के लिए लगाई गई है। जबकि इसी के साथ लॉन्च हुए वनप्लस 13 में 100W चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। हालांकि बैटरी साइज समान है। यह स्मार्टफोन एंड्रॉइड 15 बेस्ड OxygenOS 15 पर चलता है। OnePlus 13 की तरह ही इसमें भी अपडेट पॉलिसी का वादा किया गया है।

OnePlus 13R की कीमत

OnePlus 13R के बेस वेरिएंट की कीमत 12GB/256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए 42,999 रुपये और 16GB/512GB स्टोरेज मॉडल के लिए 46,999 से शुरू होती है। लेटेस्ट फोन आज दोपहर 12 बजे से बिक्री के लिए अवेलेबल हो गया है। इसे वनप्लस की ऑफिशियल साइट, अमेजन, विजय सेल्स, रिलायंस डिजिटल और क्रोमा से खरीदा जा सकता है।

3000 रुपये की इंस्टेंट छूट

इस पर ICICI बैंक क्रेडिट कार्ड पर 3,000 की इंस्टेंट छूट मिल रही है। जिससे दोनों वेरिएंट की प्रभावी कीमत 39,999 रुपये और 43,999 रुपये रह जाती है। इसे Astral Trail और Nebula Noir कलर में खरीदा जा सकता है।

महाकुंभ 2025 : संगम में श्रद्धालुओं की अपार भीड़, पहले ही दिन 1 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी, सामने आई तस्वीरें

विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक समागम महाकुंभ 2025 आज से प्रयागराज में शुरू हो गया है, और पहले ही दिन करीब 10 मिलियन (1 करोड़) श्रद्धालु पवित्र संगम में डुबकी लगा चुके हैं। 45 दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन के पहले दिन की शुरुआत 13 जनवरी को हुई, और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम में स्नान किया।

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने बताया कि पहले दिन, यानी 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के मौके पर, करीब 1 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में अमृत स्नान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी और तगड़ी व्यवस्था की है। इस दौरान ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही अंडरवाटर ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।

महाकुंभ की सुरक्षा को लेकर स्थानीय पुलिस, अर्धसैनिक बलों और विशेष सुरक्षा बलों के 10,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। सुरक्षा के लिए एक फ्लोटिंग पुलिस चौकी भी बनाई गई है। इसके अतिरिक्त, एनडीआरएफ ने जल एंबुलेंस तैनात की है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

संगम क्षेत्र की निगरानी के लिए 2,750 भीड़-निगरानी कैमरे लगाए गए हैं और 24/7 एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (ICCC) की स्थापना की गई है। साथ ही, सड़क मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन व्यवस्था को भी सुचारू रूप से चलाया जा रहा है। मेला क्षेत्र में 15,000 सफाई कर्मचारी तैनात हैं और 0.15 मिलियन शौचालयों के साथ 0.15 मिलियन टेंट की व्यवस्था की गई है।

विशाल आयोजन और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था

महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में हर दिन इजाफा होने की उम्मीद है, और इस आयोजन में 450 मिलियन से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। आयोजन को लेकर सरकार ने बारीकी से योजना बनाई है। मेला क्षेत्र में 69,000 एलईडी लाइटें लगाई गई हैं, और 25,000 कर्मचारी इस विशाल आयोजन में सेवा दे रहे हैं। पार्किंग के लिए 1,800 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है।

महाकुंभ 2025 की प्रमुख स्नान तिथियां

महाकुंभ 2025 का समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन होगा। इस बीच, श्रद्धालु कई प्रमुख स्नान तिथियों पर संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे। प्रमुख स्नान तिथियां इस प्रकार हैं:

  • 14 जनवरी (मकर संक्रांति – पहला शाही स्नान)
  • 29 जनवरी (मौनी अमावस्या – दूसरा शाही स्नान)
  • 3 फरवरी (बसंत पंचमी – तीसरा शाही स्नान)
  • 12 फरवरी (माघी पूर्णिमा)
  • 26 फरवरी (महा शिवरात्रि)

12 साल बाद मनाया जा रहा महाकुंभ

महाकुंभ 12 साल बाद आयोजित हो रहा है और इसके भव्य आयोजन में श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न सेवाएं, सुरक्षा उपाय और सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस दौरान, स्थानीय प्रशासन और सीएमओ कार्यालय स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

