Wednesday, February 4, 2026
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सरकार का बुनियादी ढांचा निवेश वित्त वर्ष 2026 में विकास को गति देगा

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वित्तीय सेवा फर्म प्रभुदास लीलाधर (पीएल) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे, रक्षा, बिजली और डेटा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश पर केंद्र सरकार के प्रयासों से वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष) 2026 और उसके बाद विकास की गति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार, पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) खर्च में तेजी लाने के लिए सरकार के प्रयासों के कारण धीरे-धीरे आर्थिक सुधार की नींव आकार लेती दिख रही है। वित्त वर्ष 2025 के लिए केंद्र द्वारा कुल पूंजीगत व्यय 11.1 ट्रिलियन रुपए निर्धारित किया गया था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि इन क्षेत्रों में ऑर्डर गतिविधि में वृद्धि के शुरुआती संकेत त्वरित निष्पादन की क्षमता को उजागर करते हैं, जो व्यापक आर्थिक पुनरुद्धार के लिए उत्प्रेरक के रूप मेंकार्य कर सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “अक्टूबर में खाद्य मुद्रास्फीति 10.9 प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है और सरकार पूंजीगत व्यय में तेजी लाने की कोशिश कर रही है, इसलिए हमें धीरे-धीरे आर्थिक सुधार की उम्मीद है। हम रेलवे, रक्षा, बिजली, डेटा सेंटर आदि में ऑर्डरिंग की गति में तेजी देख रहे हैं, जिसके क्रियान्वयन से वित्त वर्ष 26 और उसके बाद विकास में तेजी आएगी।” इसमें कहा गया है कि आगामी बजट इस सुधार को आकार देने में सहायक होगा, जिसमें मध्यम वर्ग के खर्च को बढ़ावा देने और राजकोषीय अनुशासन को संतुलित करने के उद्देश्य से विकास-संचालित फोकस की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि राजस्व संग्रह लक्ष्य से कम हो सकता है लेकिन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए अपेक्षित उपाय मांग को प्रोत्साहित करने और दीर्घकालिक विकास का समर्थन करने के लिए बहुत जरूरी बढ़ावा दे सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों के लिए, हाल ही में विकसित परिदृश्य कई संरचनात्मक विषयों में आकर्षक अवसर प्रदान करता है। पूंजीगत सामान, बुनियादी ढांचे और उभरती प्रौद्योगिकियों को शामिल करते हुए भारत की पूंजीगत व्यय कहानी एक प्रमुख विकास चालक के रूप में सामने आती है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, विवेकाधीन उपभोग और वित्तीयकरण जैसे क्षेत्रों को सुधार से लाभ मिलने की उम्मीद है, रिपोर्ट में कहा गया है।

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की चमकी किस्मत, मिला सोने का भंडार, कीमत जान रह जाएंगे हैरान

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सोने को हमेशा से एक सुरक्षित निवेश और सेफ हैवेन माना जाता है, क्योंकि मुसीबत के समय यह मूल्यवान साबित होता है। बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के पास भारी गोल्ड रिजर्व होते हैं और भारत के पास 876 टन का गोल्ड रिजर्व है। इस बीच पाकिस्तानी पंजाब प्रांत के पूर्व खनन मंत्री इब्राहिम हसन मुराद ने एक अभूतपूर्व खोज का खुलासा किया है, जिसमें कहा गया है कि अटक में 32 किलोमीटर के क्षेत्र में 28 लाख तोला (2.8 मिलियन तोला) सोना फैला है, जिसकी कीमत 800 अरब पाकिस्तानी रुपए (80,000 करोड़ पाकिस्तानी रुपए) है। मंत्री का दावा है कि पाकिस्तान के भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा सत्यापित यह खोज पंजाब के प्राकृतिक संसाधनों की अपार संभावनाओं को उजागर करती है।

सोना होने की पुष्टि का किया दावा

पूर्व खनन मंत्री ने एक्स पर किए पोस्ट में आगे लिखा है कि इस विशाल स्वर्ण भंडार का व्यापक शोध के जरिये 28 लाख तोला सोना होने की पुष्टि की गई है। उनका कहना है कि इससे आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। इसकी वैल्यू 80,000 करोड़ पाकिस्तानी रुपए है। पूर्व मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 127 स्थलों से गहन नमूना लिया। यह मील का पत्थर पाकिस्तान की खनिज संपदा को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आर्थिक पुनरोद्धार और भावी पीढ़ियों के लिए नए अवसरों का मंच तैयार करता है।