विश्व की आस्था का केंद्र बना Mahakumbh, विदेशी भाषाओं में गूंज उठा “जय श्री राम”, “हर हर गंगे के जयकारों” से संगम

महाकुंभ नगर भारत ही नहीं, विश्व की आस्था का केंद्र बन गया है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही अमेरिका, रूस, जर्मनी, इटली, इक्वाडोर समेत तमाम देशों के लोग सनातन संस्कृति से अभिभूत नजर आए। सभी ने संगम में डुबकी लगाई और माथे पर तिलक लगाकर संगम की रेती पर निकल पड़े। इस दौरान स्पेनिश, जर्मन, रशियन और फ्रेंच समेत कई विदेशी भाषाओं में जय श्री राम और हर हर गंगे के जयकारों से संगम का वातावरण गूंज उठा।

संगम घाट बना वर्ल्ड हॉटस्पॉट
महाकुम्भ का संगम घाट इस बार दुनिया के लिए बड़ा आकर्षण का केंद्र बना गया है। देश के साथ ही विदेशी श्रद्धालुओं ने भी इसे आध्यात्मिक अनुभव का केंद्र बताया है। जर्मनी की रहने वाली क्रिस्टीना ने बताया कि यहां आकर आत्मा को शांति मिलती है। मैंने महाकुम्भ के बारे में सुना जरूर था, लेकिन यहां आकर ऐसा लगा कि यह अनुभव अविस्मरणीय है। क्रिस्टीना का जन्म इक्वाडोर में हुआ था। बाद में इनके माता पिता जर्मनी में बस गए। इक्वाडोर के निवासी उनके साथी भी भारत की आध्यात्मिकता से अभिभूत नजर आए। उनका कहना था कि गंगा में डुबकी लगाकर ऐसा महसूस हुआ, जैसे सभी पाप धुल गए हों।

न्यूयॉर्क के हेल्परिन ने समझी भारतीय संस्कृति की गहराई  
न्यूयॉर्क से आए फैशन डिजाइनर कॉबी हेल्परिन ने कहा, भारत की संस्कृति और परंपराओं को इतने भव्य रूप में देखना मेरे लिए एक नया अनुभव है। महाकुम्भ ने मुझे भारतीय संस्कृति को गहराई से समझने का अवसर दिया। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी प्रेरणादायक है। यहां आकर उन्हें गौरव का अहसास हो रहा है।

रूस के मिखाइल के लिए जीवन का सबसे खूबसूरत मौका
रूस से आए मिखाइल और उनके दोस्तों ने संगम घाट पर गंगा स्नान कर हर हर गंगे के जयकारे लगाए। उन्होंने कहा, मैंने महाकुम्भ के बारे में पढ़ा था, लेकिन यहां आकर इसकी विशालता और दिव्यता को महसूस करना मेरे जीवन का सबसे खूबसूरत अनुभव है। यह हम सभी के लिए कभी न भूलने वाला क्षण है।

इटली और ऑस्ट्रेलिया से आए श्रद्धालु बोले, दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन
इटली से आए पाउलो ने अपने 12 सदस्यीय दल के साथ महाकुम्भ में संगम स्नान कर पावन पुण्य कमाया। उन्होंने योगी सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा, दुनिया में इतना बड़ा सांस्कृतिक आयोजन कहीं और संभव नहीं है। यह भारत की महानता को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश में यह आयोजन हो रहा है, इसके लिए यहां के शासक (सीएम योगी) भी बधाई के पात्र हैं। इसी तरह, ऑस्ट्रेलिया से आए एलेक्स ने बताया कि जर्मनी में उनके दोस्तों ने उन्हें महाकुम्भ के बारे में बताया था। भारत आकर उन्होंने इस अद्वितीय आयोजन का अनुभव किया और इसे अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया।