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पाकिस्तान के पास कितना सोना

ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुमान के आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्तान में स्वर्ण भंडार 2024 की दूसरी तिमाही के 64.69 टन से बढ़कर 2024 की तीसरी तिमाही में 64.72 टन हो जाएगा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, पाकिस्तान में स्वर्ण भंडार 2000 से 2024 तक औसतन 64.82 टन रहा, जो 2007 की चौथी तिमाही में 65.43 टन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और 2010 की पहली तिमाही में 64.39 टन के न्यूनतम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति

कैश की किल्लत झेल रहे पाकिस्तान की आर्थिक हालात काफी खस्ता है। हालांकि बीते अक्टूबर में वर्ल्ड बैंक का कहना था कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, हाल के आर्थिक संकट से स्थिर हो रही है, और जून 2024 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष में विकास दर 2.5 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। द डायनेमिक्स ऑफ पावर सेक्टर डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म में पाया गया है कि वित्त वर्ष 2023 में मंदी के बाद, वित्त वर्ष 2024 में आर्थिक गतिविधि मजबूत हुई, जो मजबूत कृषि उत्पादन, कम मुद्रास्फीति, विवेकपूर्ण व्यापक आर्थिक उपायों और कम राजनीतिक अनिश्चितता को दर्शाती है। लेकिन विकास का यह स्तर गरीबी दर को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह वित्त वर्ष 2023 में 40.2 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 40.5 प्रतिशत हो गई।

भारत में अक्षय ऊर्जा क्षमता में 2024 तक 113 प्रतिशत की वृद्धि होगी: केंद्र

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नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने पिछले वर्ष लगभग 30 गीगावाट (गीगावाट) नई अक्षय ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जो 2023 में जोड़े गए 13.75 गीगावाट की तुलना में 113 प्रतिशत अधिक है। विस्तार के साथ, भारत की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता 218 गीगावाट तक पहुंच गई है। भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, देश को अगले छह वर्षों में हर साल कम से कम 50 गीगावाट नई अक्षय ऊर्जा क्षमता स्थापित करनी होगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, “2023 में 13.75 गीगावाट से 2024 में लगभग 30 गीगावाट तक की घातीय वृद्धि, जिसके परिणामस्वरूप अब लगभग 218 गीगावाट प्राप्त करना स्वच्छ ऊर्जा के प्रति भारत की बढ़ती प्रतिबद्धता और हरित भविष्य के निर्माण में इसकी प्रगति को रेखांकित करता है।” मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च, 2014 तक भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता 35.84 गीगावाट थी।

वित्त वर्ष 2014-15 के बाद से, भारत ने 2023-24 में 18.48 गीगावाट की उच्चतम अक्षय क्षमता वृद्धि दर्ज की। जेएमके रिसर्च के अनुसार, भारत ने कैलेंडर वर्ष 2024 (जनवरी से दिसंबर) में 4.59 गीगावाट की नई रूफटॉप सौर क्षमता स्थापित की, जो 2023 की तुलना में 53 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कारण है, जिसे इस साल की शुरुआत में लॉन्च किया गया था। इस योजना ने देश भर में केवल 10 महीनों में 7 लाख रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की सुविधा प्रदान की।

पवन ऊर्जा क्षेत्र में 2024 में 3.4 गीगावाट की नई क्षमता वृद्धि देखी गई, जो 2023 की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। 2024 में स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता का 98 प्रतिशत तीन राज्यों – गुजरात (1,250 मेगावाट), कर्नाटक (1,135 मेगावाट) और तमिलनाडु (980 मेगावाट) से होगा।

Stock Markets Update: शेयर बाजार में भूचाल, 900 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स, निफ्टी 23,117 के करीब

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हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी आज सोमवार (13 जनवरी) को सेंसेक्स में करीब 929 अंक की गिरावट देखने को मिल रही है। ये 76,449 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी में भी 300 अंक से ज्यादा की गिरावट है, ये 23,117 पर कारोबार कर रहा है।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 5 में तेजी जबकि बाकी 25 में गिरावट है। वही, निफ्टी के 50 शेयरों में से 6 में तेजी और 44 में गिरावट है। NSE सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी रियल्टी में 5.49% की गिरावट है। इसके अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 3.60%, मीडिया में 3.21%, मेटल में 2.52% और निफ्टी ऑटो में 1.99% की गिरावट देखने को मिल रही है।