सनातन संस्कृति का विश्वव्यापी आकर्षण
महाकुम्भ इस बार न केवल भारतीय श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि विदेशी पर्यटकों और भक्तों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण बन गया है। विभिन्न देशों से आए श्रद्धालु भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और गंगा के महत्व को समझने और अनुभव करने के लिए उमड़ पड़े। यह आयोजन न केवल भारतीय परंपराओं का प्रतीक है, बल्कि विश्व एकता और आध्यात्मिकता का संगम भी है। महाकुम्भ एक ऐसा आयोजन है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा।

मछली खाते समय रखें इन बातों का खास ध्यान, वरना हो सकता है भारी नुकसान

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मछली खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन्स और मिनरल्स का अच्छा स्रोत है लेकिन मछली खाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। गलत फूड कॉम्बिनेशन से मछली का फायदा नुकसान में बदल सकता है। यहां कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है जिन्हें मछली के साथ खाने से बचना चाहिए।

1. दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ मछली

मछली को दूध, दही या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ नहीं खाना चाहिए। इससे पाचन समस्याएं, अपच, पेट दर्द, ब्लोटिंग और त्वचा पर सफेद दाग जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कुछ लोग मछली को दूध या दही में पकाते हैं यह आदत ठीक नहीं है। मछली को हमेशा डेयरी प्रोडक्ट्स से अलग ही खाएं।

2. खट्टे फलों के साथ मछली

मछली के साथ खट्टे फलों जैसे नींबू, संतरा, टमाटर, कीवी आदि का सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ये फल स्वभाव में एसिडिक होते हैं और मछली में मौजूद प्रोटीन के साथ रिएक्शन कर सकते हैं। इससे पेट दर्द, एसिडिटी और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

3. तली-भुनी और प्रॉसेस्ड चीजों के साथ मछली

मछली के साथ तली-भुनी चीजें या प्रॉसेस्ड फूड खाने से मछली में मौजूद पोषक तत्वों का फायदा कम हो जाता है। फ्राइड फूड में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट अधिक होते हैं जो दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक हैं।

4. ज्यादा स्टार्च वाली चीजें

आलू, पास्ता जैसे ज्यादा स्टार्च वाले फूड्स के साथ मछली का सेवन करने से बचें। इससे कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट का इनटेक ज्यादा हो जाता है जिससे पाचन धीमा पड़ सकता है और पेट भारी महसूस हो सकता है।

5. मसालेदार खाने के साथ मछली

मछली को बहुत ज्यादा मसालेदार खाने के साथ खाने से बचना चाहिए। यह मछली के स्वाद को खराब करता है और पेट में गैस, ब्लोटिंग या गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं पैदा कर सकता है।

6. फलियां और बीन्स के साथ मछली

फलियां और बीन्स में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। मछली के साथ इन्हें खाने से पेट में गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।

7. चाय और कॉफी के साथ मछली

मछली खाते समय चाय या कॉफी पीने से बचें। इससे मछली में मौजूद मर्करी (पारा) शरीर में ठीक से एब्जॉर्ब नहीं हो पाता। यह आदत सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है।

मछली खाने के सही तरीके

: मछली हमेशा ताजी और साफ-सुथरी होनी चाहिए।
: मछली को हल्के मसाले और कम तेल में पकाएं।
: पचने में आसान चीजों के साथ मछली का सेवन करें।
: खाने के तुरंत बाद पानी पीने से बचें।

यशस्वी जायसवाल बनेंगे टेस्ट कप्तान? चैंपियंस ट्रॉफी के लिए इसलिए हो रही टीम के एलान में देरी, सामने आई बड़ी वजह

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पाकिस्तान और दुबई में 19 फरवरी से होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बांग्लादेश, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और अफगानिस्तान ने अपनी टीमें घोषित कर दी हैं, लेकिन भारत ने अभी इसकी घोषणा नहीं की है।

मुंबई में शनिवार को भारतीय चयनकर्ताओं के साथ कप्तान रोहित शर्मा और कोच गौतम गंभीर की बैठक में इंग्लैंड के विरुद्ध वनडे टीम और चैंपियंस ट्रॉफी के लिए टीम भी लगभग चुन ली गई है, लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और स्पिनर कुलदीप यादव की फिटनेस पर असमंजस होने के कारण अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मालूम हो कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पांचवें टेस्ट मैच में बुमराह को चोटिल होने के कारण बीच मैदान से स्कैन के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा था। आधिकारिक तौर पर अभी यही बताया गया है कि उनकी कमर की मांसपेशियों में खिंचाव है, लेकिन जिस तरीके से उनकी चोट को गुप्त रखा जा रहा है उससे पता चलता है कि मामला कुछ और है। 

यही नहीं कुलदीप भी अभी बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस में रीहैब कर रहे हैं। अभी वहां से उनके मैच फिट होने की रिपोर्ट नहीं आई है। 25 या 26 जनवरी तक कुलदीप फिट हो सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव को चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में रखने को लेकर सहमति बन गई है।

शमी हाल ही में चोट से वापसी करने के बाद भारत की टी-20 टीम में शामिल हुए हैं। ऐसे में चयनकर्ता फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। बुमराह के बारे में यह बताया जा रहा है कि उन्हें अब भी सूजन है। वह भी बेंगलुरु में रीहैब करेंगे। ऐसे में उनका चैंपियंस ट्रॉफी में खेलना संदिग्ध है। 

कौन बनेगा टेस्ट में कप्तान

दैनिक जागरण ने पहले ही बताया था कि शनिवार को मुंबई में हुई समीक्षा बैठक में भविष्य के कप्तान को लेकर चर्चा हुई थी। इसमें रोहित ने कहा था कि मैं कुछ महीनों तक खेलूंगा तब तक आप लोग भविष्य का कप्तान चुन लें। बुमराह भारत के टेस्ट कप्तान बनने की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन फिटनेस संबंधी चिंताओं को देखते हुए वह लंबे समय के विकल्प नहीं लगते। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पहले और आखिरी टेस्ट में कप्तानी की, लेकिन चोट के कारण वह पांचवां मैच पूरा नहीं खेल सके। 

ये माना जा रहा है कि रोहित चैंपियंस ट्रॉफी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलेंगे। भारतीय टीम को अगली टेस्ट सीरीज जून-जुलाई में इंग्लैंड के विरुद्ध उसके घर में खेलनी है। रोहित के पांच टेस्ट मैचों के लिए इंग्लैंड जाने की संभावना बहुत कम है। ऐसे में 31 वर्षीय बुमराह हेडिंग्ले में पहले टेस्ट में टीम की अगुआई करेंगे। 

यशस्वी हैं गंभीर की पसंद

203 अंतरराष्ट्रीय मैच में 443 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया में 32 विकेट लेकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने थे। यह विदेशी धरती पर किसी भारतीय द्वारा झटके सर्वाधिक विकेट हैं। समीक्षा बैठक में एक मजबूत उपकप्तान को लेकर भी चर्चा हुई क्योंकि 30 साल के हो चुके बुमराह टेस्ट के अलावा वनडे और टी-20 में भी उपयोगी हैं। चयनकर्ता टेस्ट में पंत को कप्तान बनाना चाहते हैं, लेकिन कोच गंभीर को यशस्वी जायसवाल पसंद आ सकते हैं। 

समीक्षा बैठक में यह भी चर्चा हुई कि टी-20 में सूर्यकुमार यादव कप्तान हैं। उनकी जगह वनडे टीम में नहीं है, ऐसे में वह वनडे के कप्तान हो नहीं सकते। तीन प्रारूप में तीन कप्तान रखना उचित नहीं। ऐसे में क्या बुमराह वनडे और टेस्ट दोनों में कप्तानी कर सकते हैं। इसका एक विकल्प है कि एक मजबूत उपकप्तान हो जो बुमराह के आराम लेने पर कप्तानी कर सके जैसा आस्ट्रेलिया में पैट कमिंस के आराम लेने पर होता है।

विराट कोहली ने जिसे टीम से किया बाहर, उस खिलाड़ी की 8 साल बाद वापसी कराएंगे अजीत अगरकर!