ग्लोबल मार्केट में गिरावट रही

  • पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार (10 जनवरी) को एशियाई बाजार में जापान के निक्‍केई में 1.05% की गिरावट रही। वहीं, कोरिया का कोस्पी आज 1.21% गिरावट के साथ करोबार कर रहा है।चीन के शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स में भी आज 0.45% की गिरावट देखने को मिल रही है।
  • NSE के डेटा के अनुसार, 10 जनवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 2,254.68 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 3,961.92 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
  • 10 जनवरी को अमेरिका का डाओ जोंस 1.63% गिरकर 41,938 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 1.54% गिरावट के बाद 5,827 जबकि नैस्डैक इंडेक्स 1.63% गिरकर 19,161 के स्तर पर बंद हुए।

बीते हफ्ते 1845 अंक गिरा था शेयर बाजार

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार (10 जनवरी) को सेंसेक्स 241 अंक गिरकर 77,378 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 95 अंक की गिरावट रही, ये 23,431 के स्तर पर बंद हुआ। BSE स्मॉलकैप 1298 अंक की गिरावट के साथ 52,722 के स्तर पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 में गिरावट और 8 में तेजी रही। निफ्टी के 50 शेयरों में से 36 में गिरावट और 14 में तेजी रही। जबकि एक शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुआ। NSE सेक्टोरल इंडेक्स में IT सेक्टर में 3.44%की रही। इसके अलावा सभी सेक्टर गिरावट के साथ बंद हुए। मीडिया सेक्टर सबसे ज्यादा 3.59 % गिरा। वहीं, हफ्तेभर के कारोबार के बाद शेयर बाजार 1845 अंक गिरा है।

प्रयागराज: Mahakumbh में इंटरव्यू ले रहे शख्स पर भड़के बाबा, चिमटे से कर डाली पिटाई, देखें वायरल Viral

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है। देश और विदेश से लाखों लोग इस अद्भुत धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक बाबा ने इंटरव्यू के दौरान सवाल पूछने वाले शख्स की चिमटे से पिटाई कर दी।

क्या है पूरा मामला?

महाकुंभ में कई साधु-संत पहुंचे हैं जिनमें से कुछ अपनी योग और सिद्धियों के कारण आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन्हीं में से एक हैं महाकाल गिरी बाबा जो पिछले 9 सालों से अपना एक हाथ ऊपर उठाकर रखे हुए हैं। बाबा के इस तप और साधना की वजह से लोग उनसे बातचीत करने और उनके अनुभव जानने के लिए पहुंच रहे हैं।

हाल ही में बाबा एक यूट्यूबर को इंटरव्यू दे रहे थे। बातचीत के दौरान जब यूट्यूबर ने कुछ ऐसे सवाल पूछे जो बाबा को पसंद नहीं आए तो बाबा गुस्से में आ गए। बाबा ने गुस्से में अपना चिमटा उठाया और सवाल पूछने वाले शख्स की पिटाई कर दी। वीडियो में दिख रहा है कि बाबा के गुस्से के बाद वहां मौजूद लोग डरकर भागने लगे।

बाबा ने क्या कहा?

बाबा ने कहा कि महाकुंभ जैसे पवित्र आयोजन में इस तरह के सवाल नहीं पूछे जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि महात्माओं और साधु-संतों का अपमान सहन नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

: एक यूजर ने लिखा, “यूट्यूबर्स ने बाबा को परेशान कर दिया है। भक्तों से ज्यादा तो यूट्यूबर महाकुंभ में पहुंच चुके हैं।”
: दूसरे ने लिखा, “महात्मा ने सही किया। बहुत से लोग संतों से उल्टे-सीधे सवाल पूछकर मजाक बनाने की कोशिश करते हैं। उन्हें सबक सिखाना जरूरी है।”

महाकुंभ का माहौल

महाकुंभ में साधु-संतों का आना और अपनी योग-सिद्धियों का प्रदर्शन करना हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र रहा है। इस बार भी कई साधु अपने तप और अनोखी साधना से लोगों को चकित कर रहे हैं। आयोजकों ने श्रद्धालुओं और संतों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर कई कदम उठाए हैं।

पंजाबियों के लिए जरूरी खबर, 31 जनवरी तक मिला ये आखिरी मौका…

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प्रशासनिक सुधार और जन शिकायत विभाग, पंजाब द्वारा सितम्बर 2019 में ‘ई-सेवा पोर्टल’ पर लॉन्च किए गए ‘शस्त्र लाइसैंस और संबद्ध सेवाएं’ पाने से वंचित जिले के लगभग एक हजार लाइसैंसी शस्त्र धारकों को जिला शासन 31 जनवरी से पहले ‘ई-सेवा पोर्टल’ के माध्यम से अपना हथियार लाइसैंस डेटा/नवीनीकरण करवाने का एक आखिरी मौका दे रहा है।