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इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में चेन्नई में तिहरा शतक जमाने वाले करुण नायर आठ साल से टीम से बाहर हैं। इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई उनकी ये पारी ऐतिहासिक पारी है क्योंकि नायर ने अपने पहले ही टेस्ट शतक को तिहरे में बदला था, लेकिन इसके बाद नायर को ज्यादा मौके नहीं मिले और वह टीम से बाहर कर दिए गए। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने हार नहीं मानी और अब एक बार फिर वह सेलेक्टर्स की रडार पर हैं।

विराट कोहली की कप्तानी में करुण नायर साल 2018 में इंग्लैंड दौरे पर गए थे। इसके बाद वह टीम से बाहर कर दिए गए। तब से नायर टीम में वापसी की कोशिश में हैं। हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने शतक पर शतक जमा सेलेक्टर्स का ध्यान खींचा। नायर ने भारत के लिए छह टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें 374 रन बनाए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने नाबाद 303 रन बनाए थे।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नायर ने विजय हजारे ट्रॉफी में विदर्भ की तरफ से खेलते हुए जो प्रदर्शन किया है उसने अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली सीनियर चयन समिति को ध्यान देने पर मजबूर किया है और कमेटी उन पर ध्यान भी दे रही है। अगर उनकी टेस्ट टीम में वापसी हो जाए तो इसमें हैरानी नहीं होगी। 

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली की टेस्ट टीम में जगह पर संकट है। ऐसे में नायर टीम के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं जो टीम में इनका स्थान ले सकते हैं। नायर के पास घरेलू क्रिकेट का अनुभव है और वह अपने अनुभव से सीनियर खिलाड़ी का किरदार निभा सकते हैं। 

खेलने को नहीं मिल रही थी टीम

नायर यूं तो कर्नाटक की टीम से खेलते थे, लेकिन एक समय ऐसा आ गया था जब घरेलू क्रिकेट में उनके पास खेलने को टीम नहीं थी। फिर उन्होंने भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अभय कुलकर्णी की मदद मांगी और फिर उन्होंने नायर को विदर्भ की टीम में जगह दिलाई।

 

नायर ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, “वह ( कुलकर्णी) अंडर-19 टीम के समय में मेरे सेलेक्टर थे। मेरे पास ये आजादी थी कि मैं उनके पास जा सकूं। मैंने उनसे बात की और बताया कि सर मैं एक नई टीम देख रहा हूं तो क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं। इस तरह मैं विदर्भ आया।”

Himachal Weather: हिमाचल में इस दिन से फिर बारिश-बर्फबारी के आसार, घने कोहरे का येलो अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में 14 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से राज्य के मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में 16 से 19 जनवरी तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। वहीं, निचले पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग शिमला ने बताया कि 15 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है।

हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण राज्य के कई हिस्सों में शीतलहर तेज हो गई है। ऊपरी शिमला के इलाकों में फिसलन के कारण वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

वहीं, अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। निचले पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में 13 से 15 जनवरी के बीच घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह स्थिति यात्रा और सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।

बर्फबारी वाले क्षेत्रों में यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति जांच लें। कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें। ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और हीटर या अन्य सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करें। हिमाचल प्रदेश में मौसम की इन परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखें।

Aishwarya Rai Bachchan बनने वाली थीं ‘मेला’ की ‘रूपा’, डायरेक्टर ने बताया- क्यों ऐन मौके पर फिल्म से हुईं बाहर

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ऐश्वर्या राय बच्चन ने साल 1997 में अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। इससे पहले वह मॉडलिंग वर्ल्ड में एक बड़ा नाम थीं। जैसे ही वह फिल्मों में आईं, वो छा गईं। उन्होंने साउथ फिल्म इरुवर से डेब्यू किया और बॉलीवुड में और प्यार हो गया मूवी से कदम रखा। मगर शायद ही आपको पता हो कि यह उनकी डेब्यू फिल्म नहीं होती अगर वह राजा हिंदुस्तानी के लिए हामी भर देतीं।

जी हां, ऐश्वर्या राय को पहले राजा हिंदुस्तानी के लिए अप्रोच किया गया था जो साल 1996 में रिलीज हुई थी। यही नहीं, अभिनेत्री फिल्म मेला के लिए भी पहली पसंद थीं। इसका खुलासा डायरेक्टर धर्मेश प्रधान ने किया है। फिल्म मेला के 25 साल पूरे होने पर उन्होंने इससे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है। 