सहायक आयुक्त (जनरल) डॉ. अंकिता कंसल द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, वर्ष 2019 के बाद ‘ई- सेवा पोर्टल’ पर पंजीकरण/नवीनीकरण नहीं कराने वाले ऐसे एक हजार लाइसैंसी हथियार धारकों की सूची जिला प्रशासन की वैबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। यदि ये लाइसैंस धारक 31 जनवरी से पहले जिले के सेवा केंद्रों पर ‘ई- सेवा पोर्टल’ पर अपने लाइसैंस का नवीनीकरण नहीं कराते हैं, तो बिना कोई सूचना दिए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसके तहत उनके लाइसैंस की वैधता पर असर पड़ेगा।

School holidays: 15 जनवरी तक स्कूली बच्चों के लिए छुट्टियां घोषित…ठंड बढ़ने पर लिया फैसला

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उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। गाजियाबाद में कक्षा 8 तक के स्कूल 18 जनवरी तक बंद रहेंगे, जबकि गोरखपुर में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। ये निर्णय गिरते तापमान और बढ़ते कोहरे के चलते बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

गाजियाबाद जिला प्रशासन ने इस कदम को बच्चों की सुरक्षा और ठंड के प्रभाव से बचाने के लिए आवश्यक बताया है। गाजियाबाद के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, “हमारी प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा है, और ठंड के प्रभाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।” वहीं, गोरखपुर में भी जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि कोहरे और गिरते तापमान के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, इसलिए स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।

वहीं, हरियाणा में शिक्षा विभाग ने 1 जनवरी से 15 जनवरी तक स्कूली बच्चों के लिए छुट्टियां घोषित की थीं, ताकि वे ठंड से बच सकें। लेकिन अब ठंड के कहर को देखते हुए राज्य सरकार स्कूलों की छुट्टियां और बढ़ाने पर विचार कर सकती है। पहले के नोटिफिकेशन के अनुसार, 16 जनवरी से स्कूलों का संचालन शुरू होना था, लेकिन रात के समय तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि या तो छुट्टियां और बढ़ाई जा सकती हैं, या फिर स्कूलों के समय में बदलाव किया जा सकता है।

अमेरिका में 7 दिन से तबाही मचा रही भीषण आग ! सब कुछ राख, अब तक 26 लोगों की मौत,

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अमेरिका के पश्चिमी तटीय लॉस एंजिलिस (Los Angeles)  क्षेत्र में जंगल में लगी आग में मरने वालों की संख्या 26 हो गई है और हजारों घर तबाह हो गए। मौसम विज्ञानियों ने इस सप्ताह हवाओं के और तेज होने के पूर्वानुमान जताया है जिसके मद्देनजर अग्निशमन दल ने आग बुझाने की कवायद तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 16 लोग लापता हैं और इनकी संख्या बढ़ सकती है।

राष्ट्रीय मौसम सेवा ने बुधवार तक भीषण आग की स्थिति के लिए उच्च श्रेणी की चेतावनी जारी की है। राष्ट्रीय मौसम सेवा ने क्षेत्र में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है और पर्वतीय क्षेत्रों में हवा की गति 113 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। मौसम विज्ञानी रिच थॉम्पसन ने कहा कि मंगलवार को आग के और प्रचंड होने की आशंका रहेगी। लॉस एंजिलिस काउंटी के अग्निशमन प्रमुख एंथनी सी मारोन ने कहा कि आग बुझाने की कवायद में तेजी लाने के लिए पानी के 70 अतिरिक्त ट्रक पहुंचे हैं। लॉस एंजिलिस काउंटी के शेरिफ रॉबर्ट लूना ने कहा कि ईटॉन क्षेत्र में आग लगने की घटना में 12 लोगों के लापता होने की सूचना है और पैलिसेड्स से चार लोग लापता हैं।

लूना ने कहा कि रविवार सुबह कई और लोगों के लापता होने की सूचना मिलने की आशंका है और अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि जिन लोगों की अब तक मौत हो चुकी है उनमें से ऐसे लोग कितने हैं जिनके लापता होने की सूचना दर्ज की गई है। इस बीच, मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। लॉस एंजिलिस काउंटी कोरोनर के कार्यालय ने रविवार शाम एक बयान में कहा कि पैलिसेड्स क्षेत्र में आग के कारण आठ लोगों की जान चली गई जबकि ईटॉन क्षेत्र में आग के कारण 16 लोगों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है। अधिकारियों ने एक केंद्र स्थापित किया है जहां लापता लोगों की सूचना दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारी आग में क्षतिग्रस्त हुए या तबाह हुए घरों का ऑनलाइन आंकड़ा तैयार कर रहे हैं

अचानक खतरनाक रूप से जहरीली हो गई बांग्लादेश की हवा ! दवा भी बेअसर, अस्पतालों में मंडराने लगी मौत