ऐश्वर्या राय थीं पहली पसंद

बॉलीवुड हंगामा के साथ बातचीत में धर्मेश प्रधान ने खुलासा किया है कि राजा हिंदुस्तानी और मेला के लिए उनकी पहली पसंद ऐश्वर्या राय थीं, लेकिन मिस वर्ल्ड पेजेंट की वजह से वह यह फिल्में नहीं कर पाईं। जब डायरेक्टर से पूछा गया कि क्या ऐश्वर्या मेला के लिए ओरिजिनल च्वॉइस थीं। इस पर उन्होंने कहा, “हां, वह ओरिजिनल च्वाइस थीं। राजा हिंदुस्तानी (1996) में मेमसाब की भूमिका के लिए भी वह मेरी पहली पसंद थीं।”

क्यों मेला नहीं कर पाईं ऐश्वर्या?

धर्मेश प्रधान ने बताया कि आखिर ऐश्वर्या राय यह फिल्म क्यों नहीं कर पाई थीं। डायरेक्टर ने कहा, “मेरा दिल उन पर आ गया था, लेकिन उन्हें तुरंत मिस वर्ल्ड के लिए जाना था। मैं कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था क्योंकि मुझे एक ऐसी अभिनेत्री चाहिए थी जो अपना पूरा समय फिल्म और बॉलीवुड को दे सके। यह उनकी शान थी कि उन्होंने इसे अपने दिल में नहीं रखा।”

डायरेक्टर के फैसले पर हैरान हो गए थे लोग

धर्मेश प्रधान ने मेला में कैमियो करने के लिए ऐश्वर्या राय की तारीफ की और कहा कि शाह रुख और सलमान जैसे स्टार्स के साथ काम करने के बावजूद उनमें कोई घमंड नहीं था। उन्होंने कैमियो सीन के लिए घंटों शूट में अपना समय दिया। डायरेक्टर ने यह भी बताया कि ऐश्वर्या की जगह ट्विंकल को लीड रोल में लेने के चलते लोग उनसे तरह-तरह के सवाल करते थे। उन्होंने कहा, “मैं कई महिलाओं से मिला जिन्होंने मुझसे कहा, ‘क्या सर, आपने ऐश्वर्या को कैमियो दिया और ट्विंकल खन्ना को इतना बड़ा रोल दे दिया।'”

Fateh: फैंस को Sonu Sood ने दिया खास तोहफा, अब हर कोई थिएटर्स में देख लेगा फतेह!

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फिल्मों में विलेन का रोल निभाकर पॉपुलर हुए सोनू सूद (Sonu Sood) इन दिनों सुर्खियों में हैं। हाल ही में उनकी फिल्म फतेह (Fateh Movie) 10 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। ओपनिंग डे पर ही मेकर्स ने फिल्म को 99 रुपये में देखने का मौका दिया। इसके बाद अब मेकर्स ने फैंस को एक और बड़ा तोहफा दे दिया है।

ओपनिंग डे पर सोनू सूद की मूवी ने 2.4 करोड़ का कलेक्शन किया। इसके बाद फिल्म की कमाई में थोड़ी गिरावट देखने को मिली। बॉक्स ऑफिस पर सोनू सूद की फिल्म गेम चेंजर को टक्कर नहीं दे पा रही है, लेकिन बजट के हिसाब से देखे तो फतेह का कलेक्शन ठीक-ठाक माना जा सकता है। 

मेकर्स ने दिया फैंस को बड़ा तोहफा

सोनू सूद ने बतौर निर्देशक फतेह फिल्म से शुरुआत की है। मूवी में उनकी दमदार एक्टिंग देखने को मिल रही है। स्क्रीन पर जैकलीन फर्नांडिस के साथ उनकी जोड़ी को भी फैंस पसंद कर रहे हैं। अब मेकर्स ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिससे पता चल रहा है कि वह दर्शकों को सिनेमाघरों में आकर्षित करने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते हैं।

फतेह की एक टिकट पर दूसरी बिल्कुल फ्री मिल रही है। जी हां, मेकर्स ने एक्स पोस्ट के जरिए इस बात की घोषणा की है। ऑफर का लाभ उठाने के लिए आपको टिकट बुक करते समय ‘FATEH’ कोड का इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, यह ऑफर 13 और 14 जनवरी के लिए ही है। अगर आप इन दिनों में फिल्म देखने का प्लान बना रहे हैं तो आपको फायदा हो सकता है।