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बांग्लादेश की हवा अचानक खतरनाक रूप से जहरीली हो गई है। ढाका के अस्पतालों में हवा में मौजूद दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया (ड्रग-रेजिस्टेंट बैक्टीरिया) गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं। ये बैक्टीरिया मरीजों और अस्पताल के स्टाफ के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। फरवरी से जून 2023 के बीच एक स्टडी के जरिए ढाका के चार प्रमुख अस्पतालों की हवा की जांच की गई। इन अस्पतालों में ढाका मेडिकल कॉलेज, बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी, ख्वाजा बदरुद्दुजा मॉडर्न अस्पताल और मोन्नो मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।

अस्पतालों की हवा में 11 प्रकार के बैक्टीरिया पाए गए। इनमें स्टैफिलोकोकस ऑरियस, ई. कोलाई और स्यूडोमोनास एरुजिनोसा जैसे खतरनाक बैक्टीरिया शामिल हैं। ये बैक्टीरिया निमोनिया, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और रक्त संक्रमण जैसी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं। स्टडी में पता चला कि अस्पतालों में PM2.5 और PM10 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों से कई गुना अधिक है। ढाका मेडिकल कॉलेज में PM2.5 का स्तर 220.60 µg/m³ तक पहुंच गया। ये सूक्ष्म कण फेफड़ों और खून में पहुंचकर शरीर को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। एंटीबायोटिक प्रतिरोध (AMR) अब पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे मानव स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए “मूलभूत खतरा” करार दिया है। हर साल AMR के कारण करीब 8 लाख मौतें होती हैं।

क्या है कारण ?  

  • – अस्पतालों में भीड़भाड़ और खराब वेंटिलेशन।
  • – पुराने फर्नीचर और इमारतें।
  • – एंटीबायोटिक्स के अनियंत्रित इस्तेमाल ने बैक्टीरिया को प्रतिरोधी बना दिया है।

क्या  है समाधान? 

  • – संक्रमण रोकने के लिए सख्त नियम लागू करना जरूरी है।
  • – एंटीबायोटिक्स के इस्तेमाल पर सख्त निगरानी रखनी होगी।
  • – पर्यावरण में AMR की निगरानी के लिए नई योजनाएं बनानी होंगी।

Republic Day से पहले China ने चली घुसपैठ की नई चाल

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चीन ने एक बार फिर से भारत-चीन सीमा (LAC) पर अपनी सैन्य गतिविधियों को बढ़ा दिया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने LAC के पास युद्धाभ्यास शुरू कर दिए हैं, जो न केवल एक सैन्य प्रशिक्षण का हिस्सा है, बल्कि चीन की रणनीतिक योजना का भी हिस्सा प्रतीत हो रहा है। इस अभ्यास में ड्रोन और मानव रहित प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यह साफ़ है कि चीन अपनी सैन्य ताकत को और अधिक उन्नत करने में जुटा हुआ है।

युद्धाभ्यास में हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल हुआ

चीन के इस युद्धाभ्यास में उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसे ड्रोन, मानव रहित सिस्टम (UAVs), और एक्सोस्केलेटन। विशेष रूप से, चीन के सैनिक अब ऊंचाई वाले इलाकों में इन तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो उन्हें बेहद कुशल बनाता है। एक्सोस्केलेटन की मदद से सैनिक अपनी ताकत और गति को बढ़ाकर कठिन इलाकों में बेहतर प्रदर्शन कर पा रहे हैं।

भारत-चीन के बीच समझौते के बावजूद बढ़ी घबराहट

भारत और चीन के बीच 21 अक्टूबर 2024 को एक समझौता हुआ था, जिसके तहत विवादित क्षेत्रों में गश्त को फिर से शुरू करने की बात की गई थी। इस समझौते का उद्देश्य सीमा पर तनाव कम करना था, लेकिन चीन की यह नई सैन्य ड्रिल इस बात का संकेत है कि सीमा पर तनाव अभी भी खत्म नहीं हुआ है। इससे पहले, 2020 में गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य स्थिति और डिप्लोमैटिक प्रयासों को लेकर लगातार उतार-चढ़ाव रहे हैं।

भारत की सेना भी चीन की इस हरकत का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारतीय सेना लद्दाख में शीतकालीन युद्धाभ्यास कर रही है और अपनी सैन्य चौकियों को मजबूत करने के साथ-साथ निगरानी प्रणालियों को भी सुदृढ़ कर रही है। भारतीय सैनिकों को अब आधुनिक सैन्य उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित घुसपैठ का जवाब दिया जा सके।

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