फतेह ने बॉक्स ऑफिस पर कर ली है इतनी कमाई

सोनू सूद की फिल्म फतेह बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा बेहतर प्रदर्शन फिलहाल तक करती नजर नहीं आ रही है। सौकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फतेह ने पहले दिन 2.4 करोड़ से खाता खोला। वहीं, रविवार को फिल्म ने 2.17 करोड़ का कलेक्शन किया। फिलहाल तक मूवी की कुल कमाई 6.83 करोड़ हो गई है। आने वाले दिनों में देखना दिलचस्प होगा कि इसकी कमाई में बढ़ोतरी होती है या नहीं। 

फिल्म के बारे में बात करें तो फतेह में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस की जोड़ी बनी है। इसके अलावा, नसीरुद्दीन शाह और विजय राज को भी महत्वपूर्ण भूमिका में देखा गया है।

‘मैं भिखारी हूं और…’, जब नवजात बच्ची की मौत से Govinda को पहुंचा था गहरा सदमा, झकझोर देगा दर्द भरा किस्सा

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अपने बच्चे को खोने का दर्द क्या होता है, यह सिर्फ माता-पिता का दिल ही जानता है। बच्चे को खोने के इस दर्द से बॉलीवुड स्टार गोविंदा भी गुजर चुके हैं। गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने एक बच्चे को बचपन में ही खो दिया था। एक चैट शो में अभिनेता ने बच्चा खोने का दर्द बयां किया था। 

गोविंदा ने साल 1987 में सुनीता आहूजा के साथ शादी रचाई थी। सुनीता से अभिनेता को तीन बच्चे हुए। दूसरी बेटी प्रीमेच्योर थी। उन्होंने आठवें महीने में ही दूसरी बच्ची को जन्म दे दिया था। तीन महीने तक सर्वाइव करने के बाद मेडिकल कॉम्प्लीकेशंस की वजह से उसकी मौत हो गई थी। इससे गोविंदा और सुनीता दोनों टूट गए थे। 

बेटी की मौत से टूट गए थे एक्टर

गोविंदा ने एक चैट शो में बच्ची को खोने का दर्द बयां किया था। उन्होंने बताया था कि मां के कहने पर जब वह अपनी बेटी को गुजरात के नर्मदा नदी में बहाने गए थे, तब उन्होंने कुछ ऐसा देखा था जिसके बाद वह खुद को भिखारी मानने लगे थे। गोविंदा ने अपनी और सुनीता की शादी में सबसे बुरे दौर को याद करते हुए एक चैट शो में कहा था- 

बिटिया रानी का जब हुआ था। वह किसी भी परिवार के लिए बहुत दुख की घड़ी होगी। मेरी बेटी, वह बहुत कमजोर थी। प्रीमेच्योर बेबी थी। मेरी मम्मी ने मुझे आदेश दिया कि गुजरात के नर्मदा नदी में उसे बहा दो।

गोविंदा ने आगे बताया था कि जब वह नदी के पास अपनी नवजात बच्ची को बहाने गए, तब उन्होंने वहां कुछ ऐसा देखा जिसने उन्हें भावुक कर दिया। एक भिखारी महिला अपने बच्चे के साथ रोड पर भीख मांग रही थी। वह अभिनता की गाड़ी पर भी खटखटा रही थी, लेकिन जैसे ही उन्होंने एक्टर की गोद में बेजान बच्ची को देखा, वह वहां से चली गई। गोविंदा ने आगे बताया था-

 

तो उसने अपने बच्चे को समेटा और मेरी तरफ से भाग गई। उस वक्त मुझे ऐसा लगा कि मैं भिखारी हूं और ये मालकिन है। तो जीवन है, ये आपको स्टारडम में भी भिखारी से बद्तर बात दिखाता है और कभी कभी बहुत ही गरीबी और लाचारी में बादशाह से बढ़कर चीज दिखाता है।

गोविंदा और सुनीता के अभी दो बच्चे हैं- टीना और यशवर्धन। टीना एक्ट्रेस हैं और सेकंड हैंड हसबैंड, ड्राइविंग मी क्रेजी और कागज जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं।

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